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Blog: शुरुआत हिंदी लेखन से

Blogger: अंकुर द्विवेदी
आँखो में कुछ सपने ऐसे सजने लगेदिल के तार किसी से जुङने लगेजिंदगी गीत गुनगुनाने लगीदिल से दिल अब मिलने लगेहो गई शुरूआत एक नये रिश्ते कीदिल में खुशियों के फूल अब खिलने लगेहो गई है आदत अब हमें उनके प्यार कीये सोचकर हम निखरने लगेसोचा न था मिल जायेगें वोहमे हमारी जिंदगी बन... Read more
clicks 191 View   Vote 0 Like   2:32pm 25 Jul 2013 #
Blogger: अंकुर द्विवेदी
सम्पूर्ण उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदा और उससे हुये नुकसान के बारे में तो सभी को विदित है। जब भी कोई प्राकृतिक आपदा आती है तो उससे होने वाले जान-माल के नुकसान की भरपाई किया जाना आसान नही होता है। परन्तु भारत देश बहुत ही बङा देश है तथा यहाँ तरह-तरह के लोग एवं संस्कृति प... Read more
clicks 258 View   Vote 0 Like   3:45pm 29 Jun 2013 #
Blogger: अंकुर द्विवेदी
ऐ खुश नसीब ऐ दिलो दिलदारतू ही मेरा सपना तू ही मेरा प्यारजुङा ये जीवन तुझसे ही दिलवरबिन तेरे है अब जीना बेकार।तू रहे खुश हमेशा ऐ मेरे दिलबर खङी हो खुशियाँ करें तेरा इंतजारदे दूँ प्यार मै तुझको इतनाकर ले मुझे तू सह्दय स्वीकार।तुझको ही बसाया दिल में अपनेकरदे तू मेरी कल्प... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   12:18pm 26 Jun 2012 #कविता
Blogger: अंकुर द्विवेदी
पापा मेरे पापासबसे अच्छे पापासबसे पहले सभी बङे-बूढे पूज्य पिता जी लोगो को फादर्स डे की बधाई। फादर्स-डे सभी पिताओं के सम्मान के रूप में मनाया जाता है। इसके अलावा हम पूर्वजों की स्मृति और उनके सम्मान के रूप में भी इस पर्व को मनाते है। यह दिन दुनिया के सभी देशों में अलग-अल... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   9:02am 17 Jun 2012 #
Blogger: अंकुर द्विवेदी
जी हाँ, आपके सामने जो दृश्य प्रस्तुत किये गये हैं, ये दृश्य है विश्व स्तरीय रेलवे स्टेशन कानपुर सेन्ट्रल के कैण्ट साइड स्थित अनारक्षित टिकटघर की एक विन्डो के। इस टिकट विन्डो में एक महिला कर्मचारी कार्यरत थी। चूँकि टिकटघर में टिकट लेने वाले यात्रियों की संख्या लगभग 10-15... Read more
clicks 204 View   Vote 0 Like   5:00pm 13 Jun 2012 #
Blogger: अंकुर द्विवेदी
जिंदगी ने जख्म दिये बहुत,पर हम उन्हे दिखा न पाये।ढका तो बहुत सारी उम्र हमने,पर हम उन्हें छिपा न पाये।नही समझ पाये वो हाले दिल मेरातो कोई बात नही,दुःख तो बस इस बात का है कि,इस दर्दे दिल को उन्हे,हम बता न पाये।आती है याद हमें उनकी बहुत,हम कभी भी उनको भूल न पाये।गम तो बहुत हमे ... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   1:20pm 3 Jul 2011 #कविता
Blogger: अंकुर द्विवेदी
5 जून, यानि विश्व पर्यावरण दिवस। हर साल की तरह इस बार भी 5 जून, विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जायेगा और अगले ही दिन यानि 6 जून से किसी को ये याद भी नही रहेगा कि पर्यावरण का मतलब क्या है। अब यह दिन केवल रस्म अदायगी ही रह गया है।पर्यावरण की समस्या से निपटने के लिए सन् 1972 म... Read more
