Hamarivani.com

मै और मेरी कलम अक्सर जब बातें करते हैं .....

मित्रों संसार में मित्रता का सबसे बड़ा उदाहरण है कृष्ण और सुदामा की मित्रता का वृत्तांत | उसी करुण मित्रता के दृश्य को एक रचना के माध्यम से लिखने का प्रयास किया है | कृपया आप अवलोकित करें |एक बार द्वारिका जाकर बाल सखा से मिल कर देखोअपने दुःख की करुण कहानी करूणाकर से कह कर...
मै और मेरी कलम अक्सर जब बातें क...
Tag :
  February 19, 2013, 4:09 pm
मित्रों , सुप्रभात | यह रचना है कुरुवंश के दरबार में जब पांडव द्यूत गृह में कौरवों से हार जाते हैं और इस हार जीत के खेल में इतिहास की यह पहली घटना है जब एक नारी को भी दांव पर लगाया जाता है | द्रोपदी को दुशासन खींच कर सभा में ले आता है | और फिर द्रोपदी सभी कुरुवंशी अपने अग्रजों ...
मै और मेरी कलम अक्सर जब बातें क...
Tag :
  February 19, 2013, 9:20 am
+++++++++++++++++++++++++++++++दिया अब सब्र का भी बुझ रहा अंतिम बगावत हैमगर ये  रात खुलती ही नहीं लम्बी अमावस है ||तमन्ना की जमीं पर जब कभी भी घर बनाया थाहकीकत की लहर ने एक पल में सब डुबा डाला |मेरी कोशिश मनाने की अभी तक भी निरंतर हैसभी  नाराज होने की वजह को भी मिटा डाला ||तुम्हारा रूठना अब लग र...
मै और मेरी कलम अक्सर जब बातें क...
Tag :
  February 18, 2013, 3:07 pm
कवियों की बस्ती में कौवे करते यहाँ बसेरा हैं आग उगलते खुद ही जलते दीपक तले अँधेरा है ||एहसास हुआ निस्वास यहाँ पर मर्यादा का ओछापनकरतूतें काली करते हैं ज्ञान बांटते मूरख जनदुर्व्यवहार दंभ अभिलाषी सरपंचों का मंच गजब हैलेखन नहीं लेखनी इनकी अपशब्दों का दंश अजब है ||काली र...
मै और मेरी कलम अक्सर जब बातें क...
Tag :
  February 15, 2013, 6:55 pm
हनुमंत नाम रख देने से क्या रामदूत बन जाओगेराजा की भक्ति करके क्या राजपूत बन जाओगेअपने ही शब्दों में खुद को बड़ा बताने वाले लोंगोराख बनोगे जिस दिन उस दिन क्या भभूत बन जाओगे ||रावण के अंतर्मन में भी ज्ञान पुंज का उजियारा थादंभ भरा था दस शीशों में बडबोले का अंधियारा थावर्...
मै और मेरी कलम अक्सर जब बातें क...
Tag :
  February 13, 2013, 3:04 pm
कभी गुलामी के दंशों ने , कभी मुसलमानी वंशों नेमुझे रुलाया कदम कदम पर भोग विलासीरत कंसो नेजागो फिर से मेरे बच्चों शंख नाद फिर से कर डालोफिर कौरव सेना सम्मुख है एक महाभारत रच डालो||मनमोहन धृष्टराष्ट बन गया कलयुग की पहचान यही है गांधारी पश्चिम से आकर जन गण मन को ताड़ रही है...
मै और मेरी कलम अक्सर जब बातें क...
Tag :
  February 13, 2013, 2:59 pm
प्रेम तत्व का सार कृष्ण है जीवन का आधार कृष्ण है |ब्रह्म ज्ञान मत बूझो उद्धव , ब्रह्म ज्ञान का सार कृष्ण हैं ||मुरली की धुन सामवेद है , ऋग् यजुर आभा मुखमंडलवेद अथर्व रास लीला है ,शास्त्र ज्ञान कण कण बृजमंडल ||अब कौन रहा जो धर्म सिखावन चाह रहे हो उद्धव तुमजा कर कह दो निर्मोही ...
मै और मेरी कलम अक्सर जब बातें क...
Tag :
  February 13, 2013, 2:58 pm
जला देना पुराने ख़त निशानी तोड़ देना सब तुम्हारी बात को माने बिना भी रह नहीं सकता मिटा दूं भी अगर मै याद करने के बहानों को तुम्हारी याद के रहते जुदाई सह नहीं सकता ||तुम्हे तो सब पता है एक दिन की भी जुदाई में वो सारा दिन मुझे बासी कोई अखबार लगता थातुम्हारी दीद के सदके कई द...
मै और मेरी कलम अक्सर जब बातें क...
Tag :
  February 13, 2013, 2:57 pm
                                                     ख़ुशी को ये भिगाते हैं ग़मों को ये जलाते हैंबिना बोले कभी आंसू बहुत कुछ बोल जाते हैंसमझने के लिए इनको मोहोब्बत का सहारा है......नहीं तो देखने वाले तमाशा ही बनाते हैं ||सिसक हो बेवफाई की कसक चाहे जुदाई कीपिघलता है सभी का दिल हवन की आहुती जैसेख़...
मै और मेरी कलम अक्सर जब बातें क...
Tag :
  February 13, 2013, 2:55 pm
बहती पवन भाष्कर किरन सरिता गमन दासी नहीं कल्पना कवि की किसी परिणाम की प्यासी नहीं तोलना रचना किसी की तुला दान नहीं कोई हृदय के उदगार की एक आह कविलासी नहीं ||ये नुमाइश मर्म की है दर्द को महसूस कर चाँद भी तप जायेगा  शब्दों की ये ऐसी अगन लेखनी ने राम को भी पुस्तक बना कर रख द...
