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Blog: ~♥ "KALP VERMA's Blog"♥~

Blogger: kalp verma
ज़िन्दगी के हर मोड़ पर ,वादे बदलते हैं कभी इरादे बदलते हैं ,वक़्त की हर दहलीज़ पर ,खुशियाँ बदलती हैं कभी तन्हाइयाँ बदलती हैं ,घूमते -फ़िरते, भागती राहों में ,क़दमों के निशां बदलते हैं कभी आसमां बदलते हैं ,ये ज़िन्दगी तन्हा सफ़र है दोस्तों ,हमसफ़र बदलते हैं कभी हमनवां बदल... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   10:03am 31 Jan 2014
Blogger: kalp verma
kalp verma'S ♥ KALPANA ♥: बदलों के रंग भी अजीब होते हैं ,ज़िन्दगी की तरह !...: बदलों के रंग भी अजीब होते हैं , ज़िन्दगी की तरह ! कभी बरसते हैं - भिगो जाते हैं , सावन की तरह ! कभी तन्हाई में दिखाई  नहीं देते , ...... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   6:01am 20 Sep 2013
Blogger: kalp verma
कुछ अधूरी सी लाइने .... कुछ अधूरे से अरमान ...आधी - अधूरी सी ज़िन्दगी में ... ढूंढें पूरे ख़ाब ...ज़िन्दगी ने बहुत खूबसूरत लम्हें दिए ... जीने के लिए ....साँसे दी ...हंसी दी , ख़ुशी दी ... और साथ में कुछ ग़म भी दिए ...वक़्त के हर उस लम्हे को हमने जकड़ के रखा ...जहाँ ग़मो ने अपनी चादर फैला रखी थी .... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   5:30am 14 Jun 2013
Blogger: kalp verma
कुछ अधूरी सी लाइने .... कुछ अधूरे से अरमान ...आधी - अधूरी सी ज़िन्दगी में ... ढूंढें पूरे ख़ाब ...ज़िन्दगी ने बहुत खूबसूरत लम्हें दिए ... जीने के लिए ....साँसे दी ...हंसी दी , ख़ुशी दी ... और साथ में कुछ ग़म भी दिए ...वक़्त के हर उस लम्हे को हमने जकड़ के रखा ...जहाँ ग़मो ने अपनी चादर फैला रखी थी .... Read more
clicks 113 View   Vote 0 Like   5:30am 14 Jun 2013
Blogger: kalp verma
कुछ अपनी बोल-चाल की भाषा में लिखने की कोशिश की है... दिल के कुछ अरमान निकाले हैं...ज़रा ग़ौर फ़रमाएगा...और मेरी त्रुटियों को कृपया मुझे जरूर बताएं... जब तुम पास होत हौ अपने , तो हमका कौनव साथी की जरूरत नाही ,तुम्हार नैन खुबसूरत हैं इतने , कि निगाह हमार हटत नाही !!ज़िन्दगी की ग... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   7:33am 6 Apr 2012
Blogger: kalp verma
एक छोटी सी कोशिश अपने ज़ज्बात को कहने की....कुछ आधी-अधूरी सी है , लेकिन सीधी और सच्ची है...चलो धरती का सीना चीर कर कुछ बीज बोयें ,आने वाली नस्लों को कुछ मीठे फल दे जायें ,बातों में ही जाया करते हैं हम , कीमती वक़्त को अपने ,चलो कलम छोड़ कर अब हाथों में , फावड़े - कुदाल उठायें !!चलो ध... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   6:59am 28 Mar 2012
Blogger: kalp verma
तुम कभी इस दिल में उतर कर देखो ,हजारों अरमान साँस लेते मिलेंगे यहाँ , आँखों के समंदर में कभी डुबकियाँ लगा कर देखो ,जाने कितने ख़्वाब तैरते मिलेंगे यहाँ !!ये प्यार की दुनियां बड़ी हिफाज़त से सजाई थी मैंने ,तन्हाइयों में हमेशा एक तेरी याद की ही महफ़िल सजाई थी मैंने ,कोई ख़... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   10:38am 21 Mar 2012
Blogger: kalp verma
कृपया इसको शेयर करें ताकि यह जानकारी सबके पास पहुंचे !!अपनी भारत की संस्कृति को पहचाने ---दो पक्ष - कृष्ण पक्ष एवं शुक्ल पक्ष !तीन ऋण - देव ऋण, पित्र ऋण एवं ऋषि त्रण !चार युग - सतयुग , त्रेता युग , द्वापरयुग एवं कलयुग !चार धाम - द्वारिका , बद्रीनाथ, जगन्नाथ पूरी एवं रामेश्वरम धाम !... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   9:41am 21 Mar 2012