clicks 187 View   Vote 0 Like   2:21pm 5 Jun 2011 #ज्ञानशील लेख
Blogger: अंकुर द्विवेदी
क्या आपने कभी सोचा की दिन-प्रतिदिन फूलों की खुशबू क्यों घट रही है ? एक रिपोर्ट के अनुसार फूलों की खुशबू से आकर्षित होकर फूलों पर बैठने वाली तितलियाँ एवं कीट अब इनके पास आने से कतरातें है। इसी कारण से कई महत्वपूर्ण परागण करने वाले कीट अब इस दुनियां से विलुप्त हो चुके है। ... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   7:48am 6 Mar 2011 #ज्ञानशील लेख
Blogger: अंकुर द्विवेदी
आज-कल अगर जलवे हैं तो वो सिर्फ पुलिस वालों के हैं। कोई भी उनको चुनौती देने को तैयार नही है। वैसे तो इन्हे जनता का रक्षक कहा जाता है । पर सोचिये अगर रक्षक ही भक्षक बन जाये तो क्या होगा। जी हाँ, ये जो आप चित्र में रेलवे प्लेटफार्म का सुन्दर सा दृश्य देख रहे है, ये नई दिल्ली रे... Read more
clicks 131 View   Vote 0 Like   2:35pm 9 Sep 2010 #समाज की हकीकत
Blogger: अंकुर द्विवेदी
ज्ञान दे संस्कार दे,औऱ बनाये शिष्यों का जीवन चमनशीश झुकाकर करते हैं हम-सब,ऐसे गुरू-देव को शत्-शत् नमन। हर बर्ष की तरह इस बार भी भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति डाँ0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के दिन यानि 5 सितम्बर को पूरे भारतवर्ष में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जा र... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   2:44pm 5 Sep 2010 #ज्ञानशील लेख
Blogger: अंकुर द्विवेदी
राखी पूर्णिमा अर्थात् रक्षा बन्धन, एक ऐसा पर्व जिससे वस्तुतः सभी लोग भलिभाँति परिचित होंगे। इस पर्व में बहन अपने भाई के माथे में तिलक कर और कलाई में राखी बाँधकर भगवान से भाई की रक्षा की तथा लम्बी उम्र की कामना करती हैं, जबकि भाई, बहन की तउम्र रक्षा करने की शपथ लेता है। रक... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   2:24pm 23 Aug 2010 #ज्ञानशील लेख
Blogger: अंकुर द्विवेदी
चल पङे हैं मंजिल की ओर,न खाने का ठिकाना न रहने का।दिल में जज्बा और आँखों में चमक लिए,करें हैं हौसले बुलंद ।लम्बा है सफर और कठिन है डगर,पर यकीन है खुद पर ।न रूकना है, न झुकना है,सिर्फ लक्ष्य की ओर बढना है।राह में अङचने और आयेंगी रूकावटें,पर संघर्ष करते जाना है ।कठिन मेहनत और... Read more
clicks 178 View   Vote 0 Like   4:28pm 17 Aug 2010 #कविता
Blogger: अंकुर द्विवेदी
हिन्दू धर्म में नाग पंचमी का पर्व एक विशेष महत्व रखता है। इस दिन कई मंदिरों में भव्य सजावट होती है, विशेषकर वे मंदिर जहाँ नागों के देवता अर्थात भगवान शंकर की पूजा होती है। इस दिन सपेरे जंगलों से एक से बढकर एक प्रजाति के साँपों को पकङकर लाते है और भक्तों की भक्ति की आङ में... Read more
Blogger: अंकुर द्विवेदी
जिस तरह से समय परिवर्तन होता जाता है, उसी तरह से व्यक्ति का जीवन भी परिवर्तित होता रहता है। व्यक्ति की भावनाएँ, रहन-सहन का ढंग, खान-पान, पहनावा आदि सभी में कुछ न कुछ परिवर्तन होता जाता है। इसको इस तरह भी कह सकते हैं कि व्यक्ति समय के अनुसार ढलता जाता है। इसी तरह अध्ययन के म... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   3:52am 9 Aug 2010 #ज्ञानशील लेख
