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Blog: asmanjas....ek duvidha

Blogger: ashutosh lohumi
मंजिलो की तलाश मैं   👀रौशनी के सांथ मैं एक पागल पथिक का नजरिया  👨 ... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   12:13pm 12 Nov 2017 #
Blogger: ashutosh lohumi
अब भी पूछता हूँ  दिल से,कब थमेगा ये सिलसिला।यूँ  कब तलक तड़पायेगा,सोचता है ये,चाहता है ये,चाहतो के फेर में गिरता संभलता,टूटता है ये। गिरता है पड़ता है  पर थमता नहीं।मचलता है तड़पता है पर थमता नहीं। कमजोर करता है मुझे तोड़ के रख देता है.. पर थमता नहीं।।आंखिर कब तलक ... Read more
clicks 286 View   Vote 0 Like   9:31am 23 Dec 2013 #
Blogger: ashutosh lohumi
Hunting the treasure ofyour remembrance,sunk deep inside me...eyes are moist,lips are shivering..in my loneliness i am always thinking,you are still the same inside me n my feeling..now this is my loneliness which i am loving,after you...cause in my loneliness i am always thinking,of you...Hunting the treasure...... Read more
clicks 200 View   Vote 0 Like   5:40pm 28 Aug 2013 #
Blogger: ashutosh lohumi
वो चाहत थी मेरी ,मेरी इबादत थी।मगर उसको तो तारों के बीच में रहने की आदत थी।ये शरारत थी उसकी,या उसकी फितरत थी।होगा उसके दिल में मेरे लिए प्यार,मगर तारों की भी हसरत थी।ये जो तारों के लिए थी चाहत,वो मुझे न थी गवारा,जब मेरा ही बन गया था तो,उसपे हक था सिर्फ मेरा।।जला देते खुद को ... Read more
clicks 234 View   Vote 0 Like   6:13pm 8 Aug 2013 #
Blogger: ashutosh lohumi
देखा जब चाँद को फलक पे ,तो उसको पाने की चाहत सी जाग गयी।अक्सर मुलाकात होती थी उससे रातों को,इस तरह हमारी रातों की नींद भाग गयी।किसी ने पागल कहा किसी ने कहा दीवाना,आंखिर हो ही गयी थी मुहाब्बत हमने भी माना।चाहने से ही हांसिल नहीं होता कुछ ,तब हमने भी जाना।जब देखा कि उस चाँद ... Read more
clicks 280 View   Vote 0 Like   6:21am 25 Jul 2013 #
Blogger: ashutosh lohumi
मौला रे,तन्हा सा कर दे मुझे।दे दे तू मेरा जहाँ,कोई और न हो वहां।ना प्यार के बंधन हों,ना नफरत भरे मन हों।सुकून हो सन्नाटों का,ठहरा सा हो मंजर जहां।में खुद ही खुद से मिलूं,खुद की भी  थोड़ी सुनूं।।रास  आये न अब मुझे,ये शोर करता जहाँ।।।मौला रे।।।तनहा सा कर दे मुझे।।।।... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   12:34pm 8 Jun 2013 #
Blogger: ashutosh lohumi
कुछ अधुरा सा,कुछ कमी सी है।।यूँ तो रात वही, चाँद वही, तारे वही,फिर न जाने क्यूँ  ये छटपटाहट,कुछ धुंधला सा,कुछ दोराहे  से।कुछ अपने से,कुछ पराये  से।।हवा वही, फिजा वही, वही नज़ारे हैं।हर सांस में उथल पुथल,हर धड़कन में हलचल।धमनियों  में रक्त के ज्वार भाटे,मस्तिष्क में पहरे स... Read more
clicks 199 View   Vote 0 Like   8:01pm 24 May 2013 #
Blogger: ashutosh lohumi
दो कदम ही चला था अभी,रास्ते पथरीले हो गए।।कटीले और उबड़ खाबड़,सोचा तो था कि,रास्ते मैदानी होंगे, सीधे और सपाट,हवाएं भी सांथ देंगी।।पर ये तो ख्वाब था,ख्वाबों का भी  क्या दोष,ये न होते तो,आरम्भ ही न होता।।हकीकत का अंदाजा न होता।।पर अब तो चलना है हकीक़त में,बादलों को ताकने स... Read more
clicks 271 View   Vote 0 Like   7:23pm 6 May 2013 #