Blogger: kalp verma
एक तन्हा आँगन है , सूनी छत है ,एक मैं हूँ , और सारा आकाश है ,मिट्टी के घर हैं ,आधी - अधूरी कुछ दीवारें हैं ,नन्हें हाथों को तरसते ताख़ पे रखे कुछ खिलौने हैं ,जाने किस आँधी में उजड़ गयी है दुनिया घर की !!एक तन्हा आँगन है , सूनी छत है ,एक मैं हूँ , और सारा आकाश है ,चाँद छुप गया है बादल ... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   12:04pm 15 Mar 2012
Blogger: kalp verma
हर लम्हें में ख़ुशी नहीं होती , हर रिश्ते में प्यार नहीं मिलता ,हर शाख़ पे गुल नहीं खिलते , हर शख्स अजीज़ नहीं होता ,हर रात की सुबह तो होती है लेकिन , हर राह पे मंज़िल नहीं मिलती !!हर दिल में प्यार नहीं होता , हर सीप में मोती नहीं मिलता ,हर परवाने को शमा नहीं मिलती , हर जख्म का मरह... Read more
clicks 196 View   Vote 0 Like   5:35am 2 Mar 2012
Blogger: kalp verma
मैं उसे चाहता हूँ जो मेरा नहीं है...उसे माँगता हूँ जो मुझे मिल नहीं सकता...ज़िन्दगी के उन हसीन ख़्वाबों की ताबीर चाहता हूँ...जिसे वक़्त ने कभी अपने लम्हों में लिखा ही नहीं...!! ~♥ कल्प ♥~... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   12:16pm 27 Feb 2012
Blogger: kalp verma
~♥ "KALP VERMA's Blog" ♥~: काँटे चुभाता रहा अक्सर... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   5:50am 23 Feb 2012
Blogger: kalp verma
एक तेरे प्यार के पैमाने में आँसू मिला के पीता रहा अक्सर, हर दर्द को सीने में दबा के मैं जीता रहा अक्सर,कोई समझे , न समझे , मैं तो उससे उम्मीद ही करता रहा ,वो मेरे घावों पे मरहम देगा लेकिन , वो तो उसमे काँटे चुभाता रहा अक्सर !!... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   5:21am 22 Feb 2012
Blogger: kalp verma
बरसों बाद आज जो पल्टे पन्ने , अपनी किताबों के , तो सुर्ख़ गुलाब की सूखी , चंद पंखुरियाँ बिखरी हुई मिलीं ,एक-एक पंखुरी में हज़ार-हजार यादें , मुझे पुकारती हुई मिलीं ,पंखुरियों को छुआ तो , उनके  चेहरे का नर्म एहसास हुआ , हथेलिओं पे रखा तो , उनके चेहरे का दीदार हुआ ,इन नम आखों में ... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   7:33am 8 Feb 2012
Blogger: kalp verma
जाने कितने जन्मों की प्यास बुझती है ,एक तेरी नज़र का जाम पी के ,सारे फासले मिट जाते हैं , दूरियां ख़त्म हो जाती हैं ,एक तेरी बाहों के घेरे में ,यूँ ज़िन्दगी की राहों में मुश्किलें तो हैं बहुत ,पर कट जाता है हर सफ़र हँसते - हँसते , हमकदम साथ तेरे !!  ~♥ कल्प ♥~... Read more
clicks 201 View   Vote 0 Like   8:10am 5 Feb 2012
Blogger: kalp verma
बीते हर लम्हें में , एक तेरा ही इंतज़ार रहा है ,यूँ हर रात को जैसे , एक भोर का इंतज़ार रहा है ,वक़्त थमा नहीं कभी , और मैं भी रुका नहीं हूँ अभी ,फिर भी न जाने क्यूँ , अब पाओं के नीचे जमीं नहीं मिलती ,चलती हुई साँसों को कोई डोर नहीं मिलती ,दिल तो धड़कता है पर एहसास नहीं है ,न जा... Read more
clicks 120 View   Vote 0 Like   5:47am 1 Feb 2012
Blogger: kalp verma
बीते हर लम्हें में , एक तेरा ही इंतज़ार रहा है ,यूँ हर रात को जैसे , एक भोर का इंतज़ार रहा है ,वक़्त थमा नहीं कभी , और मैं भी रुका नहीं हूँ अभी ,फिर भी न जाने क्यूँ , अब पाओं के नीचे जमीं नहीं मिलती ,चलती हुई साँसों को कोई डोर नहीं मिलती ,दिल तो धड़कता है पर एहसास नहीं है ,न जा... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   5:47am 1 Feb 2012
Blogger: kalp verma
