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गीतों की महफिल

हिन्दी फिल्मों में सबसे जटिल और perfectionist संगीतकार अगर कोई थे तो वे सज्ज़ाद हुसैन यानि सज्ज़ाद। मैंडोलिन, सितार, वीणा, बैंजो, एकॉर्डियन, गिटार, क्लेरिनेट के अलावा अन्य कई वाद्यंयंत्रों के सिद्धस्त सज्ज़ाद ऐसे संगीतकार थे जिनके गीतों को गाना हर किसी के बस में नहीं था, गाते या र...
गीतों की महफिल...
Tag :Lata Ji
  May 21, 2019, 10:00 am
कई सालों पहले इस बांग्ला गीत का टुकड़ा मिला तब यह मुश्किल से तीस चालीस सैकंड का था, बरसों तक खोजने के बाद एक दिन आखिरकार यह  पूरा गाना मिल गया। तब से मैं इस गीत को अगड़म बगड़म गाते हुए सुन रहा था। कुछ दिनों पहले शुभ्रा जीजी (सम्प्रति : आकाशवाणी दिल्ली) से अनुरोध किया तो उ...
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Tag :kamala Jharia
  May 17, 2019, 10:00 am
नलिनी जयवन्त को हमने ज्यादातर अभिनय करते ही देखा है, लेकिन उन्होने कई गीत भी गाए हैं। हिन्दी फिल्मों की शुरुआती फिल्मों की सबसे खूबसूरत और अच्छी अभिनेत्री नलिनी जयवन्त जी ने 12 वर्ष की उम्र में बतौर बाल कलाकार बहन 1941 फिल्म में अभिनय किया था और इस फिल्म में गाने भी गाए है...
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Tag :Classical Music
  May 16, 2019, 10:00 am
शास्त्रीय संगीत के विभिन्न रागों को एक गीत में उन के नामों का जिक्र करते हुए और उसी राग में गाना कितना मुश्किल रहा होगा ग्वालियर घराने के प्रख्यात ठुमरी गायक उस्ताद अफ़ज़ल हुसैन जयपुरी के चश्म-ओ-चिराग अहमद हुसैन-मोहम्मद हुसैन साहब के लिए के लिए जिन्होने इस रागमाला में व...
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Tag :रागमाला
  June 21, 2018, 10:36 pm
जुलाई महीने में सूरत में भतीजी का विवाह था और वहां पूजा घर में कौड़ियों से सजी एक इडाणी (इडोनी/इढोनी...सर पर मटकी रखने से पहले रखने वाली कपडे की रिंग) दिख गई, फोटो खींचने की वंशानुगत बीमारी के कारण मन ललचा गया तो फटाफट इडाणी के फोटो खींच लिए।इडाणी, ईडो रविवार को छुट्टी थी त...
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Tag :Rajasthani Folk Music
  August 28, 2016, 8:56 pm
इस बार का सावन भी यूं ही सूखा बीत गया... आँखे तरस गई उन बूंदों के लिए जिन के तन पर गिरने से तन ही नहीं मन झूम भी उठता है। लेकिन तन को शीतलता तो जब मेहा आएंगे और बरसेंगे तब ही महसूस होगी  पर मन की शीतलता के लिए शास्त्रीय संगीत ने हमें बहुत से राग दिए उनमें से एक है राग "मियां की ...
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Tag :Miyan Ki Malhar
  September 7, 2015, 9:30 am
45-46 डिग्री की गर्मी से हाल बेहाल है। इंतजार है कब बादल आएं और बरसे जिससे तन और मन को शीतलता मिले। लेकिन कुदरत के खेल कुदरत जाने, जब इन्द्र देव की मर्जी होगी तभी बरसेंगे। गर्मी से परेशान तन को शीतलता भी तब ही मिल पाएगी लेकिन मन की शीतलता! उस का ईलाज तो है ना हमारे पास। सुन्...
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Tag :Lata Ji
  June 2, 2014, 10:13 pm
कभी राजस्थान कोकिला के रूप में राजस्थानी गायकी में अपनी धाक जमाये रखने वाली कलाकार धीरा सेन पर वीणा समूह की कला और संस्कृति को समर्पित मासिक पत्रिका ‘स्वर सरिता’ के जनवरी 2014 अंक में छपा यह आलेख शायद आपको पसंद आये: राजेंद्र बोड़ाइस सुंदर पोस्ट को महफिल्म ब्लॉग पर पोस्ट ...
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Tag :Dheera Sen
  January 15, 2014, 9:00 am
 रोज सुबह उठते ही मेरा सबसे पहला काम होता है या तो रेडियो सुनना या टीवी पर समाचार देखना, कल सुबह जैसे ही टीवी चालू किया... दिल धक्‍क रह गया। सामने स्क्रीन पर लिखा हुआ दिख रहा था सुप्रसिद्ध गायक मन्‍ना दा नहीं रहे! पूरे समाचार को देखते और बीच-बीच में दिखाए जा रहे गानों को ...
