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एक नज़र ..चलते चलते

तरसे नैना दिन रातअबकी होली मेंरही पिया मिलन की आस अबकी होली मेंसाजन कर रहे लन्दन का दौरानेटवर्क बना मिलन बीच रोड़ामैं ठहरी निपट गवाँरकोई लिख दो उनको तार अबकी होली मेंपड़ोसन हमारी बड़ी जालिम गुजरियामोरे सैया को रँगे भर पिचकारियाये रँग न मुझको भायेकोई कह दो उसे समझाये अब...
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  March 14, 2017, 3:42 pm
होली.... सर्दी की विदाई और गर्मी के स्वागत का त्यौहार । जब प्रकृति भी आलस त्याग उल्लसित और ऊर्जावान होने लगती है । रंग ,उल्लास , गीत ,चारो तरफ एक खूबसूरत सा माहौल दिखने लगता है । मुझे बचपन से ही होली का त्यौहार बेहद पसंद है ।वैसे भी बिहार की होली कुख्यात है । पर होली का त्यौह...
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  March 12, 2017, 7:52 pm
मिलने को तुमसे मचलता बहुत है ये सैलाब आँखों में जलता बहुत है ढुलके तो तुम पर ये कर दे न जाहिर दिल पे इख्तियार अब भी तुम्हारा बहुत है ...
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Tag :muktak
  February 14, 2017, 2:44 pm
इन्तजार की घड़ियां इतनी दुखदायी न थी ,मिलन की आरजू इस कदर परायी न थी ,ये कौन सी राह पर चल पड़ा ऐ !दिल बता ,तन्हाईयों में भी इस कदर तन्हाई न थी । ...
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  February 10, 2017, 5:13 pm
राक्षसी मुखौटे लगायेउफनती लहरेबार बार किनारो पर धकेल देती हैभरसक कोशिश करती है डराने  कीमौत का भय दिखाती हैपर हिम मानवो की गोद में खेली नदी को जूनून है  औरोरा बोरेअलिस की धुन पर नाचने काबरमूडा ट्रायंगल में खो कर उसके रहस्य को जानने काअंटार्टिका की  पें...
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  January 21, 2017, 5:37 pm
वो जो लिखी थी कभी एक ग़ज़ल तुमनेरिस रिस के बह  रही है आज जिस्म से मेरे ॥छोड़ गए थे तुम जहाँ बात अधूरीठहरे हैं वहीँ पर अब तलक लफ्ज़ मेरे ॥ ...
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  January 19, 2017, 6:07 pm
चित्र गूगल से साभारआओ फिर शर्म करेसभ्य होने अदा रस्म करेंकिसी ने कहा "कपड़ो का ख्याल रखो"किसी ने "शाम होने के बाद घर से न निकलो"किसी ने कहा "पुरुष मित्र न बनाओ "किसी ने शराब न पीने की सलाह दीकारण??सबने एक सुर में कहा पुरुष जानवर होते हैमौका देख फायदा उठाते हैनोचते खसोटते हैत...
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  January 6, 2017, 5:21 pm
1) टेढ़े  है रस्ते लगेगी जरा देरीउन तक पहुंचेगी सदा मेरी ।वो जो जीते रहे तुम्हे देख करउनको मार डालेगी खता तेरी ।2)कुछ पल तुझसे  बतला   लूँ तो चलूँतस्वीर  नयनो में बसा  लूँ तो चलूँकहते थे मुझको कभी जो  जिंदगीजिन्दा हूँ अब तक बता दूँ तो चलूँ ...
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  December 27, 2016, 4:10 pm
लघुकथा लिखने का प्रथम प्रयासआप मित्रो का मार्गदर्शन सदैव अपेक्षित है ☺चोरी--------------------------"बदलेगा सब बदलेगा,थोड़ा समय तो चाहिए न ,कोई छोटा मोटा रोग नही न है इ भ्रष्टाचार।""पचास दिन कहले थे परधान मंत्री जी ,तियालीस दिन हो गया ।हम लोग को तो अभी तक सब्जी ,राशन ख़रीदे में मुश्किल ...
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  December 25, 2016, 6:18 pm
फिर बीत गयाआज का दिन ...कुछ अनकही बातों के साथकुछ बिसरी यादों के साथकुछ मीठे ख्यालो के साथकुछ अनसुलझे सवालों के साथकुछ इन्तजार के साथकुछ उम्मीदों के साथफिर बीत गयाआज का दिन ।*नेह सुनीता*...
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  December 8, 2016, 4:18 pm
यूँही  दो लाइन में मन की बात लिखने की कोशिश :)_________________________________पुराने जख्मो का उनसे क्या करना ज़िकरइश्क फिर सामने खड़ा है नया फरेब लेकर ।_________________________________बीत जाते है मेरे दिन रात उन्हें देखते सुनतेउनको ये गम है कि हम कुछ नही कहते  । **Neh sunita**(Sunita Agarwal)...
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  December 2, 2016, 5:33 pm
दोहा एक प्रयास ___/\___१)अंतरजाल का बज रहा जग में डंका जोर ।अक्कड़ बक्कड भूले बच्चे थामे माउस छोर ॥२) प्रीत की कैसी बानगी नेह समझ ना आय ।भँवरे को जिनगी मिली पतिंगा जान गँवाय ॥   ...
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  July 23, 2016, 5:24 pm
यूँ ही चलते चलते  .... दो लाइन___________________________१) नजर तुझसे हटती नहीं नजारों का क्या करूँतुझसे ही आबाद जिंदगी बहारों का करूँ  ।********************************२)लानतों मलालतो का दौर है थोड़ा और चलने दोये खुशबू  है प्यार की खुलकर बिखरने दो  ।*********************************३)मेरी मैय्यत पर  जब आना थोड़ी मुस्कान ले ...
