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चलती का नाम गाड़ी

प्रारंभ से पढेंअगली सुबह अलबेला खत्री जी से बात हुई तो उन्होने बताया कि वे एक दिन पहले अहमदाबाद में ही थे। फ़िर उन्होने कहा कि अगले दिन मैं सुबह की गाड़ी से अहमदाबाद आ रहा हूँ। वहीं मुलाकात हो जाएगी। मैने कहा कि अहमबाद स्टेशन पर आपको गाड़ी तैयार मिलेगी। मुझे फ़ोन कर दे...
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ललित शर्मा-للت شرما
Tag :गुजरात
  April 23, 2012, 4:44 pm
प्रारंभ से पढेंउतेलिया पैलेस का नाम सुनते ही हम तुरत-फ़ुरत उतेलिया की निकल पड़े। मैने सोचा कि राजस्थान के किलों या महलों जैसा ही कुछ होगा। उतेलिया गाँव के चौराहे पर पहुंच कर लोगों से पैलेस का रास्त पूछा। उतेलिया एक गाँव ही नजर आया। हमारे छत्तीसगढ के ग्रामीण अंचल जैसे ...
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ललित शर्मा-للت شرما
Tag :दीवान
  April 23, 2012, 4:42 pm
लोथल का आसमानी चित्रप्रारंभ से पढेंलोथल (લોથલ) ​का उत्खनित स्थल संग्रहालय से थोड़ी दूर पर ही है। मुख्यद्वार से प्रवेश करने पर सामने एक गोदी नुमा संरचना दिखाई दी। वहाँ से हम आगे बढ लिए, जिस बंदे से हमें मुलाकात करके इस बंदरगाह के विषय में जानना था वह नगर की बसाहट के नीचे ...
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ललित शर्मा-للت شرما
Tag :हड़प्पा
  April 23, 2012, 4:41 pm
प्रारंभ से पढेंलोथल के प्रवेश द्वार पर विनोद गुप्ता जी और लेखकप्राथमिक पाठशाला में पढते थे तो एक पाठ सिंधुघाटी की सभ्यतापर था। पाठ के आलेख में मोहन जोदड़ोएवं हड़प्पा, से प्राप्त खिलौने में चक्के वाली चिड़िया, मुहर और पुरुष का रेखा चित्र भी था। साथ ही उस समय के लोगों क...
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ललित शर्मा-للت شرما
Tag :हड़प्पा
  April 23, 2012, 4:40 pm
प्रारंभ से पढेंसुबह उठा, तो देखा कबूतर अकेला था। प्रेम चोपड़ा के डर से कबूतरी नहीं आई। आज नामदेव जी की वापसी थी, वापसी की टिकिट हम दोनों की साथ ही थी पर मुझे तो अभी और घुमना था। सुबह कार्यक्रम बना कि साबरमती आश्रम चला जाए फ़िर वहीं से नामदेव जी को भोजन करवा कर ट्रेनारुढ क...
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ललित शर्मा-للت شرما
Tag :ललित शर्मा
  April 23, 2012, 4:34 pm
प्रारंभ से पढेंअहमदाबाद का सुबह का नजारासुबह साढे 5 बजे आँख खुली तो खिड़की से अंधेरा नजर आ रहा था। तब समझ आया कि यहाँ हमारे छत्तीसगढ की अपेक्षा दिन देर से निकलता है। खिड़की से नीचे झांक कर देखा तो स्ट्रीट लाईट जल रही थी। सुनसान सड़क शंहशाह की सवारी गुजरने का अहसास करा र...
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ललित शर्मा-للت شرما
Tag :गुजरात
  April 23, 2012, 4:33 pm
स्वामी नारायण संप्रदाय द्वारा संचालित कॉलेप्रारंभ से पढें गुजरात की राजधानी गांधी नगर में प्रवेश करने पर कीकर के पेड ही दिखाई दिए। हमारा उद्धेश्य था स्वामी नारायण सम्प्रदाय के अक्षरधाम मंदिर को देखना। हम 4 बजे मंदिर के सामने थे। मंदिर पहुंचने पर जिग्नेश ने बताया कि ...
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ललित शर्मा-للت شرما
Tag :गुजरात
  April 23, 2012, 4:32 pm
प्रारंभ से पढेंअड़ालज का रास्मारुतिनंदन रेस्टोरेंट से भोजन करके गांधीनगर मार्ग पर बढते हैं, इस मार्ग पर आगे चल कर बाएं हाथ को अड़ालज लिखा हुआ एक बोर्ड लगा है। हमारी गाड़ी यहीं से एक गोल चक्कर लेती है और अड़ालज की ओर बढ जाती है। बावड़ियाँ तो बहुत देखी हैं। लेकिन जिग्ने...