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Tag :Manna Dey
  October 25, 2013, 12:14 pm
मैने महफिल में अब तक सबसे ज्यादा किसी संगीतकार के गीतों को सुनवाया है तो वे हैं "अनिल विश्वास (अनिलदा)। कई गीत सुनवाने के बाद भी लगता है अभी बहुत से गीत हैं जो संगीत रसिकों के कानोंसे बहुत दूर हैं। मैं ऐसे ही गानों को खोजता रहता हूँ, जिनकी चर्चा कहीं नहीं होती या अगर होती ह...
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Tag :Anil viswas
  February 10, 2013, 9:00 am
कम चर्चित या अनसुने गीतों की श्रेणी में आज प्रस्तुत है कमल मित्रा द्वारा संगीतबद्ध एवं मन्नाडे द्वारा गाया हुआ एक गीत। सुप्रसिद्ध गायक मन्नाडे के गाए हुए अभी भी बहुत से ऐसे कई गीत हैं जिन्हें मन्नादा के प्रशंसकों ने नहीं सुने हों उनमें से एक गीत यह भी है।  कमल मित्...
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Tag :कमल मित्रा
  February 2, 2013, 9:00 am
सी रामचन्द्र और लता जी की जोड़ी ने एक से एक मधुर और सुन्दर गीत हमें दिए, पर संयोग से महफिल ब्लॉग में इस जोड़ी का अब तक एक ही गीत आ पाया है। शायद लता जी सी रामचन्द्र के अधिकतम गीतों का बेहद लोकप्रिय होना इस का सबसे बड़ा कारण रहा कि उनके कम चर्चित गीतों को खोजना बहुत मुश्किल है...
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Tag :C. Ramchandra
  January 31, 2013, 9:00 am
आजकल पंकज राग लिखित पुस्तक (ओनलाईन) "धुनों की यात्रा" को उल्टे सीधे क्रम में पढ़ रहा हूँ, जिस दिन जो पृष्‍ठ सामने आ गया उसी को पढ़ने लगता हूँ।कल अनिल विश्‍वास को पढ़ा आज गुलाम हैदर आदि को अभी कुछ देर पहले स्‍नेहलभाटकर जी का अध्याय पढ़ना शुरु किया है। भाटकर साहब को हम "कभी तन्ह...
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Tag :केदार शर्मा
  December 23, 2012, 9:00 am
मैनेअबतकमहफिलमेंजिन  गीतोंकोशामिलकियेहैं; कोशिशरहीहैकिवेअनसुने-दुर्लभयाउनमेंकुछखासबातहो।इनगीतोंमेंसेअधिकतरआजरेडियोपरसुनाईनहींपड़ते।इसश्रेणीमेंआजएकऔरअदभुदगीतआपकेलिएप्रस्तुतहै।जैसाकिहम  जानतेहैं  पंनरेन्द्रशर्माकालिखा,  सुधीरफड़के द्वारासंगीतबद...
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Tag :Sudhir Fadke
  October 5, 2012, 8:00 am
कई बार मैं सोचता हूँ कि अगर कि  कि फंला गीत को फलां गायक के बजाए फंला गायक/ गायिका ने गाया होता तो?  इसी पर शोध करते हुए और युट्यूब पर सर्फिंग करते हुए मुझे कई बार कमाल की  चीजें मिल जाती है।  कई ऐसे गाने मिले हैं जो प्रसिद्ध  हुए किसी और गायक के गाने पर लेकिन उनका दूसरा वर्ज...
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Tag :श्याय
  July 23, 2012, 8:00 am
मेरी चाहत में तो कोई भी कमी भी नहीं थी। मैने हर पल तुम्हें ही चाहा, हर पल तुम्हें ही पूजा। फिर भी जैसे ही मौका मिला तुमने मुझे टुकरा दिया।वह दिन मुझे आज भी याद हैजब जब मेरी गोदी में सर रख कर सोतेऔर कहते कितुम्हारी गोद में दुनिया का सूकून हैमैं इतरातीअपनी ही किस्मत से इर्ष...
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Tag :Habib Wali Md.
  February 23, 2012, 5:40 pm
दुनियाँ की सबसे सुरीली आवाज, लता मंगेशकर का आज तिरासीवां जन्म दिन है। लता जी पर इतने शब्द लिखे जा चुके कि और कुछ लिखना सही नहीं होगा।हमने श्रोता बिरादरी ब्लॉगपर लता उत्सव के रूप में पिछले १२ दिनों से कई सुन्दर गीत आपको सुनवाये, पर लता उत्सव मनाने के लिए १२ दिन बहुत कम है...
