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"जिंदगी का सफ़र , है ये कैसा सफ़र "

इस ज़माने के साथ , चलना है माना..        शराफत भी हो , शोहरत भी कमाना..इस तेज़ रफ़्तार में , खुद को ना खोना..लगे ना कभी की-" खुद को खोकर क्या पाना"..!!सचमुच बड़ी तेज़ , भाग रही जिंदगी ..थोडा मुश्किल है इसको , ठीक समझ पाना..पर सब्र ही सबसे वाज़िब दावा है..रुतबा तो ठीक , दिल जीत लाना..              ...
"जिंदगी का सफ़र , है ये कैसा स...
Tag :मेरी कलम से
  October 13, 2012, 4:53 pm
कभी याद हमारी आये तो..पलकें अपनी तुम भिगोना नहीं..कभी दिल भी दुःख सा जाये तो..यादों से दूर तुम होना नहीं..यह बात पुरानी सच ही है..           खो जाऊ अगर तो रोना नहीं..    यह मिलना बिछड़ना जीवन है..सपनो में सही गुम होना नहीं..आंसू अपने तुम चुन लेना..इन्हें हम पर तुम खोना नहीं..जब याद हमा...
"जिंदगी का सफ़र , है ये कैसा स...
Tag :ईंतजार
  October 13, 2012, 4:50 pm
 ना तमन्ना है जीने की ना मरनेका हौसला बचा है,शायद मेरे नसीब ने ही ये चक्रव्यूह रचा है।रात आती तो है पर जाती कभी नहीँ,जैसे बना लिया है उसनेबसेरा मेरी जिंदगी को ही।उदासीयाँ बैठी रहती हैं मेरे फूलों वाले सफेदतकीए के पास,बिस्तर का दहिना हिस्सा आज भी पाले हैतुम्हारे आने की ...
"जिंदगी का सफ़र , है ये कैसा स...
Tag :मेरी कलम से
  October 11, 2012, 9:44 pm
जिंदगी की राहों में अकेला ही चला जा रहा था मैं, मन में उमंग तो मेरे भी थी ही की काश मेरे पास भी कोई पतंग होती, आखिर मैं भी बच्चा था पतंग को लेकर मेरे भी सपने थे, मगर कहते है न सपने तो सपने होते है सपने कहाँ अपने होते है वैसा ही कुछ मेरे साथ भी हुआ।जिंदगी की यूँ ही कटती शाम में...
"जिंदगी का सफ़र , है ये कैसा स...
Tag :अजीब दास्ताँ......
  October 11, 2012, 12:27 pm
तुम जा रही थी..स्टेशन के प्लेटफोर्म के एक कोने में खड़ा,मैं बस तुम्हे देखे जा रहा था..जिंदगी फिसली जा रही थी आँखों के सामने मेरे..बेबस खड़ा मैं,बस  तुम्हे देखे जा रहा था..एक रुमाल से अपने आँखों के आंसू पोछ रहा था..दिल  में एक अजीबसा दर्द उठा उस वक्त..तुम्हारा वो खिला चेहरा, उस ...
"जिंदगी का सफ़र , है ये कैसा स...
Tag :तुम
  October 10, 2012, 11:55 pm
समेट लिया है दामन में मैंने तेरी यादों कोफिर भी बरस जाते हैं आँखों से मेरे आंसूंख्यालों में दबे पाँव जब आती हो तुमतब बड़े प्यार से मुस्कुराते हैं मेरे आंसूंदूरियों का अहसास जब करता है मन को पागलकसम से,जी भर रुलाते हैं मेरे आंसूंदिल की बातें तुम तक पहुचआऊं कैसेअक्सर का...
"जिंदगी का सफ़र , है ये कैसा स...
