Hamarivani.com

समयचक्र

अब पहले जैसे समय नहीं रहा कि घरों में दुकानों में सुरक्षा के लिए कलकतिये ताले और बरेला के ताले और बड़े बड़े ताले लगाए जाते थे  और जिनकी चाबियाँ भी सुरक्षित रखना पड़ती थी  अगर चाबी गुम जाये तो अंतिम विकल्प ताला तोड़ना ही होता था  । आजकल घरों में दुकानों में और फैक्टरियों ...
Tag :
  June 25, 2017, 3:03 pm
जबलपुर में गरमी शुरू होते ही दुग्ध माफियाओं का जोर बढ़ जाता है और वे हमेशा की तरह प्रशासन और जनता पर अपना दबाब बनाना शुरू कर देते हैं और मनमाने ढंग से दूध के रेट बढ़ा देते हैं . करीब पांच साल से दूध के रेट अन्य शहरों की अपेक्षा जबलपुर में सर्वाधिक हैं जबकि प्रदेश के दूसरे सब...
Tag :
  April 26, 2017, 10:02 am
हमारे देश भारत के बाद वेनेजुएला सरकार ने कालाधन और मंहगाई से निपटने के लिए 12 दिसम्बर 2016 से तत्काल प्रभाव से नोटबंदी का फैसला लेते हुये वहां की अर्थव्यवस्था में प्रचलित मुद्रा 100 बोलिवर को प्रतिबंधित कर उसकी जगह वहां की सरकार ने 500, 2000 और 20,000 बोलिवर की नई करेंसी जारी की थी और ...
Tag :
  December 18, 2016, 8:09 pm
हमारे देश में मुद्रा परिवार सत्रह माई बाप खसम की फेमिली का परिवार है जिनको धकापेल निकाला तो गया पर कभी बदला नहीं गया बंद नहीं किया गया | पहले 38 साल पहले एक हजार का नोट बदला गया था उसके बाद अभी पांच और एक हजार के पुराने नोट बंद कर नये नोट जारी कर मुद्रा का विमुद्रीकरण किया ग...
Tag :
  November 12, 2016, 11:39 am
एक समय बचपन में यदि कोई फोटोग्राफर फोटो खींचता था तो मैं उसे और उसके कैमरे को बड़े ध्यान से देखता था । उस समय बॉक्सनुमा कैमरा होता था । कैमरे में आगे लैंस लगा होता था और उस बॉक्स के पीछे एक काला कपड़ा लगा होता था फोटो खींचते समय फोटोग्राफर बॉक्स के अंदर अपना सिर घुसेड़ लेता ...
Tag :
  July 6, 2016, 4:22 pm
किसी समय राजबाड़ा और देश का राजा ही सर्वोच्च होता था और प्रजा को उसके हर आदेश का पालन करना पड़ता था । राजा को यह अधिकार होता था कि वो जो भी कहें जनता उसे माने यदि जनता राजा के आदेशों का पालन नहीं करती थी तो राजा को अधिकार होता था कि उसे दंड दें और जनता को राजा के आदेशों का पालन...
Tag :
  June 29, 2016, 10:50 am
एक गांव में गवरु नाम का कम पढ़ा लिखा एक नवयुवक रहता था ।  एक बार किसी काम से शहर गया था तो शहर के लड़कों ने उसे मोबाईल  का चस्का लगा दिया । गबरु घर की खेतीबाड़ी का कामधाम छोड़कर मोबाईल से दिनरात खेलता रहता था । किसी ने उसके मोबाईल में एक सोशल साइड  की एप्लिकेशन अपलोड कर द...
Tag :
  June 27, 2016, 2:38 pm
देश में दिनोंदिन  मंहगाई बढ़ती जा रही है जिसके कारण मध्यम वर्ग और गरीबी रेखा के नीचे आने वाले परिवारों का जीवन यापन करना मुश्किल होता जा रहा है । प्रतिदिन खानपान में उपयोग आने वाली सामगी राशन, तेल, दूध , दालें मंहगी होने के कारण आम आदमी की पहुंच से दूर होते जा रही हैं और इ...
Tag :
  June 24, 2016, 4:07 pm
जय परशुराम : सभी मित्रों स्नेहीजनों शुभचिंतकों को "परशुराम जयंती "के अवसर पर हार्दिक बधाई शुभकामनाएं ...ब्रामण महिमा ...ब्रामण लात हनी, हरी के तनब्रामण, साठ हजार को जारे ।ब्रामण पैठि पाताल, छले बलिब्रामण ही, क्षत्रिय दल मारे ।ब्रामण शोख, समुद्र लियोब्रामण ही यदुवंश, उजारे...
