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जाने क्या पूछा हैं उसने इस सवाल में,कितनी राते जागता रहा इसी ख्याल में .तुझे बारे में बुरा कहु तो मूह जले मेरा ,छोड़ दो ,पूछने वालो मुझे मेरे हाल में .सदियों जिसने चैन छिना, नीदे उड़ाई ,ऐसा कमबख्त तिल देखा हैं तेरे गाल में .तुझे चाहा लिखा बोला और गुनगुनाया भी ,कितना फस चू...
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  July 9, 2013, 2:04 am
कैसे गुजरी रात,याद नही रहता ,हर सुबह मैं अपने साथ नही रहता ...कुछ ख्याल आकर ख्वाबो को सजाते हैं ,सोये हुये मैं कभी बर्बाद नही रहता ...तेरे शहर में ये कौन सा मौसम हुआ करता हैं ,तुम्हारे खतो में कभी जज्बात नही रहता ....अपने ही आजकल जख्म दिया करते हैं ,सब मुश्किलों में,दुश्मनों का ह...
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  June 26, 2013, 10:16 pm
किसीआँख में आंसू सा मचल रहा हैं ,दिल में एक ख्वाब सा पल रहा हैं ...तुमने चेहरे से जो नकाब उठाया हैं ,देखो मौसम कितना बदल रहा हैं ...उसके घर की रौशनी के साथ ,ये मेरा घर क्यों जल रहा हैं ...वो मुझको ऐसे बुला रहा हैं,पाव छाले लेकर  भी चल रहा हैं ....माना हमने राते जागकर बितायी हैं ,कही ...
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  June 19, 2013, 1:18 pm

ठंडी ठंडी जब हवा चली ,तेज़ धुप में छा गयी बदली ,तो लगा तुम आ गये ........जब बादल हमे भिगाने लगे ,रंग बिरंगी तितलिया उडी ,भवरे गुनगुनाने लगे ,तो लगा तुम आ गये ........शामे जब जवान होने लगी,धड़कने बे एख्तेयार ,आंखे परेशान होने लगी ,खुशनुमा सहर ने जब रौशनी बिखराई ,मुंडेर से झाकती हुयी...
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  June 16, 2013, 10:23 pm
ठंडी ठंडी जब हवा चली ,तेज़ धुप में छा गयी बदली ,तो लगा तुम आ गये ........जब बादल हमे भिगाने लगे ,रंग बिरंगी तितलिया उडी ,भवरे गुनगुनाने लगे ,तो लगा तुम आ गये ........शामे जब जवान होने लगी,धड़कने बे एख्तेयार ,आंखे परेशान होने लगी ,खुशनुमा सहर ने जब रौशनी बिखराई ,मुंडेर से झाकती हुयी कि...
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  June 16, 2013, 10:23 pm
हम मोहब्बत करे वो दिल्लगी किया करे ,किसी के साथ ऐसा भी ना खुदा करे .....हर बार के जवाब में दिल तोड़ रहे हो ,मर ही न जाये तो क्या अब ख़त में लिखा  करे ...अपने जुनुने इश्क को बहुत दूर हैं जाना ,वो कुछ इल्तेज़ा करे तो हम इबतेदा  करे ...फासीयो पर लटका कर कसूर पूछते हैं,इतने इंसाफ पसंदों...
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  June 11, 2013, 1:35 am
बैठ के सुबह शाम को मैं लिखता रहा ,ख़त एक अन्जान को मैं लिखता रहा .नीद कम आंख नम होने लगी ,फिर भी ख्याल गुमनाम को मैं लिखता रहा ....और भी शै हैं मैंने जाना नही,सिर्फ तेरी मुस्कान को मैं लिखता रहा ...जब जब तुमको देखा सोचा किया ,एक नज़्म तेरे सलाम को  मैं लिखता रहा ...हाले दिल तो कुछ त...
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  June 8, 2013, 1:22 pm
किसी पे हकीक़तो को यू ना जताया जाये ,बात कुछ भी हो बेरुखी से न पेश आया जाये ..यकबयक होश भी खो सकती हैं ये दीवानगी ,रुख से चिलमन अहिस्ता अहिस्ता हटाया जाये .दुनियाए मोहब्बत के अपने अलग उसूल हैं,सबरी के जूठे बेर भी बड़े चाव से खाया जाये ..मनमानी के जज्बातों में भी कोई शबाब हैं,...
