Hamarivani.com

साझा संसार

आनन्दरविवार का दिन, अलसाया सा मन! मौसम बहुत सुहावना है। रात खूब बारिश हुई थी और अभी भी हल्की-हल्की फुहारें पड़ रही हैं। हम सुस्ती से उठकर चाय पी ही रहे थे। अचानक ख़याल आया कि क्यों न इस मौसम का आनन्द लेने हम लौंग ड्राइव पर चलें। लाल रंग की मारुति 800 से निकल पड़े हम बिना पूर्व क...
साझा संसार...
Tag :ज़िन्दगी
  August 1, 2019, 8:33 pm
"रोज-रोज क्या बात करनी है, हर दिन वही बात - खाना खाया, क्या खाया, दूध पी लिया करो, फल खा लिया करो, टाइम से वापस आ जाया करो।"आवाज में झुंझलाहट थी और फोन कट गया। वह हत्प्रभ रह गई। इसमें गुस्सा होने की क्या बात थी। आखिर माँ हूँ, फिक्र तो होती है न। हो सकता है पढ़ाई का बोझ ज्यादा होग...
साझा संसार...
Tag :लघुकथा
  April 2, 2019, 5:19 pm
3 x 6 के बिस्तर पर लेटी धीमी गति से चलते पंखे को देख निशा सोच रही है कि ऐसे ही चक्कर काटती रही वह तमाम उम्र, कभी बच्चों के पीछे कभी जिम्मेदारियों के पीछे। पर अब क्या करे? इस उम्र में कहाँ जाए? सारी डिग्रियाँ धरी रह गईं। वह कुछ न कर सकी। अब कौन देगा नौकरी ? रोज़ अख़बार में विज्ञा...
साझा संसार...
Tag :महिला दिवस
  March 8, 2019, 11:02 pm
अमृतसर मेरे लिए हमेशा से सपनों का शहर रहा है। वहाँ जाने की ख़्वाहिश मुझे बचपन से थी। मेरे माता-पिता और भाई वहाँ जा चुके थे, सिर्फ मैं ही नहीं जा सकी थी। स्वर्ण मंदिर और जालियाँवाला बाग़ के बारे में बचपन से सुनती और तस्वीर देखती आ रही थी। वाघा बॉर्डर पर सैनिकों ...
साझा संसार...
Tag :यात्रा संस्मरण
  February 19, 2019, 10:02 pm
न जाने आज बहुत आलस सा लग रहा था। रोज़ की तरह 7 बजे उठकर नियमित क्रमानुसार सारे कार्य करने का मन भी नहीं हुआ। सब छोड़कर एक कप चाय के साथ एक हिन्दी अखबार लेकर पढने बैठी। अखबार में अधिकांशतः नकारात्मक खबरें होती हैं, मगर देश दुनिया की थोड़ी सकारात्मक खबरें भी मिल जाती हैं,...
साझा संसार...
Tag :देश
  December 22, 2018, 8:35 pm
जैसे ही मैंने अपना कम्प्यूटर खोल पासवर्ड टाइप किया उसने अपना कम्प्यूटर बंद किया और ग़ैर ज़रूरी बातें करनी शुरू कर दी। मैंने कम्प्यूटर बंद कर दिया और उसकी बातें सुनने लगी कि उसने अपना कम्प्यूटर खोल कर कुछ लिखना शुरू कर दिया और बोलना बंद कर दिया। आधे घंटे बीत गए। मुझे ल...
साझा संसार...
Tag :
  September 8, 2018, 10:48 pm
मेरा लेख एक बड़ी पत्रिका में ससम्मान प्रकाशित हुआ। मैंने मुग्ध भाव से पत्रिका के उस लेख के पन्ने पर हाथ फेरा, जैसे कोई माँ अपने नन्हे शिशु को दुलारती है। दो महीने पहले का चित्र मेरी आँखों के सामने घूम गया।   जैसे ही मैंने अपना कम्प्यूटर खोल पासवर्ड टाइप किया उसने ...
साझा संसार...
Tag :समाज
  September 8, 2018, 10:48 pm
पापा पापा, तुमसे ढ़ेरों शिकायत है। मैं बहुत गुस्सा हूँ, बहुत बहुत गुस्सा हूँ तुमसे। मैं रूसी (रूठी) हुई हूँ। अगर तुम मिले तो तुमसे बात भी नहीं करूँगी। पापा, तुमको याद है, मैं अक्सर रूस (रूठ) जाती थी और तुम मुझे मनाते थे। इतनी भी क्या जल्दी थी तुमको? कम से कम मुझे आत...
साझा संसार...
