| इस घोषणापत्र को लागू करने के जितने भी रास्ते मैंने सोच रखे थे, उनमें से आखिरी रास्ता कल (31 मई' 2012 को) बन्द हो गया। अब मुझे बस एक चमत्कार की उम्मीद है। नियति एक चमत्कार करे- देश में 10 वर्षों की एक "चन्द्रगुप्तशाही" (आदर्श तानाशाही / डिक्टेटरशिप) कायम हो, जो इस घोषणापत्र को ला... |
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