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  June 2, 2013, 12:28 pm
वो एक महजबी बड़ी जलवानुमाह निकली ,जहा जहा रखे कदम वही अपनी ख्वाबगाह निकली .मेरी मुश्किलों ने जब भी उकता के उसका नाम लिया ,फूट पड़े पहाड़, पत्थर से भी नदिया निकली .उसकी सोहबत इस कदर मेरी रूह पर हावी हुयी ,वस्ल के एक एक लम्हे में तस्व्वुर की सदिया निकली .मीरा ने जब जब लिया क...
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  May 31, 2013, 11:41 pm
अपने हाथों में मेरा हाथ डाल कर रखिये ,अपने चेहरे पे घूँघट निकाल कर रखिये .एक दिन रंगुगा तुम्हारे हाथ मेहदी से ,अपना दामन जरा संभाल कर रखिये ...!!!...
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  May 30, 2013, 10:07 pm
तुमसे बिछड़ कर कितना बदल रहा हु मैं ,बस किताबो के ढेर में ढल रहा हूँ मैं .जाने कैसा शहर कैसे मुकाम चला आया हूँ,सुबह शाम मैगी (maggi ) में ही पल रहा हूँ मैं .नई ख्वाहिशे नई उम्मीदे जवान होने लगी हैं,अपने ही उसूलो से आगे निकल रहा हूँ मैं .जितना रुकु उतना थकते जाता हूँ ,जाने कौन से रा...
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  May 29, 2013, 2:56 am
उस पत्थर के जिगर में इश्क के गुल खिलायेगे ,दिल से निकलेगे जो भी लब्ज़ ग़ज़ल में ढल जायेगे .बड़े सउर से मिलते हो,बातो में भी नरमी झलकती हैं ,गोया चंद दिनों में तुम्हारे लहजे भी बदल जायेगे .,अब न शिकवा हैं,न कोई शिकायत तुमसे जानेमन ,तनहा रातो में हम चुपचाप मज़बूरी की ग़ज़ल गा...
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  May 23, 2013, 10:39 pm
चेहरो पे ठंडक दिलो में आग रखना ,अपने ज़ज्बातो पे नकाब रखना .फिरेगे दिन अपने भी तो देखेगे ,अपने एक एक आंसू का हिसाब रखना ......!!!...
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  May 22, 2013, 10:32 pm
कभी रोके,कभी पोछे,कभी छुपाये आंसू ,तेरे जाने के बाद बहुत काम आये आंसू ..जो भी हैं जहा भी हैं ध्यान तो वही हैं बस,क्या बताये कितने किताबो को भिगाए आंसू .कभी सोचा भी के ख़ुशी से तुम्हे जाने दे,लगे जो गले तो खुद ही उभर आये आंसू ..उम्र के इस मोड़ पे सुखी आंख की सब बरिशे ,तुम मिले तो ...
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  May 21, 2013, 11:19 pm
गर्मी ने जब जान ले ली .दिल से  कुछ लब्ज़ निकल पड़े .इब्तिदा हो गयी थी तो ग़ज़ल पूरी तो करनी ही थी ..सो हमने भी कलम उठा के काम पूरा कर दिया ....खिडकिया आग उगलती हैं ,दरवाजो से भी शैलाब आते हैं .कबसे सुलग रहे थे वीराने ,अबतो जैसे झुलसे जाते हैं ..यार परदेसी  में बैठे रहे तन्हाई में  ,...
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  May 20, 2013, 11:23 pm
जाने कौन से उसूल लिये जा रहा हूँ मैं,अपनी खताओ को दोहरा रहा हूँ मैं ....सारी ख्वाहिशे सपने तमाम  जाया हुये ,अपने ही फैसलों से पछता रहा हूँ मैं ...उस मासूम होठो की हँसी रोकती हैं कदम ,सदियों से खुदी में बहरा रहा हूँ मैं ...ये मुफ्लीशी,लाचारी ये समझोतों की जिंदगी ,रोज़मर्रा की तक...
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  May 19, 2013, 12:54 pm
जितना तड़फे हम,उतनी तुमको ख़ुशी मिली ,इन आँखों से आंसू बरसे,जुबा उनकी तक हिली नही ...औरो को क्या कोसे जानम कमिया तो बस हममे ही हैं ,जो कस्तूरी हमने दिल में पाली ,तुम्हारी सांसो में  घुली नही .  ..कोई पूछे भी बस तो ये प्याला आँखों से छलक पड़े ,बाहों तो आते हो तुम भी ,बेचैनी अब वो क...
