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काव्य संसार

   काश हम अकेले होते (अणु भारती में पूर्ब प्रकाशित मेरा ब्यंग्य)मदन मोहन सक्सेना .  ...
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  July 22, 2013, 11:16 am
 पेट की भूख की चाहत मिटाने की खातिरछपरा के सरकारी स्कूल में एक दो नहीं बल्कि बीस से ज्यादा बच्चों को  अपनी जिंदगीकुर्बान करनी पड़ीनिवाले हलक से नीचे उतरे नहीं कि दम लबों पर आ गयाबच्चों के अभिभावकों की पीड़ा कातर आंखों से आंसुओं की धार बनकर बही रुंधे गले में ...
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  July 17, 2013, 1:12 pm
परमाणु पुष्प में पूर्ब प्रकाशित मेरा ब्यंग्य:मेरी बिदेश यात्रा .मदन मोहन सक्सेना ....
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  July 16, 2013, 10:50 am
 तत्सम पत्रिका में प्रकाशित मेरी कुछ क्षणिकाएँ .एक :संबिधान है न्यायालय है मानब अधिकार आयोग है लोकतांत्रिक सरकार है साथ ही आधी से अधिक जनता अशिक्षित ,निर्धन और लाचार है .दो:कृषि प्रधान देश है भारत भी नाम है भूमि है ,कृषि है, कृषक हैं अनाज के गोदाम हैं सा...
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  July 12, 2013, 11:50 am
 जिसे चाहा उसे छीना , जो पाया है सहेजा है उम्र बीती है लेने में ,मगर फिर शून्यता क्यों हैं सभी पाने को आतुर हैं , नहीं कोई चाहता देनादेने में ख़ुशी जो है, कोई बिरला  सीखता क्यों है  कहने को तो , आँखों से नजर आता सभी को है अक्सर प्यार में ,मन से मुझे फिर दीखता क्यों है दिल भी ...
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  July 2, 2013, 3:20 pm
पाने को आतुर रहतें हैं  खोने को तैयार नहीं है जिम्मेदारी ने मुहँ मोड़ासुबिधाओं की जीत हो रही.साझा करने को ना मिलता ,अपने गम में ग़मगीन हैं स्वार्थ दिखा जिसमें भी यारों उससे केवल प्रीत हो रही .कहने का मतलब होता था ,अब ये बात पुरानी  है जैसा देखा बैसी बातें  .जग की अब ये ...
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  June 5, 2013, 11:51 am
कभी गर्दिशों से दोस्ती कभी गम से याराना हुआचार पल की जिन्दगी का ऐसे कट जाना हुआ..इस आस में बीती उम्र कोई हमे अपना कहे .अब आज के इस दौर में ये दिल भी बेगाना हुआजिस रोज से देखा उन्हें मिलने लगी मेरी नजरआखो से मय पीने लगे मानो की मयखाना हुआइस कदर अन्जान हैं हम आज अपने हाल सेह...
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  May 24, 2013, 5:51 pm
सजा  क्या खूब मिलती है ,  किसी   से   दिल  लगाने  कीतन्हाई  की  महफ़िल  में  आदत  हो  गयी   गाने  की  हर  पल  याद  रहती  है , निगाहों  में  बसी  सूरत  तमन्ना  अपनी  रहती  है  खुद  को  भूल  जाने  की  उम्मीदों   का  काजल    ...
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  May 8, 2013, 1:15 pm
दीवारें ही दीवारें नहीं दीखते अब घर यारों बड़े शहरों के हालात कैसे आज बदले है. उलझन आज दिल में है कैसी आज मुश्किल है समय बदला, जगह बदली क्यों रिश्तें आज बदले हैं जिसे देखो बही क्यों आज मायूसी में रहता है दुश्मन दोस्त रंग अपना, समय पर आज बदले हैं जीवन के सफ़र में ज...
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  April 8, 2013, 4:34 pm
अपने अनुभबों,एहसासों ,बिचारों कोयथार्थ रूप मेंअभिब्यक्त करने के लिएजब जब मैनें लेखनी का कागज से स्पर्श कियाउस समयमुझे एक बिचित्रप्रकार केसमर से आमुख होने का अबसरमिलालेखनी अपनी परम्परा ,प्रतिष्ठा , मर्यादाके लिए प्रतिबद्ध थीजबकि मैं यथार्थ चित्रण केलिए बाध्य था...
