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झरोखा-jharoka

पश्चिम का नारा है कि “प्रकृति के अनुसार जीना चाहिए".लेकिन यह स्पष्ट नहीं होता कि कौन सी प्रकृति?शरीर की प्रकृति या शरीर से इतर पायी जाने वाली प्रकृति?हमें पहले इस बात को निर्धारित करना चाहिए!-महर्षि अरविन्द ...
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Tag :प्रकृति
  January 28, 2019, 8:04 am
26012019_दैनिक जागरण  आज यह बात जानकार हर किसी को हैरानी होगी कि आधुनिक भारतीय गणतंत्र का प्रतीक राष्ट्रपति भवन जिस रॉयसीना पहाड़ी पर शान से खड़ा है, कभी वहां पर रॉयसीना गांव हुआ करता था जो कि मारवाड़ के राजपूत शासकों की पैतृक जागीर था।इतिहास के पन्नों में झांकने पर पता चलत...
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Tag :
  January 26, 2019, 3:02 pm
19012019_Dainik Jagran अंग्रेज सरकार ने दिल्ली की तेजी से बढ़ती आबादी को समायोजित करने के हिसाब से दिल्ली इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट योजना के तहत 1937 में करोलबाग की स्थापना की थी। तब अंग्रेजों की नई राजधानी नई दिल्ली के निर्माण के लिए लगे मजदूरों के परिवारों को बसाने के उद्देश्य से करोलब...
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Tag :
  January 20, 2019, 8:30 am
आप किसी से उसकी सुंदरता, उसके कपड़ों या उसकी पसंदीदा कार के लिए प्यार नहीं करते बल्कि उसके गाए एक गीत के लिए करते हैं, जिसे केवल आप ही सुन सकते हैं।-ऑस्कर वाइल्ड...
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Tag :
  January 8, 2019, 8:56 pm
सर्दी की इन्तहां में ही आख़िरकार मुझे इस बात का अहसास हुआ कि मेरे भीतर बेपनाह गर्मी है. -अल्बर्ट कामू...
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Tag :
  January 8, 2019, 8:35 pm
हर साल नवंबर महीने में देश भर के विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दिल्ली आते हैं। इन सभी का उद्देश्य 14 वीं सदी के चिश्ती हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह में अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करना होता है। उनके नाम से ही दिल्ली का एक इलाका निजामुद्दीन के नाम से जाना ज...
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Tag :अमीर खुसरो
  December 29, 2018, 9:56 am
22122018_Dainik Jagran1826 में किराए पर लड़ने वाले एक अंग्रेज सैनिक जेम्स स्किनर ने प्रोटेस्टेंट मत को मानने वाले ईसाइयों के लिए पहली बार पुरानी दिल्ली के कश्मीरी गेट के पास सेंट जेम्स गिरजाघर बनवाया था। स्किनर पहले ग्वालियर महाराजा की चाकरी में था। जब महाराजा ग्वालियर अंग्रेजों से ...
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Tag :
  December 23, 2018, 8:14 pm
रोशनाई के लिए अपने को बेचा किये हम,ताकि सिर्फ इसलिए कुछ लिखने से बाकी न रहे,कि कलम खुश्क थे और लिखने से मजबूर थे हम,-राही मासूम रजा(कटरा बी आर्जू: आपातकाल की पृष्ठभूमि पर आधारित उपन्यास )...
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Tag :
  December 19, 2018, 8:45 pm
15122018_दैनिक जागरण राजधानी के सिनेमाई इतिहास में झांकने पर पता चलता है कि चांदनी चौक में दिल्ली के सबसे पुराने सिनेमा हॉल हैं। इनमें से अधिकतर 1930 के आरंभिक दशक में अस्तित्व में आए तो कुछ-एक उससे भी पुराने हैं। उस दौर में हर सिनेमाघर के अपने वफादार दर्शक थे जैसे मुसलमानों...
