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साझा आसमान

ढूंढते  ही  रहे    हम        निशानाते-दिलबांट  कर    आ  गए    लोग   ख़ैराते-दिलमा'निए-इश्क़  तक    तो    समझते  नहींआप  क्यूं      चाहते  हैं      इनायाते-दिलआपकी    ख़्वाहिशो-ख़्वाब  से    भी  परेऔर  भी  हैं &nbs...
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  April 19, 2017, 10:40 am
ख़ौफ़  में  जी  रहे  हैं  तरफ़दारे-दिलघूमते  हैं  खुले   अब   गुनह्गारे-दिलमुत्मईं  हैं  कि  मग़रिब  न  होगी  कभीतीरगी  को  समझते  हैं   अन्वारे-दिलख़ुश्बू-ए-यार  से  तर  हवा  की  क़समठीक  लगते  नहीं  आज  आसारे-दिलकोई  क़ीमत  रही  ...
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  April 16, 2017, 10:57 pm
मुहब्बत  न  हो  तो  जहां  क्या  करेगाज़मीं  के  बिना   आस्मां   क्या   करेगानफ़स  दर  नफ़स  दिल  जहां  टूटते  होंवहां  कोई  दिल  का  गुमां  क्या  करेगा यहां   बात    है    मेरी   तन्हाइयों  कीक़फ़स  में  मदद  मेह्रबां  क्य...
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  April 1, 2017, 6:13 pm
हमको  तेरे  विसाल  का  मौक़ा  नहीं  मिलाइस  पर  तुझे  ख़याल  का  मौक़ा  नहीं  मिलाताउम्र  तेरी  फ़िक्र  हमें   इस  तरह  रहीख़ुद  अपनी  देखभाल  का  मौक़ा  नहीं  मिलाजो  शख़्स  मेरे  साथ  बहुत  दूर  तक  चलाउससे  भी  अर्ज़े-हाल  का  ...
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  March 26, 2017, 3:18 pm
शाह  पर  एतबार  किसको  हैये:  दिमाग़ी  बुख़ार  किसको  हैहाकिमों  की  अदा  गवाही  हैहैसियत  का  ख़ुमार  किसको  हैज़ार  सबको  थमा  गया  कासादिक़्क़ते-रोज़गार   किसको  हैथक  गए  जिस्म  .गुंच:-ओ-गुल  केअब  उमीदे-बहार  किसको  हैहम  फ़क़ीरी ...
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  March 25, 2017, 8:36 pm
ख़रों  को  मुबारक  ख़रों  का  ज़मानाअजब  सरफिरे   रहबरों  का  ज़मानान  देखेगी  नरगिस  न  गाएगी  बुलबुलन  आएगा     दीदावरों  का    ज़मानाजहां  मौसिक़ी  की  इजाज़त  न  होगीवहां  क्या  करेगा    सुरों  का  ज़मानाजिन्होंने  चुना  ...
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  March 24, 2017, 7:05 pm
मुद्द'आ  यूं  मिटा  तमाशों  मेंदब  गई  आह  ढोल-ताशों  मेंसोज़े-तकरीर  हुस्न  खो  बैठातल्ख़  तन्क़ीदो-इफ़्तिराशों  मेंशक्ले-इंसां  नज़र  नहीं  आतीमसख़रों  से  भरी  क़िमाशों  मेंरहनुमा  आए  हैं  दवा  ले करफूंकने  जान    सर्द  लाशों  मे...
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  March 6, 2017, 6:59 am
जो  दानिशवर  परिंदों  की  ज़ुबां  को  जानते  हैंयक़ीनन  वो   तिलिस्मे-आसमां    को  जानते  हैंतू  कहता  रह  कि  तू  ख़ुद्दार  है  झुकता  नहीं  हैमगर   हम  भी   तेरे   हर  मेह्रबां    को  जानते  हैंवही     बातें      वही ...
