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सफ़र Safar

बदलता कुछ भी नहीं डर वही है जो सदियों पूर्व  थे |म्रत्यु के, भूख के, लाज के आज भी मारे  जाते है लोग  ईश्वर के नाम पर |बदलता कुछ भी नहींलूट नहीं लूट के तरीके बदलते है |नित जुड़ते है नए आयाम लूटशास्त्र मेंचहेरे बदलते है, शासको के  महत्वाकांछाये नहींबदलते है तानाशाही के तरीक...
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Tag :
  September 17, 2012, 2:19 pm
आदमी को शरीफ होना चाहिए। गाय को दूध देना चाहिए।  न्यायाधीश को न्याय देना चाहिए। राजा को प्रजा-वत्सल होना चाहिए। प्रेमी को निष्ठावान होना चाहिए। बच्चों को आज्ञाकारी होना चाहिए। घर पर अटारी होना चाहिए। अटारी पर चांद आना चाहिए। चांद के पार जाना चाहिए। चांद पर भी पड़...
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Tag :tihar
  September 14, 2012, 1:19 pm
हर दिन को जीने का हिसाब देना पड़ेगा ,हर रात को ख्वाबो का जबाब देना पड़ेगा, कब तक भागोगे कत्लेआम करके ,खुदा की अदालत में तो इल्जाम देना पड़ेगा |...
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Tag :shair
  September 14, 2012, 11:18 am
Never have I seen the ocean's beauty,Nor tasted of the salt that it contains.I'm certain that the sandy shores would suit me,And the crashing waves would wash away my pain.One day I'll make a journey to the sea,And lay my weary head upon the sand.And there I'll find a little part of me,To add to the demeanor of the man.My fear is that I'll find it there, too late,When old age has risen like the tide."I'll look upon myself and curse my fate,"And drop a tear for all my dreams that died.The sea will always be there, constantly,But we are not as constant as the sea....
सफ़र Safar...
Tag :dreams
  July 17, 2012, 11:02 am
नींद में भी कभी बारिश होती है।भिगो देती है मेरी हृदय की माटी कभी उर्वर सीने मेंउगते हैं सपनों के उद्भिद।बारिश उनके लिए यत्न करती हैलहू से भर देती रक्त कर्णिका की नदियों को।नींद में भी कभी गुलाब खिलते हैं आँखों में।प्रेम रहता है मेरे जागरण तक।...
सफ़र Safar...
Tag :
  July 14, 2012, 5:55 pm
मुझे एक ऐसी धरती दिखाओजहाँ की औरतेंवहाँ के पोस्टरों पर बनी औरतों से ज़्यादा ख़ूबसूरत होंऔर जिनका ईश्वर लगाता होमेरी आँखों के गिर्द, मेरे माथे पर और मेरी दुखती गर्दन परअच्छे-अच्छे लेप'फिर कभी नहीं पाऊँगा अपनी आत्मा के लिए आराम'हर दिनएक नया आख़िरी दिनगुज़र जाता है और म...
सफ़र Safar...
Tag :
  July 13, 2012, 10:21 pm
जब ये दुनिया बनी तो एक प्रकार की जाति  की उत्पति हुयी| अरे अप ने क्या सोचा  मैं जहाँ हिन्दू  मुस्लिम की बात नहीं कर  रहा हूँ मैं बात केर रहा हूँ मानव जाति की इस  मानव को खुदा  ने भूलवश  दो टांगो दो हाथों के अतिरिक्त दिमाग भी दे दिया | शुरुआत  में समाज को शायद  इस  बात का ज्ञान ...
सफ़र Safar...
Tag :
  July 13, 2012, 3:26 pm
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