Tag :
  July 18, 2018, 5:29 pm
'हमें चाहिए आज़ादी', 'हम लेकर रहेंगे आज़ादी', किसे नहीं चाहिए आज़ादी? हम सभी को चाहिए आज़ादी। सोचने की आज़ादी, बोलने की आज़ादी, विचार की आज़ादी, प्रथाओं से आज़ादी, परम्पराओं से आज़ादी, मान्यताओं से आज़ादी, काम में आज़ादी, हँसने की आज़ादी, रोने की आज़ादी, प्रेम करने के आज़ादी, जीने की आज़ाद...
साझा संसार...
Tag :स्त्री
  March 8, 2018, 1:17 am
सुबह का व्यस्ततम समय, एक अनजाने नंबर से मोबाइल पर फ़ोन ''मे आई टॉक टू ...।''मैंने कहा ''हाँ, बोलिए''! उसने कहा ''आई वांट टू डिस्कस ऐन इन्वेस्टमेंट प्लान विथ यू।'' मैंने कहा माफ़ कीजिएगा मुझे नहीं चाहिए। उसकी ज़िद कि मैं न लूँ पर सुन तो लूँ। बहुत तह...
साझा संसार...
Tag :
  September 14, 2017, 4:55 pm
''मैं अपने यकीन से अपने भाई को भी वापस ले आऊँगा।'' वास्तविक जीवन में हमेशा जीतने वाला, कई विवादों में उलझा हुआ, बार-बार प्रेम में पड़ने वाला, लड़कियों का क्रश, तो लड़कों के लिए मसल्स मैन, फिल्म निर्माताओं के लिए पैसा कमाने की मशीन 'सलमान खान' जब ट्यूबलाईट में यह डाॅयला...
साझा संसार...
Tag :
  July 21, 2017, 1:03 am
नक्सलवाद और मजहबी आतंकवाद में सबसे बड़ा बुनियादी फ़र्क उनकी मंशा और कार्यकलाप में है। आतंकवादी संगठन हिंसा के द्वारा आतंक फैला कर सभी देशों की सरकार पर अपना वर्चस्व बनाये रखना चाहते हैं।इनकी मांग न तो सत्ता के लिए है न बुनियादी जरूरतों के लिए है। नौजवानों को गुम...
साझा संसार...
Tag :समाज
  July 1, 2017, 11:54 pm
वैश्विक बदलाव और तकनीकी उन्नति ने जहाँ एक तरफ जीवन को सरल और सुविधापूर्ण बनाया है, वहीं समाज में कुछ ऐसे भी बदलाव हुए हैं जिसके कारण जीवन की सहजता खो गई है। जैसे-जैसे समय बीत रहा है दुनिया एक-एक कदम आगे नहीं बढ़ रही बल्कि लम्बी-लम्बी छलाँग लगा रही है। यह परिवर्तन बेहद...
साझा संसार...
Tag :शिक्षा
  August 5, 2016, 10:30 pm
वैश्विक बदलाव और तकनीकी उन्नति ने जहाँ एक तरफ जीवन को सरल और सुविधापूर्ण बनाया है वहीं समाज में कुछ ऐसे भी बदलाव हुए हैं जिसके कारण जीवन की सहजता खो गई है। जैसे-जैसे समय बीत रहा है दुनिया एक-एक कदम आगे नहीं बढ़ रही बल्कि लम्बी-लम्बी छलाँग लगा रही है। यह परिवर्तन बेहद ...
साझा संसार...
Tag :
  August 5, 2016, 10:30 pm
यमुना कोठी की जेन्नी (पहला भाग)*******यादों के बक्से में रेत-से सपने हैं जो उड़-उड़ कर अदृश्य हो जाते हैं और फिर भस्म होता है मेरा मैं, जो भाप की तरह शनै-शनै मुझे पिघलाता रहा है। न जाने खोने पाने का यह कैसा सिलसिला है जो साँसों की तरह अनवरत मेरे साथ चलता है। टुकड़ों में मिला प्रे...
साझा संसार...
Tag :
  November 16, 2015, 11:53 pm
आरक्षण के मुद्दे पर देश के हर प्रांत में उबाल है। आरक्षण के समर्थन और विरोध दोनों पर ही चर्चा नए विवादों को जन्म देती है। सभी को आरक्षण चाहिए। इससे मतलब नहीं कि वास्तविक रूप से कोई ख़ास जाति आरक्षण की हकदार है। मतलब बस इतना है कि सभी जातियाँ खुद को आरक्षण की श्रेण...
साझा संसार...
Tag :
  October 7, 2015, 11:54 pm
बरसात का मौसम, सावन-भादो का महीना और ऐसे में बारिश। चारो तरफ हरियाली, बागों में बहार, मन में उमंग जाने क्या है इस मौसम में। रिमझिम बरसात… अहा! मन भींगने को करता है। बरसात के मौसम में उत्तर भारत में कजरी गाने की परम्परा रही है। सावन ऐ सखी सगरो सुहावन रिमझ...
