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Sanskritbhashi संस्कृतभाषी

जब भी बाल साहित्य की चर्चा होती है, बरबस पंचतंत्र की कथा याद आती है। संस्कृत के लगभग प्रत्येक महाकाव्य में बाल प्रसंग मिल जाता है । रामायण में भगवान श्री राम के बाल रूप की कथा, लव कुश का वर्णन तथा महाभारत में पांडवों कौरवों और अभिमन्यु का वर्णन मिलता है। इसी प्रकार परवर...
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Tag :
  November 13, 2018, 8:00 am
स्थानसूचकानि  अव्ययानि ( अत्र  तत्र   कुत्र   अन्यत्र   सर्वत्र   एकत्र ) अभ्यासः – 1 अधोलिखितप्रश्‍नानाम् उत्तरं रिक्‍तस्थानेषु लिखत -                            अत्र                                                                  तत्र जलकूपी कुत्र अस्ति ?     जलकूपी अत्र अस्ति ।     वृक्...
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  November 12, 2018, 4:57 pm
यह पेज संस्कृत शिक्षण पाठशाला पर दिये गये नियमों के अभ्यास के लिए है। संस्कृत भाषा सीखने के लिए संस्कृत शिक्षण पाठशाला पर क्लिक करें। संस्कृत व्याकरण में क्रियाओं के लिए धातु का प्रयोग होता है इसके लिए अलग से धातुपाठ बनाया गया है इसमें लगभग 2000 धातु हैं संस्कृत साहित...
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Tag :व्याकरण
  November 12, 2018, 4:10 pm
मैं अपने इस ब्लॉग पर काश्मीर शैव दर्शन के बारे में लिखते रहा हूं। इसका एक साथ संक्षिप्त परिचय इस लेख में उपस्थापित है। काश्मीर शैव दर्शन के गुरु शिष्य परंपरा के बारे में सोमानन्द कृत शिवदृष्टि से बहुत अधिक जानकारी मिल जाती है। इस ग्रंथ में उन्होंने एक ऐतिहासिक घटना क...
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Tag :दर्शन
  November 6, 2018, 1:46 pm
प्रौद्योगिकी ज्ञान आज की आवश्यकता है। इंटरनेट का जाल विस्तृत हो रहा है। कई योजनाओं के संचालन करते समय युवाओं में ई- साक्षरता का अभाव मुझे काफी चिंतित और परेशान भी किया। जिस कार्य को हम सहजता से कम समय में पूरा कर सकते हैं ,वही कार्य मैनुअल करने पर काफी समय लगता है और अधि...
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Tag :लिपि
  November 1, 2018, 3:24 pm
संस्कृत शिक्षा को आकर्षक तथा इसमें गुणात्मक वृद्धि लाने के लिए प्रतियोगिता एक सशक्त माध्यम हैं। इसके निम्नलिखित सकारात्मक लाभ हैं। 1.   प्रतियोगिता छात्रों को स्व मूल्यांकन का अवसर प्रदान करती है। इस माध्यम से वह अपने ज्ञान का मूल्यांकन करता है। वह देखता है कि जनपद, ...
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  October 31, 2018, 5:16 pm
भारतीय भाषाओं में संस्कृत भाषा सबकी जननी है। आधुनिकता के परिप्रेक्ष्य में आज तो संस्कृत की स्थिति तथा इसको पढ़ने वाले छात्रों के समक्ष रोजगार की स्थिति का अच्छे परिणाम नहीं है। संस्कृत भाषा को जहां विकसित देश सीखने सीखाने व इस भाषा के जानकर को सहजता से रोजगार देने क...
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  October 26, 2018, 4:18 pm
हम यहाँ विचार करेंगे कि वर्तमान संस्कृत शिक्षा का उद्येश्य क्या है? नौकरी के लायक संस्कृत शिक्षा में सुधार करने के खतरे क्या है?  संस्कृत का सामाजिक योगदान या प्रासंगिकता क्या हैं।      आज भी संस्कृत विद्यालयों का पाठ्यक्रम ऐसा है कि जिसे पढ़कर शिक्षा क्षेत्र को छोड...
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Tag :संस्कृत शिक्षा
  October 26, 2018, 3:04 pm
नोट- यह पाठ मात्र अभ्यास करने के लिए निर्मित है। नियमों को जानने के लिए संस्कृत शिक्षण पाठशाला पर चटका लगायें। संस्कृत भाषा को समग्र रूप से सीखें। प्रथमा विभक्‍तिः संज्ञा-सर्वनामक्रियासहितानि वाक्यानि  अभ्यासः – १ अधोलिखितैः पदैः उदाहरणानुगुणं संज्ञा-सर्वनामक...