मै और मेरी कलम अक्सर जब बातें क...
Tag :
  February 13, 2013, 2:46 pm
मै एक नवजात शिशु हूँ मेरी कोई भाषा नहीं है केवल भाव हैं ..... हँसना और रोना मेरा संसार ये छोटा सा बिछौनामातृत्व का बोध ही मेरा पहला ज्ञान है बस यही मेरी पहचान है कोई पुस्तक नहीं पढ़ी न वेद न कुरान और न ही जनता हूँ मै कोई संविधान आत्मा और शरीर का मिलन हूँ बिल्कुल खाली हूँ को...
मै और मेरी कलम अक्सर जब बातें क...
Tag :
  February 13, 2013, 2:44 pm
ये कलम हम कलम बन गई है शौक ही अब सनम बन गयी है बेवफाई करेगी क्या मुझसे आइना-ए- भरम बन गई है जिक्र करती मेरी हर फिकर कीदर्द की और मेरी खुस नजर कीहमसफ़र हमकदम बन गई हैये कलम हम कलम बन गई हैये सवाँरे मेरी हर गजल कोदिखाए मुझे राहे कल कोदर्द का ये मलहम बन गई हैये कलम हम कलम बन गई ...
मै और मेरी कलम अक्सर जब बातें क...
Tag :
  February 13, 2013, 2:41 pm
अभी अभी  चलना सीखा हूँ तुतला कर कहना सीखा  हूँअंजलि भर बूदों का पानी अभी अभी बहना सीखा हूँअभी अभी  चलना सीखा हूँ वात्सल्य का प्यासा हूँ नट खट की परिभाषा हूँ शोभा हूँ अपने आँगन की पौधा हूँ बढ़ना सीखा हूँ अभी अभी  चलना सीखा हूँ देखा देखी करता हूँ आवाजों से भी डरता हूँ भ...
मै और मेरी कलम अक्सर जब बातें क...
Tag :
  February 13, 2013, 2:39 pm
जीवन और गणित दोनों विषय हैं गणना के प्रश्न चिन्ह के और कल्पना के  दोनों का एक परिणाम है एक का मृत्यु और दूसरे का उत्तर उत्तर में ही छुपा है प्रश्न और मृत्यु में जीवन या फिर पलट कर देख लो फिर समीकरण जीवन और गणित सम्भावनाये अनंत हैं और विस्तार भी अनंत उतने ही अनंत है परि...
मै और मेरी कलम अक्सर जब बातें क...
Tag :
  February 13, 2013, 2:38 pm
कुछ अनचाहा कुछ मनचाहा सुख दुःख से संदर्भित जीवन परिभाषा के अर्थ अनगिनत कभी निरर्थक कभी प्रश्न चिन्ह ....चित्त की चंचल कल्पित माया राग द्वेष भ्रम जाल अकारण शाश्वत मंडित बना  निरर्थक मृग बन भटके उपवन उपवन तृप्त हुआ घट छणिक राग में छण में नूतन  तृष्णा उत्पन चक्षु जागृत ...
मै और मेरी कलम अक्सर जब बातें क...
Tag :
  February 13, 2013, 2:36 pm
  तुम हो आज भी                         मेरा पहला और आखिरी एहसास                          बचपन की पहली तीस जो आज भी है                         लेकिन कोई दुःख नहीं कोई विरह नहीं                         सबने खोया है प्रेम में मैंने पाया है                         पाया है ये सारा वर्तमान                        पाया है सम्पूर्ण ज्ञान  ...
मै और मेरी कलम अक्सर जब बातें क...
Tag :
  February 13, 2013, 2:35 pm
अंतर्मन की आवाजेंसुनी है मैंने जब कभीशाक्षी हुआ हूँ स्वः मेंदेखा है एक संग्राम विचारों काउजड़ते हुए बसते हुए कई गाँवअपने अंतर्मन में ............अनगिनत आशाओं के बाग़और देखी है क्रोध की आगझुलसते हुए एहसासपनपते हुए छल पाशकामनाओं का ज्वारवासना की फुहारदौड़ती हुई सारे तन मे...
मै और मेरी कलम अक्सर जब बातें क...
Tag :
  February 13, 2013, 2:34 pm
मैंने बहुत खोजा तुम भी खोजो पता नहीं कहाँ खो गया कब से ओझल हो गया पुतला रह गया तनस्वार्थ से भर गया मन बिलकुल खामोश सुनसान है ये वही इन्सान है ?वही इंसान जो स्तंभित था दया से परोपकार की दवा से  भाव का सागर बहाताज्ञान गंगा से नहाता कुंठित क्यूँ हो गया ?अवसाद से क्यूँ भर ग...
मै और मेरी कलम अक्सर जब बातें क...
Tag :
  February 13, 2013, 2:34 pm
मेरे प्रियतमतुमबिन प्रतिक्षण युग बीते हैंआशा पात्र भये रीते हैंप्रेम छुदा की प्यासी विरहनकब आओगे बन कर सावनमेरे प्रियतमइन नैनो में विगत मिलन छणकरते  हैं नित स्वप्न सृजन तुमको पाऊं संग अपने मैनिहारती हूँ जब जब  दर्पण मेरे प्रियतम कागा आश बंधाता प्रतिदिन बासे बैरी...
मै और मेरी कलम अक्सर जब बातें क...
Tag :
  February 13, 2013, 2:32 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3652) कुल पोस्ट (163572)