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झरोखा-jharoka

इस तरह किसी का साथ, मत छोड़ना दोस्त, जिंदगी बहुत छोटी है, फिर आमने-सामने ला खड़ा करती है! ...
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  September 3, 2018, 10:57 pm
अर्धनारीश्वरदेह से नेह तक!वेद में भी एक स्थान पर कहा गया है कि एक समय के उपरांत यानी कालांतर में साथ रहते-रहते, पति-पत्नी के संबंध भाई-बहिन के समान हो जाने चाहिए!यानि उनकी मानसिकता परस्पर इतनी समरस हो जानी चाहिए कि आप बिना बोले भी दूसरे के मन की थाह लेने में सक्षम हो जाए....
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  September 3, 2018, 8:52 pm
सज्जाद जहीर_फैज़ अहमद फैज़ कलकत्ता में १९४८ में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ पाकिस्तान बनाने वाले प्रगतिशील मुसलमान सज्जाद जहीर जब अपनी कम्युनिस्ट पार्टी को पाकिस्तान ले गए तो उन्हें वहां के तत्कालीन प्रधानमंत्री लियाकत अली सरकार ने फैज़ अहमद फैज़ सहित जहीर को देशद्रोह और ...
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  September 2, 2018, 11:47 pm
01092018_दैनिक जागरण आज के समय में महानगर की विकास योजना एक प्रमुख चुनौती है। फैलती मानवीय बसावट के कारण दिल्ली के प्राकृतिक स्थलों का संरक्षण एक चुनौती बन गया है। लैंडस्केप फाउंडेशन इंडिया ने "दिल्लीः प्रकृति की गोद में बसी राजधानी" शीर्षक से प्रकाशित शोध-दस्तावेज को...
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Tag :Natural History of Delhi
  September 1, 2018, 4:40 am
आनंदकुमार स्वामीकिसी संस्कृति के लुप्त हो चुके ज्ञान का पुनरूद्वार पोथियों से नहीं, बल्कि लोक-विश्वासों, लोक रीतियों के एकाग्र अध्ययन-मनन से किया जा सकता है।-आनंदकुमार स्वामी...
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  August 28, 2018, 4:30 pm
पीवी नरसिम्हा राव के दिल्ली में अंतिम संस्कार न होने का राज!विनय सीतापति अपनी किताब 'द हाफ लायन' में लिखते हैं कि जब राव के एक दोस्त ने एक कांग्रेस नेता से गेट खोलने के लिए कहा तो उन्होंने कहा, 'गेट नहीं खुलता है'.वहीं मनमोहन सिंह ने कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी ही नह...
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Tag :P.V Narasimha Rao_Sonia Gandhi
  August 26, 2018, 2:12 pm
दैनिक जागरण, २४ अगस्त २०१८ इस सप्ताह दिवंगत हुए वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैय्यर का दिल्ली से अटूट संबंध था। 15 अगस्त 1947 को देश की आजादी के साथ हुए बंटवारे का खामियाजा उनके परिवार को भी भुगतना पड़ा। नैय्यर अपनी मां से 120 रूपए लेकर स्यालकोट से दिल्ली पहुंचने वाले अपने परिवार ...
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  August 25, 2018, 7:58 am
शिवमंगल सिंह सुमनयह एक कम जानी बात है कि हिन्दी के सुप्रसिद्व कवि डाॅक्टर शिवमंगल सिंह सुमन कभी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अध्यापक रहे थे। सन् 1999 की जनवरी में शिवमंगल सिंह को पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह परम्परा के अनुसार राष्ट्रपति भ...
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Tag :क्या खोया
  August 18, 2018, 9:26 am
सन् 1947 के आरंभ में ही स्पष्ट हो गया था कि भारत को अपनी रक्षा के लिए विभाजन स्वीकार करना ही होगा। अंग्रेज सरकार ने तो भारत की समस्या से पिंड छुड़ाने का निश्चय कर ही लिया था। फरवरी 1947 में प्रधानमंत्री एटली ने हाॅउस आॅफ कामंस में यह घोषणा की कि उनकी सरकार ने जून 1948 से पहले-पहले ...