बीते हर लम्हें में , एक तेरा ही इंतज़ार रहा है ,यूँ हर रात को जैसे , एक भोर का इंतज़ार रहा है ,वक़्त थमा नहीं कभी , और मैं भी रुका नहीं हूँ अभी ,फिर भी न जाने क्यूँ , अब पाओं के नीचे जमीं नहीं मिलती ,चलती हुई साँसों को कोई डोर नहीं मिलती ,दिल तो धड़कता है पर एहसास नहीं है ,न जाने क्... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   5:47am 1 Feb 2012
Blogger: kalp verma
ये ज़िन्दगी इतनी तन्हा क्यूँ है ,हर पल किसी का इंतज़ार क्यूँ है ,कोई नहीं है दूर - दूर तक राहों  में , ~कल्प~ फिर भी उनके पास होने का एहसास क्यूँ है !!ये ख़ुशी क्यूँ रूठी है मुझसे ,ये हंसी क्यूँ जार-जार है ,पलट के पन्ने जो देखता हूँ ज़िन्दगी के , ~कल्प~तो एक कोना आज भी ♥ दिल ♥ का मे... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   11:23am 30 Jan 2012
Blogger: kalp verma
खुद को पास बुला के , बैठो कभी तन्हाई में ,बिन बोले दो-बात कहो ,फिर दिल की आवाज़ सुनो कभी तन्हाई में ,किसे पाया , किसको खोया ,कौन है आस-पास , फिर देखो दूर तक कभी वीराने में ,किसे हंसाया , किसको रुलाया ,किसका दिल दुखाया , कभी अनजाने में !!खुद को पास बुला के , बैठो कभी तन्हाई में !!किसे ... Read more
clicks 228 View   Vote 0 Like   12:22pm 24 Jan 2012
Blogger: kalp verma
हम तो वो हैं जो ग़ैरों को भी अपना बना लेते हैं ,फिर आज वो जो अपने थे , कैसे ग़ैर हो गए !! वक़्त और हालात ने मिलकर हमें तन्हा कर दिया ,वरना हम भी कभी अकेले ही महफ़िल सजाया करते थे !! ♥ कल्प ♥... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   5:28am 24 Jan 2012
Blogger: kalp verma
लेकिन ज़िन्दगी के exam तो कुछ ऐसा होता है कि....कोई lecturer नहीं होता है ,कोई date नहीं होती है ,exam कभी भी हो सकता है ,और pass होना जरूरी होता है ,fail हुए तो सारे रास्ते बंद हो जायेंगे ....उम्मीदों के ....इसीलिए LECTURER हमें " PLAIN RICE " सिखाते हैंऔर हमसे उम्मीद करते हैं कि हम " BIRYANI " बना दें ....THNX ADMIN..♥ KALP ♥बहुत खूब ... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   3:47pm 21 Jan 2012
Blogger: kalp verma
ज़िन्दगी ने मुझे क्या दिया , या ,मैंने ज़िन्दगी को क्या दियाइसी उधेड़बुन में बैठा हूँ मैं ,मैंने कदम नहीं बढ़ाये , या ,मज़िल कहीं दूर थी मेरी , पता नहीं ,वक़्त ने साथ नहीं दिया , या ,किस्मत कहीं नाराज़ थी मुझसे , पता नहीं ,हर - सू में तेरा चेहरा नज़र आता था मुझे ,हर ख्व़ाब तेरे पह... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   6:24am 17 Jan 2012
Blogger: kalp verma
ज़िन्दगी ने मुझे क्या दिया , या ,मैंने ज़िन्दगी को क्या दियाइसी उधेड़बुन में बैठा हूँ मैं ,मैंने कदम नहीं बढ़ाये , या ,मज़िल कहीं दूर थी मेरी , पता नहीं ,वक़्त ने साथ नहीं दिया , या ,किस्मत कहीं नाराज़ थी मुझसे , पता नहीं ,हर - सू में तेरा चेहरा नज़र आता था मुझे ,हर ख्व़ाब तेरे पह... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   6:24am 17 Jan 2012
Blogger: kalp verma
ज़िन्दगी ने मुझे क्या दिया , या ,मैंने ज़िन्दगी को क्या दियाइसी उधेड़बुन में बैठा हूँ मैं ,मैंने कदम नहीं बढ़ाये , या ,मज़िल कहीं दूर थी मेरी , पता नहीं ,वक़्त ने साथ नहीं दिया , या ,किस्मत कहीं नाराज़ थी मुझसे , पता नहीं ,हर - सू में तेरा चेहरा नज़र आता था मुझे ,हर ख्व़ाब तेरे पह... Read more
clicks 187 View   Vote 0 Like   6:24am 17 Jan 2012
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