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अनुगूँज (Anugoonj)

फिर चलता हूँ गर रुकता हूँमैं तपता हूँ मैं गलता हूँकिस्मत कह लो, सूरज कह लोफिर उगता हूँ गर ढलता हूँउजियारे सब तुमही रख लोअंधियारे में मैं रहता हूँजुगनू कह लो, दीपक कह लोफिर जलता हूँ गर बुझता हूँमंजिल मुबारक तुमको, मैं तोराहों से पत्थर चुनता हूँइंसाँ कह लो, झरना कह लोफिर ...
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :Hindi poem on nature
  June 26, 2016, 2:43 pm
तुम्हें क्या लगता हैयूँ हाथ झटक कर चले जाओगेऔर ये रिश्ता टूट जायेगा जो बना हैकई रिश्तों को ताक पर रख कर?तुम्हें क्या लगता हैक्या इतना आसान हैपेड़ की जड़ों सेमिट्टी निकाल लेनायाबारिश से, झरनों से,हवा सेसंगीत मिटा देना?तुम्हें क्या लगता हैलहरें तटों सेगुस्से में टकराती ...
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :अनुगूँज
  June 24, 2016, 4:06 pm
एक कहानी सुनाता हूँजो आँखों की बयानी है,वो कुर्सी जो बैठी हैहुकूमत की निशानी है।राजा की तरह उसपरजो इंसान है बैठा,गलतफहमी में रहता हैकि भगवान है बैठा। जी हुज़ूरी की यहाँवो सरकार चलाता है,है धोखे में पड़ाकि संसार चलाता है।अमीरों की है सुनताबस पैसा उगाता है,ज़मीनें बंजर ...
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :कुर्सी
  June 22, 2016, 12:54 pm
हवा बदलीखबर आयीकि मौसमखुशनुमा होगानई शामेंनई रातेंनया अबहर शमा होगानए साथीनई मंजिलनया अबरहनुमा होगानई आँखेंकई आँखेंउम्मीदों सेभरी बैठींजो न होगाअगर ऐसातो सोचोफिर क्या होगा?!...
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :
  June 16, 2016, 9:46 am
बहुत समय बाद कुछ लिखना चाहा तो कलम की जगह अपना मोबाइल उठायाज़िन्दगी की खिटपिट, औरमोबाइल की पिट पिट से तंगबस कुछ शब्द ही जोड़ पायाभौतिकता में उलझी ज़िन्दगी पेखुद से कई सवाल किएऔर अपने ही सवालों के आगेखुद को निरुत्तर पायामन ढूँढ रहा था कलम की खुशबूऔर कोस रहा था मन ही ...
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :
  April 5, 2016, 3:59 pm
अंधियारे से इस गगन मेंहिचकोले खाते जीवन मेंउम्मीदों की है तू बदली और क्या हैतू क्यों ना माने पगली तू क्या हैरत्न भरें हí...
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :कविता
  April 3, 2016, 4:42 pm
हिये चोट ना राखिये, मन पर मन भर भार।धरा चीर ऊपर निकले, तरु धरे आकार ।।मीठा-मीठा जग कहे, छिपी तेज तलवार।दो लोचन पीछे धरो, बचे पीठ का वार ।।प्रसून प्यारे भ्रमर को, जुगनू को है रात।अपने हिस्से में दर्द, अपनी अपनी बात ।।निद्रा ही संसार है, सूने होश हवास।सपने उड़ते देखिये, खग बन ...
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :
  February 23, 2016, 11:15 am
पतझड़ नीरस नहीं हैपतझड़ बेकार नहीं हैबसंत भी आता हैपतझड़ ही तो हर बार नहीं हैपतझड़ कहता है -मैं पारदर्शी हूँतुम भी पारदर्शी कहलाओजो तुम्हारे अंदर हैवही बाहर भी दिखेऐसी छवि बनाओपतझड़ कहता है -तैयारियाँ करो स्वागत कीबसंत आने वाला हैमैं जा रहा हूँमेरा अंत आने वाला हैहोने वा...
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :
  February 23, 2016, 10:53 am
अब जो हंसकर थाम लिया हैहाथ तुम्हारा, साथ चलेंगेबीते किस्से बीत चूके हैंकरने नई शुरुआत चलेंगेऋतु कोई भी आये जायेजो भी हो...
