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KAVITA RAWAT

वह माँ जो ताउम्र हरपल, हरदिन अपने घर परिवार की बेहतरी के लिए अपना सर्वस्व निछावर कर अपनों को समाज में एक पहचान  देकर खुद अपनी पहचान घर की चार दीवारी में सिमट कर रख देती है और निरंतर संघर्ष कर उफ तक नहीं करती, ऐसी माँ का एक दिन कैसे हो सकता है! घर-दफ्तर के जिम्मेदारी के बीच द...
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Tag :मातृ दिवस विशेष
  May 11, 2019, 8:10 am
मजदूर! सबके करीब सबसे दूर कितने मजबूर! कभी बन कर कोल्हू के बैल घूमते रहे गोल-गोल ख्वाबों में रही हरी-भरी घास बंधी रही आस होते रहे चूर-चूर सबके करीब सबसे दूर मजदूर! कभी सूरज ने झुलसाया तन-मन जला डाला निवाला लू के थपेड़ों में चपेट भूख-प्यास ने मार डाला समझ न पाए क्यों ...
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Tag :मजदूर
  May 1, 2019, 3:30 pm
चैत्रेमासि सिते मक्षे हरिदिन्यां मघाभिधे। नक्षत्रे स समुत्पन्नो हनुमान रिपुसूदनः।। महाचैत्री पूर्णिमायां समुत्पन्नोऽञ्जनीसुतः। वदन्ति कल्पभेदेन बुधा इत्यादि केचन।। अर्थात्-चैत्र शुक्ल एकादशी के दिन  मघा नक्षत्र में भक्त शिरोमणि, भगवान राम के अनन्य स्नेह...
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Tag :समसामयिक
  April 18, 2019, 8:00 am
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Tag :लेख
  March 19, 2019, 8:00 am
होली पर्व से सम्बन्धित अनेक कहानियों में से हिरण्यकशिपु के पुत्र प्रहलाद की कहानी बहुत प्रसिद्ध है। इसके अलावा ढूंढा नामक राक्षसी की कहानी का वर्णन भी मिलता है, जो बड़ी रोचक है।  कहते हैं कि सतयुग में रघु नामक राजा का सम्पूर्ण पृथ्वी पर अधिकार था। वह विद्वान, मधुरभाषी ...
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Tag :लेख
  March 19, 2019, 8:00 am
मुर्गा अपने दड़बे पर बड़ा दिलेर होता है अपनी गली का कुत्ता भी शेर होता है दुष्ट लोग क्षमा नहीं दंड के भागी होते हैं लातों के भूत बातों से नहीं मानते हैं हज़ार कौओं को भगाने हेतु एक पत्थर बहुत है सैकड़ों गीदड़ों के लिए एक शेर ही ग़नीमत है बुराई को सिर उठाते ही कुचल देना चाहिए च...
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Tag :लोक उक्ति में कविता
  February 21, 2019, 8:00 am
हम चार मंजिला बिल्डिंग के सबसे निचले वाले माले में रहते हैं। यूँ तो सरकारी मकानों में सबसे निचले वाले घर की स्थिति ऊपरी मंजिलों में रहने वाले लागों के  जब-तब घर-भर का कूड़ा-करकट फेंकते रहने की आदत के चलते कूड़ेदान सी बनी रहती है, फिर भी यहाँ एक सुकून वाली बात जरूर है कि बाग...
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Tag :पेड़-पौधों का महत्व
  February 10, 2019, 8:00 am
          हम चार मंजिला बिल्डिंग के सबसे निचले वाले माले में रहते हैं। यूँ तो सरकारी मकानों में सबसे निचले वाले घर की स्थिति ऊपरी मंजिलों में रहने वाले लागों के  जब-तब घर-भर का कूड़ा-करकट फेंकते रहने की आदत के चलते कूड़ेदान सी बनी रहती है, फिर भी यहाँ एक सुकून वाली बात जरूर है ...
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Tag :पेड़-पौधों का महत्व
  February 10, 2019, 8:00 am
आज वैवाहिक जीवन की 23वीं वर्षगांठ पर पहले पहल प्यार में गुजरे प्रेम पातियों में से निकली एक पाती प्रस्तुत है-   चल पड़ी है गाड़ी आजकल उनके प्यार की सुना है कन्हैया बना चितचोर रहती उन्हें हर घड़ी अब उनके इंतजार की रोम-रोम पुलकित हो उठते जब भी बजती घंटी झनक उठते दिलतार डूबे म...
