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Blog: नन्हे फरिश्तों के लिए;हम तो हर पल जिए:

Blogger: shalini kaushik
[गूगल से साभार ]एक गिलहरी ..नाम था लहरी चली घूमने मेले में .संग सहेली ...करें ठिठोली धूम मचाती मस्ती में .माँ ने रोका .....उसको टोका कहाँ चली  तुम सर्दी में ?सुनकर लहरी ...थोडा ठहरी  फिर वह बोली ..जल्दी में टोपी-मफलर और स्वेटर कौन पड़े  झमेले में ?ये कह माँ... Read more
clicks 277 View   Vote 0 Like   7:43am 16 Mar 2015
Blogger: shalini kaushik
टॉमी -जॉनी दो चूहे थे टॉमी-जॉनी हर पल करते थे शैतानी;कभी किसी के कपडे काटें कभी वो रोटी लेकर भागें ;एक दिन आ गयी बिल्ली रानी दोनों को हो गयी परेशानी ;कैसे इससे जान बचाएं ?कैसे फिर से धूम मचाएं ?इतने में आ गया गृह स्वामी ;भागी देख के बिल्ली रानी ,चूहों ने फिर मन में ठानी... Read more
clicks 252 View   Vote 0 Like   4:43pm 3 Feb 2015
Blogger: shalini kaushik
मम्मी ने सुबह जगाकर कहा पापा ने गलेलगाकर कहा दादा ने टॉफी देकर कहा दादी ने गोद बिठाकर कहा आया बाल दिवस ;मुबारक हो तुमको .तुम हो आशाओं के दिएँकुछ न मुश्किल  तुम्हारे लिए जो सपने 'चाचा'के अब तक अधूरे तुमको ही तो अब करने हैं पूरे बगिया के फूलों ने हँसकर ... Read more
clicks 292 View   Vote 0 Like   4:21pm 13 Nov 2014
clicks 291 View   Vote 0 Like   4:51pm 9 Nov 2014
Blogger: shalini kaushik
       काम पप्पा ने कितना  चंगा किया ,लाकर मुझको ये प्यारा तिरंगा  दिया !................................................................इस तिरंगे की शान निराली बड़ी ,इसको छत पर फहराने की हसरत चढ़ी ,                                                     वानर दल से मैंने  पंगा लिया !&nbs... Read more
clicks 286 View   Vote 0 Like   11:14am 22 Jun 2014
Blogger: shalini kaushik
एक गिलहरी प्यारी-प्यारीनाम है उसका चुनमुनसुबह सुबह उठ  जाती  है वोफुदकती    फिरती वन वन *********************एक रोज वो फुदक रही थीदेखा उसने बाजथर थर कांपी  जोर से  हालत हुई ख़राब******************फिर भी उसने जोर सेसबको दी आवाज  यहाँ नहीं आना को... Read more
clicks 306 View   Vote 0 Like   8:13am 1 Jun 2014
Blogger: shalini kaushik
    पिंकी  बिल्ली गई  थी दिल्ली ,लेकर सूटकेस ,सूटकेस में थे गहने, कंगन, रिंग, नेकलेस ,ऑटो में  वो ज्यों ही बैठी ,साथ चढ़ा एक चोर ,सूटकेस लेकर वो भागा , मचा जोर का शोर पिंकी भागी उसके पीछे , मारा पीठ पे पंजा ,चोर गिरा वही सड़क पर, पापी नीच लफंगा ,पिंकी ने फिर गला दबाकर उस... Read more
clicks 323 View   Vote 0 Like   6:58am 16 Apr 2014
Blogger: shalini kaushik
मम्मी ने सुबह जगाकर कहा पापा ने गलेलगाकर कहादादा ने टॉफी देकर कहादादी ने गोद बिठाकर कहाआया बाल दिवस ;मुबारक हो तुमको .तुम हो आशाओं के दिएँकुछ न मुश्किल  तुम्हारे लिएजो सपने 'चाचा'के अब तक अधूरेतुमको ही तो अब करने हैं पूरेबगिया के फूलों ने हँसकर कहाकोयल ने कू... Read more
clicks 346 View   Vote 0 Like   11:06am 14 Nov 2013
Blogger: shalini kaushik
विक्की घोडा तेज़ दौड़ता ;खुद पर था इतराता ,हिन्-हिनाकर जोर-जोर से ;हाथी पर रौब जमाता !***********************हाथी ने फिर अर्जी लिखकर ;शेरू से करी शिकायत ,जंगल के राजा ने रखी ;जंगल में पंचायत !***********************विक्की बोला इतराने कामुझको पूरा हक़ है ,हाथी भी चिंघाड़ के बोलातू तो नालायक है !************************दोनो... Read more
clicks 302 View   Vote 0 Like   5:09am 3 Oct 2013
