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Blog: Anoop Mandloi (Paliwal) Sendhwa

Blogger: anoop mandloi
धन हो तब मनुष्य धनवान कहलाता है, कुछ लोग दिवाली इसी विचार से मनाते हैं। यह संसार की साधारण परिभाषा है, लेकिन अध्यात्म बताता है बिना धन के धनवान कैसे बनें? दौलत को ही धन न समझा जाए। लक्ष्मी के अनेक स्वरूप हैं। लोग लक्ष्मी के संदर्भ में केवल संपत्ति पर टिक गए। स्वस्थ शर... Read more
clicks 204 View   Vote 0 Like   2:06pm 4 Jun 2012
Blogger: anoop mandloi
कुछ पाकर खो देने का डर,कुछ न पा सकने का भय,ज़िन्दगी के पटरी से उतर जाने की चिंता..इन्हीं छोटे-छोटे डरों से घिरी रहती है ज़िन्दगी, लेकिन जिस वक्त हम ठान लेते हैं.. कुछ नया करना है, तभी जन्म लेता है साहस! और फिर कदम कभी नहीं रुकते। मंजिलों तक ले जाता हैसिर्फ साहस। कोई भी संकल्... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   12:32pm 31 May 2012
Blogger: anoop mandloi
1. अपनी अंतरात्मा की सुनें दुनिया के कुछ बहुत साहसी लोग इस श्रेणी में इसलिए शामिल हो पाए, क्योंकि उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाजसुनी और आसपास घटित बातों को अनदेखा नहीं किया। महात्मा गांधी से बड़ा उदाहरण इस मामले में और क्या हो सकता है। उन्होंने जब दक्षिण अफ्रीका में... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   11:09am 31 May 2012
Blogger: anoop mandloi
कोई भी मूल्य एवं संस्कृति तब तक जीवित नहीं रह सकती जब तक वह आचरण में नहीं है.-कौटिल्यजिनमें स्थितिओंको बदलने का साहस नहीं होता उन्हें स्थितिओंको सहना पड़ता है.  .-कौटिल्य... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   11:40am 8 May 2012
Blogger: anoop mandloi
!!!! भारत का स्वर्णिम अतीत !!!!!एक फ्रांस के इतिहासकार फ्रंस्वापिराध (1711) में भारत आकर अपनी किताब में लिखा की भारत में 36 तरह के उद्योग चल रहे थे और भारत पिछले 3000 वर्सो से एक्सपोर्टिंग कण्ट्री रहा है। इसी तरह कुछ और दुनिया के इतिहासकार भारत को एक अदभुत व सोने -चांदी का महासागर ... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   10:58am 8 Apr 2012
Blogger: anoop mandloi
तुम जब मुड़े थे,मुड़ गया था समय...अपनी धुरी से...मेरे इंद्रधनुष छूट गए तुम्हारे पास...और एक चमकीली हंसी भी...मेरे चेहरे पर सूरज ने मल दी उदासी,जो धूप के हर टुकड़े में पूरी नज़र आती है...तुम ये कभी देख नहीं पाए शायद...कि जो छूट गया वो तुम थे,जो मेरे पास रहा, वो भी तुम ही थे...पत्थर समय ... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   12:26pm 5 Apr 2012
Blogger: anoop mandloi
पत्थर बिन दीवार बनाना, इन्सानों ने सीख लियापत्थर दिल इन्सान बनाना, भगवानों ने सीख लिया.दूर हुए सब रिश्ते-नाते,दूर हुआ मिलना-जुलनाअपनों का किरदार निभाना बेगानों ने सीख लियाप्रेम के इजहारों के दिन भी, त्यौहारों में बदले हैंइनसे भी अब लाभ कमाना, बाज़ारों ने सीख लियाकौन है... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   8:42am 5 Apr 2012
Blogger: anoop mandloi
कहते है कि मानव जीवन अमूल्य है, इसे प्राप्त करना सहज नहीं है लेकिन क्या हमने सोचा कि आज की इस आपाधापी में हमने इंसान बन कर क्या पाया है. आइये जरा इसका हिसाब करके देखते है :आज हमारे पास बड़ी बड़ी इमारते तो है लेकिन सहनशक्ति थोड़ी सी है.चौड़े रास्ते तो है लेकिन मानसिकता संकीर्ण... Read more
clicks 209 View   Vote 0 Like   12:13pm 4 Apr 2012
Blogger: anoop mandloi
तब दोस्तों से घंटो बाते होती थी,अब मोबाइल SMS से हाय हैलो होती है तब क्रिकेट का बैट हाथ में होता था और सड़क पर क्रिकेट खेलने लग जाया करते थे,अब लेपटोप और मोबाइल साथ में होता है और सड़क पर ही टिपियाने लग जाते हैतब शांत खड़े होकर चिड़िया और कोयल की आवाज़ सुना करते थे, अब कंप्यूटर पर m... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   12:08pm 4 Apr 2012
