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काब्य सरोबर

मेरे हमनसी मेरे हमसफ़र ,तुझे खोजती है मेरी नजर तुम्हें हो ख़बर की न हो ख़बर ,मुझे सिर्फ तेरी तलाश है मेरे साथ तेरा प्यार है ,तो जिंदगी में बहार है मेरी जिंदगी तेरे दम से है ,इस बात का एहसाश है तेरे इश्क का है ये असर ,मुझे सुबह शाम की ना  ख़बर मेरे दिल में तू रहती सदा , तू ना द...
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  July 19, 2013, 12:43 pm
कवर पेज रचनाएँ परमाणु पुष्प में पूर्ब प्रकाशित मेरी कबिता और ग़ज़ल: *************************************************************************************अपने अनुभबों,एहसासों ,बिचारों कोयथार्थ रूप में अभिब्यक्त करने के लिए जब जब मैनें लेखनी का कागज से स्पर्श किया उस समय  मुझे एक बिचित्र प्रकार केसमर से आमुख होने का...
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  July 18, 2013, 1:02 pm
अणु भारती में पूर्ब प्रकाशित मेरा ब्यंग्य :साला मैं तो साहब बन गया : मदन मोहन सक्सेना . ...
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  July 16, 2013, 10:40 am
प्यार की हर बात से महरूम हो गए आज हमदर्द की खुशबु भी देखो आ रही है प्यार सेदर्द का तोहफामिला हमको दोस्ती के नाम परदोस्तों के बीच में हम जी रहे थे भूल सेबँट  गयी सारी जमी फिर बँट गया ये आसमानअब खुदा बँटने  लगा है इस तरह की तूल सेसेक्स की रंगीनियों के आज के इस दौर मेंस...
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  July 10, 2013, 5:14 pm
धर्म निर्पेक्षता का नारा बुलंद करने बाले आम आदमी का नाम लेने बाले किसान पुत्र नेता दलित की बेटी सदी के महा नायक क्रिकेट के भगबान सत्यमेब जयते की घोष करने बाले घूम घूम कर चैरिटी करने बाले सेलुलर सितारें अरबों खरबों का ब्यापार करने बाले घराने त्रासदी के इस समय ...
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  June 27, 2013, 2:50 pm
पहले का मंदिर का चित्र फिर एक बार कुदरत का कहर फिर एक बार मीडिया में शोर फिर एक बार नेताओं का हवाई दौरा फिर एक बार दानबीरों की कर्मठता  फिर एक बार प्रशाशन का  कुम्भकर्णी नींद से जागनाफिर एक बार मन में कौंधता अनुत्तरित प्रश्न आखिर ये कब तक हम चेतेंगें भी य...
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  June 20, 2013, 4:45 pm
हुयी है आज बारिश और  तन मन को भिगोती हैसर्दी हो या गर्मी हो किस्मत आज रोती  है किस्मत बनाने बाले .क्या नहीं तेरे खजाने मेंदेता क्यों उनको है ,जरुरत जिनको नहीं होती है  प्रस्तुति:मदन मोहन सक्सेना  ...
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  June 12, 2013, 5:15 pm
ॐसर्वेभवन्तुसुखिनःसर्वेसन्तुनिरामयाः।सर्वेभद्राणिपश्यन्तुमाकश्चिद्दुःखभाग्भवेत्।ॐशान्तिःशान्तिःशान्तिः॥**************************************************उत्थान पतन मेरे भगवन है आज तुम्हारे हाथों मेंप्रभु जीत तुम्हारें हाथों में प्रभु हर तुम्हारें हाथों में मुझमें तुममें है फर्क यह...
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  June 7, 2013, 5:14 pm

प्रिय मित्रों मुझे बताते हुए बहुत प्रसन्न्ता हो रही है की मेरी पोस्ट कोशिश जागरण जंक्शन पर छपी है. पोस्ट पर आप की प्रतिक्रिया अबश्य दें .http://madansbarc.jagranjunction.com/?p=441कोशिश has been featured on Jagran Junction Click Here to visit your blog : मैं, लेखनी और जिंदगी Thanks! JagranJunction Team...
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  May 20, 2013, 2:46 pm
दिल के पास हैं लेकिन निगाहों से बह ओझल हैंक्यों असुओं से भिगोने का है खेल जिंदगी। जिनके साथ रहना हैं ,नहीं मिलते क्यों दिल उनसेखट्टी मीठी यादों को संजोने का है खेल जिंदगी।किसी के खो गए अपने, किसी ने पा लिए सपनेंक्या पाने और खोने का है खेल जिंदगी।उम्र बीती और ढोया है, सां...