Tag :तुम
  October 10, 2012, 11:22 pm
प्यार मेरा  याद करके प्यार मेरा,जो कभी दिल तेरा, भर आये,देखो आँख कहीं भर आये नहीं...आँखों की बारिशें देखो  अच्छी नहीं होती..,उदास रहने से , सुना है मैंने,..चेहरा ख़राब होता है...तन्हा सातन्हा-तन्हा सा है शमा,शाम तन्हा, आसमान तन्हा..सड़को पे फिर रहा मैं तन्हारात जो हुई तो,बेरहम ...
"जिंदगी का सफ़र , है ये कैसा स...
Tag :तुम
  October 10, 2012, 11:20 pm
उसी मोड़ पे आ रुखा था मैं कुछ दिन पहलेजहाँ हुई थी हमारी आखरी मुलाकात.. मुकुन्दगढ़  के जिन सड़को पे,हम घूमते रहते थे दीवानों की तरहउन्ही सड़को से गुज़रा इस बार कितनी बातें याद आयीं..लगा एक पल ऐसा की तुम आ ही जाओ शायद,अचानक से मेरे सामने..तुमसे दूर हुए एक ज़माना हो गया,फिर भी ...
"जिंदगी का सफ़र , है ये कैसा स...
Tag :तुम
  October 10, 2012, 11:13 pm
आज फिर उस पन्ने के तरफ धयान गया,लिखा था तुमने जिसपे,फिर मिलेंगे....सहेज के रखा है अब तक मैंने उस पन्ने को...की बस एक वही तो है जिसके वजह से,उम्मीद अब भी है मुझे, तुम वापस आओगे....उसी पन्ने के एक कोने पे ये भी लिखा था तुमने..हमेशा मुस्कुराते रहना,हर पल मैं साथ रहूंगी..आज भी मुश्किल ...
"जिंदगी का सफ़र , है ये कैसा स...
Tag :तुम
  October 10, 2012, 11:10 pm
हमने उदासी को अपनी आदत कहना नहीं सीखा। गुमसुम किसी भी हाल में रहना नहीं सीखा।। बदले हैं हमने हरदम दरियाओं के रुख़, दरिया के साथ हमने बहना नहीं सीखा।।...
"जिंदगी का सफ़र , है ये कैसा स...
Tag :मेरी कलम से
  October 10, 2012, 8:39 pm
कंप्यूटर का इस्तेमाल समय की बर्बादी नहीं है, लेकिन बच्चों को इसकी लत से बचाना मां-बाप की जिम्मेदारी है। उन्हें इस बात का ख्याल रखना है कि बच्चे कंप्यूटर के चक्कर में बर्बाद न हो जाएं। आइए इस मुश्किल को सुलझाने की टिप्स पर गौर करेंजब गुड़गांव में रहने वाले 13 साल के प्रण...
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Tag :बचपन
  October 9, 2012, 10:40 pm
कलम का रहस्यवो जानते हैंजो बांस का टुकडा बन केकिसी अगम्मी फूँक काइन्तजार करते हैंतो जो कवितासिर से पाँव तक महज बांसुरी हो जाए कलम का रहस्य वो जानते हैं जो अपने साये से मुखातिब होते रहतें हैं और तब तकउसे देखते रहते हैं जब तक वो सिकुडता -सिकुड़ता महज बिन्दु न हो जाए कल...
"जिंदगी का सफ़र , है ये कैसा स...
Tag :मेरी कलम से
  September 19, 2012, 1:54 pm
मुझको खुशी मिलती है तुमको हंसाने से,वर्ना मुझे क्या मिलता है युं ही मुस्कराने से।मैं तो हंस लेता हूं बिन बहाने के,वो कोइ और होन्गे जो रोते है बहाने से।गमों मे मुस्करांऊ पर पागल नहीं हूं मैं,गमों की आदत सी पडी गम ही गम उठाने से।जब पास थे तुम तो दूर हो गये,अब पास कैसे आंऊ तु...
"जिंदगी का सफ़र , है ये कैसा स...