Blogger: anoop mandloi
जिस दिन दुनिया सी चालाकी सीख जाएँगेउस दिन हम अपना वजूद खो देंगे... ... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   6:13pm 2 Apr 2012
Blogger: anoop mandloi
मेरे वजूद का रिश्ता ही आसमान से हैन जाने क्यूँ उन्हें शिकवा मेरी उड़ान से हैमुझे ये ग़म नहीं शीशा हूँ हश्र क्या होगामेरी तो जंग ही किसी चट्टान से है... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   6:09pm 2 Apr 2012
Blogger: anoop mandloi
- चित्तवृतियों का निरोध करना यानी चित्त की चंचलता को रोके रखना ही योग है।- योग के आठ अंग हैं -यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि।- अगर किसी शख्स को ज्ञान मिल जाए तो वह अपना मन नियंत्रित कर सकता है।- शोक, मोह, ईर्ष्या, द्वेष से परे रहने वाला शख्स ही असल... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   1:20pm 13 Mar 2012
Blogger: anoop mandloi
कुछ लोग चांदी के चम्मच में किस्मत की चड्डी पहन कर पैदा होते है .....जो काबिलियत की नाड़ी से बंधी रहती है... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   6:41am 13 Mar 2012
Blogger: anoop mandloi
पर नारी पेनी छुरी, तीन ठोर से खायधन हरे, योवन हरे और नरक ले जाये ... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   2:30pm 12 Mar 2012
Blogger: anoop mandloi
काबिलियत वो दुकान है जंहा आप के गुण और हुनर के साथ किस्मत मुफ्त मिलती है ... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   2:18pm 12 Mar 2012
Blogger: anoop mandloi
अगर आप आशीर्वाद को मानते होतो आप को श्राप, हालाकला को भी मनना होगा .... इस लिए अपने कर्म को सोच समझ कर ही करे ... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   1:33pm 10 Mar 2012
Blogger: anoop mandloi
पतन नहीं उत्थान करो रण का तुम आह्वान करो लक्ष्य भले ही दुष्कर हो अर्जुन सा शर-संधान करो भय का जो अंधियारा हो विफल प्रयास जो सारा हो एक ध्येय पर अड़ जाओ देह की मानासीमा है अन्तर की  सीमा मत बांधो  श्राप को भी वरदान करो - Sonal Rastogi....... Read more
clicks 146 View   Vote 0 Like   1:13pm 10 Mar 2012
Blogger: anoop mandloi
अक्सर हम दुनिया जीतने निकल पड़ते हैं लेकिन खुद पर ही भरोसा नहीं होता। खुद पर भरोसे का मतलब है आत्म विश्वास से। जब भी कोई मुश्किल काम करने जाते हैं तो एक बार सभी के हाथ कांप ही जाते है। सफलता का पहला सूत्र आत्म विश्वास ही है। अगर हम खुद पर ही भरोसा नहीं कर सकते, खुद की योग... Read more
clicks 230 View   Vote 0 Like   12:58pm 10 Mar 2012
Blogger: anoop mandloi
हर पद अपने साथ नई जिम्मेदारियां लेकर आता है। जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते हैं, आपको रुटीन कामों के अलावा कंपनी की नीति से तालमेल बिठाते हुए कई प्रबंधकीय कार्य भी करने पड़ते हैं। कई महत्वपूर्ण फैसले लेने होते हैं। आज आप भले ही अपनी पहली या दूसरी नौकरी कर रहे हैं, पर भविष्य मे... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   1:18pm 21 Feb 2012
Blogger: anoop mandloi
संतोष अर्थात सभी सुखों का दाता। संतोष का गुण ही जीवन में सुख-शांति लाने की उत्तम औषधि है. कहा भी गया है कि जिस मनुष्य के पास संतोषरूपी गुण है, उसे पानी की बूँद भी समुद्र के समान प्रतीत होती है और जिसके पास यह गुण नहीं उसे समुद्र भी बूँद के समान प्रतीत होता है।चींटी चावल ल... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   11:36am 21 Feb 2012
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