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Blog: हृदयानुभूति .......hridyanubhuti

Blogger: induravisinghj
कृपया मेरी नई रचनाओं के लिए मेरे ब्लॉग : http://hridyanubhuti.wordpress.com/  पर विजिट करें . या मेल के द्वारा भी आप मुझे संपर्क कर सकते हैं - induravisinghj@gmail.com... Read more
clicks 217 View   Vote 0 Like   4:50pm 7 Jul 2013
Blogger: induravisinghj
पुरुषत्व को जोड़तीगहन गुफाओं में पनाह देतीस्त्री हूँ मै ।एक नई स्रष्टि रचतीपहाड़ों से नदिया बहातीस्त्री हूँ मै ।इमारतों को बदल घर मेंप्रेम की छाँव देतीस्त्री हूँ मै ।अतिथि देवो भव,संस्कारोंको पिरोती पीढ़ी दर पीढ़ीस्त्री हूँ मै ।पिरोती समाज की हर रीत कोचटकती,बिखर... Read more
clicks 209 View   Vote 0 Like   11:47am 22 Oct 2012
Blogger: induravisinghj
काँधे पे सर कुछ झुका सा रहासाँसों का लम्हा रुका सा रहा।बंद पलकें रूह में कुछ समा सा रहाकपकपाते लबों का फ़साना रहा।खुशबू-ए-जिस्म की मदहोशियत न पूछोसाँसों में तेरी साँसों का पहरा सा रहा।परछाइयां भी हसीन लगने लगींइश्क का कुछ ऐसा नशा सा रहा।गहराइयाँ थीं इतनी-सागर भी कमथ... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   4:41am 3 Apr 2012
Blogger: induravisinghj
सुनो ! चुप रहना अबऔर बसखुद को सुनोदेखो अभी-अभी कुछकहा तुमनेहाँ-हाँ ,शायदनाम था कोई पुकारा तुमनेध्यान… से सुनोनाम क्या है वो ??है जीवन या म्रत्युबताओ तो सहीसुनो !!!गहरे डूबकरवो नाम खोज लाओसुना था मैंने, वो नामउसकी पुकार तुम भी तो सुनो….सुनो !!!!बस एक वही है सत्यहै तुम्हारे अ... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   7:54am 30 Mar 2012
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टूटा हुआ एक पत्ता आज राह में मिल गया,था तो बिल्कुल हरा और नया सा। उसकी उम्र अधिक न थी, शायदइसी ऋतु में जन्मा था वो। बेहद नर्म बेहद मासूम। देखते ही रो पड़ा नवजात शिशु की भाँति और कहने लगा कि मुझेभूख लगी है स्नेह की पर मैं तो गिर गया शाख से,अब कैसे जुड़ूँ वापस। मुझे नहीं पता क... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   7:49am 30 Mar 2012
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नसीब से आज दीदार-ए-यार हो गयाहर क़लमा खिला,खुश गवार हो गया।रूह से रूह का ऐतबार आज हो गयाजिस्म प्यार का गवह-गार हो गया।देखा निगाहों ने जी-भर के आज खुद कोनिगाहों को यार की पनाहों से प्यार हो गया।धड़कनें बढ़ने लगीं-साँस तेज़ चल पड़ीहो गये यार के जब क़ुबूल-ए-इज़हार हो गया।अब ... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   2:36am 27 Mar 2012
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न आँधी है कोई,न ही हवाएँ हैं तेज़हल्की सी सरसराहटसाथ उड़ा ले गई।न हुई बारिश कहींन बादल ही घिरेनमी थी ज़रा सीसंग बहा ले गई।न सर पे हाँथ था कोईन बाँहो में जकड़ा कोईफिर भी आत्मा कहींगहरे समा ही गई।न तो शोरगुल थान घिरी थी ख़ामोशीतन्हाइयाँ थीं फैली मगररूह को हँसा ही गई।न सो... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   2:04am 20 Mar 2012
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सुना था वो चुपके से दबे पाँव आती हैपर बिन बताए साथ ले जाती है,पता न था।सुना था शरीर जड़वत जिंदा लाश बन जाता हैआत्मा से शरीर को ये खबर न हो,पता न था।सुना था सुंदर घना वृक्ष भी पल में सूख जाता हैपर इतनी तेजी से कि महसूस ही न हो,पता न था।आँखों से नमी चली जाती-पथरा जाती हैं वो सु... Read more
clicks 199 View   Vote 1 Like   3:59pm 17 Mar 2012
