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Blog: मेरी चयनिका

Blogger: Jaydeep Shekhar
सबसे बड़े प्रेरणास्त्रोत!।। हरिवंश ।।(आज ‘मोटिवेशन’ अरबों-खरबों डॉलर का उद्योग बन गया है. पर भारतीय समाज को प्रेरणा पाने के लिए या संकल्प लेने के लिए मोटिवेशन इंडस्ट्री (प्रेरणा बाजार) की जरूरत नहीं है. अवसर है कि जब देश, स्वामी विवेकानंद की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है, तब ... Read more
clicks 264 View   Vote 0 Like   3:23am 17 Feb 2013
Blogger: Jaydeep Shekhar
-मंजू सिंह अशोक सिंघल जी का मानना है कि भारत में औरतों के साथ बलात्कार की घटनाओं के मूल में हमारे द्वारा पाश्‍चात्य संस्कृति का अपनाया जाना है. क्या यह आत्म-मूल्यांकन की बजाय दूसरे को जबरन दोषी ठहराने जैसा नहीं है? जब इंद्र ने गौतम-पत्नी अहिल्या से दुष्कर्म किया था, क्य... Read more
clicks 285 View   Vote 0 Like   1:02pm 1 Feb 2013
Blogger: Jaydeep Shekhar
शक्ति-पूजन का अर्थ-शंकर शरण       प्रति वर्ष शरद ऋतु में करोड़ों हिंदू दुर्गा पूजा मनाते हैं. इसे शक्ति-पूजनभी कहा जाता है. स्वयं भगवान राम को राक्षसों पर विजय पाने के लिएशक्ति-पूजा की आवश्यकता हुई थी. कवि निराला ने अपनी अद्भुत रचना ‘राम कीशक्तिपूजा’ में उस घटना को जी... Read more
clicks 231 View   Vote 0 Like   11:25am 23 Oct 2012
Blogger: Jaydeep Shekhar
रनर चला है तभी तो टन-टन घण्टी बज रही है रात में रनर चला है लिये चिट्ठियों का थैला हाथ में, रनर चला है, रनर! रात में रास्तों-रास्तों पर चलता, नहीं किसी निषेध को मानता दिगन्त से दिगन्त की ओर रहता सदा भागता काम लिया है उसने लाने का नयी खबर।रनर! रनर! जाने-अनजानों का बोझा आज उसके क... Read more
clicks 271 View   Vote 0 Like   8:06am 15 Apr 2012
Blogger: Jaydeep Shekhar
(सुकान्तो भट्टाचार्य की गिनती बँगला के प्रखर क्रान्तिकारी कवि के रुप में होती है. उनका जन्म 15 अगस्त 1926 को तथा देहान्त 13 मई 1947 को हुआ था- यानि वे मात्र 21 वर्ष की अवस्था में दुनिया छोड़ गये थे. उनकी कविताओं के संग्रह उनकी मृत्यु के बाद छपे- और तब हर कोई दंग रह गया! इतनी कम उम्र मे... Read more
clicks 232 View   Vote 0 Like   2:41am 5 Apr 2012
Blogger: Jaydeep Shekhar
बँगला के क्रन्तिकारी कवि सुकान्तो भट्टाचार्य (15 अगस्त 1926 - 13 मई 1947) की पुस्तक "सुकान्त समग्र" का आवरण ---दियासलाई की तीली मैं दियासलाई की एक छोटी-सी तीलीइतनी नगण्य, कि शायद नजर भी न आऊँ : तब भी जान लो मुँह में मेरे कुलबुला रहा है बारूद- सीने में है मेरे जल उठने का अदम्य उच्छ... Read more
clicks 242 View   Vote 0 Like   3:06am 24 Mar 2012
Blogger: Jaydeep Shekhar
1947 में मात्र 21 वर्ष की अल्पायु में दुनिया छोड़ जाने वाले प्रखरक्रान्तिकारी कवि सुकान्त भट्टाचार्यके नाम से हो सकता है कि हिन्दीभाषीकम परिचित या अपरिचित हों, मगर बाँगला भाषी उनका नाम बहुत सम्मान एवं आदर के साथलेते हैं।यहाँ उनकी एककविता "प्रियतमाषु" (प्रियतमा के नाम) क... Read more