साझा संसार...
Tag :
  August 20, 2015, 6:51 pm
जीना है तो मरना सीखो*******''काम किए बिना पेट नहीं भरता है मलकिनी । इस घर के सब आदमी का पेट नहीं कोठी है, कितना भी भरो भरता ही नहीं है । एगो अपना पेट त पलता नहीं है उस पर से बुढवा-बुढ़िया अमर होके आया है, काम काज त कौनो करता नहीं ऊपर से मेरे मरद को बोल के रोज़ महाभारत करवाता है । ...
साझा संसार...
Tag :
  March 8, 2015, 9:03 pm
यह ह्त्या नहीं स्त्रियों का सामूहिक नरसंहार है *******छत्तीसगढ़ में नसबंदी के दौरान 14 स्त्रियों की मौत ने एक बार फिर सोचने को मजबूर किया कि हमारे देश में आम स्त्रियों की कीमत क्या है। न उनकी ज़िन्दगी का कोई मोल है न उनकी मृत्यु का कोई अर्थ ! हम ज़बरदस्त गैरबराबरी से जूझ ...
साझा संसार...
Tag :
  December 1, 2014, 11:30 pm
मेरे गाँधी, अपने गाँधी  *******महात्मा गाँधी के बारे में जब भी सोचती हूँ तो एक अजीब सा आकर्षण होता है। उन्हें जितना पढ़ती हूँ और भी ज्यादा जानने-समझने की उत्कंठा होती है। न जाने क्यूँ गाँधी जी का व्यक्तित्व सदैव चुम्बकीय लगता है मुझे। इतना सहज और सरल जीवन यापन करने व...
साझा संसार...
Tag :
  October 7, 2014, 10:57 pm
18 जुलाई 2014 को मंडेला की 96वीं जयन्ती के मौके पर मेरे पिता स्वर्गीय डॉ.के.एम.प्रसाद की पुस्तक 'सर्वोदय ऑफ़ गाँधी'के नवीन संस्करण का लोकार्पण गाँधी स्मृति एवं दर्शन समिति, नई दिल्ली में हुआ । गौरतलब है कि 18 जुलाई को मेरे पिता जो भागलपुर विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर थे, की 36 वीं पु...
साझा संसार...
Tag :
  July 24, 2014, 10:54 pm
18 जुलाई 2014 को मंडेला की 96वीं जयन्ती के मौके पर मेरे पिता स्वर्गीय डॉ.के.एम.प्रसाद की पुस्तक 'सर्वोदय ऑफ़ गाँधी'के नवीन संस्करण का लोकार्पण गाँधी स्मृति एवं दर्शन समिति, नई दिल्ली में हुआ । गौरतलब है कि 18 जुलाई को मेरे पिता जो भागलपुर विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर थे, की 36 वीं ...
साझा संसार...
Tag :
  July 24, 2014, 10:54 pm
''ओ अमृता ! देख, तेरे शाह की कंजरी मेरे घर आ गई है । तेरी शाहनी तो खुश होगी न ! उसका शाह अब उसके पास वापस जो आ गया है । वो देख उस बदजात को तेरे शाह से ख़ूब ऐंठे और अब मेरे शाह की बाँहें थाम ली है । नहीं-नहीं तेरी उस कंजरी का भी क्या दोष, मेरे शाह ने ही उसे पकड़ लिया है । वो करम...
साझा संसार...
Tag :
  March 8, 2014, 11:56 pm
'जय हो'की जय हो !*******सलमान खान के फिल्मों की एक ख़ास विशेषता है कि इसे हर आम व ख़ास आदमी अपने परिवार के साथ देख सकता है । सलमान द्वारा अभिनीत हर फिल्म से हमें उम्मीद होती है - धाँसू डायलॉग, हँसते गुदगुदाते हुए डायलॉग, जोरदार एंट्री, जबरदस्त फाइट, नायिका के साथ स्वस्थ प्रेम दृ...
साझा संसार...
Tag :
  January 30, 2014, 11:03 pm
जब से होश सँभाला तब से फैज़ की यह नज़्म सुनती और गुनगुनाती रही हूँ...''हम मेहनतकश जगवालों से जब अपना हिस्सा माँगेंगे इक खेत नहीं इक देश नहीं हम सारी दुनिया माँगेंगे...''उन दिनों सोचती थी कि आखिर मेहनत तो सभी करते हैं, फिर कौन किससे हिस्सा माँग रहा ? ये दुनिया आखिर है किसकी ?...
साझा संसार...
Tag :
  May 1, 2013, 7:15 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]


Members Login

Email ID:
Password:
        New User? SIGN UP
  Forget Password? Click here!
Share:
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3905) कुल पोस्ट (190765)