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Vinay Prajapati

मोहब्बत ने सदा1 की तो दुनिया का डर निकल गया बदन में साँसों का बुझा हुआ इक चराग़ जल गया बे-दर्द के दिल में दर्द का असर यूँ देखा आज मेरे इक आँसू की गर्मी से उसका दिल पिघल गया तेरे रूप को बेसुध... Please read full poetry at my blog. Thanks...
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Tag :प्यार
  June 13, 2012, 12:50 pm
जब तक तेरी तमन्ना करेंगे जीते जायेंगे वगरना दम तोड़ देंगे मर जायेंगे तुमने जो कहा तो मर भी जाना है हमको जन्नत में न लगा जी तो किधर जायेंगे इश्क़ में बहुत सीमाब है दिल मेरा कितना सहेंगे हम हद... Please read full poetry at my blog. Thanks...
Vinay Prajapati...
Tag :चाह
  June 13, 2012, 12:14 pm
अगर आँख रोये और दिल सिसकियाँ भरे तो भला बोलो आशिक़ ऐसे में क्या करे इक वो दिन था इक ये आज का दिन है मर्ज़ी ख़ुदा की ज़ख़्म भर दे या हरा करे तुमको मतलब नहीं आशिक़ की नज़र से चाहे तुम्हें देख के वो... Please read full poetry at my blog. Thanks...
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Tag :ख़ुश
  June 13, 2012, 11:38 am
वो जिसे इश्क़ कहता था वाइज़1 हम उसमें फँस गये बहाये इतने आँसू कि जहाँ खड़े थे वहीं धँस गये न जिगर से लहू बहा न लब तक अपनी बात आयी गिरियाँ2 दिल ही में बादल बने वहीं बरस गये रह-रहके रूह छोड़ना... Please read full poetry at my blog. Thanks...
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Tag :आँसू
  June 13, 2012, 12:33 am
तुमको नफ़रत है मुझसे, मुझको क़रार है तुमसे तन्हा मिलो मुझसे कभी' कहूँ प्यार है तुमसे तुम चलते हो मुझसे मुँह फेर के जाने किस बात पे हालत मेरी नीयत दिल की असरार1 है तुमसे ज़माने भर के काम आज... Please read full poetry at my blog. Thanks...
Vinay Prajapati...
Tag :सबा
  June 12, 2012, 11:59 pm
न लाओ ज़माने को तेरे-मेरे बीच दिल का रिश्ता है तेरे-मेरे बीच तंगिए-दिल1 से पहलू को छुटाओ गरज़ को न लाओ तेरे-मेरे बीच लख़्ते-दिल2 आँखों से रिसते हैं ये फ़ासला क्यों है तेरे-मेरे बीच किसी ग़ैर... Please read full poetry at my blog. Thanks...
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Tag :कलेजा
  June 12, 2012, 11:41 pm
हम जितना करते हैं, ग़लत करते हैं गर सही भी करते हैं तो ग़लत करते हैं तुमको बतायेगा कौन ख़ुदा भी पत्थर है जी को लगाते हैं तुमसे’ ग़लत करते हैं तुम अपने नाज़ से न फिरोगे हम ख़ुद से नाज़ उठाते हैं... Please read full poetry at my blog. Thanks...
Vinay Prajapati...
Tag :नाज़
  June 12, 2012, 11:39 pm
जी मेरा सीने में कुछ सिमटता है एक नया सवाल-सा उठता है हमें ख़ुद रंज आप-से आता है क्यों सुकूँ दम-ब-दम घटता है रात नींद नहीं आती देर तक नब्ज़-नब्ज़ लम्हा कटता है किताबों में लिखते हैं तेरा... Please read full poetry at my blog. Thanks...
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Tag :सवाल
  June 12, 2012, 11:10 pm
बहते हुए दिन ठहरी हुई रातें बिताऊँ कैसे निहाँ जो दर्द सीने में, मैं तुम्हें बताऊँ कैसे आँख रोये न और न पलक झपके’ ये क्या है जो ख़ुद ही न समझूँ उसे मैं समझाऊँ कैसे इक पुरानी बात याद आयी ख़ामोश... Please read full poetry at my blog. Thanks...
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Tag :नाज़
  June 12, 2012, 9:32 pm
रहोगे उदास तुम भी इसी तरह गर प्यार हुआ तुम्हें मेरी तरह जुदाई के दिन मर-मरके काटूँ भली बात करता है वो बुरी तरह फ़िराक़1 में बेचैनी न विसाल2 में सुकूँ आराम नहीं इस दिल को किसी तरह ग़ालियाँ... Please read full poetry at my blog. Thanks...
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Tag :प्यार
  June 12, 2012, 9:21 pm
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