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Tag :old delhi
  December 15, 2018, 7:40 am
08122018_दैनिक जागरण दिल्ली विधानसभा से किंग्सवे कैंप चौराहे से दाई तरफ मुड़ने पर रास्ता, वर्ष 1911 में अंग्रेज भारत में हुए तीसरे दिल्ली दरबार के स्मारक की तरफ जाता है। उल्लेखनीय है कि 12 दिसंबर 1911 को दिल्ली में हुए दरबार में अंग्रेज सम्राट जार्ज पंचम ने घोषणा की कि देश की राज...
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Tag :british raj
  December 8, 2018, 6:25 am
दैनिक जागरण, 01122018यह एक कम जानी सच्चाई है कि 1857 से पहले की दिल्ली में अंग्रेज न केवल भारतीय क्षेत्र में रहे और निर्माण भी किया। जबकि भारत के दूसरे अंग्रेज प्रेसीडेंसी वाले कस्बों में इसके विपरीत नस्लीय अलगाव था, जहां अंग्रेज-भारतीय बसावटें अलग अलग थी। जबकि दिल्ली में अंग...
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Tag :Daryaganj
  December 1, 2018, 8:59 am
२४/११/२०१८, दैनिक जागरण दिल्ली एक समृद्ध ऐतिहासिक पंरपरा के साथ सघन आबादी वाला शहर था जहां महजब, जाति और मोहल्ले का जुड़ाव जगजाहिर था। "कटरा" एक तरह से बाजार का वह केंद्र था, जहां थोक का कारोबार होता था। आज की पुरानी दिल्ली, मुगलों की शाहजहांनाबाद, में अलग-अलग कटरे ऐसे के...
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Tag :delhi
  November 26, 2018, 8:36 am
पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक  में एक इलाका आज भी कोठी बेगम समरू के नाम से प्रसिद्ध है। स्टेट बैंक आॅफ इंडिया के पीछे एक विशाल भवन बना हुआ है, जिसे 19वीं शताब्दी की शुरुआत में बेगम समरू (1750-1836)  ने अपने रहने के लिए बनवाया था।एक साधारण सी नाचने वाली के घर में जन्मी यह बेहद खूब...
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Tag :Mughal
  November 17, 2018, 9:37 am
"To be true to my faith, I may not write in anger or malice. I may not write idly. I may not write merely to excite passion. The reader can have no idea of the restraint I have to exercise from week to week in the choice of topics and my vocabulary. It is training for me. It enables me to peek into myself and to make discoveries of my weaknesses. Often my vanity dictates a smart expression or my anger a harsh adjective. It is a terrible ordeal but a fine exercise to remove these weeds."-Mahtama Gandhi, in Young India...
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Tag :
  November 15, 2018, 3:26 pm
‘मीर’बात की तर्ज़ को देखो, तो कोई जादू था. पर मिली ख़ाक़ में क्या सहर बयानी उसकी.. मर्सिये दिल के, कई कह के दिये लोगों को. शहरे-दिल्ली में है, सब पास निशानी उसकी.-‘मीर’...
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Tag :
  November 11, 2018, 11:19 pm
10/11/2018, दैनिक जागरण दिल्ली का मध्यकालीन बादशाह मुहम्मद बिन तुगलक (1324-51) अपने अनेक प्रयोगधर्मी निर्णयों के कारण चर्चित रहा। उसके व्यक्तित्व की जल्दबाजी और बेसब्री की प्रवृति के कारण उसे "बुद्धिमान मूर्ख राजा" कहा जाता था। अंग्रेज इतिहासकार एम. एम्फिस्टन के अनुसार मुहम्...
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Tag :Tuglagh
  November 10, 2018, 8:44 am
संस्कृत की एक स्मृति में लिखा है कि यदि सफेद बिजली चमके तो दुर्भिक्ष आता हैः वाताय कपिला विद्युत्, आतपायतिलोहिनी, पीता वर्षाय विज्ञेया, दुर्भिक्षाय सिता भवेत। ...
