Hamarivani.com

शशि की कविताये

इस कवी को मिल जाए कोई कवयित्रीज़िन्दगी हो जाए जैसे कोई पोएट्री वो करे कविता हम कहे शायरी बस यू ही भरती जाए जिंदगी की डायरीउनके आने से लय ताल होजाए जीना भी फिर कमाल होजाए मै वीर रस वो श्रींगार रस प्रेम बढ़े बरस दर बरस हम होजाए दोहा तुम होजाओ ग़ज़लहम तुम्हे सुने तुम हमे...
शशि की कविताये...
Tag :kavita
  April 20, 2012, 12:23 am
मै अकेला रह नहीं पाता तेरे ख्याल आते हैअंधेरे कमरों में उम्मीद के जुगुनू टिमटिमाते हैरौशनी चुभने लगी है आँखों में कोई भुझादे ये दियेमेरे छुने से लोग पत्थर हो जाते हैभावनाए नहीं बचतीसंवेदनाए जम जाती हैमेरे छुने से लोग पत्थर हो जाते हैमै अभिशाप होने लगा हूतुम वरदान ही...
शशि की कविताये...
Tag :
  April 19, 2012, 3:43 pm
ऐ खुदा भूलने का हुनर दे की हम उसे भुला दे बावफाई का सिला बेवफ़ाई उसकी यादे भी जला देबेवफाई की दुनिया ये और दिल लगाना है गुनाह या खुदा रहम कर बन्दों पे जीने का हौसला दे जीतनी भी सुन्दर काया है आँखों में सब माया ये इश्क की जादूगरी अच्छे अच्छो को बरगला देदिल खेल है आप खिलवाड...
शशि की कविताये...
Tag :ghazal
  April 19, 2012, 12:26 am
ज़ज्बात अल्फाज़ होने लगे है चुप नहीं रहता बोलने लगा हू दिल-ए-किताब से धुल हटाई हैपन्ने दर पन्ने खोलने लगा हूआंखे बोलती है तेवर चुप नहीं रहते इश्क की आग जो बढने लगी है जुबा कम पड़ने लगी हैइशारों में गहराई झांक लोआंखे देखो मन भाप लोदिन के चार चक्कर तेरे घर के इधर उधर रास्त...
शशि की कविताये...
Tag :
  April 17, 2012, 12:17 am
मुश्किलात में न भागे न मिले पीठ दिखाने वालेखुदा ने दोस्त दिए डटकर साथ निभाने वाले जब रात घनी थी अंधेरा था बहोत रिश्ते थे हाथ पकड़ राह बताने वाले ज़िंदगी दर्द देती रही इश्क गम देता रहा ऐसे मिले यार जो रोते से हँसाने वाले और खुदा से दुआ क्या मांगता “सैनी”वो थे तेरी हर दुआ ...
शशि की कविताये...
Tag :
  April 17, 2012, 12:16 am
श्रद्धा हो अगरमन में भी मिल जाएगा ईश्वरफिर क्यों मंदिरों में भीड़ बड़ी लंबी कतारअमीरों को तो कतारों का भी समय नहीं रहताहो सकता है इनकी दुनिया में वो हर जगह नहीं रहता : शशिप्रकाश सैनी...
शशि की कविताये...
Tag :
  April 15, 2012, 8:23 am
क्या थी नाराज़गी हम समझे नहीं ना शिकवा ना गीला कुछ बोलिए तो जरा काले चस्मो से छुपाली है आंखे न आँसू दिखेहम अब कैसे मन में झाँकेंमिलो बात करो आओ तो सही हमसे सुनो अपनी सुनाओ तो सही पास आने पे पिघल जाएगीरिश्तों की बर्फहम भी कुछ बढ़ेआप भी आए हमारी तरफ मिलते रहिये मुलाकातों ...
शशि की कविताये...
Tag :
  April 15, 2012, 8:09 am
ये ना पूछिए क्या हू है है दुनिया बेवफ़ाई की तो बावफ़ा हू मै गम-ए-इश्क का मरहम हूलोग कहते दिल-ए-दर्द की दावा हू मै मेरी सीडियां करती है जात पात नहीं ये किसी धर्म की मोहताज नहीं कभी मैखाने की हवा हू मैकभी बोतलों का नशा हू मैये मेरे चाहने वाले है खरीदार नहीं मै लोगो में डाल...
शशि की कविताये...
Tag :
  April 13, 2012, 5:27 pm
वो ठंडी पवन का झोंका थाजो तूने हमको रोका था वो सावन की बरसातें थी सोंधी सोंधी सी बाते थी छोटी मोटी जो अनबन थीबिजली की फिर जो गर्जन थीतेरा बाहों में आजाना नज़रों का जो वो टकराना ओ बादल बूंदें बरसाना इतना अब तू तरसा ना कब मिलना बतला जाना ओ बादल बूंदें बरसाना अब तक यादो में ...
शशि की कविताये...
Tag :kavita
  April 12, 2012, 12:13 am
लोभ माया लालसा हवस हैमन घर हो गया है इन्ही का चलता बस है आदमी बेबस हैकुछ नहीं बदलताघर में मूर्तियाँ लगाने से न काशी जाने से न गंगा नहाने से जब मन पापी हैक्या होना हैतन पे साबुन लगाने से देवत्व अगर मूर्तियों में ही होता तो हर मूर्तिकार का घर स्वर्ग न होता देवत्व मन का गुण ...
शशि की कविताये...
