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Blog: तस्वीर क्या बोले

Blogger: Pratibimba Barthwal
(20/01/2013 का चित्र जिस पर निम्नलिखित भाव पेश किये सदस्यों के द्वारा )अलका गुप्ता हममें ही थी... कुछ बातकि हम ...उनके ना हुए |समझा था हमने ...अपनाजिन्हें... वह अपने ना हुए |अरे !.... नादान हम ही थेक्यूँ रोते हैं अब ...लुटे हुए |मुहब्बत ...कैसे देखेंगे वह !चश्मा नफरत का पहने हुए ||Dinesh Nayal बिन आईने ... Read more
clicks 196 View   Vote 0 Like   7:47pm 20 Jan 2013 #
Blogger: Pratibimba Barthwal
संगीता संजय डबराल मेरी नैया पार लगा दे मांझी ओ मांझीभीच भवंर में अटक गयीजीवन पथ से भटक गयीना इधर हिले न उधर डुलेभीच भंवर में लटक गयीतूफानों में घिर न जायेमुश्किल में कही पड़ न जाये.ये जीवन है एक मझधारतुझ बिन कैसे पाऊं पारहाथ जोड़ विनिति करूंमेरा बनकर साहिल ले चल पार.इस... Read more
clicks 275 View   Vote 0 Like   4:34am 20 Jan 2013 #
Blogger: Pratibimba Barthwal
~कल्पना बहुगुणा~आओ खुले आकाश में विचरण करेयहाँ है न कोई प्रदुषणहै न कोई भ्रष्टाचारहै न किसी की मारे जाने का डरप्रेम करे प्रेम करे बस~पुष्कर बिष्ट ~मैं बंधा हुआ...वो खुला आकाश ..मैं छटपटाता वो,..पंच्छी सा उड़ते ..कोशिश उड़ने की..साथ करता ..दुनिया की नज़रों सेबचता..खामोशी से मो... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   5:19am 19 Jan 2013 #
Blogger: Pratibimba Barthwal
~केदार जोशी एक भारतीय~ कुछ जादू सा है मेरे हाथो की उंगलियों में ,कुछ तो बात है , मेरे हाथो की उंगलियों में ..सब कहते है हाथो की उंगलिया सामान नहीं होती ,कुछ तो राज है हमारे हाथो की उंगलियों में ...~प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल~अलग है सबके भाव अलग अलग इंसानहोकर साथ भी अलग हैं अँगुलियों ... Read more
clicks 245 View   Vote 0 Like   3:59am 19 Jan 2013 #
Blogger: Pratibimba Barthwal
~प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल~ मुँह में राम बगल में छुरी इंसानियत का ये बदलता रूप पहले कही ये कोई कहावत हैलेकिन बदला नही बढ़ गया स्वरूपप्रेम कुछ पल निभा चले जातेदोस्ती का दम भरने वालेकिस्मत कहे या कहे वक्त की बातदुश्मन बने सब चाहने वालेइंसान ही इंसानियत के दुशमनलगे बिगड़ने ... Read more
clicks 244 View   Vote 0 Like   3:57am 19 Jan 2013 #
Blogger: Pratibimba Barthwal
~Shanno Aggarwal~ कचरा बिखरा कितना सारा, तड़प उठा गंगा का किनारा.~बलदाऊ गोस्वामी~सहनशिलता की चादर ओढे,निर्मल लिऐ रुप।नही रोकी अस्तित्व की धारा,कल्प गऐ कितने चुक।।धरुँ मै जब विकराल रुप,टुटेगा अस्तित्व कीधारा।करो न सीमालंघन,ओढलो नियमों की चादर।।न जाने कितने कल्प बिताऊँ,तोडुँ न ... Read more
clicks 181 View   Vote 0 Like   3:55am 19 Jan 2013 #
Blogger: Pratibimba Barthwal