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :
  April 11, 2015, 5:05 pm
जो तू मिला तो मैं मिलाजो तू चला संग मैं चलागर तू गया तो जान लेमर भी गया मिट भी गयाज़िद ये नहीं ज़ज्बात हैतुझसे ही अब हर बात हैतू रौशन सवेरा है बनाखुशियों की ये शुरुआत हैतकलीफ में थी ज़िन्दगीभूला  था मैं तो बन्दगीमुस्कान तेरी देखकरउम्मीद फिर से है जगीबन जा तू मेरा इस दफ़ामत...
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :
  December 31, 2014, 4:30 pm
आँखों में बैठी है थकनसपने भी तेरे हैं पलेपलकें झुकीं हैं बोझ सेपर नींद क्यूँ है लापताजाने भटकता हूँ कहाँइस ओर से उस ओर तकअब दूर इतनी आ गयाकि ढूँढू खुदका ही पताअब क्या करूँ कुछ तो बतादे दे कोई तू आसरातू साथ चलता है तो चलमिल जायेगा कोई रास्ता। ...
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :
  December 31, 2014, 4:17 pm
यूँ हवा चलती रहेऔर साथ हम चलते रहेंखामोशियाँ हों हर तरफबस बात हम करते रहेंहर ग़म फ़ना कर ज़िन्दगी सेऔर शिकन माथे से हटाबस अविरल मुस्कान कीबरसात हम करते रहेंसागर मचलता ही रहेऔर लहरों पे संगीत होखोये रहें एक दूसरे मेंकई ज़ज्बात यूँ पलते रहेंकुछ हसीं यादें चुनेंकुछ बोल मीठ...
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :
  December 22, 2014, 1:33 pm
प्रण तेरा जरुरी हैबड़ी लम्बी वो दूरी हैविजयपथ है बहुत दुर्गमशिलाएं तोड़ता तू चलहै तो रहने दे जीवन को एकांकीनदी के विरुद्ध तैरना ही है तैराकीअटल तू है, अडिग तू हैधाराएं मोड़ता तू चलरास्तों से बात तू कर लेदोस्ती कर तू हवाओं सेकीमत पहचान ठोकरों कीरिश्ते जोड़ता तू चलसहज...
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :
  December 18, 2013, 2:17 pm
मोहब्बत में कही बातों के क्या कहनेबाद इन्तेज़ार के मुलाक़ातों के क्या कहनेशहर हो और जुदा होना पड़े फिर सेइस डर से आँखों में कटी रातों के क्या कहनेटकराती गर्म साँसों की तासिर सेमोम से पिघलते जज्बातों के क्या कहनेवो तेरी जाने कि ज़िद और मेरे मनाने की हदतब बेवक़्त आती...
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :
  December 16, 2013, 10:33 am
आँखों में हैं बहते सपनेनींदों का उड़ जाना इस तरहजाड़े की  सर्द हवाओं कादिल को छू जाना इस तरहयादों से मन को भिगोनेबेमौसम बारिश का आना इस तरहभोर की किरणों के संग हीचिड़ियों का गाना इस तरहधड़कनें भी लय में आयींसाँसों का आना जाना इस तरहयूँ लगता है मानो आयाचाहत का ज़मा...
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :
  December 10, 2013, 2:24 pm
नजरों से नजरें मिलींज़माने भर की बातें हो गयींयूँ तो पहली बार मिलेलगा कई मुलाकातें हो गयींचैन जाने गया किधरनींदें भी गायब हो गयींदिन तो दूभर हो ही गयालंबी ये रातें हो गयींसांसों में बहने लगे होजीवन का संगीत होयूँ कहो, तुम चाह मेरेतुम ही मेरे मनमीत होजो लहरें इस ओर उ...
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :
  December 9, 2013, 10:21 am
कहने को तो दे दिया, शिक्षा  का अधिकार। लेकिन दूषित हो रहा, बच्चों का आहार।बच्चों का आहार, तरीका नहीं स्वदेशी। करते वाद-विवाद, सभी हैं इसमें दोषी।कितने हैं बेहाल, यहीं पर अब रहने दो।नैतिकता रह गयी, यहाँ केवल कहने को।।...