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  March 28, 2013, 4:26 pm
ले के हाथ हाथों में, दिल से दिल मिला लो आज यारों कब मिले मौका  अब  छोड़ों ना कि होली है. मौसमआज रंगों का ,छायी अब खुमारी है चलों सब एक रंग में हो कि आयी आज होली है क्या जीजा हों कि साली हो,देवर हो या भाभी हो  दिखे रंगनें में रंगानें में ,सभी मशगूल होली है ...
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  March 22, 2013, 2:46 pm
क्या सच्चा है क्या है झूठा अंतर करना नामुमकिन है.हमने खुद को पाया है बस खुदगर्जी के घेरे में ..एक जमी वख्शी थी कुदरत ने हमको यारों  लेकिनहमने सब कुछ बाँट दिया है मेरे में और तेरे मेंआज नजर आती मायूसी मानबता के चेहरे  परअपराधी को शरण मिली है आज पुलिस के डेरे मेंबीरो क...
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  March 20, 2013, 5:18 pm
आप के लिए "तुम्हारी याद "प्रस्तुति : श्री मदन मोहन सक्सेनातुम्हारी याद जब आती तो मिल जाती ख़ुशी हमकोतुमको पास पायेंगे तो मेरा हाल क्या होगातुमसे दूर रह करके तुम्हारी याद आती हैमेरे पास तुम होगें तो यादों का फिर क्या होगातुम्हारी मोहनी सूरत तो हर पल आँख में रहतीदिल में ...
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  March 18, 2013, 10:05 am
रहमत जब खुदा की हो तो बंजर भी चमन होता..खुशिया रहती दामन में और जीवन में अमन होता.मर्जी बिन खुदा यारो तो   जर्रा हिल नहीं सकता  खुदा जो रूठ जाये तो मय्यसर न कफ़न होता...मन्नत पूरी करना है खुदा की बंदगी कर लो जियो और जीने दो खुशहाल जिंदगी कर लो मर्जी जब खुदा की हो तो...
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  March 12, 2013, 5:09 pm
महिला दिवस   अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनायें ।मदन मोहन सक्सेना ....
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  March 8, 2013, 1:45 pm
आँखों  में  जो सपने थे सपनो में जो सूरत थीनजरें जब मिली उनसे बिलकुल बैसी  मूरत थी जब भी गम मिला मुझको या अंदेशे कुछ पाए हैंबिठा के पास अपने  उन्होंने अंदेशे मिटाए हैंउनका साथ पाकर के तो दिल ने ये ही  पाया है अमाबस की अँधेरी में ज्यों चाँद निकल पाया ...
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  March 6, 2013, 2:33 pm
तुम्हारी याद जब आती तो मिल जाती ख़ुशी हमकोतुमको पास पायेंगे तो मेरा हाल क्या होगातुमसे दूर रह करके तुम्हारी याद आती हैमेरे पास तुम होगें तो यादों का फिर क्याहोगातुम्हारी मोहनी सूरत तो हर पल आँख में रहतीदिल में जो बसी सूरत उस सूरत काफिर क्या होगाअपनी हर ख़ुशी हमको अके...
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  March 4, 2013, 11:06 am
वक़्त की साजिश नहीं तो और किया बोले इसेपलकों में सजे सपने ,जब गिरकर चूर हो जायेअक्सर रोशनी में खोटे सिक्के भी चला करते न जाने कब खुदा को क्या मंजूर हो जाए भरोसा है हमें यारो की कल तस्बीर बदलेगीगलतफमी जो अपनी है बह सबकी दूर हो जाये लहू से फिर रंगा दामन न हमको देखना होगा जो ...
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  February 27, 2013, 12:28 pm
मेरे हमनसी मेरे हमसफ़र ,तुझे खोजती है मेरी नजर तुम्हें हो ख़बर की न हो ख़बर ,मुझे सिर्फ तेरी तलाश है मेरे साथ तेरा प्यार है ,तो जिंदगी में बहार है मेरी जिंदगी तेरे दम से है ,इस बात का एहसाश है तेरे इश्क का है ये असर ,मुझे सुबह शाम की न ख़बर मेरे दिल में तू रहती सदा , तू ना दूर ...
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  February 15, 2013, 4:55 pm
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