Tag :
  May 8, 2016, 9:47 am
मध्यप्रदेश में जबलपुर शहर में इन दिनों दूध के रेट अन्य शहरों की तुलना में सबसे अधिक है जिससे शहर के वाशिंदे अत्याधिक त्रस्त हो गए हैं . इस शहर में दो तीन माहों में दूध माफिया दूध के रेट सीनाजोरी के बल पर बढ़ा देते हैं और राजनीतिक संरंक्षण के चलते आयेदिन शासन और प्रशासन ...
Tag :
  May 6, 2016, 8:59 am
जबलपुर : माढ़ोताल तालाब - कभी गोड़वाना की रानी दुर्गावती के द्वारा अपने सैनिकों की छावनी एवम जनता के लिए 100 एकड़ का तालाब खुदवाया था अब अतिक्रमण के चलते और विकास की दौड़ के चलते इसका अस्तित्व खतरे में है  ... आधे तालाब में बस टर्मिनल बन गया है और बचे खुचे तालाब में चोई ही चोई दि...
Tag :
  May 4, 2016, 8:57 am
बारिश आने के पूर्व जल संरक्षण हेतु तैयार हो जाएँ ... कारगर और सस्ता तरीकादिनोदिन भूमि का जलस्तर निरंतर कम होता जा रहा है जिसके कारण दिनोदिन पानी का संकट गहराता जा रहा है. यदि आप भी पानी की समस्या से ग्रस्त है तो आप अपने घरो में मुहल्लों में सोकपिट अवश्य बनवाये. वाटर हारवे...
Tag :
  April 27, 2016, 2:59 pm
जबलपुर में गरमी शुरू होते ही दुग्ध माफियाओं का जोर बढ़ जाता है और वे हमेशा की तरह प्रशासन और जनता पर अपना दबाब बनाना शुरू कर देते हैं और मनमाने ढंग से दूध के रेट बढ़ा देते हैं  ... करीब पांच साल से दूध के रेट अन्य शहरों की अपेक्षा जबलपुर में सर्वाधिक हैं ...करीब पांच साल से प्...
Tag :
  April 26, 2016, 3:21 pm
लोटा संस्कृति अपने देश में बहुत पुरानी है 21 वीं सदी में हम भलाई पहुँच जाएँ पर इसका मोह कभी न छोड़ सकेंगें ... लोग बाग गांवों में और स्मार्ट बनने जा रहे शहरों में लोग बाग आज भी लोटा लेकर शौच करने जाते हैं गांवों में सुबह सुबह सड़क के किनारे लोगबाग शौच करते दिखाई देते हैं ...देश म...
Tag :
  April 19, 2016, 11:52 am
बचपन में नया नया क्रिकेट का खेल चला था और उस समय ट्रांजिस्टर रेडियो का जमाना था ...कमेंट्री सुनने में बड़ा आनंद आता था बीच में बीच में रेडियो घुरुर घुरुर करने लगता था और आवाज धीमी हो जाती थी तो रेडिओ को कान में लगाकर स्कोर जानने की कोशिश करते थे ... यदि कोई कान से सटाकर कमेंट्...
Tag :
  April 14, 2016, 4:03 pm
जैसे जैसे हम आई.टी. युग में प्रवेश कर रहे है और इंटरनेट और कम्प्यूटर हमारे दैनिक दिनचर्या के अंग बन चुके है कम्प्यूटर से मानव जीवन को होने वाले तरह तरह के दुष्परिणाम सामने आने लगे है. एक जानकारी के अनुसार कम्प्यूटर अब आँखों के लिए बीमारी पैदा करने लगे है. कहा गया है कि क...
Tag :
  April 13, 2016, 3:40 pm
एक आश्रम में गुरूजी के दो शिष्य थे और दोनों गुरूजी के साथ नदी में स्नान करने गये  ... स्नान करने के बाद दोनों शिष्य गुरूजी के साथ नदी के किनारे ध्यान करने बैठ गये ।  अचानक नदी में से एक आवाज गूंजी बचाओ बचाओ और एक शिष्य ने जैसे ही यह आवाज सुनी वह तत्काल नदी की ओर दौड़ पड़ा और ...