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  October 22, 2018, 4:42 pm
23-05-2014           संस्कृत के प्रचार प्रसार के लिए जन जागरुकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। यह इसलिए के कक्षा 6 से 8 तक पढ़ने के बाद छात्र/छात्राओं को अगली कक्षाओं में संस्कृत पढ़ने की प्रेरणा देने वाला कोई नहीं होता। समाज में संस्कृत के प्रति अच्छी धारणा पैदा किये जाने पर ...
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  October 8, 2018, 12:36 pm
स्वर वर्ण अपि संपूर्णता युक्तैः कर्तव्या सुहृदो बुधैः। नदीशः परिपूर्णोऽपि चन्द्रोदयमपेक्षते।। भावार्थ - सर्वगुण संपन्न विद्वान् व्यक्ति को भी मित्र बनाना चाहिए । समुद्र को अथाह जल राशि के होते हुए भी ज्वार उत्पन्न करने के लिए चन्द्रमा की आवश्यकता पडती है।  अबन...
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  October 8, 2018, 12:29 pm
    रामचन्द्र स्वामी स्वतः एक युग पुरूष हैं, उन्होंने मेरे जीवन में एक ऐसे मधुर स्वप्न को साकार रूप प्रदान करने की चेष्टा की, जिसका मैं शतशः आभारी रहूँगा। जीवन में जो स्वप्न लोक आज विद्यमान हैं, उसमें पुण्यकीर्ति श्री रामचन्द्र स्वामी की ही अमिट छाप है। प्रस्तुत है, उन...
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  October 8, 2018, 12:23 pm
असाध्य रोग बढता जा रहा अविरल वासना का मवाद दिनों दिन पलों पल क्षणों-क्षण। समष्टि ही रोगी है चिकित्सक फिर कौन हो! रोदन -घुटन- उत्पीडन व्यथन -चुभन –क्रन्दन राग-रण रौरव -वाद- कलह का भैरव नाद- छल -छदम-कीलित-चैतन्य अहम्मूलक दैन्य। हर व्यकित रोता है अपनी व्यथाए हर हृदय कह...
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  October 8, 2018, 12:20 pm
प्रवेशाङ्कः विषयः                                                               लेखकः                       पृष्ठ संख्या पड्क्तिपावनताया वैदिकी मीमांसा                            पद्भूमषण-बलदेवोपाध्यायः  1 व्याकरणशास्त्रीया उदृश्सता तदवच्छेदकस्वरुपोपसोगाः   पं0 केदार नाथ ओझा           6 वेदेषु यजुर्वेदः       ...
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  October 7, 2018, 9:02 pm
रघुवंशम् के द्वितीय सर्ग में पत्नी के साथ राजा दिलीप द्वारा की गयी गो सेवा तथा उसकी फल प्राप्ति का वर्णन किया गया है।  इहलोक में सुख समृद्धि की कामना रखने वाले के लिए यह काव्य  हमें गो सेवा की प्रेरणा देता है।  गोपाष्टमी के अवसर पर आपकी सेवा में अर्पित- अथ प्रजानामधि...
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  October 7, 2018, 8:38 pm
स्वादयन्निह सर्वेषां त्रयन्तार्थं सुदुर्ग्रहम्।स्तोत्रयामास योगीन्द्रस्तं वन्दे यामुनाह्वयम्।। नमोऽचिन्त्याद्भुताक्लिष्टज्ञानवैराग्यराशये  ।नाथाय मुनयेऽगाधभगवद्भक्तिसिन्धवे  ।।1।। तस्मै नमो मधुजिदङ्घ्रिसरोजतत्त्व-ज्ञानानुरागमहिमातिशयान्तसीम्ने  ...
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  October 7, 2018, 8:17 pm
हम अनेक प्रकार की ध्वनियों को सुनते हैं । कुछ ध्वनियों का अर्थ हम नहीं समझ पाते हैं। परन्तु जो ध्वनियाँ वर्ण के रूप में हमें सुनाई देती है उस ध्वनि को हम समझ लेते हैं। प्रत्येक मनुष्य के वर्ण ध्वनि का अर्थ हम नहीं लगा पाते हैं, ऐसा क्यों? हमसे बातचीत करने वाला जो बोलता है...
