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Blog: अध्यात्म एवं भारतीय तंत्र

Blogger: ऋतुराज
एक मनुष्य के जीवन मे सब से महत्वपूर्ण तीन चीजें होती है रोटी ,कपड़ा और मकान मनुष्य की यही मूल अवश्यकता है बाकी सब इसके बाद है पूरा जीवन इसी के लिए संघर्ष पूर्ण होता है और ये तीनों चीजें धन से संभव होती है । धन वर्तमान युग मे ईश्वर से कम नहीं है ।इसकी प्राप्ति के बाद मनुष्य भोजन की व्यसथा करता है बाकी के धन को कपड़... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   9:29am 8 Nov 2019 #General
Blogger: ऋतुराज
लोगो को वो मिलना चाहिए जो वो चाहते है । ... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   11:11am 7 Nov 2019 #General
Blogger: ऋतुराज
महामाई की कृपा और गुरु देव के आशीर्वाद से 9 महीने का समूहिक बगलामुखी अनुष्ठान का कार्यक्रम तय हुआ है जो 21-मई -2016 से जनवरी -2017 तक चलेगा । उद्देश :- मुख्य माँ बगलामुखी की कृपा प्राप्ति है । माई के अनुष्ठान अधिक धन खर्च आदि के कारण लोग चाहा कर भी करा नहीं पाते । इसलिए इस समस्या ... Read more
clicks 102 View   Vote 0 Like   7:33am 4 Mar 2016 #
Blogger: ऋतुराज
आज बुद्ध पुर्णिमा हैं । गौतम बुद्ध उच्च कोटी के साधक थे । ये उन साधकों में आते हैं जो ईश्वर का अवतार कहलतें हैं । जो समाज को दिशा नहीं दिखते बल्कि हाथ पकड़ कर उनको मोक्ष और ज्ञान की प्राप्ति करवाते हैं । बुद्ध माँ तारा के उच्च कोटी के साधक थे । आज का दिन माँ तारा का भी हैं । ... Read more
clicks 248 View   Vote 0 Like   7:18am 25 May 2013 #
Blogger: ऋतुराज
जय तारणी माँ _/\_ ....... बहुत समय से लोगो द्वारा कुछ प्रश्न पूछे जा रहे हैं ये वो प्रश्न हैं जीना उत्तर जानना लगभग हर व्यक्ति चाहता हैं .... सब के अनुभव अलग अलग होते हैं । इसलिए उत्तर का रूप भी प्रथक होता है पर सब उत्तरों का मूल एक ही होता हैं प्रथकता केवल शब्दों में होती हैं । मैं ... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   7:48am 19 Feb 2013 #
Blogger: ऋतुराज
जय तारणी माँ _/\_ ....... बहुत समय से लोगो द्वारा कुछ प्रश्न पूछे जा रहे हैं ये वो प्रश्न हैं जीना उत्तर जानना लगभग हर व्यक्ति चाहता हैं .... सब के अनुभव अलग अलग होते हैं । इसलिए उत्तर का रूप भी प्रथक होता है पर सब उत्तरों का मूल एक ही होता हैं प्रथकता केवल शब्दों में होती हैं । मैं ... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   7:48am 19 Feb 2013 #
Blogger: ऋतुराज
अब सौंप दिया इस जीवन का ,       सब भार तुम्हारे हाथों में । सब भार तुम्हारे हाथों मेंहै जीत तुम्हारे हाथों में ,       और हार तुम्हारे हाथों में ।  और हार तुम्हारे हाथों मेंमेरा निश्चय बस एक यही ,        एक बार  तुम्हें पा जाऊं मैं ।  एक बार  तुम्हें पा जाऊं मैंअर्पण कर दूं दुनिया ... Read more
clicks 199 View   Vote 0 Like   6:57am 16 Feb 2013 #
Blogger: ऋतुराज
पूर्णता की ओर अग्रसर होने वाला प्राणशक्ति से निकला हुआ संकल्प जब किसी भी माँ के गर्भ में आकर गर्भस्थ भ्रूण के मस्तिष्क में अपना स्थान बना लेता है । तब वह शनैः शनैः अपना विस्तार करने लगता हैं । जिस शक्ति का सहारा लेकर वह विकसित होता हैं । उस शक्ति को आकर्षण शक्ति कहते । ज... Read more
