POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: मृणालिनी (Mranaalinee)

Blogger: anurag chanderi
अकेले भले ------------------------उत्साह टूटता  चला जैसे जैसे तुम दूर चले मन की पगडंडियों मै हम न थे सूने भले आस भी जान जाती है हकीकत के पहाड़ों को तभी आँसूं बस रोने चले ,क्यूँ  मिलन के गलियारों  मेंप्यार भी एक राजनीति था बो दूर हो कर अब अजनवी बन हमसे मिलने चले ,यकीन के जो शव्द कह... Read more
clicks 194 View   Vote 0 Like   6:37pm 28 Apr 2012
Blogger: anurag chanderi
मलाल---------------------ओंठों  परहँसी  रखता हूँ जी  हाँ मै खुश रहता हूँ यह  कहना  हैमेरे  सभी दोस्तों  का लेकिन  हँसी के गुब्बारों  मै भी मलाल उड़ते  रहते  हैं जो  अक्सर  कहते हैं  की मै  नादान सा क्यूँ ढ़ोता  रहा बह  अपनापन  उनका जो मुझे मिला ही नहीं ----------------अनुराग चंदेरी   ... Read more
clicks 178 View   Vote 0 Like   6:13pm 28 Apr 2012
Blogger: anurag chanderi
जख्मों  के कांटे भी तरस खा के रो दिए पर  उन्हें दिखाई न दिए मेरे प्यार के फूल बे तो उलझे रहे खुद को पाक सिद्ध करने में .---------------------------------अनुराग शर्मा ... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   5:00pm 27 Apr 2012
Blogger: anurag chanderi
मै और तुम-----------------------------------मन के दर्शन और तन के गणित मै खरा पाया देख समर्पण आपका मेरा रोम रोम भी कितना थर्राया मैने तुम्हारे मन के भावों में भी सागर सा गहरापन पाया,अमिट विश्वासरखा तुमने मुझ पर अपना तन मन वाराअब इतने होने पर भी क्यूँ दूर तुम चले गए प्रिय जान सको तो जान लो ... Read more
clicks 207 View   Vote 0 Like   4:31pm 27 Apr 2012
Blogger: anurag chanderi
कितना  चाहा  मैने  तुमको --------------------------------------कितना चाहा मैने तुमको ये  तुम  प्रयास कर पहचानने  के भी जान  ना सकीं ,साँसों  के  साथ  धड़कता  हैतुम्हारा  होनासिर्फ  सोच  का विज्ञानं भर काफी नहीं मन  केगहराते भंवरों  में तुम रहीं एक चक्रवात  सी  धारा,मेरे  होने  का पर्याय हो तु... Read more
clicks 185 View   Vote 0 Like   4:13pm 27 Apr 2012
Blogger: anurag chanderi
प्यार --------------तुमने  न जानामेने महशूस किया है जीवन  के बंधन में ये गहरा बंधन निर्मित किया है जो जुड़ कर अब टूट नहीं सकता इसे मैने निर्मित किया है मेरे मोह से यह जानते हुए की तुमने उतना गंभीर होकर नहीं सोचा है तभी तो तुम मेरी गंभीरता में मजाक खोजते हो मेरे हास्य से  तुम... Read more
clicks 191 View   Vote 0 Like   2:18am 27 Apr 2012
Blogger: anurag chanderi
कैसे सहा सहम के बुझना मन का देखा अपनों का फीकापन उनकी ऊबें ,चिडही होती तो चल जाता मैने स्वयं को उनके मन से उतरते देखा ,जलते चिरागों को बुझते बुझाते देखा ,कैसे रहे रिश्ते स्वार्थ की डोर से बंधे अनुपयोगी होते ही पल में टूट गए ,बिखर गए सब बंधन सारे रह गए शेष भुलावे झूठे .... Read more
clicks 199 View   Vote 0 Like   1:04pm 25 Apr 2012
Blogger: anurag chanderi
वक्त  के  दायरे   नहीं  बदलते  कभी ये  तो  मन  हैजो छोटा बड़ा होता  रहता   है  . ------------------------------अनुराग चंदेरी --------------------------... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   12:48pm 25 Apr 2012
Blogger: anurag chanderi
जब से जाना है मैने दर्द भूख का नेताओ के दरवारो और मंदिर की प्रार्थनाओं से चिड हो गई है एक सामने रह कर नहीं सुनाता दूसरा अद्रश्य हो कर नहीं सुनता क्या पता दोनों की साजिश है कोई ?-----------------------------------अनुराग चंदेरी ... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   5:20pm 22 Apr 2012
Blogger: anurag chanderi
