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Blog: गूंजअनुगूंज

Blogger: मनोज भारती
लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्तूबर,1904 को मुगलसराय में हुआ था। उनके पिता श्री शारदा प्रसाद श्रीवास्तव आदर्श अध्यापक थे। वे सहृदयी और उदार विचारों के थे। जिनका प्रभाव लाल बहादुर शास्त्री पर भी रहा। यद्यपि उन्हें उनका साथ लंबे समय तक नहीं मिला। जब वे मात्र 18 माह के थे,त... Read more
clicks 119 View   Vote 0 Like   6:51am 2 Oct 2017
Blogger: मनोज भारती
बहुत अच्छा लग रहा है कि आज हिंदी ब्लॉग जगत में फिर से हलचल तेज़ हुई है। जिन लोगों ने भी इसके लिए प्रयास किए हैं,वे सभी प्रशंसा के पात्र हैं। ब्लॉग विचार अभिव्यक्ति का सर्वोत्तम मंच है। इसे ताज़ा बनाए रखने के लिए जरूरी है कि सभी ब्लॉगर बंधु अपने-अपने ब्लॉग पर नियमित रूप से ल... Read more
clicks 119 View   Vote 0 Like   6:02pm 1 Jul 2017
Blogger: मनोज भारती
मनोज कुमार पांडेय की सद्यःप्रकाशित पुस्तक ‘ख़जाना’ पढ़ी। यह कहानीसंग्रह है जिसमें कुल आठ कहानियां संकलित है,जो इस रूप में प्रकाशित होने से पूर्व तद्भव,पक्षधर,रचना समय,अभिनवकदम,कादंबिनी और पल-प्रतिपल पत्रिकाओं में छप चुकी हैं। संग्रह की तीन लंबीकहानियां हैं। ये हैं-च... Read more
clicks 119 View   Vote 0 Like   9:30am 14 May 2017
Blogger: मनोज भारती
एक कवि एक सुंदर बाग के एकांत में सरोवर तट पर एक लंबे घने वृक्ष के नीचे बैठा कविता लिख रहा था। आसपास कोई भी नहीं था। एक कोवा वृक्ष की डाल पर बैठा था। कवि अपनी पहली कविता कहता है : सारी दुनिया की संपत्ति का मैं मालिक सोलोमन का खजाना भी मैंने पा लिया कुबेर का खजाना भी मैंने पा ... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   4:53pm 16 Dec 2016
Blogger: मनोज भारती
एक बार विद्वान लोगों के एक समूह ने ओशो को बोलने के लिए आमंत्रित किया। ओशो ने आमंत्रण सहर्ष स्वीकार किया और नियत दिन सभा को संबोधित करने पहुंचे। ओशो ने इस समूह के साथ चर्चा का जो विषय चुना वह था : "सिटनालटा- एक अनोखा समाज"। उन्होंने उस समाज के संबंध में बोलते हुआ कहा कि हमार... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   3:30am 8 Dec 2016
Blogger: मनोज भारती
राम आश्रय सुरेश का बड़ा भाई गांव से एक कोस दूर दूसरे गांव में पढ़ने जाता था। बीच में एक अहिरों का खेत था। खेत में कूंआ था। कूएं के पास ही उनका घर था। एक दिन राम आश्रय ने स्कूल जाते हुए उनके वहां एक सुंदर कुत्ता देखा। जो बहुत बड़ा नहीं था। अहिरों ने उसे खेत और घर की सुरक्षा के ल... Read more
clicks 96 View   Vote 0 Like   6:59pm 29 Sep 2016
Blogger: मनोज भारती
एक दिन वह गांव की कच्ची गलियों में अपने हमउम्र  बच्चों के साथ खेल रहा था। खेलते-खेलते वह नीम की छांव तले  आ गया। पीछे-पीछे उसका दोस्त सुरेश भी आ गया। वह जमीन में देखने लगा। जमीन कभी गारे-गोबर से लीपी गई थी। जमीन में उसे दो चीज़ें दिखाई दी। जो गारे-गोबर के साथ जमीन में धंस ... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   7:10pm 19 Sep 2016
