Hamarivani.com

तमाशा-ए-जिंदगी

तृष्णा से बड़ा, कोई भोग कहाँ सब पाने का लगा है, रोग यहाँ अपने अपनों से क्या, बात करें ख़ुदगर्ज़ हो गए, सब लोग यहाँ पाषाणों में, जीवन को भरने कीकोशिश में, 'निर्जन'रहता है हर पल जीवन, जी भर जीने कासन्देश सदा ही देता है...है अंत तुम्हारा, उस चिट्ठी मेंजो है, ऊपर वाले की मुट्ठी में अब म...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :अहम्
  February 6, 2017, 9:41 pm
Work from Home or Anywhere in India-----------------------------------------------------------------Proposal For DIGITAL MARKETING specially for those who want to work at their ease and comfort. Specially for homemakers, college students and Digital entrepreneurs.💸💸💸💸💸💸💸💸💸💸💸💸💸💸💸💸💸फ्री मै कुछ नही मिलता फ्री वाले क्रप्या दूर रहे,!!💸💸💸💸💸💸💸💸💸💸💸💸💸💸💸💸💸Company:- Paynut Digital Pvt. Ltd.💸💸💸💸💸💸💸💸💸💸💸💸💸💸💸💸💸डिजिटल मीडिया कंपनी जो 29 जन...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :Digital Marketing
  February 1, 2017, 10:50 pm
खुजली खांसी है, देश का दुश्मनहाय! हाय!अपने देश का दुश्मनहाय! हाय! खुजली खांसी है, देश का दुश्मनहाय! हाय!अपने देश का दुश्मनहाय! हाय! पी.एम्. और जनता - राज़ीफिर भी ना माने - पाजीपी.एम्. और जनता - राज़ीफिर भी ना माने - पाजीये खुजली ना छोड़े, चल इसको फोड़ेये बनने ना देगा देश को एक जुट मुकम...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :खुजली
  November 17, 2016, 1:35 am
दिल-ए-नादां देखता जा, ज़रा रुक तो सही अभी इश्क़ होगा आबाद, ज़रा रुक तो सही मजनू, महिवाल, फरहाद, सारे मरीज़-ए-इश्क़आज होंगे सब कामयाब, ज़रा रुक तो सही सजेगी डोली, महफ़िल-ए-हुस्न कद्रदां होंगे ले देख, वो आई लैला, ज़रा रुक तो सही सोहनी हो गई फ़िदा, मरहबा महिवाल पे  शीरीं का होगा फरहाद, ज़रा ...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :तुषार राज रस्तोगी
  September 4, 2016, 4:49 pm
आज स्वतंत्रता दिवस है, पर,दिल यह कहने को विवश है,क्या यहाँ है सच्ची स्वतंत्रता?हर पथ पर है बस परतंत्रता...जन गण मन अधिनायक जय,शायद यह है भी, या नहीं है?परन्तु क्या ७० वर्षों बाद भी,अपने देश की जय है? नहीं है...बरसों बाद भी हर एक शख़्स,परेशानियों से लड़ रहा है,झूठी सामाजिक अराजकत...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :निर्जन
  August 14, 2016, 11:41 pm
सुना है कि बारिशों जैसी हो कुछ कहो बरसती कैसी हो मैंने यह सुना है दुनिया से सावन की बूंदों जैसी हो सुना है कि गुलाब जैसी हो कुछ कहो ज़रा तुम कैसी हो मैंने यह सुना है दुनिया से शायर के ख़्वाबों जैसी हो सुना है कि इश्क जैसी होकुछ कहो बहकती कैसी होमैंने यह सुना है दुनिया से रूब...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :कल्पना
  July 27, 2016, 2:56 pm
सनक और जूनून वासना और प्यारअभीप्सा और देखभालतुम्हारी ग़ैरहाज़िरी खल रही है तुम्हारे बारे में सोच रहा हूँ और सब से बहुत ही ज़्यादाहर एक तर्क से परे है यह सारी सोच ये प्यार जो जलता है आग से भी ज्यादा गर्मतपिश इसकी है जो ज्वालामुखी से ज्यादा ये इबादत है जो बंदिश नहीं है ये द...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :इश्क़
  July 8, 2016, 4:28 am
जादू-अदा बा-ख़ुदा ख़ूब उसकी बाग़-ए-इरम ज़िन्दगी होने लगी है ऐतबार-ए-इश्क़ ऐसा है उसका आलम-ए-दीवानगी होने लगी है  नज़राना-ए-शोख़ी नज़र ख़ूब उसकी अज़ीज़-ए-दिल उल्फ़त होने लगी है गुल-ए-विसाल मासूमियत उसकी दीवार-ए-ज़िन्दगी होने लगी है हसरत थामे आँचल अब उसका जानिब-ए-गुलिस्ताँ होने लग...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :जादू
  June 1, 2016, 12:52 pm