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    चींटी  मैडम ने सोचा मॉडल  मैं बन जाऊं !!चींटी  मैडम ने सोचा किस्मत  आजमाऊँ  ,जीरो मेरी फिगर है मॉडल  मैं बन जाऊं !!हाई हील पहनकर चली थी वो इतराकर ,मुड़ी हील सैंडिल की धम्म से गिरी धरा पर  !!उसे देखकर हंसी सहेली ,बोली उसे उठाकर ,काम नहीं ये सीधा-सादा कुछ तो तू समझ... Read more
clicks 335 View   Vote 0 Like   5:18pm 5 Aug 2013
Blogger: shalini kaushik
  शैंकी मंकी ने खोली, जंगल में दुकान ,चारों और खबर है फैली,बनकर के तूफ़ान .****************************************खाने पीने की नहीं ,नहीं घर का सामान ,शॉप खुली है बैंगिल की ,रेट हैं एक समान .****************************************बैंगिल,कंगन,टीका,झूमर सब कुछ यहीं मिलेगा ,बिल्लियों के मुखपर ये सुन ,आई है मुस्कान .**********************... Read more
clicks 305 View   Vote 0 Like   10:44am 23 Jun 2013
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  टीटू बन्दर चला एक दिन बन-ठन कर ससुराल ,जेठ की गर्मी में लू खाकर हाल हुआ बेहाल !सासू माँ ने  पिलवाई  उसको   कोकाकोला ,दम में दम आई तब जाकर टीटू बन्दर बोला !सासू माँ तुम कितनी अच्छी ठंडा मुझे पिलाया ,मैं भी गठरी में रखकर कुछ तुम को देने आया !गठरी खोली सासू माँ ने उसमे था... Read more
clicks 300 View   Vote 0 Like   6:52pm 27 May 2013
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चुन्नी और चुन्नू का बेटा ,चीनू बन्दर बड़ा शैतान  ,मोबाइल पर गेम खेलता ,पढने का न लेता नाम !हालत उसकी हो गयी पतली ,सिर पर जब आये एक्जाम ,मॉम ने उसको गोद बिठाकर ,याद कराये पाठ तमाम !डैडी बोले चीनू बेटा ,आगे से तुम रखना ध्यान ,खेल के चक्कर में पढाई का ,करना मत अब नुकसान !माफ़ी मां... Read more
clicks 346 View   Vote 0 Like   6:10pm 16 May 2013
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    पिंकी  बिल्ली गई  थी दिल्ली लेकर सूटकेस ,सूटकेस में थे गहने कंगन, रिंग, नेकलेस ,ऑटो में  वो ज्यों ही बैठी साथ चढ़ा एक चोर ,सूटकेस लेकर वो भागा , मचा जोर का शोर पिंकी भागी उसके पीछे , मारा पीठ पे पंजा ,चोर गिरा वही सड़क पर पापी नीच लफंगा ,पिंकी ने फिर गला दबाकर उसको... Read more
clicks 305 View   Vote 0 Like   7:23am 11 May 2013
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'हौले हौले बह समीर मेरा लल्ला सोता है 'नन्हे फरिश्तों रामनवमी का पर्व आप सभी ने आनंद  के साथ मनाया होगा .राम जी जब छोटे से थे तब उनकी माँ भी उन्हें लोरी सुनाकर सुलाती होगी जैसे आपकी माँ आपको सुलाती हैं .तो आज ये लोरी आप सभी के लिए -हौले हौले बह समीर मेरा लल्ला सोता है ,मीठी ... Read more
clicks 286 View   Vote 0 Like   5:33pm 23 Apr 2013
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    गोलू है  डॉगी शैतान , करता सबको है परेशान ,सारे बच्चे डरते उससे ,इसे मानता अपनी शान .निकली एक दिन अकड़ थी सारी ,गाड़ी ने जब टक्कर मारी ,हालत पतली हो गयी उसकी ,बिगड़ी सूरत प्यारी प्यारी  गिरा सड़क पर हाय ! धडाम .बच्चों ने इलाज कराया ,हल्दी  वाला दूध पिलाया ,गोलू डॉगी &... Read more
clicks 283 View   Vote 0 Like   4:15am 17 Apr 2013
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आँख चुराकर ,मुहं छिपाकर ,मुझसे थोडा बच-बचकर ,आस-पास के बच्चे देखें ,मेरी बगिया को ललचाकर .कुर्सी पर जो बैठकर देखूं ,घर से आगे बढ़ जाएँ ,टहल-टहल जो छिपूं कभी मैं ,बगिया के द्वारे आ जाएँ . मैं भी पक्की हूँ शरारती ,लुका-छिपी तो खेलूंगी ,फूल खिले जो हैं बगिया में ,उनको आज बचा लूंगी .... Read more