वक़्त के आईने में खुद को नहीं देखा इसलिए सब काबुरा मानते रहे -------------,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,अनुराग  चंदेरी ... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   5:14pm 22 Apr 2012
Blogger: anurag chanderi
हवाओं में भी धोखा है जाने किन तूफानों से वादा किया हो इन ने साथ लाने का -------------------------------अनुराग  चंदेरी ... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   5:09pm 22 Apr 2012
Blogger: anurag chanderi
प्रणय के चार दिन अवसाद भरी एक उम्र से ज्यादा है--------------------------अनुराग  चंदेरी ... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   5:00pm 22 Apr 2012
Blogger: anurag chanderi
उम्र के हर उस मोड़पर कभी साथ तुम न थे जब थी जरूरत बेहद मुझे ,में तो कर्ण सा शक्ति बिहीन रहा जीवन के महाभारत में------------------------------अनुराग चंदेरी   ... Read more
clicks 189 View   Vote 0 Like   4:44pm 22 Apr 2012
Blogger: anurag chanderi
चुप-चाप -----------------चुपचाप  चुपचाप झरने  का  स्वरहम  में   भर  जाएचुपचाप  चुपचापशरद  की  चांदनी  झील  की  लहरों  पर  तिर  जाए चुपचाप  चुपचाप जीवन  का  रहस्य जो  कहा  न   जाये , हमारी ठहरी  आँखों  मे  गहराए  चुपचाप    चुपचापहम  पुलकित  विराट में  डूबें पर  विराट  हम  में  मिल  जाए ... Read more
clicks 181 View   Vote 0 Like   4:55pm 21 Apr 2012
Blogger: anurag chanderi
मेरे ह्रदय में खून के  आंसू थे तुम आँखों से देखते रहे इसलिए मुस्कुराते रहे .............============================अनुराग चंदेरी ... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   1:53pm 21 Apr 2012
Blogger: anurag chanderi
मौन युद्ध -------------------------चुप  हो  जाना एक  लड़ाई   है  अद्रश्य  जो  समझता  हैबह  भोगता  है,चिड़ियों   सी  चहक  देता  चेहरा जब  मौन  हो  जाये तो समझो  ये एक  शुरू  होती  लड़ाई है जो  शव्द्विहीन   हो कर  चलाई है यह  युद्ध  का  आकारऔर दूरियां  निर्मित    करने  की की ज्यामिति  है तर्क ... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   5:47pm 20 Apr 2012
Blogger: anurag chanderi
भ्रम -----------------चट्टान  से  भारी हो  गया  मन  तुम्हारा सारी  नाजुकताएं और  कोमल  अहसासों  को तुमने  पूर्णतः  मन  की   स्मृतियों   से हटा दिया  है तभी  तो  चले   गए  तुम अनंत   की परिधियों  में दूरी के  उस  पार ,बहां  जा कर भी  खुद को छिपा   लिया   है तुमने तो ओढ़  ली   है चादर समाज  क... Read more
clicks 203 View   Vote 0 Like   11:19am 20 Apr 2012
Blogger: anurag chanderi
खामोशियाँ ----------------कोई  बीज  थोड़े  ही  बोता  है  खामोशियों के ये  तो  उग  आती  हैसहज  हीमन  के  विचलन  और  तनाब  के  दारुण  में  ,ये   तो सघन  प्रेम  और  गहन  आलिंगन  में भी  पैदा  हो  जाती  है ,खामोशियों  की  तस्वीरेंजीवन  में रंग  देती  हैं यथार्थ  को  जानने  का समझ  के विज्ञान... Read more
clicks 231 View   Vote 0 Like   5:44pm 19 Apr 2012
Blogger: anurag chanderi
आप रिश्तों  को कहने लगे बेड़ियाँ आँख की पर नमी को नमी बोलिए --------------------राकेश जोशी ... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   1:45pm 16 Apr 2012
Blogger: anurag chanderi
दम ------उदासी और निराशा भर साथी होते तो टूट जाता मैये आशाओं के पंख भी क्या कमाल के है इन्होंने हार नहीं मानीउड़ना सीखा है बस लड़ना सीखा है दम से , फिर चाहे हार ही हाथों मे क्यूँ न हो ,संघर्षों से मिल जाती है संतुस्टी--------------------------अनुराग चंदेरी  ... Read more
clicks 211 View   Vote 0 Like   1:35pm 16 Apr 2012
[ Prev Page ] [ Next Page ]


Members Login

Email ID:
Password:
        New User? SIGN UP
  Forget Password? Click here!
Share:
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3911) कुल पोस्ट (191547)