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जीवन हर पल नया होता है इसलिए इसे किसी भी एक रूप में परिभाषित नहीं किया जा सकता। हर दिन के अलग-अलग अनुभव,कभी अच्छे तो कभी बुरे और कभी कुछ खास नहीं,सामान्य। यह तो सभी जानते हैं कि यही उतार-चढ़ाव जीवन का रूप हैं,यही जीवन है पर फिर भी सदा यही समझ नहीं आता कि कौन से रूप को जीवन कह... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   5:20pm 14 Mar 2012
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औरत की दुश्मन है औरत यहाँफिर भी औरत ही बेचारी यहाँ।हर हादसे का मुजरिमक्या आदमी ही है ?’हाँ’इल्ज़ाम लगा औरतबन गई बेगुनाह।भ्रूण से जन्म तक वो चाहे यहीहो लड़का ही पैदा न लड़की कभीलड़की जो जन्मी तो कर्ज से भरीलड़का ले आएगा धन की पोटलीलड़की पराई न काम की किसीलड़के से जीवन ... Read more
clicks 214 View   Vote 0 Like   8:19am 5 Mar 2012
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शाम का वक्त झील का किनारास्याह सा पानी,उतरा है दिल मेंरूमानियत से भरी हवाएँ चूमतीमद्ध सी किरणें,यूँ लहरों पे पड़तीसमा ही हसीं है न नज़र कहीं हटती।तीरे पे बत्तखों का इठला के आनाखोल पंख अपने,अदा से झिटक जानाउफ ये मदहोशियत अजब सा जादू हैदेख कर नज़रें,बस!!महसूस करतीं।इक छ... Read more
clicks 239 View   Vote 0 Like   5:16am 29 Feb 2012
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बचपन से ही चलती गाड़ी सेसड़कों को देखना भाता है हमेंलगता था कि सड़क भाग रही हैऔर हम पीछे छूट रहेबड़ा अचरज होता था तब।कभी दूर सड़क पर पानी का दिखनामृग तृष्णा का अर्थ,तब पता ही न थाजीवन के सबसे बड़े अजूबेतब यही तो लगते थे।आज यूँ बड़े हो,सब समझ तो गएपर वो नासमझी के अचरजमन खु... Read more
clicks 183 View   Vote 0 Like   5:15pm 21 Feb 2012
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तालाब में उठी वो छोटी सी लहरफैल जाती है जिस्म-ओ-जिगर परलेकिन,बहुत शांत!!!देती है गहरी खोह,’अब’तलाशो खुद को।समंदर की तरह न वो शोर मचाएबरबस ही ध्यान,न कभी खीँच पाएफिर भी जीवन से,पहचान करा जाएवो छोटी सी लहर…हर हाल में है शांत,न कोई कौतूहलन इक नज़र मे,किसी को खींच पाएदृढ़ निश... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   5:12pm 21 Feb 2012
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तीखा है प्यार,असर कितना मीठाघुलती हुई गुड़ की ढली के जैसान सख़्त है बहुत न बेहद नरमज़रा सी ताप-पिघल जाता है प्यार।जाने कहाँ से उपजता,अहसास हैबीज है न बेढ़,न कोई खाद हैफिर भी लहलहाती फसल है प्यार।ग़म आँखें भी हैं,कभी खुशी नमहर ज़ख़्म पे लगे चाहत का मरहमतासीर वेदना की घटा... Read more
clicks 217 View   Vote 4 Like   3:41am 14 Feb 2012
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न लिख पायेंगे कुछ,तुम्हारे लिएक्योंकि तुम-लिखने नहीं देते!!यूँ हाँथ पकड़ मेरा जानेकहाँ ले जाते होधीरे से हथेली,आँख पर सजाकरकिसी और ही दुनिया की सैर कराते हो।कभी कोई नग़मा कभी कोई शेर,कभीप्यार से रूह छू जाते हो।पलकों पे सजा कोई ख़्वाब सा लगेदरम्याँ न कोई तुम पास आ जाते ... Read more
clicks 182 View   Vote 1 Like   5:29pm 12 Feb 2012
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न मिला कोई तुम सा,पहले कभीधड़कता है दिल पर धड़कन रुकीजज़बात हैं यूँ सारे लफ्ज़ों मैं कैदमिलेंगें जब हम,थम जायेगी घड़ीवो सोचना तुम्हे यूँ भाने लगाहै तारों की दिल मे,वीणा बजीअंगार से लब यूँ ग़रम हो गएआँखों की चिलमन है खुद पे गड़ीन ही सुनना है कुछ,न ही कहना तुमसेख़ामोशी भ... Read more
clicks 236 View   Vote 2 Like   4:51pm 9 Feb 2012