Blogger: ashutosh lohumi
वक़्त,सृजन से काल तक।निरंतर चलता हुआ,न रुके कभी न थमे  कभी,ज़िन्दगी को रफ़्तार देता हुआ।। यही जख्म दे यही मलहम  बने,यही तन्हा  करे  यही हमदम बने।।आज इसका तो कल उसका,आज बुरा तो  कल भला।।वक़्त वक़्त  की ही बात है कि,वक़्त   नहीं लगता वक़्त बदलने में।।बेवक्त बदल जाता है,ये ... Read more
clicks 215 View   Vote 0 Like   1:09pm 16 Apr 2013 #
Blogger: ashutosh lohumi
उसका वो मुस्कुरा कर नजरों को झुका  लेना,जैसे कोई नयी कली कुम्हलाई हो।।।उसका दुपट्टे को गिराकर फिर उठा लेना,मानो चली कोई मद्धम पुरवाई हो।।वो चले  तो उसकी कमर का वो बल खाना,जैसे  मौसम  ने ले ली अंगड़ाई हो।।वो उसका खिल खिला  के हंस पड़ना बात बात पे,मानो रिमझिम फुहारों संग ... Read more
clicks 232 View   Vote 0 Like   6:29pm 20 Mar 2013 #
Blogger: ashutosh lohumi
आज  गलियों  में फिर  पानी भरा है ,आज फिर से आसमां रोया बहुत  है।। बड़ी लम्बी होतीं हैं मुहब्बत में रातें,कि हमने भी रातों में तकियों को भिगोया बहुत है।।उसकी मुहब्बत, उसकी बेरुखी से ज्यादा दर्द दे गयी,कि  वो मेरे क़रीब भी रहा बहुत  है।।तक़लीफ़ देने लगतीं हैं धड्कनें  भी ज... Read more
clicks 234 View   Vote 0 Like   5:27pm 25 Feb 2013 #
Blogger: ashutosh lohumi
कुछ भीगा भीगा सा था मौसम,कुछ सर्द हवाएं भी थी नम।।लहराई शाखें  पेड़ों की संग हवा के,रफ़्तार से करने लगी बातें हवाएं।।पत्तों पे अटकी बूदों को छिटकते हुए,निकली सर्द हवाएं गालों  को छुते हुए।। बूदें कुछ इस तरह पड़ी गालों  पे,इक सिरहन सी पैदा कर गयी बदन में।।थम गये थे मेघ ... Read more
clicks 221 View   Vote 0 Like   4:15pm 16 Jan 2013 #
Blogger: ashutosh lohumi
हर पल मेरी मुहब्बत का इम्तहान लेने वाले .....मेरी नफरत में भी वही शिद्दत है ......जो कभी मेरी मुहब्बत मे हुआ करती थी।।।।... Read more
clicks 212 View   Vote 0 Like   5:38pm 21 Dec 2012 #
Blogger: ashutosh lohumi
"sympathy is the worst thing which we can give to anyone...it makes us great and stronger than  him/her and make him/her weaker...ultimately it  leads to inequality...i think encouragement is  better option.."      ... Read more
clicks 187 View   Vote 0 Like   12:42pm 1 Nov 2012 #
Blogger: ashutosh lohumi
सोच सोचकर बीती  बातेंकटने लगी हैं अब तो रातें।अब तो नींद भी रुसवा  है हमसे,आती सारी रात  नहीं।मासूमियत की हद तो देखिए ; मुस्कुरा के कह दिया कि,तुम्हें तो आदत ही है जागने की; कोई बड़ी बात नहीं।... Read more
clicks 215 View   Vote 0 Like   7:05pm 27 Oct 2012 #
Blogger: ashutosh lohumi
                                                        for enlarged view click on the photo ... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   12:51pm 7 Oct 2012 #
Blogger: ashutosh lohumi
                       मुहब्बत  हो तो एसी  हो ....                      कि  कहना न पढ़ जाये मुहब्बत है तुमसे ................   ... Read more
clicks 213 View   Vote 0 Like   7:17pm 14 Sep 2012 #
Blogger: ashutosh lohumi
