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गर्ल फ्रेंड की बात बेमानी हो गई। जमाना, मौसम अब वुमॅन फ्रेंड का है। शर्त यही कि उसकी हुस्न गुडग़ुड़ाने की इजाजत दे। उम्र की सीमा अब दरकिनार, मायने से दूर है। इश्क, रोमांस व प्यार के फ्लेवर बदल गए हैं। तिरियावाद का शौक हो, लाउंज भी नहीं जाना चाहते, कोई बात नहीं। होम डिलेवर...
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Tag :जनरल डब्बा
  September 27, 2012, 11:48 am
बंद आंखें भी बोले इससे ठंडा और कुछ भी नहीं पत्नी, पत्नी सिर्फ पत्नी। महज 92 फीसदी हमारी, 8 प्रतिशत पराई। कब्ज, एसिडिटी, गैस, बदहजमी दूर भगाए, रखे हमेशा ठंडा-ठंडा कूल-कूल। एक अदद फुल क्रीम, काजू, पिस्ता, बादाम व बटर से युक्त पत्नी जो दे सरदर्द, तनाव, अनिंद्रा, थकान से राहत। कुदर...
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Tag :जनरल डब्बा
  September 15, 2012, 3:31 pm
तस्लीमा भी उभार में है। वह पुरुषों की केंद्र में नाजायज खड़ी है। उसके पास शब्दों की बाजीगरी है। ताकतवर दिमागी सोच, समझ है। मारन, मोहन, स्तभंन, वशीकरण के मंत्र, सूत्र उसे बखूबी मालूम हैं। पता है, उसके पास शरम-व-हया का लज्जा नहीं है। वह उसी खुली किताब के पन्ने के मानिंद सामन...
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Tag :जनरल डब्बा
  September 6, 2012, 1:24 pm
एक किलो ग्राम मोदी साहेब, एक किलो कांडा, पांच कटे हुए कोयले, आधा चम्मच हेलीकॉप्टर के छोटे-छोटे टुकड़े, आधा चम्मच धोखाधड़ी के पेस्ट, एक चम्मच सेक्सी मिर्ची, बारीक कटे हुए दो चम्मच राजनेताई मसाले, कसाबी नमक स्वादानुसार। अब एक भारतीय पैन में सबसे महंगी, झकास, खांटी तेल में इ...
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Tag :जनरल डब्बा
  September 2, 2012, 2:42 pm
तुम फिजा हो, मोना हो, बंटी की बबली हो, शीला हो या मुन्नी या फिर कांडा की गीतिका ही सही। मगर तुम माता नहीं हो, किसी की वधू भी नहीं। केवल सुंदर रुपसी हो। आज सभी सुंदरियां इसी अद्र्धसत्य, आदर्श को आत्मसात कर चल पड़ी हैं। नतीजतन, नारी प्रगति कहां जाकर थमेगी, रुकेगी, ठहरेगी कहना, ...
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Tag :जनरल डब्बा
  August 23, 2012, 1:31 pm
जमाना लॉगइन का है। इसके बिना आप कुछ भी नहीं। कुछ करना है, तो बसलॉगइन कीजिए। बाजारवाद, स्त्रीवाद या फिर सेक्सवाद सब लॉगइन से ही संभव। इन लॉगइन का पासवर्ड कमसिन, हसीन, नादान, सुर्ख यौवनाओं के पास है। मुझे कॉल करो… मैं यहां हूं… मेरा पासवर्ड है… रात में बातें करो, दिन में इन ...
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Tag :जनरल डब्बा
  July 29, 2012, 1:49 pm
उसकी देह कहीं मोती, कहीं लाल मणि, कहीं श्वेत संगमरमर, कहीं नीलम से पुष्ट हुई। उसके स्पर्श में कितनीकोमलता है, दर्शन में कितनी मधुरता, स्वयं प्रकृति उसके रूप की प्रशंसा करती है। देव तक उसे देखकर मुग्ध हो जाते हैं। कामदेव तो स्वर्ग छोड़ उसी के नेत्रों से अपनी शर तीक्ष्ण क...
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Tag :जनरल डब्बा
  July 23, 2012, 2:20 pm
नग्नवाद व सेक्स आज खूब बिक रहे हैं। लिहाजा इसे परोसने की तमाम हदें पार होती दिख रही हैं। लोगों को भाने व ललचाने की चिकनाहट में मर्यादा, वंदिश व उम्र भी कोई मायने नहीं रख रहे। बस जिद यही, यह आंखों को ललचाए, सुकून, शांति दे और शरीर में सनसनी, गर्मी का एहसास। नसों में दौड़ती ल...
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Tag :जनरल डब्बा
  January 6, 2012, 3:19 pm
मैं आहत का क्रन्दन स्वर हूंनेता मुझे वैभव दिखलातागरीब, बेरोजगार कसक, तड़पन बतलातालोकतंत्र से कुछ संबंध नहीं हैमुझे बेबस, असहाय युग-युग से भाता।मैं विलास का केंद्र नहींजो बेच दूं अपनी पत्नी भंवरी को हीना मैं एक्सपोजर, ना मैं वल्गैरिटीमैं तो बस विद्या का डर्टी पिक्चर ...
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Tag :जनरल डब्बा
  December 18, 2011, 2:54 pm
बेटी यानी समाज को बदल डालने का जज्बा रखने वाली, एक खूबसूरत नायाब तोहफा, एक आइकन, एक क्षण में पराई हो जाती है। बचपन में पिता की गोद में, कंधे पर खेलती, इठलाती, हंसी-ठिठौली करने वाली बेटी अचानक स्यानी हो जाती है और बांध दी जाती है उस लंगर में जहां से उसकी पहचान, परंपरा, संस्कृत...
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Tag :जनरल डब्बा
  December 11, 2011, 2:40 pm
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