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मुकेश पाण्डेय "चन्दन"

51 शक्तिपीठों में से एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ मध्यप्रदेश के सतना जिले में स्थित मैहर है, जहां पर मां शक्ति शारदा के रूप में प्रतिष्ठित है । शक्तिपीठों की स्थापना से संबंधित कथा तीन चरणों में अलग-अलग ग्रंथों में मिलती है जिसमें इस कथा का प्रथम चरण का रूप महाभारत के शांति पर्...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :मध्य प्रदेश
  March 21, 2018, 6:30 am
पिछली पोस्ट  में आपने भोपाल स्थित शौर्य स्मारक का परिचय और प्रवेश तक पढ़ा था।  अगर नहीं पढ़ा तो शुरुआत के अक्षर पर क्लिक करके पढ़ सकते है।"आज की पोस्ट को विस्तार देने से पूर्व मैं अपने मित्र कर्नल मनीष मिश्रा जी के कुछ अनुभवों से आपको परिचित कराना चाहूंगा । नौकरी की शुर...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :मध्य प्रदेश
  March 19, 2018, 10:30 pm
शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले !!भारत में जब हम हमारे सैनिकों की शहादत को चिरस्मरणीय बनाने वाले किसी स्मारक की बात करते हैं, तो हमारे सामने सिर्फ इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योतिका ही नाम आता है . इंडिया गेट प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के सम्मान में बन...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :पर्यटन
  March 14, 2018, 1:09 am
मेरी पिछली पोस्ट में आप बोधगया ,राजगीरऔर नालंदा जैसे बौद्ध स्थलों की मेरी यात्रा को पढ़ चुके हैं और जो इन पोस्टों को पढ़ने से चूक गए हैं वह दी गई लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं । बौद्ध स्थानों की श्रंखला को आगे बढ़ाते हुए आज हम सांची के बौद्ध स्तूपों की यात्रा पर चलें...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :पर्यटन
  March 7, 2018, 10:43 pm
जैसा कि आप सभी नेपिछली पोस्टमें पढ़ा कि कैसे मैं और मेरे बड़े साले ध्रुव राजगीर घूम चुके थे और अपनी बाइक से अब नालंदा की ओर चल पड़े थे । नालंदा अपने आप में एक बहुत बड़ा नाम है जो भारत ही नहीं बल्कि पूरे एशिया में एक समय अपने उच्चकोटि ज्ञान की वजह से विख्यात था । हमारी बाइक ...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :पर्यटन
  February 25, 2018, 8:38 pm
पिछले भाग गया से राजगीर की राह में आपने पढ़ा कि हमारी यात्रा गया से किस तरह राजगीर के लिए शुरू हुई हम अपनी मोटरसाइकिल से राजगीर की सीमा पर स्थित प्रवेश द्वार तक पहुंच चुके थे । राजगीर यह नाम मैंने इतिहास कि किताबों में बहुत पढ़ा था । मगध राज्य के सबसे प्राचीन वंश का संस...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :पर्यटन
  January 23, 2018, 12:14 am
नमस्कार मित्रों, इस बार फिर से अपने ससुराल यानी गया से की गई यात्रा के बारे में आपको परिचित कराने जा रहा हूं जैसा की आप सभी को पता है कि मेरी पिछली यात्रा जो ससुराल से की थी, वह प्रसिद्ध दैनिक समाचार पत्र नईदुनिया में प्रकाशित हो चुकी है । आप इस लिंक पर क्लिककरके इस यात्...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :पर्यटन
  January 16, 2018, 1:00 pm
 अद्भुत शिल्प और दशावतार मंदिर देवगढ़                                                   पिछली पोस्ट में आपने पढ़ा कि  दशावतार मंदिर के अद्भुत शिल्प अंकन में हम इतना खो गए थे कि हमें न खुद की सुध बुध थी और ना ही अपनी भूख की । ऐसा लग रहा था कि मानो इन म...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :इतिहास
  November 25, 2017, 11:59 pm