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Tag :1947
  August 11, 2018, 5:39 am
04082018, दैनिक जागरण स्वतंत्रता और विभाजन दोनों की घोषणा 15 अगस्त 1947 को एक साथ हुई। बंटवारे पर असीम कटुता तथा दुख का अनुभव किया गया। जैसे-जैसे पाकिस्तान से धकेले हुए आतंकित हिंदू-सिख दिल्ली में आने लगे वैसे-वैसे राजधानी में उदासी और डर का वातावरण बैठता गया।प्रसिद्ध पत्रका...
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Tag :delhi
  August 4, 2018, 8:10 am
हिंदू को अपने ईश्वर तक पहुँचने के लिए किसी नबी, वली या पैगम्बर की ज़रूरत नहीं!-प्रेमचंद (कहानी:जिहाद)...
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Tag :Premchand_Jihad_प्रेमचंद_जिहाद_
  July 31, 2018, 2:54 pm
प्रस्तर युग से ही दिल्ली मानवीय बसावट का एक केंद्र थी। मनुष्यों के वास करने योग्य एक स्थान के रूप में दिल्ली को कुछ प्राकृतिक लाभ थे खासकर अपनी भौगोलिक अवस्थिति के कारण। इन विशेषताओं में प्रमुख थीं, एक बारहमासी नदी, पत्थरों के औजार को बनाने के लिए पहाड़ियां, जो कि युद्ध ...
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Tag :delhi
  July 28, 2018, 9:22 am
"वह अलहदा नज़र आती थी। हाँ, ऐसा ही था। बेशक अब मुझे उससे प्यार नहीं था। जब आप किसी के प्यार के फेर में पड़ते हैं तो वह कुछ अलग ही नज़र आता है।"- जेसिका थॉम्पसन, दिस इस ए लव स्टोरी...
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  July 22, 2018, 5:55 pm
"दोस्त वह होता है, जो आपके बारे में सब कुछ जानते हुए भी आपसे जुड़ा रहता है।"-एल्बर्ट हूबार्ड...
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  July 22, 2018, 4:57 pm
Hope the book Devil's Advocate: The Untold Story also carries the Devil' role in 1962 war!Pran Nath Thapar, Father of Karan Thapar, was Ex-COAS during 1961-62 when Indo-Sino War happened where he shamelessly (along with JL Nehru, VK Menon) made country lose  to China. He quit unceremoniously after the war....
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Tag :Culprit
  July 21, 2018, 11:38 pm
दूसरे विश्व युद्व के दौरान हिंदुस्तान में पहली बार आजाद हिंद फौज का नाम गूंजा था। ऐसा 1943 में अंग्रेज सेना के बर्मा को दोबारा जीतने के कारण हुआ। इस विजय के साथ अंग्रेज सरकार की आजाद हिंद फौज (आइएनए) की गतिविधियों पर लगाई सेंसरशिप खत्म हो गई। अंग्रेज सरकार ने 27 अगस्त 1945 को आ...
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Tag :Redfort
  July 21, 2018, 9:03 am
अंग्रेज़ भारत में सरकारी प्रतिबन्ध की शिकार पहली किताब की कहानी.कम को ही याद होगा कि देश की आज़ादी से पहले लाहौर से एक आर्य समाजी लेखक एम. ए. चमू पति की किताब "रंगीला-रसूल" के प्रकाशन का मूल्य एक और आर्य समाजी, महाशय राजपाल को अपने प्राण देकर चुकाना पड़ा था. उनकी हत्या इल्ल्मु...