Blogger: अंकुर द्विवेदी
जय हो कम्प्यूटर बाबा की हमारा काम करते आसानबढाते हैं हमारा ज्ञानकरनी हो गणना चाहे करना हो मिलानसेकेण्डो में खोज लेते हैं ऐच्छिक खानदेखना हो प्रोग्राम या सुनना हो गानाकुछ भी नही है उनके लिए अनजानालिखो पत्र , खेलो खेलबनाओ मित्र , भेजो ई-मेलज्ञान से भरा है इनका भण्डारडा... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   3:17pm 2 Aug 2010 #कविता
Blogger: अंकुर द्विवेदी
आज के समय में हर साल कई दिवस आते हैं और चले जाते है। बहुत लोगों को इनके बारे में पता भी नही होता है या कह लिजिए की वो जानना भी नही चाहते हैं। परन्तु कुछ ऐसे दिवस भी होते हैं जिन्हे कोई जानकर भी भूलना नही चाहेगा, जैसेः- फादर-डे, मदर-डे औऱ फ्रेण्डशिप-डे।विगत कई वर्षों से फ्रेण... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   6:58am 1 Aug 2010 #ज्ञानशील लेख
Blogger: अंकुर द्विवेदी
जेनेवा में वैज्ञानिकों द्वारा ब्रह्नाण्ड की उत्पत्ति को जानने के उद्देश्य से महामशीन लगाई गई है। ऐसा अनुमान है कि वैज्ञानिकों द्वारा जेनेवा में चल रहे इस महामशीन के महाप्रयोग से जहाँ एक ओऱ ब्रह्नाण्ड की उत्पत्ति की गुत्थी सुलझने की उम्मीद है, तो वहीं दूसरी ओऱ इसके प... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   3:27pm 20 Jul 2010 #ज्ञानशील लेख
Blogger: अंकुर द्विवेदी
आज प्राथमिक शिक्षा  से लेकर उच्च शिक्षा तक धनाधीन होने के कारण शिक्षा क्षेत्र व्यवसाय क्षेत्र में तब्दील हो गया है। इसी कारण से इस क्षेत्र में विदेशी विश्वविद्यालयों से सम्बद्धता को ऊत्क्रष्टता के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। जिसके कारण हमारी प्रति... Read more
clicks 172 View   Vote 0 Like   2:57pm 10 Jul 2010 #ज्ञानशील लेख
Blogger: अंकुर द्विवेदी
प्रायः देखा गया है कि कुछ बच्चे अपनी माँ की अनुपस्थिति में बहुत रोते है और उनके लिए अपनी माँ की अनुपस्थिति असहनीय होती है,पर इसके विपरीत कुछ बच्चों में माँ की अनुपस्थिति उनपर कोई विशेष प्रभाव नहीं डालती है। वैज्ञानिकों ने शिशुओं में दिखने वाले इस अंतर के जेनेटिक आधार ... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   2:55pm 10 Jun 2010 #ज्ञानशील लेख
Blogger: अंकुर द्विवेदी
क्याआप जानते है क़ि ज्योतिर्लिंग क्या है ? कहाँ है ?ज्योतिर्लिंगका आशय शिवजी के प्रतीक चिन्ह के रूप से है। त्रेता युग की बात है, रावण शिवजी का परम भक्त था और रावण ने शिवजी से यह वरदान माँगा था क़ि वह शिवजी को श्रीलंका में स्थापित करना चाहता है। लेकिन शिवजी यह नहीं चाहते थ... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   5:59am 30 May 2010 #ज्ञानशील लेख
Blogger: अंकुर द्विवेदी
आज के समय में हमारी युवा शक्ति आगे बढ़ रही है। हमारी युवा शक्ति भारत में ही नहीं अपितु विदेशों में भी देश का नाम रोशन कर रही है। लेकिन समाज सेवा के रूप में हमारे युवा क्या योगदान दे सकते है , यह एक प्रश्न है?वर्तमानसमय में हमारा देश कई समस्याओं से जूझ रहा है। आज भी हमारे दे... Read more
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