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हम सब उम्मीद से हैं

देखा मालिक को किये मुट्ठी बंद मुट्ठी मे  थी उनके मेरी साँसे । उनके पास था एक चाबुक चाबुक जो खींचता था पसीने से  सांसे अगर आज मजदूरी मे मुट्ठी भर साँसे मिली तो देखेंगे रोटी कितनी हवादार बनती है । ...
हम सब उम्मीद से हैं ...
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  September 26, 2016, 1:55 am
एक बहता  दिनएक दौड़ती रातएक सोती सुबहएक उमसती साँझ |और एक काली सी नदीसहमी- सहमी सी कैद हवाएंकब्र  से छोटा  एक कमराकफन से छोटा एक बिस्तरआँखों से छोटी एक खिड़की |एक बूढ़ा सा पेंटउम्र के छोटी होती शर्टएक मोची के धागों का चमड़े से जुड़ा जूता |एक रुका -रुका सा पंखाएक गर्मी से जल...
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  November 30, 2013, 9:14 pm
लोगो को सेकुलर और कम्युनल मे खपाना आजकल फैशन मे है । सभी सम्माननीय नेता जी लोग ,लोगो मे फूट डाल कर कुर्सी का स्वाद लेना चाहते है । इसी बात पर  मैंने अपने दूर के मित्र से जो कि एक पार्टी के नेता है से डरते -डरते पूंछ ही  लिया |दोस्त ,ये सेकुलर कम्युनल क्या होता है और आपके पा...
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  June 18, 2013, 2:45 pm
सिगरेट के घुंए से छल्ला बनाने मे प्रयासरत एक इंजीनियरिंग नौजवान सुशील ,जोकि अश्लीलता फैलाने मे पीएचडी कर चुके है । सुबह की सिगरेट पीये ही थे कि   उनके डैडी का फ़ोन आ गया । आगे क्या होता है सुनिए ,पिता - क्या रहे थे, बेटा ?लड़का - बस पापा पढ़ रहा था ।  ( हाँ ,1 महीने पहले एग्जाम ...
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  June 16, 2013, 3:28 pm
जिसको चाहा वो चला गया ,अकेला था अकेला ही रह गया । वो एक चेहरा फिर कभी न देख पाया ,व़ो  एक हँसी जिसको कभी न समेट पाया ,एक दिन अचानक बिछड़ के फिर न मिल पाया ,वरना मिलने वालो को बिछड़ बिछड़ के मिलता पाया । कहाँ उनका रास्ता था और कहाँ मेरा रास्ता ,कहीं किसी चौराहे रास्तों को मि...
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Tag :hindi
  April 10, 2013, 1:33 pm
बदलता रहा कलेंडर के पन्ने सालभर ,बदला नहीं गम का मौसम सुबह शाम रात भर। बाँटने के शौक मे क्या क्या न  बँटा जमीन पर, देश बँटे ,लोग बँटे,वक़्त तक  बँटा कलेंडर पर ।कितने सारे लोग आये हमदर्द बताकर ,मौका पाकर ले गए कलेडर से सपनो को नोंच कर ।सच का टोकरा लिए बैठे रहे हम कलेंडर पर ,...
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  December 31, 2012, 12:55 pm
दुनिया मे सब नश्वर है  पर लाठी  अमर है ।बस समय के साथ और लठैत की मंशा  के साथ इसको चलाने के तरीके बदल गए ।सच मे तो लाठी एक मल्टीटास्किंग यंत्र है ,बुढ़ापे का सहारा भी है ,बदमाशो पर भी चलती है । लकिन जब सरकार की नहीं चलती तो निहत्थों पर भी चलती है ।आजादी से पहले लाला लाजपत ...
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  December 26, 2012, 1:09 am
 न मैं हिन्दू हूँ ,न मैं मुस्लिम हूँ ,रंजिशों की चौखट  पर ,रोती, पुत्र रक्त से नहलायी गयी माँ हूँ ,हाँ ,मैं अयोध्या हूँ ।न मैं मंदिर हूँ ,न मैं मस्जिद हूँ ,वोट बैंक  की लूट पर ,प्रेम धर्म बतलाने वाली जीवन की घोर निराशा हूँ , हाँ ,मैं अयोध्या हूँ ।  न मैं लक्ष्मीबाई हूँ , न मैं र...
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Tag :hindu
  December 7, 2012, 12:46 pm
कोशिश कर सकते हो चढ़ने की ,बोलो ,कहाँ है जगह तुम्हारी ।दर्जे केवल दो ही है ,दूसरा पहला ।भरा है दूसरा खचाखच ,लदे है लोग एक दूजे पर ,हो रही है मारामारी ,बोलो ,कहाँ है जगह तुम्हारी ।निर्भीक हो चढ़ जाओ पहले दर्जे में ,अगर हो आरक्षित हो सीट तुम्हारी ,दौडकर जबरन कर जबरन चढोगे ,बेज्...
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Tag :hindi
  November 29, 2012, 4:51 pm
 आईना हूँ एक दिन तो चटक ही जाऊँगा , कब तक चलूँगा ईमान रास्ते पर कभी तो भटक ही जाऊँगा ।लड़ता रहूँगा ताउम्र सच की खातिर,जब पेट पर आयेगी तो बहक भी जाऊँगा  ,आईना हूँ एक दिन तो चटक ही जाऊँगा  । कब चलता रहूँगा सूने रास्तों पर , कभी तो किसी बेईमान दुपहिये पर लटक ही जाऊँगा , आईना ह...
