Hamarivani.com

कविता संकलन

ऐसे ही हमसे झगड़े।सूरज दादा क्यों हो भड़के।।इस बार की गर्मी में।सूरज दादा गुस्से में।।कम करो अब ये गर्मी।सूरज दादा दिखाओ थोड़ी नरमी।।मन करे तो कुल्फी खाओ।सूरज दादा अब शान्त हो जाओ।।© यशवर्धन श्रीवास्तव...
कविता संकलन ...
Tag :गर्मी
  June 11, 2014, 9:55 pm
बात पते की अब बताता। बदले में सबको समझाता।।गौर से सुनना मेरी बात को। सीखना और समझाना औरों को।।प्रकृति की धरोहर यूँ न नष्ट करो।पेड़ो को काटना अब बंद करो।।ये पेड़ - पौधें है दोस्त हमारे। जीवन चलता है इनके सहारे।।पेड़ो से मिलती है हरियाली। वातावरण में फैलाते ये ...
कविता संकलन ...
Tag :प्रकृति की धरोहर
  March 22, 2014, 7:28 pm
पहले उड़ती - फिरती थी,ये हर डाली - डाली। कौन - थी ये चिड़िया प्यारी ?क्या नाम है इसका,जरा - पूछो भईया ?अरे ये चिड़िया है - गौरैया।।पहले दिखती थी ये,हर - घर आँगन में। परन्तु अब है ये,पक्षी संकट में।।इसे बचाने के लिए,करना पड़ेगा कोई उपाय। ताकि ये चिड़िया,इस धरती पर बच पाएँ।।थोड़ा - ...
कविता संकलन ...
Tag :प्रकृति
  March 20, 2014, 10:50 pm
पतझड़ का मौसम छाया,बसन्त का महीना आया।।तेज हवा चली रूहानी,खिली धूप सुहानी।।बगिया में आई तितली रानी,भौरों कि भी अलग कहानी।।फूल खिले हर डाली-डाली,रूत भी है ये सुहानी।। कूँ - कूँ करती कोयल रानी,देखो आई बसन्त निराली।। प्रकृति की ये अलग कहानी,देखो आई ऋतुराज बसन्त निराली।।© य...
कविता संकलन ...
Tag :प्रकृति
  February 4, 2014, 4:28 pm
बात बड़ी है पुरानी,थी प्रकृति की भी कहानी।आज आपको भी है सुनानी,एक ज़माने में प्रकृति थी रानी।इस धरती पर उसका राज था,मानव पर उसे बड़ा विश्वास था। परन्तु अपने फायदे के लिए मानव,बन बैठा इस धरती का दानव।जंगलों का कर सफ़ाया,अपना घर है बनाया।इतना करके भी ना माना,पशु - पक्षिय...
कविता संकलन ...
Tag :प्रकृति
  December 12, 2013, 9:30 pm
चित्र साभार : yashvardhan09.blogspot.inफूल खिले है डाली - डाली ।रुत है ये मतवाली ।।ये भी कहते कुछ गाकर ।हँसते - रोते मुस्कुराकर ।।कहते ये होकर दुखी ।हमे मत तोड़ो कभी ।।मत लो हमारे प्राण ।आखिर हम में भी है जान।।...
कविता संकलन ...
Tag :फूल
  July 7, 2013, 4:42 pm
देखो काले बादल आये ।नभ पर ये जमकर छाये ।।गरजकर , ये बिजली कड़काते ।संग में ये अपने वर्षा भी लाते ।।देखो काले बादल आये ।गर्मी को ये दूर भगाए ।।मौसम को भी खुशहाल ।खेतों में हरियाली फैलायें ।।देखो काले बादल आये ।बंजर को भी उपजाऊ बनाते ।।कहीं - कहीं पर ये बाढ़ भी लाते ।परन्त...
कविता संकलन ...
Tag :प्रकृति
  June 17, 2013, 10:01 pm
पवन - पवन का शोर ,वन में नाचे मोर ।मेघा बरसे घनघोर ,वन में नाचे मोर ।।पंख फैलाएँ रूप सलोना ,सर पे ताज दिखे अनोखा ।मोर के सुनहरे - सुनहरे पंख ,मोर का है अलग रंग ।।हवा चले और शाम ढले ,सुबह - सुबह का भोर ।मेघा बरसे घनघोर ,वन में नाचे मोर ।।...