Tag :kavita
  April 10, 2012, 6:20 am
ख़ुशी है एहसास है आपका मुस्कुराना ख़ास हैगम की लकीरों पे हँसी भारी है आप प्यारी आपकी मुस्कुराहट भी प्यारी है बिना हँसी के ज़िन्दगी अधूरी हैहँसना ज़रूरी हैभोला है चेहरा सुन्दर है आंखे फिर कैसे न मन में झाँकेआंखे मन में झाँकती हैइतनी छुट हर किसीको न दी है हँसना ज़िन्...
शशि की कविताये...
Tag :kavita
  April 9, 2012, 2:36 am
चाँद है चांदनी है गुल है गुलिस्ता हैइक इस दिल से पूछिये मेरे लिए वो क्या क्या हैवो भोर की हवा हैदिल-ए-दर्द की दवा हैडूबते को तिनका क्यातुम पूरी नाव हो जेठ की दुपहरी में ठंडी छाव हो अब क्या क्या बताए तुम क्या क्या हो तुम कस्तूरी की सुगंध तुम संक्रांति की पतंग तुम ज़िन्...
शशि की कविताये...
Tag :kavita
  April 8, 2012, 2:02 am
मन की भी कुछ सोच हैकुछ इच्छा हैकब तक दिल को समझाऊ तू अब तक बच्चा हैमानी के मनमानी केखेल खेल जवानी के बुजुर्गो की सुने तो बच्चा हैछोटे कहे की तेरा समय निकल चूका है मन की भी कुछ इच्छा हैदिल को कब तक बहलाऊ की तू बच्चा हैपलंग की सिलवटो में कोई कहानी नहीं कभी कोई मानी नहीं क...
शशि की कविताये...
Tag :kavita
  April 6, 2012, 1:00 am
जिस बालक को लाया गया था थाने में सुनते है पकड़ा गया था रोटी चुराने मेंपड़े घुसे पड़ी लाठी उधेडी थी खाल पूरा सिस्टम लगा उसे मुजरिम दिखाने में जो खुनी है जो इज्ज़त के लुटरे है पार्टिया लगी है उन्हें संसद बुलाने में चली कुर्सीया चले जूते चले चप्पल नेता लगे है संसद को बी...
शशि की कविताये...
Tag :ghazal
  April 5, 2012, 9:10 pm
सीने में अब तक कोई क़रार न मिला प्यार पर लिखते रहे पर प्यार न मिला दुनिया का दस्तूर न रास आता हमको एतबार के बदले एतबार न मिला जिसके गुनाह की सजा हम काटते रहेबहुत तलाश किया पर वह गुनाहगार न मिलाबस रूश्वाईयो का होकर रह गया शिकार "सैनी"दिल को दिल्लगी नहीं किसी मोड़ पे इंतजार...
शशि की कविताये...
Tag :ghazal
  April 3, 2012, 11:50 am
जब तक इज्ज़त की फ़िक्र थीमै बोलता न थाकभी हौसला कम था कभी फासला था बहोत कभी आवाज़ की कशिश थीकभी नज़रों में था नशा फिर जो नज़र का असर होने लगाहोश मै खोने लगा नशा मोहब्बत का सर पे तारी हो गया हौसला इज्ज़त से भारी हो गयाना का डर हां से हल्का हैमोहब्बत जाम है और जाम छलका हैफैस...
शशि की कविताये...
Tag :kavita
  March 28, 2012, 8:35 pm
नीद है आँखों से ओझलमै सपने लाऊ कैसे दिल जलता है अंदर अंदर मै आग भुझाऊ कैसेन मंतर कोई मुझे आता हैन जादू टोना कोईदिल से रूठी है दिलवाली बरसोँ से किस्मत सोईन पैसे के है पर कोईन कोई है जी पैर फिर भी पीछे मै भागू हूमिल जाए तो ही खैरपैसा रिश्तों पे भारी हैये सारी दुनियादारी हैब...
शशि की कविताये...
Tag :kavita
  March 27, 2012, 2:06 pm
लहू से तरबतर है दुनियादिल लगाने पे खंजर है दुनिया जब चाहत को चाहना भी हो गुनाह तो जहन्नुम से बदतर है दुनिया जात समझती है जज़्बात नहीं मोहब्बत के लिए जहर है दुनिया : शशिप्रकाश सैनी ...
शशि की कविताये...
Tag :kuch yu hi
  March 19, 2012, 2:18 am
तन की नक्काशी कही धोखा ना देदे मन से पुकारेकी एक आवाज की जरुरत है साथ तेरे चलने से जले या ना जले दुनियापर क़यामत तक चले की तेरे साथ की जरुरत है झुर्रियाँ बाल सफ़ेद सब उम्र के फरेब तन न भाया भाया मन दिल में दिखा न ऐबदिल-ए-जज़्बात को तेरे जज़्बात की जरूरत है ईट पत्थर से कोई घ...
शशि की कविताये...
Tag :kavita
  March 10, 2012, 12:31 pm
होलिका जलाओ रातभर की हर गम धुआँ होजाएरंग इतना बरसे की रंगी ये समा होजाए निकाल दिल का मलाल चेहरों पे मल दो गुलालरंग में रंगे है अनेक सेफिर भी लगे है एक सेमुह में गुजिया की मिठास हाथों में ठंडाई गिलास चेहरे पे गुलाल हाथों में गुलाल सारा रंग का कमालयेही है होली की धमाल : शश...
शशि की कविताये...
Tag :kavita
  March 7, 2012, 3:13 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3685) कुल पोस्ट (167831)