clicks 194 View   Vote 0 Like   8:46am 28 Dec 2012 #
Blogger: ऋतुराज
जन साधारण की प्रायः यही धारणा होती है की प्रभु का नाम स्मरण ,जप ,तप ,पुजा ,पाठ आदि करना ही वास्तव में प्रभु भक्ति है और गृहस्थी के कामकाज में लगे रहना प्रभु भक्ति नहीं हो सकती । यह तो सांसरिक काम है जो मायाजाल में जीव को डाले रहते है । किन्तु विवेकी मैपन पुजा पाठ आदि के कम तथ... Read more
clicks 285 View   Vote 0 Like   9:25am 17 Dec 2012 #
Blogger: ऋतुराज
आगे ..... प्राण शक्ति से सब जुड़े हैं । संकल्प मिश्रित वायु ,अग्नि ,जल ,पृथ्वी ,पेड़ की जड़ ,तना ,मोटी डलियाँ ,छोटी डलियाँ ,टहनियों से जुड़ा एक पत्ता । विवेचन से स्पष्ट है की प्राण शक्ति ही प्रत्येक पत्ते से लेकर वायुतत्व तक सबकी आधार है । अतः प्रत्येक संकल्प का आधार भी प्राणश... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   6:55am 17 Dec 2012 #
Blogger: ऋतुराज
God every where present: प्राण शक्ति... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   8:44am 7 Dec 2012 #
Blogger: ऋतुराज
                                          प्राण शक्ति            जैसे जलाशय में बुलबुले उठते रहते है ,जैसे ज्वालामुखी से चिंगारियाँ निकलती रहती है ,जैसे हिमालय में गंगोत्री के मुख द्वार से जल निरंतर प्रबहित होता रहता है । जैसे सूर्य से किरणें सदा प्रसारित होती रहती है । वैसे ही प्राणशक्ति... Read more
clicks 194 View   Vote 0 Like   8:33am 7 Dec 2012 #
Blogger: ऋतुराज
विचार तत्वकोई भी व्यक्ति यदि कभी थोड़ा ध्यान दें तो उसे स्पष्ट अनुभव होगा की उसके मस्तिष्क में निरंतर विचार आते रहते है । कितना ही इन्हें रोका जाये वे चलते ही रहते है । हाँ इतना अवश्य ही की यदि थोड़ी देर तक हम श्वास न लें तो उस अवधि में विचार रुक से जाते है । पर जीवन के लिय... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   8:49am 4 Dec 2012 #
Blogger: ऋतुराज
                                                                                “मैं”ये तो सब को पता है की गर्भस्थ शिशु के शरीर की कोशिकाओं को जन्म से लेकर मृत्यु तक देख रेख की और उसमें होने वाली क्षति की पूर्ति करने की व्यवस्था आदि का उत्तरदायी शासक DNA . है । किन्तु शरीर का उपयोग करे ?क्यूंकी प्रकर्ति का ... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   7:23am 3 Dec 2012 #
Blogger: ऋतुराज
God every where present: राहु – केतु: v परिचय – यह धुआँ जैसा , नीले रंग का , वनचर , भयंकर , प्रकृती का तथा बुद्धिमान होता है । - पराशर v इस ग्रह का शरीर आधा , ...... Read more
clicks 196 View   Vote 0 Like   9:21am 20 Jan 2012 #
Blogger: ऋतुराज
v  परिचय– यह धुआँ जैसा ,नीले रंग का ,वनचर ,भयंकर ,प्रकृती का तथा बुद्धिमान होता है । - पराशर v  इस ग्रह का शरीर आधा ,महाबलवान ,काजल के पहाड़ जैसा ,अंधकाररूप ,भयंकर ,साँप जैसा ,मुकुटयुक्त ,भयंकर मुख से युक्त है । यह सिंहिका राक्षसी का पुत्र है । भक्तियोग अध्यत्मिक उन्नति ,ज्ञान ,... Read more
clicks 199 View   Vote 0 Like   9:20am 20 Jan 2012 #
Blogger: ऋतुराज
God every where present: बारहवें भाव में शनि के प्रभाव और उपाय: 1. जन्मकुंडली के बारहवें घर में शनि की उपस्थिति अनिष्ट फलदायी मानी गई है । ऐसा व्यक्ति धन से हिन , पुत्र सुख से वंचित , विकल...... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   8:46am 18 Jan 2012 #