 इस जीवन में कुछ बातें हैं में जिन्हें बयां नहीं कर सकता इस जीवन में कुछ रेज़गी* हैं क्योंकि, सब समान नहीं रहता इस जीवन में कुछ सपने हैं!और लोग जो उन्हें जीते हैं इस जीवन में कुछ अपने हैं!और लोग जो उन्हें खो देते हैं यही मैं हूँ! यही तुम हो!यही हैं चीज़ें हम जो करते हैं!यही ह...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :तुम
  May 22, 2016, 12:14 am
बातों बातों में ही सहीबात तो कहता है'निर्जन'फ़क़त दिल केहालात कहता हैनहीं मुमकिन नज़र सेखूं ज़रा सा बह जाएये तो शब्दों मेंबयां-ए-जज़्बात कहता हैयूँ ही लग जाती है कभीदिल की लगी दिल कोये ख़ामोश बंद होठों सेबस एहसास कहता है#बातोंबातोंमें #एहसास #जज़्बात #बसयूँही #तुषारराजरस्तोग...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :जज़्बात बस यूँ ही
  May 19, 2016, 6:49 am
उसको ज़मी पर रौंदतावहशीपन जब रगों में कौंधता करती रही कोशिशें सभीरोती बिलखती सिसकती तभीवस्त्र कर उसके तार तार अस्मिता पर करता रहा वो प्रहार लड़-लड़ चलाये हाथ और लात भिड़ती गई कुछ तो हो एहसास चीखता रहा वो उस पर तब भी चिचियती रही वो भयभीत सीकलाई जकड़ निचोड़ दीं उसकी मौन छटपटात...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :दर्द
  April 20, 2016, 11:44 pm
सुनो सुनो - एक कहानीसच्ची सी थोड़ी, अच्छी सी एक ठगने वाले लुच्चे कीसुनो सुनो - एक कहानीहिन्द नाम के गोले परहै एक अदभुत जंगलजंगल के थोड़े से प्राणीभैया हैं बहुत ही मेंटल गत वर्ष वो पगलेट हुए चुनकर लाये रंगा सियार फ़र्ज़ी बातों की खाकर लातें सर चढ़ा लिए किसको यार बिना बात के बैठ...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :गोला
  April 10, 2016, 10:42 pm
आह! दुनिया नहीं चाहती मैं, मैं बनकर रहूँवो जो चाहती है, कहती हैं, बन चुपचाप रहूँ होठ भींच, रह ख़ामोश, ख़ुद से अनजान रहूँरहकर लाचार यूँ ही, मैं ख़ुद से पशेमान रहूँ बनकर तमाशबीन मैं क्यों, ये असबाब सहूँ? कहता हूँ ख़ुद से, जो हूँ जैसा हूँ वही ज़ात रहूँ नहीं समझे हैं वो, कोशिशें उल्टी प...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :उम्मीद
  March 29, 2016, 6:01 pm
पास आरई होली अब, बचकर तू कहाँ जायेगारंग जो तुझ पर लगाया, बोल क्या चिल्लाएगा?घर तेरे आए हैं मेहमां, खातिर क्या करवाएगा सूखता है गला, ऐ दोस्त बता क्या पिलवाएगा?होली पर पव्वा पिला, तू जाने जां बन जायेगा  प्यार से अध्धा मंगा, माशूक़ सीपप्पी पायेगा आज पीकर जीने दे, तू ब्लैक डॉग ...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :तुषार राज रस्तोगी
  March 21, 2016, 4:46 pm
शादी एक संग कीजिये,दूजी संग कर के प्यार तीजी जो मिल जाए तो,फिर नहीं चूकना यार......फिर नहीं चूकना यार,चौथी ढूंढ कर रखना मय भी देती नहीं मज़ा,जब तीखा ना हो चखना......जब तीखा ना हो चखना,भैया दिल को तुरत बताओ, पंचामृत का इस जीवन में,शुभ आचमन करवाओ......शुभ आचमन करवाओ,जीवन में लो तुम अब ज्...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :इश्क़ मोहब्बत
  March 13, 2016, 3:44 pm
 देखता हूँ, जब मैं, नज़रों में तेरीदिखता है, उन में, अनुभव सदाथामता हूँ, जब मैं, हाथों को तेरे जान पाता, हूँ तब, ताक़त है क्याछूता हूँ, जब मैं तेरी, कोमल त्वचाबोध होता, है मुझे, सुभीता है क्या सुनता हूँ मैं, जो तेरे, दिल की ध्वनिअहसास होता, है मुझे, शक्ति है क्या पुकारता हूँ, जब भ...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :उल्फ़त
  March 5, 2016, 1:47 am
इश्क़ की कलियाँ खिलने लगी हैं ख़्वाबों की अखियाँ भरने लगी हैं   कोई मुझको भी तो बतलाओ क्या अब ज़िन्दगी संवरने लगी है?हसरत के तारे जगमगाने लगे हैं उमंगों को रौशन सजाने लगे हैं कोई मुझको भी तो बतलाओ क्या अब ज़िन्दगी चमकने लगी है?फूल और परिंदे भी थिरकने लगे हैं नज़ारे ये दिलक...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :इश्क़ मोहब्बत