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  May 17, 2013, 5:45 pm
यादो में चुपके से हमको गुनगुनाएगे ,एक दिन वो पूछेगे एक दिन वो समझ जायेगे .प्यार तो बस प्यार हैं ,बेमानी हैं सब तकरीरे ,तुम हारो ना हारो हम जीत ही जायेगे ...दिल जब घबरायेगा,रंग चेहरे का उड़ जायेगा ,आह भर कर मेरी तश्वीर से लिपट जायेगे ..संग दिली में काट तो दो तुम आस की हर डाल को,उ...
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  April 13, 2013, 10:18 pm
जी ना सके हैं,जीकर भी हम तो खुद की खुशी को आज तक,तुम्हारा ही कहना करते रहे हैं,सिसकियों से आंसुओ की बरसात तक. दुनिया को जानम क्या अब बोले ,अपने ही फैसले गलत हो गये हैं,तुम्हारे ही आगे आकर गिरा हू ,थामा  न तुमने हाथ तक,खुशबु के बिखरने की बहारो के उतरने की,यु तो वजा नही कोई होती...
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  April 10, 2013, 1:38 pm
दिल में उठे दर्द,हो गया ये गीला मौसम ,दौरे तन्हाई दरिया इ इश्क से भीगा मौसम .तुम भी हो साथ और बरसात भी,कभी कभार ही होता हैं इतना रंगीला मौसम .आते आते छिन गयी होठ से मुस्कुराहटे ,फिर कभी लौट कर ना आया वो सजीला मौसम .रोनी आंखे रुआसा चेहरा,टूटते सपने,कितना मुश्कील हो गया,हल्दी...
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  April 7, 2013, 12:22 am
कागज़ के उन टुकडो को दिल से लगा रखा हैं ,तेरे हरेक लब्ज़ को जिंदगी बना रखा हैं ,वो ख़त जो तुमने मेरे नाम किये .....दौरे तन्हाई में वो साथ चलते हैं ,मेरी नीदो में करवट बदलते हैं ,अपने घर में चाहे खिज़ा छाये वो फूल अब भी मेरे सिराहने खिलते हैं .उस एक आग को दिल में दबा रखा हैं ,कागज...
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  April 3, 2013, 8:04 am
रश्मे ख़त कभी कभी निभाया तो करो ,बंद होके लिफाफे में,घर आ जाया तो करो .खुद ही सरका दो पह्लू ,हसीन ज़ानो से,घबरा कर फिर,दांतों तले उंगुलिया दबाया तो करो .हमको भी अपनी हदों का कुछ एहसास तो हो,पास बुलाकर कभी आजमाया तो करो .मैं तुम्हारा ,तुम मेरा सहारा हो तो सही,शरमा कर कभी बाहों...
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  March 23, 2013, 10:39 pm
ये धूप क्यों नहीं छट्ती ,कोई बदरी क्यों नहीं उमड़ती .कोई सावन क्यों नही बुलाता ,ये मौसम क्यों नही बदल जाता ...भारी हैं बहुत मुशकिल समय ,उदास तू परेशां मैं .बेचैनी सी दिल पे छाती ,बातो बातो में,आख छलछलाती .यादो के साये मंडराते ,नशीली आगोश में,हम खो जाते .ये जो हैं वो काश नही होत...
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  March 15, 2013, 9:31 pm
कशिश आख़ में,जुबा पे मजबूरिया  हैं,कितने करीब हम कितनी दरमियाँ दूरिया हैं .बेचैनी बेकरारी बेवजह मुलाकात का लुफ्त,इश्क के पायदान की पहली सीडिया हैं .तेज़ धडकनों में छाया सुरूर मुलाकात के बाद,सांसो में गज़ब महकती सोधी कस्तूरिया हैं . कितना मुश्किल हैं,छुपकर बैठना देरत...
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  March 13, 2013, 10:31 pm
अभी खलिश बाकी हैं,अभी करार आना हैं,पीके मैं गिरा नही,अभी ठोकरों में ज़माना हैं .खोल दो ये बुजदिलो बन्दिशो के  ताले  सभी ,पंख मेरे कटे सही ,बाखुदा पंख फडफडाना हैं .तुम मेरे मुरीद सही मैं तुम्हारा खुदा नही,गुनाह की हुकूमत हैं,ये ख्याल बचकाना हैं .दिल ही में दबा दे सब,जो भी है...
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  March 10, 2013, 12:57 am
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