~Pushpa Tripathi~किसे बताउं राग ये अपनाकिसे सुनाऊं मै साजहर गीत ढह गए, इक झोंके के साथपिंगल पड़ते पारिजात का वृक्षऔर सूखते दिल छालओढू चुनरी बेरंग कीजाने कब हो लाल~बालकृष्ण डी ध्यानी~दर्द है .......आँचल ओढेसाये में ओढ़ा एक दर्द हैदोनों बाहें सिमटीछाती में सिमटा एक दर्द हैबैठी हूँ उद... Read more
clicks 220 View   Vote 0 Like   3:52am 19 Jan 2013 #
Blogger: Pratibimba Barthwal
~Pushpa Tripathi~ निर्भय निडर हम है साथ साथ उत्साहों में चलते साथ साथ बेटा बेटी नही कोई भेद भावहम है भावी निर्माता साथ साथ~प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल~एकता हमारा विश्वास हैआओ थामे एक दूजे का हाथसंस्कार और संस्कृति कोलेकर चले 'प्रतिबिम्ब' साथ~किरण आर्य~मित्रो का स्नेह और साथथामे हंसके ... Read more
clicks 211 View   Vote 0 Like   3:45am 19 Jan 2013 #
Blogger: Pratibimba Barthwal
~भगवान सिंह जयाड़ा~वाह रे यू यस ए डॉलर तेरी माया ,खींचा तानी में भी न चरमराया ,सारी दुनिया में घूमें तेरा साया ,तभी तो दुनिया में नाम कमाया ,बिन तेरे नहीं बदले दुनिया की काया ,तभी तो दुनिया ने तेरा गुण गाया ,ऊपर नीचे का खेल भी खूब भाया ,फिर भी कायम अभी तेरा साया ,वाह रे यू यस ए ड... Read more
clicks 199 View   Vote 0 Like   8:17pm 18 Jan 2013 #
Blogger: Pratibimba Barthwal
~भगवान सिंह जयाड़ा~ गुम सुम से छुपे भीड़ में ,अपने को पहिचानों ,क्या कर सकते हो तुम ,अपने को जानो ,अलग सी पहिचान बनावो ,अलग सा कुछ कर दिखावो ,छुपी प्रतिभा को अपनी ,इस भीड़ से बाहर लावो ,नेत्रित्व तुम कर सकते ,तुम एक जन चेतना हो ,आगे तो बढावो कदम ,पीछे पीछे होंगे सब हम ,तुम कल हो द... Read more
clicks 202 View   Vote 0 Like   8:05pm 18 Jan 2013 #
Blogger: Pratibimba Barthwal
~नैनी ग्रोवर ~हाथ से हाथ तो मिला, दिल से दिल मिल ही जाएगा,यही सहारा बहुत है ऐ दोस्त,आज जिंदगी जीने के लिए~प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल ~केवल हाथ मिलाकर न चले जाना,बढ़े हाथ को मेरे थाम लेनाअपना सा लगे अगर 'प्रतिबिम्ब',दिल मिल गया समझ लेना~सुनीता शर्मा ~दोस्त मिले हो बर्षों बाद ,अबके ... Read more
clicks 215 View   Vote 0 Like   7:59pm 18 Jan 2013 #
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~बालकृष्ण डी ध्यानी~ लड़ते रहो अकडाम चक्रमतिकडाई रै दिखने हमारीऐ लड़ाई रैसारी मीडिया देखउभर आई रैदेख जोर पेतू एक जोर देएक तू खिंचएक मै खिंच दूँखिचडी पकीबीरबल कीकुर्सी टूटी संसद कीहंगाम तू यूँ और बरपामुद्दा तू चुपके से सरकावोटों की नीती मैतू अपना मसाला लगाफिर आ धड़... Read more
clicks 215 View   Vote 0 Like   7:53pm 18 Jan 2013 #
Blogger: Pratibimba Barthwal
~Dinesh Nayal~ हौसलों से होती उड़ानपंख है मेरे फिर भी न मैं उड़ पाता,किसी तरह हर राह आसान बनातापंख हैं मेरे सुलझे-सुलझे ,काँटों में हम हैं उलझेनयी बात क्या बतलाऊं ,मैं कैसे उलझा तुमको कैसे समझाऊं ....जीवन के इस डगर पे है कठिनाई,नहीं किसी से अब तुम डरना भाई.....पंख हैं हमारे कोमल,कठिन ह... Read more
clicks 241 View   Vote 0 Like   7:49pm 18 Jan 2013 #