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जब भी होते खुश बहुत तुममिलता अजब सुकूं सा हमकोपर देख तुम्हें परेशाँ कभीदिल का हर कोना दुखता हैबस एक यही तो  न चाहा था।बरसों बीते ये साथ न छूटाअरमा बिखरे विश्वास न टूटाहाँ हिस्से के सुख तु्म्हे न मिलेजब भी सोचा ये न चाहा था।है उलझा जीवन,हो उलझन में तुमसिलवट सा जीवन सोचा ... Read more
clicks 238 View   Vote 1 Like   5:58am 7 Feb 2012
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सदा तुम्हारा इंतज़ार क्यूँ रहतावज़ूद क्या नहीं, कोई मेरामाना कि तुम हो उजली साफतो क्या? जीवन नहीं घनेराहर आशा को सदा,तुझसे हीजोड़ा जाता,जबकिनिराश और थके आते हैं सबसदा,मेरी बाँहों में समाते हैं सब।समझती उन्हे और हौसला भी भरतीचूम पलकों को झट आगोश में लेतीफिर भी कहते है... Read more
clicks 223 View   Vote 0 Like   6:19am 3 Feb 2012
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“आज बात करने का दिल ही नहींख़ुदा के लिये,न मजबूर कीजिएअभी टूटा है दिल,सम्भाल तो लूंफिर चाहे जितने ही ज़ख्म दीजिए”... Read more
clicks 185 View   Vote 0 Like   6:18am 1 Feb 2012
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पूरे हुए तिरसठ वर्ष आजहमारी ज़िंदगी केवो वर्ष,जिनमें साँसें ली हमनेस्वेच्छा सेहर चीज़ है पाई अपनीइच्छा से।इन वर्षों में,हमजिये हैं स्वतंत्रता सेये निधि है,जो रखनी हैसम्भाल करमिली है हमें अपनेदादा-पुरखों से।उनके खून से सनी न जानेकितनी गलियाँऔर आहों से भरी हजारोंम... Read more
clicks 246 View   Vote 0 Like   4:37pm 31 Jan 2012
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“ख़ता ये हुई,तुम्हे खुद सा समझ बैठेजबकि,तुम तो…‘तुम’ ही थे”जनवरी 20, 2012... Read more
clicks 240 View   Vote 0 Like   4:33pm 31 Jan 2012
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दूर रहता जो सदा वही भातापास की निगाह कमज़ोर क्यों होतीदूर की हँसी की,दिल में गूँज उठतीपास का दर्द नज़र अंदाज़ हो जाता।दूर के अल्फ़ाज़ भी मिश्री से घुलते,पास की मासूमियत पे सदा शक आता।रिश्ते तो रिश्ते हैं,होते सदा’रिश्ते’हीफिर क्यूँ दूर-पास का फर्क नज़र आता।जनवरी 18, 2012... Read more
clicks 264 View   Vote 0 Like   4:32pm 31 Jan 2012
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शायराना सा हो रहा आज दिल मेराडर लगता है कहीं,हो न जाए ख़ताकल होगा मिलन फिर हमारा तुम्हाराआशा है नयी,मिल जाएगा किनारा।सोचता हूँ कौन से रंग में दिखोगी तुमबेख़बर,मेरे रंग में रंगी हो तुमपर फिर भी नीला रंग,सदा तुम पे भातावो बात है अलग,निगाह आँखों से न हटा पाता।खनक तेरे लबों... Read more
clicks 196 View   Vote 0 Like   4:30pm 31 Jan 2012
Blogger: induravisinghj
फासला उम्र का दिख जाता है बस यूँ हीविचारों के फासले की उम्र नहीं दिखतीफिर भी सदा उम्र से विचारों को आँका जाता,क्या अधिक उम्र से ही,जीवन दिख पाता?सच है कि अनुभव सब सिखा जाताहम सीखे हैं कितना,ये कौन जान पाता।सीखने की चाह ही सदा जीत पातीसोच का है फेर बस,समझ यही आताविचारों की... Read more
clicks 218 View   Vote 0 Like   4:28pm 31 Jan 2012
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सर्द दोपहर में,बालकनी का वो कोनाजहाँ सूरज अपना छोटा साघर बनाता है,अच्छा लगता है।हर’पहर’के साथखिसकता हुआ वो घर,जीवन पथ परचलना सिखाता है।हो कितनी ही ठण्ड,पर उसकी गर्म सेंकसुकून देती है।है जीवन भी ऐसा,कभी सर्द तो कभी गर्महर कोने की सर्दी को सेंक देना है,हर गर्म घर को शीत... Read more
clicks 263 View   Vote 0 Like   4:25pm 31 Jan 2012
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