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Tag :
  November 8, 2018, 1:36 pm
दैनिक जागरण, ३ नवम्बर २०१८भारतीय साहित्य के इतिहास में सिक्कों का एक विशेष स्थान है। इनके द्वारा ही भारतीय इतिहास की अनेकों कड़ियों को जोड़ने में पुरातत्ववेता सफल हुए हैं। यह सिक्के अन्य प्रयोजनों के अतिरिक्त, प्राचीन भारतीयों की उपासना की परम्परा को भी समुचित रूप मे...
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Tag :
  November 3, 2018, 7:25 am
मशहूर है, दिल्ली 17 बार बसी है। हिंदू काल की तीन दिल्ली, मुस्लिम काल की बारह दिल्ली और ब्रिटिशकाल की दो दिल्ली। जितनी बार दिल्ली बसाई गई उतनी ही बार-केवल ब्रिटिशकाल को छोड़कर-इसमें परकोटे या फसीलें बनाई गई।इन फसीलों में बनाए गए दरवाजों की भी संख्या कम नहीं रही।प्राची...
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Tag :
  October 27, 2018, 7:33 am
दरअसल हम जिंदगी में खुद से ही कहे झूठ का दंड भुगतते हैं! -वी. एस. नायपॉल (इन ए फ्री स्टेट में) ...
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Tag :
  October 26, 2018, 10:56 pm
The British ReactionIn relevant historical accounts, secret Government papers, published reports and reminiscences of revolutionary leaders, we find the tremendous influence exerted by Vivekananda on the revolutionary movement. His writings were widely read by the militants. Those were practically their textbooks; recruitments to revolutionary parties were made from the members of the Ramakrishna Mission, and the magic name of Vivekananda was used for this purpose. The government, noticing that many portions of Vivekananda’s writings could be used for radical politics, thought of prohibiting the publication of Swamiji’s letters and banning the Ramakrishna Mission. This was not surprising...
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Tag :British
  October 22, 2018, 1:04 am
दैनिक जागरण_२० १० २०१८एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी और विद्वान ठक्कर फेरू दिल्ली सल्तनत के समय में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे। वे सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल (1296-1316) में दिल्ली में विभिन्न पदों पर रहे। उन्होंने अपने सक्रिय अनुभव से कुछ ग्रंथों (रत्न परीक्षा, गणितसार, ...
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  October 20, 2018, 6:48 am
चित्र साभार: राजा रवि वर्मा (वनवासी राम)राम, तुम्हारा नाम कंठ में रहे,हृदय, जो कुछ भेजो, वह सहे,दुख से त्राण नहीं मांगूं।मांगू केवल शक्ति दुख सहने की,दुर्दिन को भी मान तुम्हारी दयाअकातर ध्यान मग्न रहने की।देख तुम्हारे मृत्यु-दूत को डरूं नहीं,न्योछावर होने में दुविधा कर...
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  October 19, 2018, 8:43 pm
मोहनदास करमचंद गाँधी ने भारत आने के बाद अपने राजनीतिक गुरु गोपाल कृष्ण गोखले की सलाह पर अगले दो वर्षों तक भारत की यात्रा की थी, जिसमें उन्होंने काफी हिस्सा रेल से तय किया था. प्रसिद्ध हिंदी लेखक अमृत लाल नागर ने जवाहर लाल नेहरु की "डिस्कवरी ऑफ़ इंडिया" किताब की समीक्षा ...
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  October 14, 2018, 9:30 pm
सिनेमा और साहित्य को लेकर दिल्ली के संबंध की बात कम ही ध्यान में आती है। जबकि हकीकत इससे बिलकुल जुदा है। हिंदी की पहली साप्ताहिक फिल्मी पत्रिका “रंगभूमि” वर्ष 1932 में पुरानी दिल्ली के कूचा घासीराम से छपी। इस पत्रिका के प्रकाशक, त्रिभुवन नारायण बहल और संपादक नोतन चंद-ले...
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Tag :hindi cinema
  October 13, 2018, 7:32 am
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