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :राजीव रंजन गिरि
  July 23, 2013, 10:22 pm
अब तो ज़िन्दगी भी मुझे मेरे हाल से पहचानती हैअफ़सोस! मेरे आईने नेमेरा चेहरा भुला दियाजहाँ सजते-उजड़ते रहेकई मेले रिश्तों केमैंने भी अपनी यादों काएक कुनबा बसा दियालहरें भी नहीं आतींइस दिल के समंदर मेंमैंने हाथों से ही अपनेरेत पर लिखा मिटा दियातेरे बगैर जीने काजो व...
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :कुनबा
  July 21, 2013, 11:53 am
कमर हिलातीं बेलें देखीं हरी भरी अमराई देखी।ऊँचे पेड़, पहाड़ देखेतरण ताल, तराई देखी।प्राण हरती गरम हवाएँपछुआ और पुरवाई देखी।नयी नवेली प्यारी दुल्हनविरह में मुरझाई देखी।बिन सावन जो सूखी रहतींनदियाँ भी इतराई देखी।अषाढ़ का सूखा भी देखाफसलें भी लहलहाई देखी।प्रकृति...
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :सूखा
  July 21, 2013, 11:40 am
बादलों में था छुपकर बैठाबारिश के संग आया हूँपेड़ों पर भी नृत्य किया हैपर्वत से टकराया हूँ।पत्तों पर आराम किया हैलहरों पर लहराया हूँजब थका नदियों में बहकरदूब पर बैठ इतराया हूँ।तेरे नयनों की बूँद बना मैंदेख तेरा सरमाया हूँ ......
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :बूँद
  June 9, 2013, 9:59 am
दूर गगन से आई देखो बूँदों की बारातअवनि का अंतर धुलाधुल गयी है रात।निर्झर सा बहने लगाजीवन का संगीतगलबाहीं वृक्षों ने डालीचहुँओर है प्रीत।पुलकित हुई नयनों की ज्योतिहर्षित मन का मोर हुआनृत्य कर रहीं फूल-पत्तियाँरिमझिम रिमझिम शोर हुआ।...
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :Jeevan
  June 8, 2013, 2:37 pm
वीरान रात सी वीरान ज़िन्दगीसपने भी तो वीरान से हैंअब तो नये हालात बनेंतुम आ जाओ तो बात बने ।तन्हा चाँद है, तन्हा दिल हैमैं भी तो तन्हा सा हूँअब तो कोई साथ बनेतुम आ जाओ तो बात बने।दूर है मंजिल, दूर हो तुम भीखुशियाँ भी तो दूर ही हैंअब तो एक मुलाकात बनेतुम आ जाओ तो बात बने।...
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :Rishte
  June 1, 2013, 8:21 pm
शिकायत तुझको थी मुझसेकि तुझे  समझा नहीं मैंनेजबकि आयत की तरह तुझकोमैंने हर रोज़ पढ़ा है ....चाहत थी तेरी इतनीकि अपना भी ज़हाँ होतेरी हर एक खाहिश पे'रंजन ' ज़माने से लड़ा है ...गए थे छोड़कर तुमजिस मोड़ पर मुझको कभीमैं भी पड़ा हूँ अब तलकवो मोड़ भी वहीँ पड़ा है ...लौट कर तू दे...
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :Ranjan
  May 26, 2013, 6:45 pm
न अरमान खुशियों केन चाहत बुलंदी कीअदद सी ज़िन्दगी दे देहो ज़रा सी शान्ति जिसमे ..जीउँ मैं बेफ़िक्री सेजिया है अब तलक जैसेना ही हँसना किसी पेन रोऊँ अपनी हालत पे ...बुराई है मुझमे भीबुराई है ज़माने मेंनहीं बनती हम दोनों कीक्यूँ लगा है आज़माने में ?भला हूँ दूर मैं इससेभला ह...
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :Shaanti
  May 26, 2013, 6:32 pm
जो तुम रहगुज़र होगेतो राहें मैं बनाऊंगाबता दो बस तुम इतनाकहाँ तक साथ आओगे ?इक हाँ काफी हैये पुतला जी उठेगा अबनयी रूह भी होगीनए ज़ज्बात पाओगेलड़ाई ज़िन्दगी से हैखफ़ा तुम क्यूँ होते हो ?अदद इक रात है बाकीकल नए हालात पाओगेपूछा था कभी तुझसेकी चाहा  है मुझे  कितनामु...
अनुगूँज (Anugoonj)...
Tag :ज़िन्दगी
  May 26, 2013, 12:21 pm
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