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Tag :भाषा
  September 29, 2018, 4:54 pm
जब सरकार बलात्कार को रोकने और अदालत न्याय देने में विफल होने लगी तो एक नया मार्ग ढ़ूँढ़ा गया। वह था-  दो वयस्कों को आपसी सहमति से साथ रहने का अधिकार देना। फिर भी बलात्कार नहीं रुका। इसका क्षेत्रफल और आगे बढ़कर संवासिनी गृह तक फैलने लगा। अनाथ बच्चियां हबस की शिकार बनने ...
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  September 28, 2018, 1:20 pm
                                                        अथ हलन्‍त पुँल्‍लिङ्गाः २५२ हो ढः हस्‍य ढः स्‍याज्‍झलि पदान्‍ते च । लिट्, लिड् । लिहौ । लिहः । लिड्भ्‍याम् । लिट्त्‍सु, लिट्सु ।। २५३ दादेर्धातोर्घः झलि पदान्‍ते चोपदेशे दादेर्धातेर्हस्‍य घः ।। २५४ एकाचो बशो भष् झषन्‍तस्‍य स्‍ध...
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  September 25, 2018, 7:12 pm
  अथ सुबन्ताः                                 अथ अजन्‍तपुँल्‍लिङ्गप्रकरणम्  यदि आप ध्वनि सुविधा नहीं देख पा रहे हैं, तो आपका ब्राउज़र ध्वनि तत्व के समर्थन में सक्षम नहीं है ११६ अर्थवदधातुरप्रत्‍ययः प्रातिपदिकम् धातुं प्रत्‍ययं प्रत्‍ययान्‍तं च वर्जयित्‍वा अर्थवच्‍छब्‍दस...
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  September 24, 2018, 5:43 am
मध्वाचार्य जीवन वृत्त  (1199-1303 ई0) भक्ति आन्दोलन के प्रवर्तक मध्वाचार्य का जन्म कर्णाटक के राजपथ नगर में हुआ। इसका वर्तमान नाम कल्याणपुर है। यह उडुपी के समीप है। इनके पिता का नाम मध्वगेद भट्ट तथा गुरु का नाम अच्युतप्रेक्ष था। भारत के दार्शनिकों में से एक थे। इनका अन्य ना...
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  September 17, 2018, 8:46 am
आज हरितालिका व्रत है। इसे कुछ लोग इसे हरतालिका, कुछ लोग तीज भी कहते हैं। इसका सही नाम हरितालिका है। यह एक पौराणिक व्रत है। अवैधव्यकामा स्त्रियाँ इसे करती हैं, उन्हें इसकी शुभकामनायें।                जिज्ञासावश आज मैंने इस व्रत के बारे में विशेष अध्ययन शुरु किया, ताकि इसक...
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  September 12, 2018, 5:07 pm
भू सत्तायाम्।  भू धातु का अर्थ होता है सत्ता = स्थिति। भूवादयो धातवः से भू की धातु संज्ञा हुई। स्थिति में कर्म नहीं होने के कारण यह अकर्मक धातु है। अकर्मक धातु से लः कर्मणि च भावे चाकर्मकेभ्यः सूत्र से लकार का विधान हुआ। वर्तमाने लट् से वर्तमान अर्थ में भू धातु के लट् ...
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  September 9, 2018, 5:35 pm
    संस्कृत व्याकरण में शब्द निर्माण की प्रक्रिया दिखाई गई है। इसमें दो वर्णों के बीच सन्धि तथा 2 पदों में समास होता है। संस्कृत में कुछ शब्द पूर्व से बना हुआ (व्युत्पन्न/ निर्मित) माना गया है। यहाँ नए शब्दों/ पदों का निर्माण भी किया जाता है। धातु, प्रत्यय तथा उपसर्ग को जो...
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  September 9, 2018, 1:47 pm
अथ कृदन्‍ते कृत्‍प्रक्रिया ७६९ धातोः आतृतीयाध्‍यायसमाप्‍तेर्ये प्रत्‍ययास्‍ते धातोः परे स्‍युः । कृदतिङिति कृत्‍संज्ञा ।। ७७० वासरूपोऽस्‍त्रियाम् अस्‍मिन्‍धात्‍वधिकारेऽसरूपोऽपवादप्रत्‍यय उत्‍सर्गस्‍य बाधको वा स्‍यात् स्‍त्र्यधिकारोक्तं विना ।। ७७१ ...
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  September 7, 2018, 12:47 pm
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