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  March 1, 2017, 5:16 pm
आप  पर  एतबार  रखते  हैंहम  युं  ही  जी  को  मार  रखते  हैंचोट  खाना  नसीब  है  अपनाहसरतें  तो  हज़ार  रखते  हैंकौन  जाने  कि  क्या  पिला  डालेंजो  नज़र  में  ख़ुमार  रखते  हैंराज़े-सेहत  बताएं  क्या  अपनादर्द  दिल  पर  सवार  ...
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  February 28, 2017, 9:08 pm
क़ैदे-ज़िन्दां-ए-उम्मीद  में  मिट  गएहम  मुहब्बत  की  ताईद  में  मिट  गएचंद  जज़्बात  उन  पर  खुले  ही  नहींचंद  अश्'आर  तन्क़ीद  में  मिट  गएथे  मुनव्वर  कई  नाम  तारीख़  मेंशाह  की  मश्क़े-तज्दीद  में  मिट  गएढूंढते  हैं  निशानात&nb...
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  February 27, 2017, 9:59 pm
मुफ़लिसी  में  अना  ज़रूरी  हैदोस्तों  की    दुआ    ज़रूरी  हैइश्क़  से  डर  हमें  नहीं  लगतागो  मुआफ़िक़  हवा  ज़रूरी  हैआप  तड़पाएं  या  तसल्ली   देंदर्दे-दिल  में  शिफ़ा  ज़रूरी  हैशौक़  रखिए  तबाह  करने  कापर  कहीं  तो  वफ़ा  ज़रू...
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  February 22, 2017, 4:40 pm
देते  हो  धोखा  महफ़िल  मेंक्या  शर्म  नहीं  बाक़ी  दिल  मेंज़ंग-आलूदा  हैं  सब  छुरियांवो  बात  नहीं  अब  क़ातिल  मेंमुस्तैद  रखो  फ़र्ज़ी  अपनाहै  शाह  तुम्हारा  मुश्किल  मेंहम  सज्दा  करते  जाते  हैंतुम  रंज़िश  रखते  हो  दिल  ...
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  February 16, 2017, 8:39 pm
सल्तनत   के  ज़वाल  की  आहेंज़र्द    जाहो-जलाल    की  आहेंमांगती  हैं  हिसाब  वहशत  काहर  सुलगते   सवाल  की  आहेंलफ़्ज़  शायद  बयां  न  कर  पाएंनर्मो-नाज़ुक़  ख़्याल  की  आहेंपढ़  रही  हैं  मिज़ाज  यारों  कामुफ़्लिसे-ख़स्त:हाल   क...
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  February 9, 2017, 8:05 am
दिल  बड़ी  चीज़  है  बचा  रखिएहां,  मगर  रास्ता  खुला  रखिएशर्त्त  है  वस्ल  के  लिए  उनकी'घर  शहंशाह  से  बड़ा  रखिए'दें  मुनासिब  जगह  रक़ीबों  कोबज़्म  का  क़ायदा  बना  रखिएआज  पूरी  न  हों  तो  कल  होंगीहसरतों  को  हरा-भरा  रख...
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  October 7, 2016, 2:54 am
जो  दानिशवर  परिंदों  की  ज़ुबां  को  जानते  हैंयक़ीनन  वो   तिलिस्मे-आसमां    को  जानते  हैंतू  कहता  रह  कि  तू  ख़ुद्दार  है  झुकता  नहीं  हैजहां   वाले     तेरे   हर  मेह्रबां    को  जानते  हैंवही   बातें      वही   वा...
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  October 5, 2016, 2:43 pm
तुझे    मुर्शिदो-मुस्तफ़ा  भी  कहेंगेजिन्हें  ग़र्ज़  है  वो  ख़ुदा  भी  कहेंगेन  जाने  मेरे  दोस्त  क्या  चाहते  हैंमुहब्बत   करेंगे    बुरा  भी   कहेंगेमेरे   मेज़्बां  के   इरादे    ग़ज़ब  हैंबुलाएंगे  घर  तख़्लिया  भी  कहें...
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  October 4, 2016, 1:48 am
शहादत  के  हक़  में  शियाने  अलीचले      कर्बला     आशिक़ाने  अली उठें  ज़ुल्म  की  आंधियां  रात  दिनरुकेगा    न   अब    कारवाने  अलीजहां  हक़-ओ-इंसाफ़  की  जंग  होलड़ेंगे       तुम्हारे   दिवाने      अलीहमें  डर  नहीं  मुश्क...