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Tag :Sudhir Fadke
  September 28, 2011, 8:12 pm
लताजी ने हजारों गीत गाए, लेकिन आज भी कई गीत हैं जो दुर्लभ से हैं। मैने अपनी पिछली पोस्ट्स में कई बार यथा संभव कोशिश की है कि लता जी के उन दुर्लभ गीतों को महफिल में पोस्ट करूं कि जिन लोगों ने इन्हें नहीं सुना है वे भी लताजी के उन सुमधुर गीतों को सुन कर आनंदित हो सकें। इस श्र...
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Tag :Anil viswas
  July 23, 2011, 8:50 am
रफी साहब की एक दुर्लभ गज़लआज आपके लिए मो. रफी साहब की एक दुर्लभ गैर फिल्मी गज़ल, इसे लिखा है सुदर्शन फ़ाकि़र ने और संगीतकार के बारे में जानकारी नहीं है। अगर आप इस गज़ल के संगीतकार के बारे में जानते हैं तो टिप्पणी लिख कर बताईये। मैं उसे बाद में पोस्ट में जोड़ दूंगा।एक ही बात ज...
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Tag :Gazal
  April 6, 2011, 8:50 am
एक और गीत- रफी साहब और हबीब वली मोहम्मद साहब आवाजों में पिछली पोस्ट में आपने हबीब वली मोहम्म्द की आवाज में एक सुन्दर गज़ल शमशीर बरहना माँग गज़बसुनी। चलिए आज आपको आज एक और सुन्दर गीत सुनाते हैं। आज आपके लिए एक प्रश्‍न है कि आप इन दोनों गीतों को सुनकर दिल से और बिना पक्षपात ...
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Tag :नौशाद
  March 29, 2011, 8:50 am
बहादुर शाह ज़फ़र की एक गज़ल- दो आवाजों मेंइतने दिनों तक ब्लॉग से दूर रहने के बाद कुछ लिखना बहुत मुश्किल काम है। लेकिन पिछले दिनों इनटरनेट के अमृतमंथन में संगीत रूपी कई अनमोल गीत मिले। कई दिनों से सोच रहा हूँ कि फिर से शुरुआत कैसे करूं लेकिन आखिरकार आज मौका मिल ही गया। एकाद...
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Tag :बहादुर शाह ज़फ़र
  March 26, 2011, 8:50 am
अब ये भी नहीं ठीक कि हर दर्द मिटा देंकुछ दर्द कलेजे से लगने के लिये हैस्व. मुकेश जी को पुण्य तिथी पर हार्दिक श्रद्धान्जली। आज मैं आपको मुकेशजी की गाई एक नायाब गैर फिल्मी गज़ल सुना रहा हूँ। इस गज़ल को लिखा है जानिंसार अख्तर ने और संगीत दिया है खैयाम साहब ने।आईये सुनते हैं।...
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Tag :khaiyam
  August 27, 2010, 4:04 pm
आज सुबह अपने खज़ाने में सेइकबाल बानो/Iqbal Banoकी गज़लों को सुन रहा था, अचानक एक ऐसी गज़ल बजने लगी कि दिल झूमने लगा। इसे मैने पहले कभी भी नहीं सुना था, मेरे अपने संग्रह में होने के बावजूद...... एक बार से मन नहीं भरा.. बार बार सुनी। फिर मन हुआ कि क्यों ना आपको भी सुनवाया जाये। वैसे भी मह...
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Tag :Iqbal Bano
  June 24, 2010, 8:43 am
आज की पोस्ट में कोई गाना नहीं सुनायेंगे पर आपको गाने के खजाने की चाबी नहीं बल्कि चाबियों का गुच्छा ही थमा देंगे। लूट लें जितना लूटने की हिम्मत आपमें है।अन्तर्जाल पर गाने सुनाने वाले बहुत से जालस्थल हैं, पर वे सिर्फ फिल्मवाइज गाने ही सुनाते हैं या फिर गाने डाउनलोड करन...
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Tag :
  April 26, 2010, 8:50 am
कुछ दिनों पहले मास्साब पंकज सुबीर जी के चिट्ठेपर, महान गायक पं कुमार गन्धर्व के सुपुत्र पं मुकुल शिवपुत्र के बारे में पढ़ा था कि कुमार गंधर्व के सुपुत्र मुकुल शिवपुत्र शराब के लिए भोपाल की सड़कों पर दो- दो रुपयों के लिए भीख मांग रहे हैं। यह समाचार पढ़ कर मन बहुत आहत हो गया...
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Tag :suresh wadekar
  February 22, 2010, 8:50 am
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