देवगढ़ का दशावतार मंदिर कुछ यात्राएं नियति द्वारा निर्धारित होती है।  इसी तरह मेरी देवगढ़ (जिला ललितपुर , उत्तर प्रदेश )की यात्रा रही।  हुआ यूँ , कि 9 अक्टूबर 2017 को  सुबह 10 बजे के लगभग मेरे घुमक्कड़ मित्र और उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा श्री नयन सिंह जी का कॉल आया और व...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :पर्यटन
  October 25, 2017, 2:10 pm
मानव के मन को पक्षी हमेशा से आकर्षित करते रहे है।  इन्ही पक्षियों को देखकर मानव ने उड़ने के स्वप्न देखे जो आज हवाई जहाज , हेलीकाप्टर आदि के रूप में साकार हुए है।  पक्षियों को लेकर साहित्य में न जाने कितने काव्य और कहानियां लिखी गयी।  भारत में कविता का उदय बाल्मीकि क द...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :ओरछा
  October 24, 2017, 10:31 am
मेरा जन्म बिहार में हुआ , परंतु पढाई-लिखाई आदि मध्य प्रदेश में होने के कारण अपने गृह राज्य में बिलकुल भी नही घूम सका। खैर जब मेरी शादी तय हुई , और मुझे पता चला कि मेरे ससुराल वाले गया में रहते है , तो मेरी  ख़ुशी का ठिकाना न रहा।  क्योंकि गया न केवल बिहार का बल्कि भारत का ...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :बिहार
  October 21, 2017, 11:56 pm
माँ बेतवा से साक्षात्कार बेतवा की जुबानी : ओरछा की कहानी (भाग-1)बेतवा की जुबानी : ओरछा की कहानी (भाग-2)रायप्रवीण : जिसके आगे अकबर को भी झुकना पड़ा ( ओरछा गाथा भाग - 3 )रायप्रवीण का सौंदर्य और ओरछा की नियति (ओरछा गाथा भाग-4)नमस्कार मित्रों ,अभी तक आपने मेरे द्वारा लिखी गयी ओरछा ग...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :ओरछा
  October 7, 2017, 12:12 am
नमस्कार मित्रों, बहुत दिनों के बाद ब्लॉग लिखने बैठा हूँ।  इस 29 जुलाई को मेरे पिताजी असमय ही एक दुर्घटना में हम सब को छोड़कर अनंत यात्रा पर निकल गए। इस कारण  मन बड़ा ही अशांत और दुखी है।  आज की यह पोस्ट मैं अपने पापा जी को समर्पित कर रहा हूँ।  हो सकता है, कि मेरी इस पोस्...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :माता वैष्णो देवी की यात्रा
  September 21, 2017, 9:12 am
इस श्रृंखला की पिछली तीन पोस्ट से इतना तो आप जान ही गए होंगे , कि  बाबा गुप्तेश्वर के धाम तक पहुंचना इतना आसान नहीं है।  अगर आपने पिछली पोस्ट नहीं पढ़ी तो नीचे  लिंक दे रहा हूँ , क्लिक करके पढ़ लीजिये तभी असली आनंद आएगा। रहस्मयी गुफा वाले गुप्तेश्वर धाम की यात्रा   अ...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :पर्यवरण
  July 16, 2017, 12:35 am
पता नहीं क्यों आज एक साल हो गया , लेकिन कई बार चाह कर भी बाबा गुप्तेश्वर नाथ की यात्रा और दर्शन लिख नहीं पाया  इसकी शुरुआत पिछले साल ही कर दी थी , लेकिन शुरूआती दो भाग लिखने के बाद जब तीसरा  बाबा गुप्तेश्वर नाथ के बारे में बताने की बारी आती , तो कुछ न कुछ विघ्न आ जाते थे।  ...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :मेरे अनुभव
  July 11, 2017, 8:08 am
अभी एक मेरी दिल्ली यात्रा में दो भाग पढ़ चुके है।  (जिन्होंने नहीं पढ़ा वो दी गयी लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते है -  लाल किले की ओर छतरपुर में बहन जी के घर जाकर दिल्ली की दिवाली का लुत्फ़ उठाया  मैंने पहली बार किसी पर्व को दिल्ली जैसे महानगर में मनाया ।  रात में च...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :मन की बात
  July 8, 2017, 4:38 pm