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Tag :आईना
  November 7, 2012, 1:59 pm
 पेड़ो पर भी उगने लगे है पैसे देखो खेल सियासत के कैसे कैसे ,बेचते रहते है ईमान सरेआम है लोग कैसे कैसे |बन गए लफंदर हमारे आका वोट बिके जैसे जैसे ,जो बिके नहीं वो टिके है यहाँ वहाँ जैसे तैसे |पेड़ो पर भी उगने लगे है पैसे देखो खेल सियासत के कैसे कैसे ,बच्चे न रहे न  माँये न रही   ...
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Tag :
  September 22, 2012, 2:18 am
बदलता कुछ भी नहीं डर वही है जो सदियों पूर्व  थे |म्रत्यु के, भूख के, लाज के आज भी मारे  जाते है लोग  ईश्वर के नाम पर |बदलता कुछ भी नहींलूट नहीं लूट के तरीके बदलते है |नित जुड़ते है नए आयाम लूटशास्त्र मेंचहेरे बदलते है, शासको के  महत्वाकांछाये नहींबदलते है तानाशाही के तरीक...
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Tag :
  September 17, 2012, 2:19 pm
आदमी को शरीफ होना चाहिए। गाय को दूध देना चाहिए।  न्यायाधीश को न्याय देना चाहिए। राजा को प्रजा-वत्सल होना चाहिए। प्रेमी को निष्ठावान होना चाहिए। बच्चों को आज्ञाकारी होना चाहिए। घर पर अटारी होना चाहिए। अटारी पर चांद आना चाहिए। चांद के पार जाना चाहिए। चांद पर भी पड़...
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Tag :tihar
  September 14, 2012, 1:19 pm
हर दिन को जीने का हिसाब देना पड़ेगा ,हर रात को ख्वाबो का जबाब देना पड़ेगा, कब तक भागोगे कत्लेआम करके ,खुदा की अदालत में तो इल्जाम देना पड़ेगा |...
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Tag :shair
  September 14, 2012, 11:18 am
   हमें तो मुहल्ले भर से पिटने का हौसला था ,   वो देख के मुस्कराते तो सही   मे कैद कर लेता उन्हें अपनी आँखों मे , वो चेहरे  से जुल्फे हटाते तो सही  हम तो पी लेते हंस के जहर भी , वो  अपने हाथो से पिलाते तो सही                            ...
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Tag :hausla
  September 10, 2012, 4:28 pm
Never have I seen the ocean's beauty,Nor tasted of the salt that it contains.I'm certain that the sandy shores would suit me,And the crashing waves would wash away my pain.One day I'll make a journey to the sea,And lay my weary head upon the sand.And there I'll find a little part of me,To add to the demeanor of the man.My fear is that I'll find it there, too late,When old age has risen like the tide."I'll look upon myself and curse my fate,"And drop a tear for all my dreams that died.The sea will always be there, constantly,But we are not as constant as the sea....
हम सब उम्मीद से हैं ...
Tag :dreams
  July 17, 2012, 11:02 am
नींद में भी कभी बारिश होती है।भिगो देती है मेरी हृदय की माटी कभी उर्वर सीने मेंउगते हैं सपनों के उद्भिद।बारिश उनके लिए यत्न करती हैलहू से भर देती रक्त कर्णिका की नदियों को।नींद में भी कभी गुलाब खिलते हैं आँखों में।प्रेम रहता है मेरे जागरण तक।...
हम सब उम्मीद से हैं ...
Tag :
  July 14, 2012, 5:55 pm
मेरे पास बस एक भाषा हैचुप्पीमेरे पास बस एक पूंजी हैग़रीबीमेरे पास एक पूरी दुनिया है...
हम सब उम्मीद से हैं ...
Tag :
  July 13, 2012, 11:03 pm
मुझे एक ऐसी धरती दिखाओजहाँ की औरतेंवहाँ के पोस्टरों पर बनी औरतों से ज़्यादा ख़ूबसूरत होंऔर जिनका ईश्वर लगाता होमेरी आँखों के गिर्द, मेरे माथे पर और मेरी दुखती गर्दन परअच्छे-अच्छे लेप'फिर कभी नहीं पाऊँगा अपनी आत्मा के लिए आराम'हर दिनएक नया आख़िरी दिनगुज़र जाता है और म...
हम सब उम्मीद से हैं ...
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  July 13, 2012, 10:21 pm
जब ये दुनिया बनी तो एक प्रकार की जाति  की उत्पति हुयी| अरे अप ने क्या सोचा  मैं जहाँ हिन्दू  मुस्लिम की बात नहीं कर  रहा हूँ मैं बात केर रहा हूँ मानव जाति की इस  मानव को खुदा  ने भूलवश  दो टांगो दो हाथों के अतिरिक्त दिमाग भी दे दिया | शुरुआत  में समाज को शायद  इस  बात का ज्ञान ...
हम सब उम्मीद से हैं ...
Tag :
  July 13, 2012, 3:26 pm

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हम सब उम्मीद से हैं ...
Tag :
  January 1, 1970, 5:30 am
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