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Blog: Best Shayari । शायरी के खिलते गुलाब

Blogger: Vinay Prajapati
प्रकाश यादव "निर्भीक" | Prakash Yadav Nirbheek अक्सर ख़यालों में आना आपका अच्छा लगता है कुछ देर ही सही पर साथ आपका अच्छा लगता है वो बातें वो मुलाकातें जो रह गई अधूरी अब तलक ख्वाबों में ही गुफ़्तगू... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   3:58pm 23 Apr 2015
Blogger: Vinay Prajapati
आबिद रिज़्वी अबरत | Abid Rizvi Abarat वो लड़की याद आती है [x3] वो जो ख्वाबोंं मेंं बसती थी मेरे दिल में उतरती थी वो जो मेरी हंसी मेंं अपनी मुस्कुराहट घोल देती थी जो मैंं दिल मेंं रखता था ज़ुबाँ से... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   3:15pm 15 Apr 2015
Blogger: Vinay Prajapati
फ़रहत शहज़ाद | Farhat Shahzad शाम की फ़िक्र में सहर से गया फिर न लौटा कोई जो घर से गया जिसने देखा भी आसमान की तरफ़ आज बस वो ही बाल-ओ-पर से गया ग़म में तल्ख़ी, न आग ज़ख़्मों में ज़ायक़ा शे'र के हुनर से... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   2:40pm 26 Mar 2015
Blogger: Vinay Prajapati
फ़रहत शहज़ाद | Farhat Shahzad हर साँस में हरचंद महकता हुआ तू है धड़कन का बदन हिज्र के काँटों से लहू है दिल, गिरती हुई बर्फ़ में, ढलता हुआ सूरज जिस सिम्त भी उठती है नज़र, आलम-ए-हू है शायद के अभी... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   7:56pm 28 Feb 2015
Blogger: Vinay Prajapati
फ़रहत शहज़ाद | Farhat Shahzad जब तन्हाई धड़कन में बसे, दिल दुखता है दो आँखों में जब आस ढले, दिल दुखता है जिन राहों पर हमराह मेरे तुम होती थीं जब साथ वहाँ सन्नाटा चले, दिल दुखता है है वक़्त मुक़र्रर,... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   8:44pm 5 Nov 2014
Blogger: Vinay Prajapati
यार को मैंने, मुझे यार ने सोने न दिया रातभर ताला-ए-बेदार ने सोने न दिया एक शब बुलबुल-ए-बेताब के... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   5:01pm 19 May 2014
Blogger: Vinay Prajapati
सरफ़राज़ शाकिर सम्ते-कुहसार क्या है देखो तो आसमाँ झुक रहा है देखो तो बन गयी झील आइने जैसी अक्स उठा... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 218 View   Vote 0 Like   4:30am 15 Aug 2012
Blogger: Vinay Prajapati
सरफ़राज़ शाकिर सिवांची गेट, मंगलियान की गली, जोधपुर, राजस्थान पेड़ पर पानी उगायें और देखें धूप के... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 204 View   Vote 0 Like   2:30am 14 Aug 2012
Blogger: Vinay Prajapati
अतहर नफ़ीस न मंज़िल हूँ न मंज़िल आशना हूँ मिसाले-बर्ग उड़ता फिर रहा हूँ मेरी आँखों के ख़ुश्को-तर में... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 225 View   Vote 0 Like   2:30am 11 Aug 2012
Blogger: Vinay Prajapati
मंज़र भोपाली दिल है हीरे की कनी, जिस्म गुलाबों वाला मेरा महबूब है दरअस्ल किताबों वाला हुस्न है -... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 249 View   Vote 0 Like   2:30am 9 Aug 2012
Blogger: Vinay Prajapati
अक़ील नोमानी मिटा के ख़ुद को तुम्हें पाना चाहता हूँ मैं हमेशा अपने ही काम आना चाहता हूँ मैं अजीब... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 224 View   Vote 0 Like   2:30am 7 Aug 2012
Blogger: Vinay Prajapati