Tag :मेरी कलम से
  September 19, 2012, 1:50 pm
ज़िन्दगी मेरे साथ-साथ चलनासुनो ज़िन्दगी, मेरे साथ-साथ चलनाअब तो आओ तुम, और थाम लो मेरा हाथलम्बी अकेली राह मेरी है, दे दो अपना साथ तुम बिन अर्थहीन अस्तित्व है मेराजिसका तुम सवेरा हो, ये जीवन ऐसी रातरूठ जाओ तुम मुझसे हो ऐसा कोई पल नाज़िन्दगी मेरे साथ-साथ चलनागिर पड़ता जब-ज...
"जिंदगी का सफ़र , है ये कैसा स...
Tag :मेरी कलम से
  September 17, 2012, 7:54 pm
ये  बेटियां कैसी होती हैये परिया कैसी होती हैये बात बात पर रोती हैदिल होता है इनका नाजुक साये भोली भाली होती हैबाबा की लाडली होती हैमम्मा की दुलारी होती हैगुडियों से खेलता बचपन इनकाइतनी जल्दी कैसे बीत गयाआँगन सूना कर जाती हैबाबा का दर्द समझती हैमम्मा के आंसू पोंछती ह...
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Tag :बेटियां
  September 17, 2012, 12:41 pm
चेहरे की हंसी से हर गम छुपाओ,बहुत कुछ बोलो पर कुछ ना बताओ,खुद नहीं रूठो कभी पर सबको मनाओ,ये राज है जिंदगी का, बस जीते चले जाओ .....क्या आपको यह लेख पसंद आया? अगर हां, तो ...इस ब्लॉग के प्रशंसक बनिए ना !!इससे जुड़ीं अन्य प्रविष्ठियां भी पढ़ें ...जिन्दंगी भर उस रिश्ते की डोर ना टूटेज...
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Tag :मेरी जिंदगी की कुछ खास शायरी
  September 17, 2012, 8:53 am
तू इस तरह से मेरी जिंदगी मेंशामिल है , जहाँ भी जाऊ ये लगता हैं तेरी महफ़िल है ये आसमान ये बादल ये रास्ते ये हवा हर एक चीज हैं अपनी जगह ठिकाने से कई दिनों से शिकायत नहीं जमाने से ये जिंदगी हैं सफर तू , सफर की मंजिल है!!!...
"जिंदगी का सफ़र , है ये कैसा स...
Tag :मेरी कलम से
  September 15, 2012, 11:48 pm
अब तो सच यह है कि मैं लिखना  चाहता हूं। मैंने बहुत मजे कर लिये । अब मैं जिंदगी से आजिज आ गया हूं। आगे देखने के लिए मेरे पास कुछ भी नहीं है। मैं जो भी जिंदगी में करना चाहता था, उसे कर चुका हूं। तब जिंदगी में घिसटते रहने का क्या मतलब है? वह भी तब, जब करने को कुछ भी न बचा हो। मुझे...
"जिंदगी का सफ़र , है ये कैसा स...
Tag :मेरी कलम से
  September 15, 2012, 11:38 pm
ऐ मुसाफिर!ज़ख्म बीती यादों का सोने नहीं देता,सांसों में भी खंजर चुभोये बेठें हैं;इक तू ही आकर देख ले इस गरीब-ऐ-शहर की हालत,कि खुदा को तो ख़ुद से रुठाये बेठें हैं;बचपन कि जब सारी यादें विदा हुई,क्यों किसी कि याद को दिल से लगाये बेठें हैं;ढह गई हैं भरोसे कि कच्ची दीवारें सभी,...
"जिंदगी का सफ़र , है ये कैसा स...
Tag :गरीब-ऐ-शहर
  September 15, 2012, 3:48 pm
कोशिश करो कि कोई तुमसे ना रूठेजिन्दंगी में अपनो का साथ ना छूटेरिश्ता कोई भी हो तो उसे ऐसे निभाओकि जिन्दंगी भर उस रिश्ते की डोर ना टूटे !...
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Tag :मेरी जिंदगी की कुछ खास शायरी
  September 15, 2012, 12:36 pm
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