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Tag :वैवाहिक वर्षगांठ
  November 30, 2018, 11:29 am
मक्खन की हंड़िया सिर पर रखकर धूप में नहीं चलना चाहिए बारूद के ढ़ेर पर बैठकर आग का खेल नहीं खेलना चाहिए छोटा से पैबंद न लगाने पर बहुत बड़ा छिद्र बन जाता है धारदार औजारोंं से खेलना खतरे से खाली नहीं होता है काँटों पर चलने वाले नंगे पांव नहीं चला करते हैं चूहों के कान होते हैं ...
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Tag :लोक उक्ति में कविता
  November 26, 2018, 8:00 am
लम्बी उम्र सब चाहते हैं पर बृढ़ा होना कोई नहीं चाहता है यौवन गुलाबी फूलों का सेहरा तो बुढ़ापा कांटों का ताज होता है छोटी उम्र या कोरे कागज पर कोई भी छाप छोड़ी जा सकती है युवा के पास ज्ञान तो वृद्ध के पास सामर्थ्य की कमी रहती है बूढ़ा भालू धीमें-धीमें करके ही नाचना सीख पाता है...
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Tag :बचपन
  November 16, 2018, 8:00 am
आओ मिलकर दीप जलाएं अँधेरा धरा से दूर भगाएं रह न जाय अँधेरा कहीं घर का कोई सूना कोना सदा ऐसा कोई दीप जलाते रहना हर घर -आँगन में रंगोली सजाएं आओ मिलकर दीप जलाएं. हर दिन जीते अपनों के लिए कभी दूसरों के लिए भी जी कर देखें हर दिन अपने लिए रोशनी तलाशें एक दिन दीप ...
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Tag :दीपपर्व
  November 7, 2018, 2:30 pm
मुझे बचपन से ही रामलीला देखने का बड़ा शौक रहा है। आज भी आस-पास जहाँ भी रामलीला का मंचन होता है तो उसे देखने जरूर पहुंचती हूँ। बचपन में तो केवल एक स्वस्थ मनोरंजन के अलावा मन में बहुत कुछ समझ में आता न था, लेकिन आज रामलीला देखते हुए कई पात्रों पर मन विचार मग्न होने लगता है। रा...
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Tag :मारीच
  October 19, 2018, 8:00 am
आज आया है शिवा का जन्मदिन पर नहीं है कोई मनाने की तैयारी मेज पर केक बदले पसरी किताबें क्यों परीक्षा पड़ती सब पर भारी! अनमना बैठा है उसका मिट्ठू टीवी-मोबाईल से छूटी है यारी गुमसुम है घर का कोना-कोना क्यों परीक्षा पड़ती सब पर भारी! घर में लगा हुआ है अघोषित कर्फ्यू बस दिन-रात ...
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Tag :परीक्षा के दिन
  September 20, 2018, 8:00 am
हमारी भारतीय संस्कृति में गणेश जी के जन्मोत्सव की कई कथाएं प्रचलित हैं। हिन्दू संस्कृति (कल्याण) के अनुसार भगवान श्रीगणेश के जन्मकथा का इस प्रकार उल्लेख है- “जगदम्बिका लीलामयी है। कैलाश पर अपने अन्तःपुर में वे विराजमान थीं। सेविकाएं उबटन लगा रही थी। शरीर से गिरे उबट...
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Tag :गणेशोत्सव
  September 13, 2018, 8:00 am
पहनने वाला ही जानता है जूता कहाँ काटता है जिसे कांटा चुभे वही उसकी चुभन समझता है पराये दिल का दर्द अक्सर काठ का लगता है पर अपने दिल का दर्द पहाड़ सा लगता है अंगारों को झेलना चिलम खूब जानती है समझ तब आती है जब सर पर पड़ती है पराई दावत पर सबकी भूख बढ़ जाती है अक्सर पड़ोसी मुर्...
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Tag :कविता
  September 1, 2018, 8:20 am
राह ताक रही है तुम्हारी प्यारी बहना अबकी बार राखी में जरुर घर आना न चाहे धन-दौलत, न तन का गहना बैठ पास बस दो बोल मीठे बतियाना मत गढ़ना फिर से कोई नया बहाना राह ताक रही है तुम्हारी प्यारी बहना अबकी बार राखी में जरुर घर आना गाँव के खेत-खलियान तुम्हें हैं बुलाते कभी खेले-...