कविता संकलन ...
Tag :यशवर्धन
  June 13, 2013, 9:17 pm
मेरी गौरैया प्यारी-प्यारी ,सारे जग से ये न्यारी ,चुन-चुन कर ये दाना लाती ,अपने प्यारे-प्यारे बच्चों को खिलाती ।                                                             मेरी गौरैया प्यारी-प्यारी ,                                                             सारे जग में ये निराली ,                                                             इसक...
कविता संकलन ...
Tag :यशवर्धन
  June 1, 2013, 1:21 pm
                                           (चित्र साभार : myindiazone.com)रंगों की दिवाली होली ।आई फिर मतवाली होली ।।गुझिया , पापड़ , जलेबी खाई ।संग में मिलकर होली मनाई ॥होली का हुड़दंग मचा ।गली - गली में ढोल बजा ॥आपस में कभी न झगड़ों ।होली में दिलों को जोड़ों ॥बीती बातों को भूल जाओं ।संग में गले अब म...
कविता संकलन ...
Tag :होली
  March 25, 2013, 8:44 pm
महंगाई में हालत हो गई खस्ता।नहीं रहा अब कुछ भी सस्ता,महंगे हो गये अनाज के दाम।चारों तरफ है महंगाई का नाम,                                                 महंगी हो गई रोटी, दाल।                                                 अब बचे सिर्फ सिर के बाल,                                                 महंगाई ने कर दिया दिल बेहाल।           ...
कविता संकलन ...
Tag :महंगाई
  March 2, 2013, 11:53 am
प्रकृति की गोद में,खिलखिलाती ये धूप।प्रकृति की गोद में,कैसा ये रूप।।प्रकृति की गोद में,नदियों में बहता पानी।प्रकृति की गोद में,फिर उड़ती ये आंधी।।प्रकृति की गोद में,चलती ये हवाएँ।प्रकृति की गोद में,सूरज भी ये गुर्राये।।प्रकृति की गोद में,कहती ये हरियाली।प्रकृति क...
कविता संकलन ...
Tag :यशवर्धन
  February 10, 2013, 11:53 am
ऐसे चलती ठंडी हवाएँ,जैसे कोई गीत गाएँ ,जब चली ठंडी पवन ,खुश हुआ नीला गगन ।आसमान में काले बादल आयें ,छम - छम कर बरस जाएँ ,जब - जब मेघा बरसे ,खेतों में हरियाली फैले ।।दिल को भी छू जाते ,हरे - भरे पेड़ - पौधे ,चिड़ियों की चहकती आवाज़ ,मन सुला देती मेरा आज ।ऐसे चलती ठंडी हवाएँ ,जैसे को...
कविता संकलन ...
Tag :यशवर्धन
  December 6, 2012, 12:51 pm
असफलता की राहों पर ,सफलता के गीत गाए ।आसमान के तारों पर ,वीरता के झंडे लगायें ।।प्रतिभा और जुनून का कमाल ,छोटी उम्र में बड़े धमाल ।ऐसे भी थे नौजवान ,मातृभूमि पर दिया बलिदान ।।उन शहीदों को याद करके ,आँखें नम हो जाती हैं ।जिनकी याद में दुनिया सारी ,खुशियों के दीप जलाती हैं ।...
कविता संकलन ...
Tag :यशवर्धन
  November 10, 2012, 9:00 pm

...
कविता संकलन ...
Tag :
  January 1, 1970, 5:30 am
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3666) कुल पोस्ट (165897)