Blogger: मनोज भारती
गतांक से आगे ...लेकिन सिद्धार्थ स्वयं खुश नहीं था। अंजीर के बाग की गुलाबी पगडंडियों पर घुमते हुए,बनी की नीली छाया में बैठकर चिंतन-मनन करते हुए ,प्रायश्चित के दैनिक स्नान के दौरान अपने अंग धोते हुए, आचरण की पूरी गरिमा के साथ छायादार अमराई में हवन करते हुए,सबके प्रिय,सबकी प... Read more
clicks 98 View   Vote 0 Like   10:16am 4 Sep 2016
Blogger: मनोज भारती
हिंदी उपन्यासों में आए विभिन्न विदेशी पात्रों के माध्यम से समाज में आए विभिन्न परिवर्तनों और व्यक्ति की वैचारिक सोच को प्रतिबिंबित करती डॉ. सुप्रिया पी की पुस्तक "हिंदी उपन्यास के विदेशी पात्र"पढ़ने को मिली। पुस्तक में कुल पंद्रह ऐसे हिंदी  उपन्यास चुने गए हैं, जिनम... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   5:51pm 12 Jun 2016
Blogger: मनोज भारती
सृष्टि (पृथ्वी)की आयु (अवधि) चार अरब बत्तीस करोड़ वर्ष है। अब तक यह एक अरब छयानवे करोड़ आठ लाख त्रेपन हजार एक सौ पंद्रह वर्ष की हो चुकी है और दो अरब पैंतीस करोड़ इक्यावन लाख छयालिस हजार आठ सौ पिचासी वर्ष प्रलय होने में शेष  हैं।विक्रम संवत्सर 2073 की हार्दिक बधाई एवं शुभकामना... Read more
clicks 112 View   Vote 0 Like   5:19am 8 Apr 2016
Blogger: मनोज भारती
भाग-1ब्राह्मण का बेटा घर की छाया तले,नदी के किनारे,नावों के निकट धूप में साल और अंजीर की छांव में सिद्धार्थ ,ब्राह्मण का सुंदर बेटा, अपने मित्र गोविंदा के संग पला-बढ़ा। नदी किनारे उसके  पवित्र स्नान और पवित्र बलि-कर्म करते हुए भी सूर्य ने उसके छरहरे कंधों को सांवला बना... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   10:05am 28 Feb 2016
Blogger: मनोज भारती
रामदीन एक छोटे से गांव में गरीब घर में पैदा हुआ। गांव में कोई स्कूल,अस्पताल नहीं था। गांव को शहर से जोड़ने वाली कोई सड़क भी न थी। गांव में बिजली भी नहीं थी। गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित था। गांव से दो कोस दूरी पर एक दूसरे गांव में मिडिल स्कूल था। वहीं से रामदीन ने मिडिल स्... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   10:17am 7 Jun 2015
Blogger: मनोज भारती
आत्मा  का आनंद कर्मशीलता में है। -शैले... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   4:12am 3 May 2015
Blogger: मनोज भारती
सृष्टि (पृथ्वी)की आयु (अवधि) चार अरब बत्तीस करोड़ वर्ष है। अब तक यह एक अरब छयानवे करोड़ आठ लाख त्रेपन हजार एक सौ चौदह वर्ष की हो चुकी है और दो अरब पैंतीस करोड़ इक्यावन लाख छयालिस हजार आठ सौ छियासी वर्ष प्रलय होने में शेष  हैं।विक्रम संवत्सर 2072 की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   6:44am 21 Mar 2015
Blogger: मनोज भारती
सेवानिवृत्ति के पश्चात गतिविधियां-प्रतिदिन अधिकतम पाने के सूत्रकल्पना कीजिए कि आप अलार्म घड़ी की आवाज सुन कर सुबह रात की नींद से उठते हैं और तभी आपको ख्याल आता है कि आज तो कहीं नहीं जाना है। सेवानिवृत्ति के बाद का पहला दिन जहां बहुत आश्चर्य वाला होता है वहीं यह दिन दु... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   5:42am 21 Oct 2013