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Tag :कविता
  August 24, 2018, 8:00 am
सोने की बेड़ियां हों तो भी उसे कौन चाहता है? स्वतंत्रता स्वर्ण से अधिक मूल्यवान होता है बंदी  राजा  बनने से आजाद पंछी बनना भला जेल के मेवे-मिठाई से रूखा-सूखा भोजन भला स्वतंत्रता का अर्थ खुली छूट नहीं होती है अत्यधिक स्वतंत्रता सबकुछ चौपट करती है लोहा हो या रेशम दोनों बं...
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Tag :गुलामी
  August 14, 2018, 8:00 am
स्वामिनारायण अक्षरधाम! भारतीय संस्कृति और अध्यात्म के ज्योतिर्धर के रूप में अवतरित भगवान स्वामिनारायण का शाश्वत निवास-धाम है। दिल्ली के पावन यमुना-तट पर जहाँ ऊबड़-खाबड़ झाडि़यों से युक्त विशाल बंजर भूमि थी, वहां मात्र पांच वर्ष में पलक झपकते सम्पन्न हुआ कल्पनातीत ...
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Tag :प्रमुखस्वामी महाराज
  July 16, 2018, 8:00 am
जरा इन मासूम बच्चों को अपनी संवेदनशील नजरों से देखिए, जिसमें 14 वर्ष की सपना और उसकी 11 वर्ष की बहिन साक्षी और 11 वर्ष के भैया जिन्हें अभी कुछ दिन पहले तक माँ-बाप का सहारा था, वे 1 जुलाई 2018 रविवार को भयानक सड़क दुर्घटना भौन-धुमाकोट मोटर मार्ग पर होने से बेसहारा हो चुके हैं। इस दर...
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Tag :लेख
  July 5, 2018, 12:28 pm
   माउंटेन मैन ‘दशरथ मांझी’ की तरह अपनी दयनीय स्थिति के बावजूद दृढ़ इच्छा शक्ति रखने वाला एक और मांझी जो कि मध्यप्रदेश के जिला होशंगाबाद का निवासी है, जो एक पिछड़े इलाके सोहागपुर जैसे एक छोटे से स्कूल का हिंदी माध्यम का औसत दर्जे के छात्र रहा है, बावजूद इसके जिसने भोपाल आ...
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Tag :गरीबों की उपेक्षा
  June 7, 2018, 4:27 pm
माउंटेन मैन के नाम से विख्यात दशरथ मांझी को आज दुनिया भर के लोग जानते हैं। वे बिहार जिले के गहलौर गांव के एक गरीब मजदूर थे, जिन्होंने अकेले अपनी दृ़ढ़ इच्छा शक्ति के बूते  अत्री व वजीरगंज की 55 किलोमीटर की लम्बी दूरी को 22 वर्ष के कठोर परिश्रम के बाद गहलौर पहाड़ काटकर 15 किलोम...
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Tag :
  May 24, 2018, 8:00 am
जब तक चूजे अंडे से बाहर न आ  जाएं तब तक उनकी गिनती नहीं करनी चाहिए जब तक ताजा पानी न मिल जाए तब तक गंदे पानी को नहीं फेंकना चाहिए भालू को मारने से पहले उसके खाल की कीमत नहीं लगानी चाहिए मछली पकड़ने से पहले ही उसके तलने की बात नहीं करनी चाहिए हाथ आई चिड़िया आसमान उड़ते गिद्द स...
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Tag :लोक उक्ति में कविता
  May 19, 2018, 8:30 am
जब भी जबलपुर जाना होता है, तो माँ नर्मदा के दर्शन के साथ भेड़ाघाट देखने को मन उत्सुक हो उठता है। भेड़ाघाट पहुँचकर शांत वातावरण के बीच नर्मदा नदी के खूबसूरत संगमरमरी चट्टानों के अनोखे सौंदर्य में नौका विहार करने पर मन आनंदित हो उठता है। ऐसे ही नौका विहार करते हुए खूबसू...
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Tag :भेड़ाघाट
  April 27, 2018, 4:10 pm
गर्म पानी से झुलसा कुत्ता ठण्डे पानी से भी डरता है चूने से मुँह जले वाले को दही देखकर डर लगता है रीछ से डरा आदमी कंबल वाले को देख डर जाता है दूध का जला छाछ को फूँक-फूँक कर पीता है ईश्वर से न डरने वाले से सभी को डर लगता है आग में झुलसा हुआ बच्चा आग से डरता है जिससे बचना मुश्क...
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Tag :डर
  April 13, 2018, 8:00 am
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