clicks 199 View   Vote 0 Like   9:55am 19 Feb 2012
Blogger: Jaydeep Shekhar
1946 में मात्र 21 वर्ष की अल्पायु में दुनिया छोड़ जाने वाले प्रखरक्रान्तिकारी कवि सुकान्त भट्टाचार्यके नाम से हो सकता है कि हिन्दीभाषीकम परिचित या अपरिचित हों, मगर बाँगला भाषी उनका नाम बहुत सम्मान एवं आदर के साथलेते हैं।यहाँ उनकी एककविता "प्रियतमाषु" (प्रियतमा के नाम) क... Read more
clicks 242 View   Vote 0 Like   9:55am 19 Feb 2012
Blogger: Jaydeep Shekhar
दिसम्बर 1971में भारत-पाक युद्ध पूरे जोर पर था।स्क्वाड्रन लीडर सुधीर श्रीवास्तव एक सैनिक ‘इण्टेलिजेन्स’ यूनिट का ऑफिसर कमाण्डिंग (ओ सी) था।यह पूर्वी और पश्चिमी पाकिस्तान के बीच रेडियो टेलीफोन लिंक पर की जा रही वरिष्ठसैनिक एवं सरकारी अधिकारियों, राजनयिकों एवंराजनीति... Read more
clicks 266 View   Vote 0 Like   4:49pm 16 Dec 2011
Blogger: Jaydeep Shekhar
परमहँस योगानन्द की आत्मकथा "योगी कथामृत" (अँग्रेजी संस्करण: Autobiography of a Yogi) के 15वें प्रकरण 'फूलगोभी की चोरी' (पृष्ठ 216-220) से साभार।***संसार में संगीत-विज्ञान की सबसे पहली जानकारी सामवेद मे उपलब्ध है।भारत में संगीत, चित्रकला एवं नाट्यकला को दैवी कलाएँ माना जाता है।अनादि-अनंत त्र... Read more
clicks 223 View   Vote 0 Like   11:24am 11 Jun 2011
Blogger: Jaydeep Shekhar
प्राचीनकाल में प्रियंगु, बड़ी इलायची, नागकेसर. चन्दन, सुगन्धबाला, तेजपत्र, जटामांसी, गुग्गुल, अगरू, पीपल की छाल इत्यादि से धूमवर्तिका बनायी जाती थी और इससे धूमपान किया जाता था।       इससे सिरदर्द, श्वास-कास के रोग, दंतशूल, दाँतों की दुर्बलता, बालों का गिरना, तन्द्रा, अतिनि... Read more
clicks 214 View   Vote 0 Like   2:39pm 14 Feb 2011
Blogger: Jaydeep Shekhar
चंदन का चर्खा निछावर है इस्पाती बुलेट पर निछावर है अगरबत्ती चुरुट पर, सिग्रेट पर नफाखोर हंसता है सरकारी रेट पर फ्लाई करो दिन-रात, लात मारो पब्लिक के पेट पर पुलिस आगे बढ़ी- क्रांति को संपूर्ण बनाएगी गुमसुम है फौज- वो भी क्या आजादी मनाएगी बंध गई घिग्घी- माथे पर दर्द हुआ नंग... Read more
clicks 218 View   Vote 0 Like   1:27pm 17 Dec 2010
Blogger: Jaydeep Shekhar
जिनके बूटों से कीलित है भारत माँ की छाती जिनके दीपों में जलती है तरूण आंत की बाती ताजा मुंडों से करते हैं जो पिशाच का पूजन है असह्य जिनके कानों को बच्चों का कल-कूजन जिन्हें अंगूठा दिखा-दिखा कर मौज मारते डाकू हावी है जिनके पिस्तौलों पर गुंडों के चाकू चांदी के जूते सहलाया... Read more
clicks 200 View   Vote 0 Like   12:53am 11 Dec 2010
Blogger: Jaydeep Shekhar