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ललित शर्मा-للت شرما
Tag :गुजरात
  April 23, 2012, 4:30 pm
प्रारंभ से पढे चौधरी की चाय, चौधरी की चाय के शोर के साथ आँख खुली। आँख बंद किए किए ही चाय का आर्डर दिया। महाराज भी उठ चुके थे, उन्होने एक चाय मुझे थमाई और एक चाय खुद थामी। 5 रुपये में चाय उम्दा थी, लेकिन कप छोटा था, महाराज ने चाय वाले से दुबारा कप में चाय डलवाई तब उनकी इच्छा पुर...
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ललित शर्मा-للت شرما
Tag :गुजरात
  April 23, 2012, 4:29 pm
प्रारंभ से पढे चौधरी की चाय, चौधरी की चाय के शोर के साथ आँख खुली। आँख बंद किए किए ही चाय का आर्डर दिया। महाराज भी उठ चुके थे, उन्होने एक चाय मुझे थमाई और एक चाय खुद थामी। 5 रुपये में चाय उम्दा थी, लेकिन कप छोटा था, महाराज ने चाय वाले से दुबारा कप में चाय डलवाई तब उनकी इच्छा पुर...
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ललित शर्मा-للت شرما
Tag :अहमदाबाद
  April 23, 2012, 4:29 pm
प्रारंभ से पढे चौधरी की चाय, चौधरी की चाय के शोर के साथ आँख खुली। आँख बंद किए किए ही चाय का आर्डर दिया। महाराज भी उठ चुके थे, उन्होने एक चाय मुझे थमाई और एक चाय खुद थामी। 5 रुपये में चाय उम्दा थी, लेकिन कप छोटा था, महाराज ने चाय वाले से दुबारा कप में चाय डलवाई तब उनकी इच्छा पुर...
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ललित शर्मा-للت شرما
Tag :गुजरात
  April 23, 2012, 4:29 pm
कई महीनों से गुजरात यात्रा करने विचार था लेकिन कोई न कोई अवरोध यात्रा में उत्पन्न होने के कारण जाना नहीं हो पा रहा था। पिछले 14 दिसम्बर को मित्र नामदेव जी ने गुजरात जाने की बात कही और मैं सहर्ष तैयार हो गया। अभी नवम्बर में ही हमने एक लम्बी यात्रा की थी, तब भी जाने का मन बना ...
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ललित शर्मा-للت شرما
Tag :यात्रा
  April 23, 2012, 4:28 pm
ढोकरा कला कृतियाँप्रारंभ से पढेंजयदेव जी के घर से निकले ही थे कि बहन का फ़ोन आ गया। उसने बताया कि खाना बनकर तैयार है विलंब न करें। दो शिल्प खरीदे गए थे, बिजली न होने के कारण उन पर पालिश नहीं हो पाई, जयदेव जी के पुत्र ने पालिश के लिए बिजली आने का इंतजार करने कहा। तब तक हमने भ...
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ललित शर्मा-للت شرما
Tag :बस्तर
  April 23, 2012, 4:26 pm
जयदेव बघेल जी के घर (चित्र राहुल सिह जी के सौजन्य से)प्रारंभ से पढेंबस्तर, भानपुरी से चल कर हम कोण्डा गाँव पहुंचते हैं, नाके के पास गाड़ी रोक कर एक पान वाले से जय देव बघेल जी का घर पूछते हैं। तो वह कहता है कि सीधे हाथ की तरफ़ जो रास्ता जा रहा है उस पर चले जाईए। उनके नाम का बोर...
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ललित शर्मा-للت شرما
Tag :बस्तर
  April 23, 2012, 4:24 pm
चित्रकुट जलप्रपात रात का दृष्य (मेरे मोबाईल से)प्रारंभ से पढेंहम अब चित्रकूट जाना चाहते थे, शाम के 5 बज रहे थे। हमारी मंजिल 66 किलोमीटर दूर थी। सपाटे से चल पड़े क्योंकि थोड़ी देर में अंधेरा होने को था। जगदलपुर से 6 किलोमीटर पहले अंकल की सीमेंट ब्लॉक फ़ैक्टरी है। गेट खुला ...
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ललित शर्मा-للت شرما
Tag :राजमहल
  April 23, 2012, 4:22 pm
तीरथगढ कुटुमसर (गुगल  के सौजन्य से)प्रारंभ से पढेंकांगेर घाटी में स्थित तीरथगढ़ दक्षिण पश्चिम दिशा में जगदलपुर से केशलुर 18 किलोमीटर और फ़ारेस्ट नाका 18 किलोमीटर फ़िर तीरथगढ 6 किलोमीटर है। कुटुमसर गुफ़ायहाँ से 12 किलो मीटर है। अगर तीरथगढ जाना है तो जगदलपुर से 42 किलो मीटर ...