बेचैनी इधर भी है,तो बेताब वो भी हैं।नाराज़ हम भी हैं तो,खफ़ा  वो भी हैं।रहा  हमसे भी नहीं जाता उनके बिन तो,तड़पन उधर भी है तन्हापन  की ।चाहत है कि,पिघला दो बर्फ नाराजगी की,प्यार की गर्मी से।खींच दो डोर को कि,खुल जाये ये गांठ अहम की।छा  जाने दो प्यार की रौशनी को,कि हट जाय... Read more
clicks 236 View   Vote 0 Like   1:34pm 2 Sep 2012 #
Blogger: ashutosh lohumi
बांवरा मन उड़ चला है,बेलगाम, हवा से करे बातें....उठता कभी, गिरता कभी,देखे न दिन और रातें ...वक्त और बेवक्त,क्या सही और क्या गलत,कुछ भी न तो ये जाने..हकीकत के मोतियों को,ख्वाब में पिरोते हुए,अपनी ही बस ये माने...देखता है एक कोने में,चुप चाप बैठा ये ह्रदय ..धडकनों को लयबद्ध करता,सुरील... Read more
clicks 219 View   Vote 0 Like   2:42pm 20 Aug 2012 #
Blogger: ashutosh lohumi
What is marriage?Marriage is a social contract between two individuals that unites their lives legally, economically, and emotionally. This is the definition which I got when I gone through various literatures related to marriages. It seems quite diplomatic definition to me because adding a word emotion in the definition is not quite enough to describe the emotional description of marriage. Marriage is a phenomenon or I would say it’s a kind of process by which two individuals share every aspect of their lives with each other. The two individuals who take part in this process, in this institution, are often of opposite sex (male and female). It is understood that after marriage both the i... Read more
clicks 200 View   Vote 0 Like   6:35pm 9 Aug 2012 #
Blogger: ashutosh lohumi
                                              For Enlarged View Click On Middle Of Photo... Read more
clicks 214 View   Vote 0 Like   2:20pm 8 Aug 2012 #
Blogger: ashutosh lohumi
ये तन्हाई ....अकेले देख के मुझको ,चली आती है सताने..सांथ में लेके  यादो को ,दुःख  में सांथ देने चली आती है ...ये तन्हाई ...रंग, ख़ुशी, खुशबु,सबके मायने बदल देती है..वक्त से ये बेखबर,वक्त बेवक्त आकर,मुझे मेरे होने का एहसास करा देती है..मनो कह रही हो मुझसे,पगले तू क्यों दीवाना है...दुन... Read more
clicks 249 View   Vote 0 Like   11:49am 2 Aug 2012 #
clicks 241 View   Vote 0 Like   4:23am 29 Jul 2012 #
Blogger: ashutosh lohumi
भीगी हुई  ये जमीं,बहती हुई ये सर्द हवाएं .....कह रही हैं कि बरसे हैं बदरा अभी अभी,कि रोया है ये  अभी अभी....उमड़ घुमड़ कर अठखेलियाँ करते बादलों को खोकर,नम हैं ये हवाएं, नम है ये मौसम.....नम है ये ऑंखें भी आज,अधूरेपन का एहसास दिल में लिए,मनभावन फुहारों  के बीच तेरी यदों को लिए.......नमी ... Read more
clicks 218 View   Vote 0 Like   4:13pm 21 Jul 2012 #
Blogger: ashutosh lohumi
 ख़ामोशी...बेजुबां   होकर भी कितना  कुछ  कह जाती है... अनेकों रंग  हैं इसके भी ,कभी नाराजगी  जता  जाती है ये,तो कभी दिल में  मच  रही  हलचल  का  द्योतक है ..कभी दिल के चैन का  जरुरत ये बनती है ,तो कभी  बेचैनी और और  बेताबी  का  सबब ये है .तूफान के आने से पहले भी ये है ,तूफां के चले जाने ... Read more
clicks 250 View   Vote 0 Like   8:58am 14 Jul 2012 #
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