Blogger: मनोज भारती
सेवानिवृत्ति होने पर स्वास्थ्य/स्वास्थ्यकारक सेवानिवृत्तिसामान्यत: सेवानिवृत्ति क्रियाशील कार्यालयी जिंदगी से सापेक्षता धीमी गति का घोषित संक्रमण दौर है। यह स्वत: कम तनावों,मानसिक और शारीरिक क्रियाओं वाला समय है,इसलिए शरीर को भी कम कैलोरी की जरूरत होती है। कम हु... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   5:47am 16 Oct 2013
Blogger: मनोज भारती
सेवानिवृत्त होने पर कैसे समायोजन करें?जीवन का उतार होते हुए भी हम सेवानिवृत्ति की खुशियों को देखते हैं,सेवानिवृत्त होना जीवन का एक महत्वपूर्ण परिवर्तन है। शोध बताता है कि बहुत से लोग संक्रमण के दौरान संघर्ष करते हैं। आप अपनी जिंदगी में क्या करें कि इस बदलाव को सकारा... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   7:36am 28 Sep 2013
Blogger: मनोज भारती
                                                                                                                  सेवा निवृत्ति के लिए तैयार... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   5:03pm 22 Sep 2013
Blogger: मनोज भारती
आज वह अपने जीवन की 95वीं वर्ष गाँठ के छोर पर खड़ा अपने जीवन-प्रवाह के अतीत खंड को निहार रहा था।जब से होश सम्हाला था,तब से अब तक की जीवन-यात्रा के दृश्य उसकी आँखों के सामने से चलचित्र की तरह दौड़े जा रहे थे। वह न उनका मूल्यांकन कर रहा था और न ही उसे अपने जीवन के अतीत से कोई लगा... Read more
clicks 204 View   Vote 0 Like   7:35am 21 Nov 2012
Blogger: मनोज भारती
आज वह अपने जीवन की 95वीं वर्ष गाँठ के छोर पर खड़ा अपने जीवन-प्रवाह के अतीत खंड को निहार रहा था।जब से होश सम्हाला था,तब से अब तक की जीवन-यात्रा के दृश्य उसकी आँखों के सामने से चलचित्र की तरह दौड़े जा रहे थे। वह न उनका मूल्यांकन कर रहा था और न ही उसे अपने जीवन के अतीत से कोई लगा... Read more
clicks 83 View   Vote 0 Like   7:35am 21 Nov 2012
Blogger: मनोज भारती
(यशपाल जी ने नई कहानी को परिभाषित करते हुए यह कहानी लिखी थी : प्रस्तुत है यह कहानी आपके समक्ष)मुफस्सिल की पैसेंजर ट्रेन चल पड़ने की उतावली में फुंकार रही थी. आराम से सेकंड क्लास में जाने के लिए दाम अधिक लगते हैं. दूर तो जाना नहीं था. भीड़ से बचकर,एकांत में नई कहानी के सम्बन... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   6:07pm 17 Oct 2012
Blogger: मनोज भारती
(किशोर युवती के मन को संजोती एक प्यारी सी,मासूम सी कहानी--गुड्डो, गुलज़ार की लिखी यह कहानी पढ़ने लायक है) कई बार उसे खुद भी ऐसा लगा कि वो अपनी उम्र से ज्यादा बड़ी हो गयी है। जब वो आठवीं में थी दसवीं जमात की लड़कियों की तरह बात करती थी। और नवीं में आने के बाद तो उसे ऐसा लगा जैस... Read more
clicks 194 View   Vote 0 Like   12:08pm 11 Oct 2012
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