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  July 17, 2018, 11:43 pm
दिल्ली के इतिहास को आकार देने में यमुना एक निर्धारक कारक रही है। ऐसा माना जाता है कि यह रिज के पश्चिम से बहते हुए सरस्वती, ऋग्वेद के प्राचीन श्लोकों में सभी नदियों के सबसे प्रमुख नदी के रूप में प्रशंसनीय, में मिलती थी। उल्लेखनीय है कि सरस्वती नदी राजस्थान के रेत के धोरो...
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Tag :river
  July 15, 2018, 12:57 pm
आज से लगभग दो सौ साल पहले पुरानी दिल्ली (तब शाहजहांनाबाद) में अंसख्य बागों के साथ पानी की एक बड़ी नहर बहती थी। आज ये दोनों चीजें, बाग और नहर, बीते समय की बात बन कर रह गई हैं क्योंकि अब इनका कोई भौतिक अवशेष बाकी नहीं है। दिल्ली के पुराने नक्शों में झांकने से न केवल दिल्ली के ...
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Tag :old maps
  July 7, 2018, 6:50 am
हम सब एक दूसरे से सीखते हैं, हिंदी की आधुनिक कवि-संपादक 'अज्ञेय' के शब्दों में,फिर छनेंगे हम।जमेंगे हम।कहीं फिर पैर टेकेंगे।कहीं फिर भी खड़ा होगा नए व्यक्तित्व का आकार।मातः, उसे फिर संस्कार तुम देना।(कविता: नदी के द्वीप)...
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  July 5, 2018, 10:50 pm
दैनिक जागरण_30062018दिल्ली की ऐतिहासिक इमारतों के आधार पर यह बात कही जा सकती है कि आज राजधानी की बची हुई बावड़ियों में से तेरहवीं शताब्दी से पुरानी कोई बावड़ी नहीं है। देश के दूसरे शुष्क इलाकों में दिल्ली के समान जल वास्तुकला के इस तरह शानदार और विविधतापूर्ण उदाहरण देखने को ...
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  June 30, 2018, 8:34 am
दिल्ली पर ऐतिहासिक साहित्य मुख्य रूप से राजनीतिक, सामाजिक, पुरातात्विक या स्थापत्य इतिहास पर केंद्रित है। जहां तक आसपास के पर्यावरण की बात है, उसको लेकर साहित्यिक संदर्भ नाममात्र के ही रहे हैं। ऐसे संदर्भ भी शायद नदी, पहाड़ियों, वनस्पतियों, जीवों और भूविज्ञान के सामा...
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Tag :Yamnuna river
  June 23, 2018, 6:35 am
सांध्य टाइम्स, 21.06.20181911 के तीसरे दिल्ली दरबार में अंग्रेज राजा जॉर्ज पंचम ने अंग्रेजी राज की राजधानी के कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरण की घोषणा की। इस निर्णय के साथ ही, नई राजधानी को बनाने की प्रक्रिया ने गति पकड़ी। अगले 20 वर्षों में युद्व स्तर पर भवन निर्माण के कार्य हुए। ज...
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  June 21, 2018, 8:07 pm
सत्रहवीं सदी में शाहजहांनाबाद में अली मर्दन नहर, सदात खान नहर और महल यानी लाल किला में नहर-ए-बहिश्त जोड़ी गई। 1643 में अली मर्दन खान ने सिंचाई के लिए बनी एक पुरानी नहर से पानी की आपूर्ति दिल्ली तक करने के लिए रोहतक नहर को शुरू किया था। बादशाह शाहजहां के समय में पहली बार दिल्...
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  June 16, 2018, 8:07 am
शंकर प्याऊ (स्थापना वर्ष: १९२०)पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के बाहर तिराहे वाली लाल बत्ती से पहले सड़क के ठीक बीच में एक कुआँ था, जिस अब बंद करके ढक दिया गया है.अब यहाँ एक प्याऊं है, जहाँ आने-जाने वाले मुसाफिरों, ठेले रिक्शे वालों को पानी पिलाने के लिए नलके लगा दिए गए हैं....
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  June 10, 2018, 6:33 pm
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