"जो संकृति अपनी जीवन्त पृथक्कता को त्याग देगी, जो सभ्यता अपनी सक्रिय प्रतिरक्षा की उपेक्षा करेगी वह दूसरी के द्वारा निगल ली जायेगी और जो राष्ट्र इसके सहारे जीता था वह अपनी आत्मा को खोकर विनष्ट हो जायेगा."***"भेड़िये के द्वारा आक्रान्त मेमने की तरह अपनी हत्या होने देने स... Read more
clicks 216 View   Vote 0 Like   3:15pm 7 Dec 2010
Blogger: Jaydeep Shekhar
मेरे दिल की बात जोमरेकोई "नेता"तोरोतेहैहजारो,झुकतेहै"झंडे"और"सिर" भी |नहोतीकोईआँखनम,नपड़ताफर्ककिसीको,जवानबेटे , भाईहोतेशहीद ,जबजबगिरते 'मिग'मेरेदेशमें ..... |रोताहैदिल ,रोताहूँमैंभी ....क्योंहै"शहादत"केयहहालमेरेदेशमें ...??घरघरशहीदकीबेवा,क्योंमांजतीहैथालमेरेदेशमें .....??... Read more
clicks 199 View   Vote 0 Like   6:41am 6 Dec 2010
Blogger: Jaydeep Shekhar
मरो भूख से, फौरन आ धमकेगा थानेदार लिखवा लेगा घरवालों से- 'वह तो था बीमार' अगर भूख की बातों से तुम कर न सके इंकार फिर तो खायेंगे घरवाले हाकिम की फटकार ले भागेगी जीप लाश को सात समुन्दर पार अंग-अंग की चीर-फाड़ होगी फिर बारंबार मरी भूख को मारेंगे फिर सर्जन के औजार जो चाहेगी लिख... Read more
clicks 220 View   Vote 0 Like   2:08pm 2 Dec 2010
Blogger: Jaydeep Shekhar
पाँच पूत भारत माता के, दुश्मन था खूंखारगोली खाकर एक मर गया, बाकी रह गये चारचार पूत भारत माता के, चारों चतुर प्रवीनदेश निकाला मिला एक को, बाकी रह गये तीनतीन पूत भारत माता के, लड़ने लग गए वोअलग हो गया उधर एक, अब बाकी बच बच गए दोदो बेटे भारत माता के, छोड़ पुरानी टेकचिपक गया है ए... Read more
clicks 214 View   Vote 0 Like   3:25pm 1 Dec 2010
Blogger: Jaydeep Shekhar
(किपलिंग की प्रसिद्ध कविता “IF” का ‘बच्चन’ द्वारा भावानुवाद:) अगर तुम अपना दिमाग ठीक रख सकते होजबकि तुम्हारे चारों ओर सबके बे-ठीक हो रहे होंऔर दोषी इसके लिए वे तुम्हें ठहरा रहे हों, अगर तुम अपने ऊपर विश्वास रख सकते होजबकि सब लोग तुमपर सन्देह कर रहे होंपर साथ ही उनकी सन्दे... Read more
clicks 211 View   Vote 0 Like   2:34am 30 Nov 2010
Blogger: Jaydeep Shekhar
(पटना में 4 नवम्बर 1974 को हुए ऐतिहासिक मार्च में लोकनायक जयप्रकाश नारायण पर पुलिस की लाठीचार्ज के बादधर्मवीर भारती द्वारा लिखी गयी कविता-) खलक खुदा का, मुलुक बाश्शा काहुकुम शहर कोतवाल का.... हर खासो-आम को आगाह किया जाता है कि खबरदार रहेंऔर अपने-अपने किवाड़ों को अन्दर से कुण... Read more
clicks 241 View   Vote 0 Like   2:42am 28 Nov 2010
Blogger: Jaydeep Shekhar
“मॉरिशस से नौ कविताएँ”- इस शीर्षक से किसी जमाने में “धर्मयुग”में अभिमन्यु अनतकी नौ कविताएँ छपी थीं. मेरे पिताजी ने इन कविताओं को एक डायरी में लिख लिया था. उसी डायरी से आज इन कविताओं को मैं आपके लिए प्रस्तुत करता हूँ: (1)    “जाये ये दे”कहकर तुमनेविभीषण को जाने दिया“आये दे... Read more
clicks 228 View   Vote 0 Like   2:41am 28 Nov 2010
clicks 241 View   Vote 0 Like   12:00am 1 Jan 1970
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