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Tag :mukt chhnad
  July 7, 2016, 6:54 pm
प्रीत  को प्रीत  ही रहने दो यारो ,वफ़ा जफा का खेल ना  कहो यारो ,टूटना संवरना  है रीत जीवन की ,आँचल प्रीत का मैला न करो  यारो । ...
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  July 1, 2016, 8:30 pm
क्षणिकाएँ -जिंदगी-----------------------१)जद्दोजहदकभी खुद सेकभी तुझसेजारी हैऐ जिंदगी !एक दाँव और लगा लूँतो चलूँ !*******२)होती रहीरूह कीरस्मो रिवाजो से मुलाकातऔर मैंसोती रही !**********3)ठगते रहेएक दूजे को हमकभी वो जीतेकभी मैंदोनों खुश हैभ्रम  जीते हैंमैंऔरमेरी जिंदगी !**********४)जिंदगीतुझे खू...
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  June 23, 2016, 5:30 pm
आज पतिदेव जी के  किसी  फेस बुक ग्रुप के लिए लिखी ये रचना जिसका विषय था चूड़ी / पायल / बिंदीआशा  है वहाँ  सभी को पसंद आएगी  .. आपको को कैसी लगी :)तेरी पायल तेरी चूड़ी सुनाती राग जीवन का तेरी पायल तेरी चूड़ी ,कराती प्रीत का एहसास तेरी पायल तेरी चूड़ी ,कहे बंधन जग इनको ये बड़...
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  June 19, 2016, 2:15 pm
जान से ज्यादा सम्हाल रखा है मोहब्बत की वो आखिरी निशानीवो तेरे फेंके पत्थर और टुकड़े मेरे दिल केउतनी ही मोहब्बत है उनसे जितनी तुमसे । ...
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  June 18, 2016, 6:35 pm
त्रिवेणी :-सांझी अंगीठी गरम प्यालियाँ चिल्लाते कूकर झगड़ते प्लेट्स ,आज सभी सुस्त बीमार आक्सीजन तलाश रहे ,साँझी अंगीठी ने धुँआ  उगलना बंद कर दिया  । ...
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  May 20, 2016, 6:41 pm
नदी की राह न रोको ये सिंधु की दीवानी है ,             दिलो  की आग न छेड़ो ये दरिया तूफानी है ,                           कभी खुद की कभी जग हस्ती ये मिटा डाले                                              पाकीजा इश्क की जग में ये अंतिम निशान...
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  March 30, 2016, 5:11 pm
 शाम का धुंधलकाप्रार्थना ,अजान के स्वरघर लौटते पंछियो के कलरवमृदु हवाओ के संगीत की धुन परकहीं सज जाती है महफ़िलमदमस्त कातिल शोखियांदिलकश अदाओं के  मुखौटे के पीछेटूटन ,वेदना ,चीत्कारमजबूरियां,प्रताड़नाएंबन जाती है नज्मगुनगुनाती नज्मसूखे अश्रुकणबन जाते है थि...
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  March 10, 2016, 7:36 pm
फल्गु------------हाँजाने क्योंहटाने लगा था रेतऔर एक दिनफूट ही पड़ीवो रूखी  खडूस औरतबहने लगी फिर सेफल्गु नदीजिन्दा हो कर । ...
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  March 8, 2016, 6:41 pm
जिस भारत की बर्बादी के तुमने लगाये नारेअभिव्यक्ति की ये आजादी तुझको दी इसी ने प्यारे"कितने सैनिक मारोगे ,घर घर से सैनिक निकलेंगेदुश्मन तेरी बर्बादी तक हम लड़ेंगे हम कटेंगेहै अगर देश के लिए अभिमान मन में प्यारेजाकर सीमा पर लगाओ  फिर अब तुम ये नारेधब्बे तुम्हारे दाम...
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  February 22, 2016, 1:38 pm
पहले jnu तदोपरांत जादवपुर विश्वविद्यालय में जो कुछ घटित हुआ वो बेहद शर्मनाक है अपने ही देश  के खिलाफ नारे लगाना। ये किस दिशा में चल पड़ी है ये नयी पढ़ी लिखी पीढ़ी। ये कैसी आग लगा रहे  है सियासतदार अपने ही देश में। अफ़सोस जनक होने के साथ विचारणीय मुद्दा है ये आखिर युवाओं में...
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  February 18, 2016, 6:14 pm
बाल कविता लिखना थोड़ा कठिन कार्य है दिसम्बर २०१३ में एक छोटा सा प्रयास किया था मैंने बाल कविता लिखने का कितनी सफल हुयी हूँ ये तो आप सभी आदरणीय मित्रो एवं गुरुजनो की समालोचना ही बताएगी। यहाँ में आपके साथ इस कविता का विडिओ जो मैंने मेरे पुत्र सिद्धार्थ अग्रवाल की मदद से ब...
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  December 20, 2015, 2:15 pm
बदल गया है  दिल मेरे  शहर  का   …।---------------------------------------------मेरा शहरट्रेफिक से लदी -फदीचिल्ल्पों करतीगालियां बचपन कीरेड लाइट -स्टॉपयेलो लाइट -बी रेडीग्रीन लाइट -गोसे  अनजानआगे निकलने की होड़ मेंटकराते लोगसुसंस्कृत भाषा मेंमाँ , बहन के रिश्तो सेएक दूजे को नवाजते लोगबढ़ती ...
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  September 9, 2015, 3:58 pm
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  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
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