मुनव्वर राना ऐ अहले-सियासत ये क़दम रुक नहीं सकते रुक सकते हैं फ़नकार क़लम रुक नहीं सकते हाँ होश यह... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 229 View   Vote 0 Like   2:30am 5 Aug 2012
Blogger: Vinay Prajapati
आफ़ताब अजमेरी मुहब्बत में तेरे ग़म की क़सम ऐसा भी होता है ख़ुशी रोती है और हँसता है ग़म ऐसा भी होता... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 232 View   Vote 0 Like   8:49am 3 Aug 2012
Blogger: Vinay Prajapati
ए. एफ़. नज़र, सवाई माधोपुर चूल्हा-चौका फाइल बच्चे दिन भर उलझी रहती है वह घर में और दफ़तर में अब... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 216 View   Vote 0 Like   12:31pm 30 Jul 2012
Blogger: Vinay Prajapati
शायिर: आफ़ताब अजमेरी यह तजरिबा हुआ है दुनिया में हमको आकर काँटों से दिल लगाओ फूलों से ज़ख़्म खाकर... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 234 View   Vote 0 Like   9:47am 25 Jul 2012
Blogger: Vinay Prajapati
शायिर: अहमद शहज़ाद तेरे जहान में बेफल शजर नहीं मिलता बस एक अश्क है जिसका समर नहीं मिलता अन्धेरे... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 233 View   Vote 0 Like   4:33am 20 Jul 2012
Blogger: Vinay Prajapati
शायिर: प्रो. ओम 'राज़' कौन था वह जो मुझे पहचान देकर चल दिया बे-रिदा1 तहरीर2 को उन्वान3 देकर चल... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 202 View   Vote 0 Like   9:12am 8 Sep 2009
Blogger: Vinay Prajapati
शायिर: वक़ील ख़ान 'बेदिल' (सम्भल) हर किसी को वफ़ा नहीं मिलती दर्दे-दिल को दवा नहीं मिलती कैसा इंसाफ़... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 191 View   Vote 0 Like   6:54am 31 Aug 2009
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शायिर: अमीर अशरफ़ ख़ाँ 'हसरत' (खतौली) सरमाया-ए-हयात1 मुझे कुछ मिला तो है महफूज़ मुफ़लिसी में भी मेरी... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   11:37am 21 Aug 2009
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शायिर: डॉ. इबरत बहराइची आहे-मज़लूम जब अश्कों को हवा देती है शीश महल के चराग़ों को बुझा देती है जब... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 204 View   Vote 0 Like   7:18am 7 Aug 2009
Blogger: Vinay Prajapati
शायिर: मोहसिन नक़वी मन्ज़र यह दिलनशीं तो नहीं दिल ख़राश है दोशे-हवा पे अब्रे-बरहना की लाश है लहरों... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 183 View   Vote 0 Like   6:07am 2 Aug 2009
Blogger: Vinay Prajapati
शायिर: कमल किशोर 'भावुक' जो मरुस्थल की प्यास बुझा दे उस सावन की आयु बड़ी है जो स्वर्णिम इतिहास रचा... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   3:00am 29 Jul 2009
Blogger: Vinay Prajapati
शायिरा: शिबली हसन 'शैल' गर तुम्हारी कमी नहीं होती बेवफ़ा ज़िन्दगी नहीं होती हर कोई क्यों फ़रेब देता... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 201 View   Vote 0 Like   8:32am 25 Jul 2009
Blogger: Vinay Prajapati
शायिरा: असमा 'शब' आगरा ज़ख़्म दिल का मेरे तुम हरा मत करो बेरूख़ी से मिलो तो तुम मिला मत करो वह अगर... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   5:34am 23 Mar 2009
Blogger: Vinay Prajapati
शायिर: बेदिल संभली जब चमक उट्ठे तेरी याद के जुगनू कितने ख़ून बन-बनके गिरे आँख के आँसू... [यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   7:19am 25 Feb 2009
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