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Tag :बस्तर
  April 23, 2012, 4:20 pm
दंतेवाड़ा की ओरआरंभ से पढें सुबह आँख खुली तो घड़ी 6 बजा रही थी और हम भी बजे हुए थे, कुछ थकान सी थी। कमरे से कर्ण गायब था, सुबह की चाय मंगाई, चाय पीते वक्त टीवी गा रहा था "सजनवा बैरी हो गए हमार, करमवा बैरी हो गए हमार।" स्नान करने लिए गरम पानी का इंतजार करना पड़ा, जब से सोलर उर्जा ...
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ललित शर्मा-للت شرما
Tag :दंतेश्वरी माई
  April 23, 2012, 4:18 pm
बस्तर की धरा किसी स्वर्ग से कम नहीं। हरी भरी वादियाँ, उन्मुक्त कल-कल करती नदियाँ, झरने, वन पशु-पक्षी, खनिज एवं वहां के भोले-भाले आदिवासियों का अतिथि सत्कार बरबस बस्तर की ओर खींच ले जाता है। बस्तर के वनों में विभिन्न प्रजाति की इमारती लकड़ियाँ मिलती हैं। यहाँ के परम्पराग...
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ललित शर्मा-للت شرما
Tag :दंतेश्वरी माई
  April 23, 2012, 4:14 pm
पहले भी अयोध्या आया था, तब भी देखा था, अभी भी देखा है, बदला कुछ भी नहीं है, वही विक्रम की सवारी, पहले दो-दो रुपए लेते थे अब 5-5 और 10-10 लेने लगे हैं, लिट्टी चोखा का ठेला, बिड़ला धर्मशाला के समीप होमियोपैथी के डॉक्टर की दुकान, पुलिस चौकी, जलेबी और इमरती की दुकान, सड़क पर घूमते हुए आव...
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ललित शर्मा-للت شرما
Tag :बंदर
  April 23, 2012, 4:13 pm
बिड़ला मंदिर की घंटियों की आवाज से नींद खुली, मंदिर की घंटियों की आवाज से नींद का टूटना, अच्छा लग रहा था। कमरे की पिछली खिड़की से रोशनी आ रही थी। मच्छर न होने के कारण रात को चैन की नींद आयी। रात चैन की नींद आए तो आने वाली सुबह खुबसूरत हो जाती है, थकान उतरने के बाद की ताजगी चा...
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ललित शर्मा-للت شرما
Tag :ददुवा राजा
  April 23, 2012, 4:12 pm
सुबह का नाश्ताप्रारंभ से पढें रात खूब सोना बनाया, मन-तन की थकान दूर हो गयी थी। चिड़ियों की चहचहाट सुनाई दे रही थी, बाहर बरामदे में गौरैया फ़ुदक रही थी। बरामदे में ही कुर्सी डालकर बैठा, चाय वाला भी आ गया। मैने कहा कि डबल चाय चाहिए, रात की खुमारी उतराने के लिए। काफ़ी दिनों स...
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ललित शर्मा-للت شرما
Tag :ललित शर्मा
  April 23, 2012, 4:10 pm
प्रारंभ से पढें हमें जो ऑटो वाला मिला था वह बहुत अच्छा आदमी था, उसने हमें भरत कुंड पहुंचाया, मैने उसे सबके लिए चाय बनवाने कहा और हम मंदिर दर्शन के लिए चल पड़े। मंदिर में पहुचने पर एक जगह लिखा था "भरत गुफ़ा" । बताया गया कि यहाँ भरत जी ने गुफ़ा में रहते थे। कहते हैं कि राम-...
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ललित शर्मा-للت شرما
Tag :छावनी
  April 23, 2012, 4:10 pm
गायत्री तपोभूमि-मुख्यद्वारप्रारंभ से पढेंगायत्री तपोभूमि जहाँ श्रीराम शर्मा ने अखंड ज्योति जलाई थी, आज गायत्री परिजनों के लिए शक्ति का केन्द्र एवं तीर्थ स्थल बन चुका है। यहां ठहरने एवं भोजन की उत्तम व्यवस्था है, भोजन एवं प्रात:राश समय पर उपलब्ध होता है। हम समय के दा...
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ललित शर्मा-للت شرما
Tag :तपोभूमि
  April 23, 2012, 4:03 pm
घड़ी चौक रायपुरजिज्ञासु प्रवृत्ति मनुष्य को देशाटन, तीर्थाटन को प्रेरित करती है, वह अज्ञात को जानना चाहता है। यही अज्ञात को जानने की ललक उससे यात्राएं करवाती हैं। पहले लोग जीवन के उत्तरार्ध में तीर्थाटन करते थे, बैलगाड़ी, घोड़े एवं पैदल यात्रा करनी पड़ती थी। सुरक्षा...
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ललित शर्मा-للت شرما
Tag :तपोभूमि
  April 23, 2012, 4:02 pm
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