 अभी तक आप लोगो ने पढ़ा दिलवालों की दिल्ली के दर्शन (भाग -1 )अब उसके आगे की राम कहानी सुनिए।  तो ओला कैब से हम लोग लाल किला देखने पहुँच गए।  कमल भाई टिकट लेने लाइन में लगे , मैं उनके पास ही खड़ा गपशप करने लगा।  किले में प्रवेश करने  टिकट 30 रूपये की थी, और अगर आप किले के अं...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :पर्यटन
  June 30, 2017, 11:57 pm
नमस्कार मित्रों ,पिछले साल दिवाली के समय ओरछा में अकेला ही था , श्रीमती जी मायके गयी हुई थी।  तो अब दीपावली जैसा महापर्व अकेले कैसे मनाया जाये।  घर ( बक्सर, बिहार ) जाने के लिए काम से काम एक हफ्ते की छुट्टी चाहिए।  इसलिए इस बार दिवाली के शुभ अवसर पर दिल्ली में अपनी इकलौ...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :
  June 22, 2017, 1:15 am
अगर आप ओरछा के बारे में जानना चाहते है , तो इन लिंक्स पर क्लिक करके पढ़िए ओरछा गाथा पहला भागओरछा गाथा दूसरा भागओरछा गाथा तीसरा भाग  ओरछा गाथा भाग चौथाइस पोस्ट को शुरू से पढ़ने के लिए नीचे दी गयी लिंक पर क्लिक कर करके पढ़िए ओरछा महामिलन (पहली कड़ी )ओरछा महामिलन (दूसरी कड़...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :
  February 11, 2017, 12:16 am
अभी तक आपने ओरछा महामिलन का पहले दिन का विवरण पढ़ा।  सभी लोग तय कार्यक्रम के अनुसार निश्चित समय पर रामराजा मंदिर पहुँच चुके थे।  आरती शुरू हो चुकी थी, मगर मैं अभी तक घर पर था। जब अनिमेष गोद  से उतरने  का नाम ही नही ले रहा था , तो उसे साथ ही लेकर कार से मंदिर पहुंचा ...ओरछा...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :ओरछा
  January 22, 2017, 5:10 pm
ओरछा में बेतवा किनारे छतरियों के पीछे : सूर्यास्त इसके पहले के भाग पढ़ने के लिए क्लिक करें  राम राम मित्रों ,                      जैसे कि आपने अभी तक पढ़ा , कि ओरछा भ्रमण के प्रथम सत्र के बाद सभी वापिस होटल खाना  खाने के लिए लौट आये। खाने में पूड़ी, मटर-पनी...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :नदी
  January 18, 2017, 8:05 am
राजा महल से दिखता भव्य चतुर्भुज मंदिर राम राम मित्रों ,अभी तक के दो भागों में ओरछा महामिलन के सम्बन्ध में पूर्व तैयारी और अधिकांश सदस्यों के आगमन के बारे में पढ़ चुके है।  अब आगे पढ़िए ....चाय -नाश्ता से निवृत होकर सभी ओरछा भ्रमण हेतु तैयार हो गए थे , इधर मैं भी अपने घर ...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :मेरे अनुभव
  January 12, 2017, 12:28 am
राम राम जी,पिछले भाग  में आपने ओरछा महामिलन की तैयारियों के बारे में पढ़ा , उसके बाद सूरज मिसिर का आगमन हो ही चूका था।  अब आगे -                                ओरछा अभ्यारण्य जो कि बेतवा -जामुनी नदियों के संगम के टापू पर बसा हुआ है।  अर्थात इसके दो तरफ जलर...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :पर्यटन
  January 8, 2017, 11:08 pm
राम राम मित्रों,अभी तक आप ने ओरछा महामिलन की पूर्व गाथा को न केवल पढ़ा बल्कि पुरस्कार स्वरुप  प्रोत्साहन वाली टिप्पणियां भी की , जिसमे अगले भाग को जल्द ही पढ़ने की इच्छा व्यक्त की गयी।  आपके इसी प्रेम और  इच्छा  का सम्मान करते हुए अपने व्यस्त समय में से कुछ प...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :ओरछा
  January 6, 2017, 2:20 pm
ओरछा के जहांगीर महल के पीछे सूर्योदय  मित्रों , नई साल में सबको राम राम।  अधिकांश लोग सोशल मीडिया के माध्यमो ( फेसबुक, व्हाट्स एप्प  , इंस्टाग्राम , ट्विट्टर आदि ) से हुई मित्रता को आभासी या नकली मानते है।  उनका मानना  होता  है , कि  इन माध्यमों से बने रिश्ते अंत...
मुकेश पाण्डेय "चन्दन"...
Tag :इतिहास
  January 3, 2017, 12:35 am
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