  February 21, 2016, 11:34 pm
प्यार,किसी ने पुछा मुझसे, क्या है प्यार?, किसे कहते हैं इश्क़? क्या यह अच्छा है, या फिर, क्या यह बुरा है?क्या यह ग़ज़ब का है, या फिर, क्या यह ख़राब है?सच कहूँ तो, मालूम मुझे भी नही हैइसका क्या जवाब दूं, फिर भी,अंततः जो समझा, बस इतना, किप्यार सभी भावनाओं में सबसे सरल होकर भी सबसे ज्...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :इश्क़ मोहब्बत
  January 17, 2016, 11:37 pm
बस यूँ ही बैठा-बैठा, अबमाज़ी को याद मैं, करता हूँ गुज़रे दिनों की, यादों से मैं आज भी, बातें करता हूँ पुराने घर का, हर किस्सायाद, आज फिर आता है हिस्सा, एक उम्र का गुज़रा जो अब ना, भूलने पाता है फाटक का, वो दरवाज़ा घर की याद, दिलाता है गुज़रता हूँ, गली से जबदिल मेरा, भर आता है गुलिस्तां ...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :गुज़रे दिन
  January 9, 2016, 11:45 pm
कुछ अपने हुए नामाकूलटॉक्स हैं इनकी जैसे शूलमाइंड में मतलब की चूलअक्ल से हैं ये बैल से लूल करें प्यार का टैक्स वसूलभाड़ में जाएँ नियम उसूल अपनेपन की बात फ़िज़ूलअपने अपनों को देते हूल पराये अब लगते जो कूल पैसा बन गया आज रसूल हिस्ट्री-फ्यूचर में रहे हैं झूलप्रेजेंट में ये क...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :तुषार राज रस्तोगी
  January 2, 2016, 11:34 pm
यह कविता मेरे उन मित्रों और मेरे अपनों को समर्पित है जिन्होंने मुझे प्रोत्साहन दिया, प्रेरणा दी, मेरी लेखनी को मान दिया, मुझे सम्मान दिया और मेरी रचनाओं को अपना आशीर्वाद प्रदान किया। यह कविता मेरा तोहफ़ा है मेरे उन तमाम दोस्तों के नाम जिन्होंने मेरे ब्लॉग और फेसबुक पेज...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :दोस्त
  December 31, 2015, 9:16 pm
यादगार एक शाम रही, बिछड़े यारों के नाम करत-करत मज़ाक ही, हो गया सबका काम हो गया सबका काम, पीने मयखाने पहुंचेबाउंसर कि बातें सुन, 'निर्जन'हम चौंके कहें सैंडल नहीं अलाउड, नो एंट्री है अन्दर सोचा मन ही में भाई, बन गया तेरा बन्दर पीने आए दारु, जूते-चप्पल पर क्या ध्यानकोई तो समझाए ल...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :दारू
  December 19, 2015, 11:29 pm
शायद वो सोचती है मेरे हालात सुधर गए अब क्या बताएं उसकोहम अंधेरों से घिर गए ऐसी भी नहीं है बात कि हौंसले अपने बिखर गए वक़्त को मुताज़ाद देखहम ख़ामोश कर गए जब दिल में थे जज़्बाततब अलफ़ाज़ नहीं थेआज लफ्ज़ बेक़रार हैं पर कोई साथ नहीं है बात यूँ भी नहीं है किएहतराम अपने घट गए दामन अपन...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :एहतराम
  December 5, 2015, 7:43 am
अभी तारे नहीं चमकेजवां ये शाम होने दो लबों से जाम हटा लूँगाबहक कर नाम होने दो मुझे आबाद करने कीवजह तुम ढूंढती क्यों हो?मैं बर्बाद ही बेहतर हूँनाम ये बेनाम रहने दो अभी मानी नहीं है हारमुझे अंगार पे चलने दो मैं हर वादा निभाऊंगाज़िद्दी हालात संवारने दोमेरा इमान है अनमोल उ...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :आबाद
  November 25, 2015, 11:43 pm
तेरा आना ख़ुदा की रहमत है तेरी बातें ज़िन्दगी की नेमत है तेरा होना हर लम्हा त्यौहार हैतेरी मुस्कान जो मिलनसार है तेरे क़दमों से घरोंदा पाक हैतेरी कमी से जीवन ख़ाक है तेरा नखरा तो बजता साज़ है तेरे दिल की सच्ची आवाज़ है तेरा इश्क़ वो रूहानी दौलत है 'निर्जन'की जिस से शोहरत है #तुष...
तमाशा-ए-जिंदगी...
Tag :जीवन
  November 20, 2015, 5:14 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3652) कुल पोस्ट (163842)