clicks 280 View   Vote 0 Like   8:03pm 6 Apr 2013
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आँख चुराकर ,मुहं छिपाकर ,मुझसे थोडा बच-बचकर ,आस-पास के बच्चे देखें ,मेरी बगिया को ललचाकर .कुर्सी पर जो बैठकर देखूं ,घर से आगे बढ़ जाएँ ,टहल-टहल जो छिपूं कभी मैं ,बगिया के द्वारे आ जाएँ . मैं भी पक्की हूँ शरारती ,लुका-छिपी तो खेलूंगी ,फूल खिले जो हैं बगिया में ,उनको आज बचा लूंगी .... Read more
clicks 220 View   Vote 0 Like   8:03pm 6 Apr 2013
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 चंदा मामा चंदा मामा बतला दो अपना मोबाइल नंबर !!"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 30विषय - "शिशु/ बाल-रचना" में मेरे द्वारा प्रस्तुत रचना  चंदा मामा चंदा मामा तुम हो कितने सुन्दर !जल्दी से बतला दो अपना तुम मोबाइल नंबर !!मिला के नंबर रोज़ करेंगें दिन में तुमसे बात ,छत पर चढ़कर ... Read more
clicks 318 View   Vote 0 Like   8:25am 6 Apr 2013
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फूलों जैसे कोमल मन के तितली जैसे चंचल हैं ,हम बच्चे हैं प्यारे-प्यारे सदा ह्रदय से निर्मल हैं .होंठों पर मुस्कान सजाये उछल-कूद हम करते हैं ,अपनी मीठी बोली से सबका मन हर लेते हैं .पापा के हम राज दुलारे माँ की आँख के तारे हैं ,हमको ही तो सच करने अब उनके सपने सारे हैं शिखा कौशि... Read more
clicks 298 View   Vote 0 Like   8:19am 27 Jan 2013
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       काम पप्पा ने कितना  चंगा किया ,लाकर मुझको ये प्यारा तिरंगा  दिया !इस तिरंगे की शान निराली बड़ी ,इसको छत पर फहराने की हसरत चढ़ी ,वानर दल से मैंने  पंगा लिया !जब फहरता है ताली बजता हूँ मैं ,मम्मी-पप्पा को पास बुलाता हूँ मैं ,मैंने अब न कोई भी दंगा किया !     ... Read more
clicks 308 View   Vote 0 Like   9:39am 25 Jan 2013
Blogger: shalini kaushik
                 तोता चाचा   चले बाज़ार साइकिल पर होकर सवार , साइकिल को नहीं किया चैक साइकिल के थे फेल ब्रेक ,  तेज चलाकर जाते थे हवा से वे बतियाते थे , तभी सामने दिखी थी बस ब्रेक दिए थे हाथ से कस , हुई न जब धीमी रफ़्तार छोड़ साइकिल भरी उड़ान , बस-साइकिल... Read more
clicks 267 View   Vote 0 Like   10:22am 14 Jan 2013
Blogger: shalini kaushik
नन्ही चिड़िया देर से जागी,जाना था स्कूल ,जल्दी जल्दी बैग उठाया ,गई वो पुस्तक भूल .क्लास में मैडम उससे बोली चलो सुनाओ पाठ ,नन्ही चिड़िया रोकर बोली पुस्तक भूली आज . मैडम ने फिर पास बुलाकर प्यार से था समझाया ,काम करो सब सोच समझकर क्यों पीछे पछताया ! नन्ही चिड़िया ने रखीमैडम क... Read more
clicks 272 View   Vote 0 Like   5:00pm 3 Jan 2013
Blogger: shalini kaushik
 मैडम बिल्ली मुंबई वाली पहने हाई हील मटक मटक कर चलती हैं जब होता गुड गुड फील एक दिन पीछे पड़ गया उनके डॉगी  एक शैतान दौड़ी लेकर हाथ में सैंडिल तभी बची फिर जान  उस दिन से वे घूम रही हैं बच्चो नंगे पैर इसी वजह से बिल्ली मैडम का डॉगी से बैर                &... Read more
clicks 293 View   Vote 0 Like   10:04am 29 Dec 2012
Blogger: shalini kaushik
.टिंकू चूहा करे शरारत ;शैतानी की उसको आदत ,मम्मी जब भी डांटे उसको ;टिंकू को लगती वे आफतएक दिन लेकर लम्बा डंडा उसने चारो और घुमाया ,टकराया दीवार से जाकर धक्का खा वो संभल न पाया . लगी चोट फिर नाक पर आगे ,खून निकल कर बाहर आया ,दर्द हुआ फिर बड़ी जोर से ,रोकर टिंकू था चिल्लाया . पा... Read more
clicks 313 View   Vote 0 Like   7:22pm 5 Dec 2012
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