Blogger: ऋतुराज
1.       जन्मकुंडली के बारहवें घर में शनि की उपस्थिति अनिष्ट फलदायी मानी गई है । ऐसा व्यक्ति धन से हिन ,पुत्र सुख से वंचित ,विकलांग (शरीर के किसी भाग में कुछ न कुछ परेशानी होती है ) और मूर्ख होता है । 2.       बारहवें भाव में शनि दाँतो को तो खराब करता ही है परंतु आंखों को भी नुकसा... Read more
clicks 178 View   Vote 0 Like   8:45am 18 Jan 2012 #
Blogger: ऋतुराज
God every where present: एकादश भाव में शनि का प्रभाव और उपाय: 1. यदि कुंडली के एकादश भाव में शुभ शनि हो तो व्यक्ति उत्तम आय वाला , शूर निरोगी , धनी , लम्बी आयु और स्थिर संपत्ति वाला प्...... Read more
clicks 187 View   Vote 0 Like   7:36am 17 Jan 2012 #
Blogger: ऋतुराज
1.       यदि कुंडली के एकादश भाव में शुभ शनि हो तो व्यक्ति उत्तम आय वाला ,शूर निरोगी ,धनी ,लम्बी आयु और स्थिर संपत्ति वाला प्रपंच शिरोमणि तथा अनेक आयामों सौभाग्यशालि सिद्ध होता है । 2.       उसे स्वास्थ्य की गंभीर समस्या कभी नहीं होती । वह निश्चिन्त रहता है । 3.       अगर एकादश भ... Read more
clicks 185 View   Vote 0 Like   7:35am 17 Jan 2012 #
Blogger: ऋतुराज
God every where present: दशम भाव में शनि का प्रभाव और उपाय: 1. दशवें भाव में शनि हो तो वह आदमी न्यायप्रिय , अधिकार पाने वाला , राज्य का योग , होशियार , पेट की पीड़ा से परेशान , परि...... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   6:06pm 16 Jan 2012 #
Blogger: ऋतुराज
1.        दशवें भाव में शनि हो तो वह आदमी न्यायप्रिय ,अधिकार पाने वाला ,राज्य का योग ,होशियार ,पेट की पीड़ा से परेशान ,परिश्रमी ,लड़ाई में जीत प्राप्त करने वाला होता है । 2.       दशम भाव में शनि की स्थिति व्यक्ति को धनवान बनाती है । नौकरी में व्यक्ति प्रगति करता है । 3.       जीवन ... Read more
clicks 213 View   Vote 0 Like   6:04pm 16 Jan 2012 #
Blogger: ऋतुराज
नवम भाव में शनि का प्रभाव और उपाय 1.       नवम भाव में शनि हो तो वह आदमी जड़ बुद्धि वाला ,लकीन स्वभाव मीठा होता है 2.       नवम भाव में शनि होतो शनि की महादशा में महात्मा बन सकता है । 3.       नवम भाव में शनि होतो घूमने वाला ,पतला शरीर ,धार्मिक ,माताहीन तथा विरोधियों का नाश करने वाला... Read more
clicks 194 View   Vote 0 Like   9:25am 13 Jan 2012 #
Blogger: ऋतुराज
God every where present: आर्थिक और व्यवसाय में सफलता के अचूक उपाय: 1. धन रखने के स्थान पर या तिजोरी में हमेशा लाल वस्त्र बिछाएँ । 2. यदि आपके पास धन रुकता नहीं है तो महीने के पहले शुक्रव...... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   12:10pm 12 Jan 2012 #
Blogger: ऋतुराज
1.        धन रखने के स्थान पर या तिजोरी में हमेशा लाल वस्त्र बिछाएँ । 2.       यदि आपके पास धन रुकता नहीं है तो महीने के पहले शुक्रवार को चांदी की डिब्बी में काली हल्दी ,नागकेसर व सिंदूर को साथ रखकर भगवती लक्ष्मीजी के चरणो से स्पर्श करवा कर धन रखने के स्थान पर रख दें । फिर इसका ... Read more
clicks 219 View   Vote 0 Like   12:08pm 12 Jan 2012 #
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