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अपनी जमीन : View Blog Posts
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अपनी जमीन

मेरे पास , बंगला है , गाड़ी है , बैंक बैलेंस है ,भाई है , बहन है , बाप है , माँ हैतुम्हारे पास क्या है ?मेरे पास ..हा हा हा ....हा हा हा ...भूख है , प्यास है ,हताशा है , संत्रास हैदो ठो चिथड़ा है , एक ठो चाटी है ,चार हाथ की एक पुरानी लाठी है ,दो ठो छेदही थाली है ,बतीस साल बूढ़ी घरवाली है ,एक टूटहा ल...
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  May 17, 2015, 12:58 pm
मेरे सलाम पे वो  नमस्कार बोले है मिलें बैठे कभी तो यार यार बोले है तहजीबओतमद्दुन की चाशनी में घोलकर बड़े ख़ुलूस से वो दिल के गुबार बोले है शबेविसाल मुझपे बड़ी खामोश गुज़री है शबे फ़िराक में फिर इन्तेज़ार बोले है ये उसकी अदा है या सितम की इन्तेहाजुर्म वो करे औ मुझको खबरदार बो...
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  July 24, 2013, 8:16 pm
उस दिन जब  , सूखने को होंगी नदियाँ उस दिन जब , ढहने को होंगे पहाड़ उस दिन जब  , जंगल होने को होंगे  उजाड़उस दिन जब , धरती के बाँझ होने  की खबर आने को होगी  मैं  फिर आऊंगा , ऐन् उस वक्त  तुम्हारे पास , थोड़ी मिट्टी , थोडा पानी , थोड़ी धूप हथेली पर लिए बस ...
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  May 28, 2013, 12:07 am
मेरी आँखों की पुतलियों का रंग काला है मुझे नही मालूम था उसने बताया मुझे मैंने भी देखा उसकी पुतलियाँ भूरी है मैंने बतायाउसे भी नहीं मालूम थाआंख की पुतली यह रूपक इस्तेमाल करने सेअब मैं ,थोडा डरने लगा हूँ .........
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  May 28, 2013, 12:00 am

प्यार जो , हो गया वो , खो गया जो किया ....रह गया .....जो , हो जाता है खो जाता है जो , किया जाता है रह जाता हैं ...
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  May 17, 2013, 11:09 am
क्या होती है  ?किस जमीन पर हौले से पाँव धरती है कहाँ से ,अक्स पाती है कहाँ पेनक्श छोड़ जाती है ....सद्यः जात का रुदनसंगीत ध्यान सेसुनो सरगम से बाहरकोई सुर , चुन सको तो चुनो ,चुनो ...न  ,बूढ़ी ,टिमटिमाती ,बुझती मरणासन्न ,आँखों में जीवन का,सपनापढ़ सको तो पढ़ो ...
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  February 22, 2013, 11:34 am
बच्चे उगेजैसे उगते है, पौधे जंगल मेंबच्चे बढेजैसे बढते हैं, देवदार जंगल मेंबच्चे हँसेजैसे हँसते है, फूल जंगल मेंबच्चे सहेंजैसे सहती है दूब जंगल मेंबच्चे जलेंजैसे जलते हैं पलाश, जंगल मेंबच्चे खिलेजैसे खिलती है हरियाली, जंगल मेंबच्चे खुलेजैसे खुलता हैं आकाश जंगल में...
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  September 4, 2012, 12:35 am
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