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Lex-57

This decision will be of utmost importance to the Indian masses. It’s also a thrash on the faces of those who think that Indiais a country, where money and power decide the future of the justice. As our Supreme Court has rightly upheld the conviction of the former MP, Anand Mohan, I am glad that such a major jolt has been felt by the blind politicians. But still I am not satisfied by the judgment as I think that the decision should not have been much delayed also the culprits must have been granted much harsher punishment - as this cases, in my opinion falls in the rare of rarest cases.Following is the report from Zee News website:SC upholds life term to Anand Mohan in murder case New Del...
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Tag :justice
  July 16, 2012, 1:04 pm
सूरज की गर्मी से जली फिर आज ये अपनी धरती है सूखी अब फसलें हैं पड़ी भूखी अब जनता मरती है ऊंची खड़ी इमारतों ने हवा का रुख़ फिर रोका है हम पूछ रहे हैं अब खुद से कि कहाँ हवा का झोंका है बारिश की बूंदों से फिर धरती की तपिश है थमी रही पर बादलों की आँख मिचौली से आँखों में नमी रही ...
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Tag :mansoon
  June 30, 2012, 1:34 am
तू रुका है पर टूटा तो नहीं था साथ जो कल छूटा तो नहीं  तेरी कोशिश से खुश हैं सभी तुझसे है कोई रूठा तो नहीं  आगे बढ़ने के लिए भी एक ठहराव जरूरी है एक ठहराव जरूरी है रहता नहीं सबकुछ पहले सा हर पल भी कभी टिकता ही नहीं जो अभी है तारा अम्बर का वो सुबह में तो दिख...
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Tag :life
  May 15, 2012, 12:35 am
रिश्ते नातों को कफ़न दिएअरमानों को दफ़न कियेवो चला जा रहा है वो चला जा रहा है भूल के वो सबकी बातेंकरके अनसुनी कुछ फरियादेंदेकर आंसू इन आँखों में जो यार था मेरा लाखों मेंओझल हो गया वो नज़रों सेन पता मिला फिर खबरों से  समेट के सारे सपनों कोभूल के सारे अपनों को  वो चला जा रहा ह...
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Tag :friendship
  April 23, 2012, 4:16 pm
 गिरते संभलतेयूं ही चलते चलते तूने है जीना सिखा दिया राहों में मेरे थे जब भी अँधेरे तूने है रस्ता दिखा दिया एक तू ही है मेरा हमसफ़र एक तू ही है मेरा हमसफ़र चलने से पहले पूछा जो खुद से क्यों है तू अकेला राहों में  फिर तेरी पनाहें मुझे मिली   तूने है थामा फिर बाहों में मुश्...
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Tag :challenge
  March 29, 2012, 4:49 am
आवाज़ उठी जो सही के लिए हुकूमतों ने दफ़न किया उठ गया भरोसा वादों से   जिनका उन सब ने गबन किया कुछ सन्नाटों में चीखें थी जिनको किसी ने भी न सुना फरियादें जब हुयी अनसुनीतब मैंने हथियार चुनाएक सुनहरे कल का ख्वाब जो देखाइस दिल में कई उमीदें थीएक नयी सोच से सजी हुयी मेरी आँखो...
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Tag :revolution
  March 27, 2012, 10:37 pm
न दिखता है रस्ता कोई धुंधला सा यहाँ सवेरा है है दिशा कहाँ मुझको न पता ये कहाँ कारवाँ मेरा है एक रौशनी की है तलाश कब ये तलाश पूरी होगी कब बीतेगी ये रात अँधेरी कब दूर ये बेनूरी होगी हो घना अँधेरा कितना भी छटता है सुबह के होने पे रौशनी का एक ज़र्रा भी आता है रात के सोने पे ...
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Tag :success
  February 23, 2012, 3:25 am
एक परिंदा अब न रहा एक परिंदा अब न रहा जिसने देखे थे ख्वाब कई जिसकी यादें पीछे रह गयी जो खुला आसमां समझ के उसने  अपनी एक परवाज़ चुनी टूट गए अरमां उसके न किसी ने उसकी आह सुनीउड़ न सका है वो फिर कभी   जबसे सपने क़ुर्बान हुए ख्वाब थे जितने आँखों में सब उससे अन्जान हुए  एक परि...
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Tag :thinking
  February 14, 2012, 12:13 pm
उन बातों को हम भूल गए जिन बातों से तकरार बढ़ी उन दीवारों को तोड़ गए जो सबके थी बीच खड़ीकब तक रखें उन बातों को छुपा के अपने दिल में हम जिनसे हम कोसों दूर रहे जिसने की सबकी आँखें नमक्या खोया सब भूल के हम लें एक दूजे की बाहें थाम भुला के सारी नफरत को एक नयी सुबह को करें सलाम...
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Tag :emotion
  January 28, 2012, 4:44 am
जिस धड़कन में बहती थी कभी एक सोच वो क्रांति को लाने कीउसको है अब जंग लगी उसकी है घड़ी थम जाने की  हम कोसते हैं उस गद्दी को जिसपे बैठे हैं भ्रष्ट सभी जिनके वादे भी अधूरे हैं पूरे न होंगे वो भी कभी हैं उम्मीदें उनसे ही जुड़ीजो बदलें नीव जमाने कीहैं उनकी ही कोशिश पे टिकी एक सोच ...
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Tag :youth
  January 2, 2012, 3:24 pm
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