Tag :
  April 7, 2016, 2:16 pm
आज ठीक सात बजे काढ़ा पीते समय सोच रहा था कि चूतिये हैं वो साहित्यकार जो दिन रात मेहनत कर लिखते रहते हैं और उम्दा साहित्य रचते हैं .. अरे मैं जो लिखता हूँ न सब चस्का मार मार कर पढ़ते हैं .. मैं सिर्फ संस्कारों को दरकिनार करते हुए लिखता हूँ ... आपको शायद पता नहीं कि मेरी रचनाएँ विद...
Tag :
  April 6, 2016, 9:23 pm
जब जब चंबल के बीहड़ देखता हूँ तो पुराने दिन याद आ जाते हैं जब इन बीहड़ों में और इनके आसपास के शहरों में डकैतों की भरमार थी .. 11 मार्च 1976 का  दिन मुझे मध्यप्रदेश विदयुत मंडल,ग्वालियर में  नौकरी पर अपनी उपस्थिति देना थी तो मेरे पापा मुझे बस से ग्वालियर ले गए थे . उस समय ग्वाल...
Tag :
  June 26, 2015, 10:34 am
अंधेर नगरी में एक उर्जाधानी है और वहां के प्रबंधक बिना पाना पिंचस के ज्ञान प्राप्त साहब हैं और उनके दूत कंपनियों को संभाले हुए हैं और इन्होंने पाना पिंचस वाला ज्ञान प्राप्त किया हुआ है और सभी उनके घोर चम्मच हैं ... पाना पिंचस वाले लोग इसीलिए इतराते रहते हैं कि घोड़े की लग...
Tag :
  June 4, 2015, 10:08 am
ओह अचानक बत्तीसी की एक दाढ़ में झन्नाटेदार तेज दर्द उठा और आधी रात में नींद खुल गई और उठकर थोड़ा पानी के कुल्ले किये कि कुछ राहत मिल जाएगी पर दर्द तो आखिर दर्द ही होता है रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था  .. अचानक सुबह दाढ़ के दर्द का समाचार मेरे शुभ- चिंन्तकों तक पहुँच गया और ...
Tag :
  April 19, 2015, 4:06 pm
माँ नर्मदा जी अपने उद्गम स्थान अमरकंटक से निकल कर सघन जंगलों और पहाड़ों से निकलती हुई गुजरात में खंबात की खाड़ी तक का करीब 1300 किलोमीटर तक का अपना सफर पूरा करती हैं और माँ नर्मदा को मध्यप्रदेश और गुजरात की जीवन रेखा माना जाता है । गंगा और यमुना जैसी विशाल नदियां ध्यान न दिय...
Tag :
  July 18, 2014, 3:45 pm
भगवान कृष्ण को अपना पति  मानकर  अपना सम्पूर्ण जीवन भगवान कृष्ण को पूर्ण रूप से समर्पित कर कई विधवा महिलायें वृंदावन में बस जाती हैं और जब तक पूर्ण रूप से स्वस्थ रहती हैं तो किसी वे किसी बड़े आश्रम को अपनी सेवायें अर्पित करती रहती हैं और ईश्वर की आराधना में लगी रहती है...
Tag :
  June 7, 2014, 10:44 am
मेरा जन्म नर्मदा तट के किनारे बसे शहर जबलपुर में मेरा जन्म हुआ है और न जाने क्यों मुझे बचपन से नदियों से कुछ ज्यादा लगाव रहा है  .. जब भी कहीं जाता हूँ और मेरी यह कोशिश रहती है कि आसपास कोई नदी हो तो उसे देखने जरूर जाऊँ ..माँ नर्मदा तो मेरे शहर में ही हैं चाहे जब जाता रहता हू...
Tag :
  June 4, 2014, 5:33 pm
अचानक घर के सदस्यों में सहमति बन गई कि इस बार हरिद्धार और ऋषिकेश घूमने चलना है और आनन फानन में रेलवे से रिजर्वेशन भी करवा लिया गया और हम दिनांक 25 -05 -14 को जबलपुर से संपर्कक्रांति से देहली रवाना हो गये . दूसरे दिन सुबह हम देहली पहुँच गए और फ्रेस होने के बाद सभी बस अड्डा पहुंच...
Tag :
  June 1, 2014, 6:36 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3701) कुल पोस्ट (170650)