Blogger: Pratibimba Barthwal
~Pushpa Tripathi~.मै दीपक हूँ, जलता हुआ मन के विश्वास का अटल उम्मीदों से सजा मेरा आवरण अपने आप में चीर अनंत सकलचमकती मेरी लौ आनंदित खुले मन सेगम के अंधियारे में हमेशा सफलमै दीपक हूँ अपने आप में मुस्कुराताचलता काली रात में धीर सबल .~प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल~खुद जलकर रोशन जहां कर देता ह... Read more
clicks 253 View   Vote 0 Like   7:46pm 18 Jan 2013 #
Blogger: Pratibimba Barthwal
~केदार जोशी एक भारतीय~मेरे हाथो में आपका हाथ हो ..जब इस हसीन खवाब से मेरी मुलाकात हो ,,भूल जायेंगे दुनिया के हर गम ,जब आप हमारे साथ हो~सुनीता शर्मा~समाज का दर्पण हैं नर नारी ,चलती है जिससे दुनिया सारी ,विश्वास के पहिये पर चलती गाड़ीअनैतिक मूल्यों पर पड़ रही अब भारी ,हाथों में... Read more
clicks 214 View   Vote 0 Like   7:42pm 18 Jan 2013 #
Blogger: Pratibimba Barthwal
~ भूषण लाम्बा~इस तिरंगे का क्या महत्व मैं नहीं जानती,पेट है खाली और तन ठण्ड से ठिठुर रहा,कोई लेले तिरंगा दो चार पैसे मुझको दे,,मिटा लू भूख की जलन ओर पेट मेरा भरे.~नैनी ग्रोवर~मेरी मासूम आँखों में, बस इक सपना है,हाथों में है तिरंगा, देश तो मेरा अपना है ...आज बेच रही हूँ, कल गर्व स... Read more
clicks 238 View   Vote 0 Like   7:38pm 18 Jan 2013 #
Blogger: Pratibimba Barthwal
सभी रचनाये पूर्व प्रकाशित है फेसबुक के समूह "तस्वीर क्या बोले" में https://www.facebook.com/groups/tasvirkyabole/ ... Read more
clicks 212 View   Vote 0 Like   7:32pm 18 Jan 2013 #
Blogger: Pratibimba Barthwal
~भगवान सिंह जयाड़ा~दामिनी तुम्हारी यह शहादत खाली नहीं जायेगी ,लोगों के मन में बुराइयों से लड़ने की चेतना जगाएगी ,अब कोई दूसरी दामिनी न हो दरिंदों का शिकार ,नहीं जाने देंगे तुम्हारी यह शहादत बेकार ,दामिनी को अश्रुपूर्ण भाव भीनी श्रदांजलि ,,,,~जगमोहन सिंह जयाड़ा जिज्ञासु~"... Read more
clicks 199 View   Vote 0 Like   7:24pm 18 Jan 2013 #
Blogger: Pratibimba Barthwal
~बालकृष्ण डी ध्यानी~बीता दौर चिठ्ठी का देख चित्र का विचित्र पल कर गया वो मुझे मजबूरअन्यास ही कलम चलने लगीवो ले गया फिर मुझे दूरजंहा पहले खतों से हीबस प्यार बांटता थाचिठ्ठी के हर अक्षर मेंचेहरा उसका दिखता था.छीना छपटी में लगे रहतेएक दूजे से हम बंधे रहतेओ रिश्ता ऐसा दोस... Read more
clicks 224 View   Vote 0 Like   7:12pm 18 Jan 2013 #
Blogger: Pratibimba Barthwal
~प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल ~भारत माता की जयदूर हटाओ यहाँ से भयअखंड भारत के टुकड़े हुयेअब और न इसके टुकड़े करनाधर्म जाति से संस्कृति को फैलाओधर्म जाति की राजनीति को जड़ से मिटाओआओ मित्रो देश हित की खातिर एक हो जाओ~भूषण लाम्बा~जय तेरी भारत माता,जग तेरे गुण था गता,देख माँ आज की ... Read more
clicks 273 View   Vote 0 Like   3:09pm 18 Jan 2013 #
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