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  October 2, 2016, 7:20 pm
जंगजू  ख़्वाब  जंगजू  क़िस्सेलो  मियां  हो  गए  शुरू  क़िस्सेसुस्त  रफ़्तार  थी  हक़ीक़त  कीबन  गए  आज  जुस्तजू  क़िस्सेचंद  तब्दीलियां  ज़रूरी  हैंकौन  दोहराए  हू  ब  हू  क़िस्सेनंग(ए)तहज़ीब  का  ज़माना  हैतो  उड़ें  क्यूं  न  चारसू  क़...
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  September 30, 2016, 3:00 pm
वो  तसव्वुफ़  पे  वाज़  करते  हैंएहतरामे - अयाज़       करते  हैंदिल  किसी  काम  आए  तो  रख  लेंहम     कहां    ऐतराज़  करते  हैंसिर्फ़   इमदाद   ही     नहीं  देतेज़ुल्म  भी   दिलनवाज़  करते  हैंमुफ़्त  इस्लाह    छोड़िए   साहब...
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  September 29, 2016, 7:18 pm
मिज़ाजे  ज़माना  हमें  तोड़  देगातेरा  आज़माना  हमें  तोड़  देगानिगाहें  मिलाना  ज़रूरी  नहीं  हैनिगाहें  चुराना  हमें  तोड़  देगानज़र  में  बनाए  रखें  तय  जगह  परउठाना  गिराना  हमें  तोड़  देगाख़बर  है  हमें  तेरी  मस्रूफ़ियत  कीमगर...
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  September 28, 2016, 6:15 am
न  जाने  किसे  रहनुमा  मान  बैठेफ़रेबे  ख़ुदा  को  ख़ुदा   मान  बैठेमेरे  दर्द  को  वो  कभी  दर्द  समझेकभी  दर्दे  दिल  की  दवा  मान  बैठेतेरी  दिलनवाज़ी  से  मायूस  हो  करतेरे  दोस्त  हमसे  बुरा  मान  बैठेमियां  जी  कहां  होश&...
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  September 27, 2016, 7:42 am
न  तुम  कुछ  कहोगे  न  हम  कुछ  कहेंगेयहां  सिर्फ़  अह् ले-सितम   कुछ  कहेंगेजहां  तुमको  एहसासे-तनहाई  होगावहां  मेरे  नक़्शे-क़दम  कुछ  कहेंगेज़ुबां  को  जहां  पर  इजाज़त  न  होगीवहां  पर  तेरे  चश्मे-नम  कुछ  कहेंगेअभी  आपका  व...
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  September 24, 2016, 2:31 pm
दिल  पे  बंदिश  तो  कुछ  बह्र  की  हैकुछ  इनायत      तेरी       नज़्र  की  हैआज  साक़ी      सलाम      कर  बैठासारी    मस्ती     उसी     अस्र  की  हैकोई     इन्'.आम    क्या    हमें  देगाफ़िक्र   अश्'आर   की   क़द्र  क...
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  September 19, 2016, 6:39 pm
रेज़ा  रेज़ा  बिखर  जाएगी  ज़िंदगीग़म  न  हों  तो  ठहर  जाएगी  ज़िंदगीचार  दिन  बेबसी  के  अगर  निभ  गएपांचवें  दिन  संवर   जाएगी  ज़िंदगीहिज्र  में  दोस्तों  की  दुआ  लीजिएहर  भंवर  से  उबर  जाएगी  ज़िंदगीभूख  से  तिफ़्ल  घर  में&n...
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  September 13, 2016, 8:38 pm
कहीं  ज़्यादा  कहीं  कम  हैजहां    देखो    वहीं   ग़म  हैतुम्हारे     सौ     ठिकाने   हैंहमारा     कौन   हमदम  है मरीज़े  इश्क़     की  ख़ातिरन  पुरसा  है    न  मरहम  हैजहां       उम्मीद      है  तेरीवहां  की   र...
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  September 11, 2016, 8:08 am
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