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  May 10, 2013, 5:31 pm
  उसे हम बोल क्या बोलें जो दिल को दर्द दे जायेसुकूं दे चैन दे दिल को , उसी को बोल बोलेंगें ..जीवन के सफ़र में जो मुसीबत में भी अपना होराज ए दिल मोहब्बत के, उसी से यार खोलेंगें ..जब अपनों से और गैरों से मिलते हाथ सबसे होंकिया जिसने भी जैसा है , उसी से यार तोलेंगें ..अपना क्या, हम त...
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  April 29, 2013, 1:16 pm
बेख़ौफ़ दरिन्देकुचलती मासूमियतशर्मशार इंसानियतसम्बेदन हीनता की पराकाष्टा .उग्र और बेचैन अभिभाबकएक प्रश्न चिन्ह ? हम सबके लिये. प्रस्तुति:मदन मोहन सक्सेना   ...
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  April 22, 2013, 2:12 pm
 सुन्दर हिंदी प्यारी हिंदी में प्रकाशित ग़ज़ल :दीवारें ही दीवारें नहीं दीखते अब घर यारों बड़े शहरों के हालात कैसे आज बदले है. उलझन आज दिल में है कैसी आज मुश्किल है समय बदला, जगह बदली क्यों रिश्तें आज बदले हैं जिसे देखो बही क्यों आज मायूसी में रहता है दुश्मन दोस्त रंग अपन...
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  April 18, 2013, 9:51 am
दीवारें ही दीवारें नहीं दीखते अब घर यारों बड़े शहरों के हालात कैसे आज बदले है. उलझन आज दिल में है कैसी आज मुश्किल है समय बदला, जगह बदली क्यों रिश्तें आज बदले हैं जिसे देखो बही क्यों आज मायूसी में रहता है दुश्मन दोस्त रंग अपना, समय पर आज बदले हैं जीवन के सफ़र में ज...
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  April 8, 2013, 4:28 pm
तन से तन मिला लो अब मन से मन भी मिल जाये  प्रियतम ने प्रिया से आज मन की बात खोली है ले के हाथ हाथों में, दिल से दिल मिला लो आज यारों कब मिले मौका  अब  छोड़ों ना कि होली है. मौसमआज रंगों का ,छायी अब खुमारी है चलों सब एक रंग में हो कि आयी आज होली है क्या जीजा हो...
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  March 25, 2013, 1:01 pm
मिली दौलत ,मिली शोहरत,मिला है मान उसको क्यों मौका जानकर अपनी जो बात बदल जाता है .किसी का दर्द पाने की तमन्ना जब कभी उपजे जीने का नजरिया फिर उसका बदल जाता है  ..चेहरे की हकीकत को समझ जाओ तो अच्छा हैतन्हाई के आलम में ये अक्सर बदल जाता है ...किसको दोस्त माने हम और किसको गैर कह द...
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  March 15, 2013, 10:38 am
कभीगर्दिशों  सेदोस्तीकभीगमसेयारानाहुआचारपलकीजिन्दगीकाऐसे  कटजानाहुआ..इसआसमेंबीतीउम्रकोईहमेअपनाकहे .अबआजकेइसदौरमेंयेदिलभीबेगानाहुआजिसरोजसेदेखाउन्हेंमिलनेलगीमेरीनजरआखोसेमय  पीनेलगेमानोकीमयखानाहुआइसकदर  अन्जानहैं  हमआजअपनेहालसेहमसेमिलकरक...
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  March 8, 2013, 1:25 pm
अपना हाल ऐसा है की हम जाने और दिल जाने पल भर भी बो ओझल हो तो देता दिल हमें ताने रह करके सदा   उनका  हमें जीना  हमें मरना गुजारिश  है खुदा  से  अब ,  हमको  न  जुदा  करना मुक्तक प्रस्तुति :मदन मोहन सक्सेना ...
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  March 1, 2013, 5:07 pm
आँखों  में  जो सपने थे, सपनों में जो सूरत थीनजरें जब मिली उनसे बिलकुल बैसी  मूरत थी जब भी गम मिला मुझको या अंदेशे कुछ पाए हैंबाजू में बिठा कर के ,उन्होंने अंदेशे मिटाए हैंउनका साथ पाकर के तो दिल ने ये ही  पाया है अमाबस की अँधेरी में ज्यों ...
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  February 21, 2013, 10:23 am
आप सब को वसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाए.माँ शारदे की कृपा हम सब पर सदैव बनी रहे.मदन मोहन सक्सेना . ...
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  February 15, 2013, 10:43 am
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