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Blog: मेरी अभिVयक्ति

Blogger: Deepak Kumar Bhanre
 तो  मत कर संकोच,लेकर मन में यह सोच ,कि लोग क्या कहेंगे ।गर मन में है भरोसा ,कि जो मैंने है सोचा ,वह नहीं है धोखा ,मेरे और अपनों के साथ । तो मत कर संकोच......गर गलत नहीं है चयन ,तो बढ़ा आगे कदम ,छोड़ कर सारे वहम ,कर एक दिन और रात । तो मत कर संकोच......गर बढ़ा दिया है कदम ,तो करके सारे जत... Read more
clicks 22 View   Vote 0 Like   4:08pm 2 Dec 2021 #
Blogger: Deepak Kumar Bhanre
यूं  न #उलझा करो मुझसे एक दिन पछताओगे ।देखना किसी दिन #दिल अपना मेरे हवाले कर जाओगे ।ढूंढते हो मुझसे बार बार मिलने के बहाने ,बनाते हो गलियों को मेरी अपने ठिकाने ,देखना इन्हीं ठिकानों पर दिल अपना अटका पाओगे ।मिलाते हो नज़रें मुझसे कितने दफा न जाने ,आते ही करीब मेरे बार बा... Read more
clicks 42 View   Vote 0 Like   4:19am 27 Nov 2021 #
Blogger: Deepak Kumar Bhanre
मेरा हुनर मुझे सीढ़ियों से गिरने नहीं देता । परेशानियां के बाज़ार में उतरने नहीं देता ।माना कि लाख चुनौतियां है जीवन में ,फिर भी मुझे टूटकर बिखरने नहीं देता ।आया है कुछ हुनर अपनों संग हाथ बटा कर ,तो पाया है कुछ  हुनरमंद को गुरु बनाकर ,जो मिला उसको कई दफा आजमाया है ,अब त... Read more
clicks 21 View   Vote 0 Like   6:31am 21 Nov 2021 #
Blogger: Deepak Kumar Bhanre
चाहत यह उनकीबस इतना सा  फसाना  है।  चाहतों का समंदर है ,और डूबते ही जाना है ।   फूलों की खुशबू भी  ,अब करती नहीं  दीवाना है । साँसों की उनकी खुशबू ही करे मौसम  सुहाना है । .........   महफिल भी सितारों की ,अब लगती वीराना है । साथ ही उनका अब तो ,महफिलों का खजाना है ।......... &nb... Read more
clicks 66 View   Vote 0 Like   3:52pm 25 Oct 2021 #
Blogger: Deepak Kumar Bhanre
लिये मुस्कुराहटों के तीर ,छुपाकर अपने मन की पीर,आओ खिंचवायें कुछ तस्वीर ।गर चेहरे में है दाग कोई ,या कील मुहांसे की हो भीड़,सौन्दर्य प्रसाधनों से एब छुपाकर ,चेहरे पर चढ़ायें सुंदरता का नीर ।कैमेरा में फ़्लैश बढ़ाकर ,,रंगों से सामंजस्य बनाकर ,अच्छा सा बैकग्राउंड लगाकर,त... Read more
clicks 40 View   Vote 0 Like   12:51pm 19 Oct 2021 #
Blogger: Deepak Kumar Bhanre
 💐आदरणीय💐🙏दशहरा के पावन पर्व पर सियाराम जी की कृपा से हम सभी के जीवन से🙏🔥हरण हो हर दुखों का ,🔥हरण हो हर दुर्दशाओं का ,🔥हरण हो हर दुर्गणों का ,🔥हरण हो हर दुविधाओं का ,🔥हरण हो हर दिक्कतों का,🔥हरण हो हर दरिद्रताओं का ,🔥हरण हो हर दुष्टों  का ,🔥हरण हो हर दु साहसियों का ,... Read more
clicks 59 View   Vote 0 Like   2:32am 15 Oct 2021 #
Blogger: Deepak Kumar Bhanre
 इमेज गूगल साभार हे #जगदम्बे मां , अपरंपार #महिमा ,भर दे सबकी मन्नतों की झोलियां ।तू शक्ति रूपेण, तू ममतामयी ,तू दुर्गति नाशिनी, तू रक्षा दायिनी,तेरी शरण सबकी छत्र छाया ।सच्ची भक्ति , सच्ची श्रद्धा ,सच्चे मन से करके पूजा ,तेरे दर पर सब कोई आया ।दरबार सजा , भक्तों से भरा ,गू... Read more
clicks 58 View   Vote 0 Like   4:57pm 10 Oct 2021 #
Blogger: Deepak Kumar Bhanre
इमेज गूगल साभारसाहिल का यह है गरूर ,या ये लहरों का है दस्तूर , किसका है इसमें कसूर ,जो मिलकर भी हो जाते हैं दूर ।तूफ़ानों की संगत में आकर ,लहरों को छाया कैसा सरूर ,चीर कर साहिल की सीमा ,हो जाती साहिल से दूर ।पाकर ऊंची ऊंची दीवारें ,साहिल भी हो जाता ऐसा मगरूर , लहरें टकराकर ... Read more
clicks 94 View   Vote 0 Like   2:04pm 6 Oct 2021 #
Blogger: Deepak Kumar Bhanre
 इमेज गूगल साभार #आसमां सर पर क्यों उठाते हो  ,पैर #जमी पर नहीं रख पाते हो  ,जमी पैरों के नीचे कि एक दिन ,यूं ही जायेगी खिसक ,आग पानी में क्यों लगाते हो ।  माना कि जमाने में मुश्किलों है बहुत ,कुछ सुलझती है कुछ जाती है उलझ ,हर समस्या से मिलती नहीं  निजात है  ,समझौता कर... Read more
clicks 221 View   Vote 0 Like   5:41pm 30 Sep 2021 #
Blogger: Deepak Kumar Bhanre
 गूगल इमेज साभार बिना हद का आसमान है ,ऑनलाइन के जमाने में ,दिल भी बे-हद मिलेंगे ,दीवानगी को आजमाने में ।  मुलाकातों भी होती है अब ,चैट रूम  के ठिकाने में ,लगता नहीं जरा भी वक्त ,दिन रात गुजर जाने में ।  अदायें भी शामिल ,नखरे भी ,अपने चलचित्र  को  बनाने में , बढ़ जाते ... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   2:27pm 24 Sep 2021 #
Blogger: Deepak Kumar Bhanre
 पेड़ के पत्तों के झुरमुट से ,किरणें  सूर्य की झांकी ,पिघलने लगी थी ,पत्तों पर जमी बर्फ ,पर रिश्ते बर्फ से जमे रह गये ।  बारिश में पेड़ों के पत्तों पर ,बूंदों की आवाज सुनाई दी ,मगर आंसुओं के गिरने की ,आवाज सुनाई न दी ,और अरमान सारे बह गये ।  कितने आहिस्ते निकले दिल से ,कि पत... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   5:48pm 17 Sep 2021 #
Blogger: Deepak Kumar Bhanre
 धरती , पाताल और गगन से ,इस जग के हर कण कण से ,शोभायमान  है चहुं दिशायें ,गणपति जी के शुभ आगमन से । भक्ति भाव खुशियां आनंद से ,हल्दी चन्दन और कुमकुम सेस्वागत है स्तुति वंदन से , गणपति विराजे हैं ऋद्धि सिद्धि संग से ।दूर होगी दुविधा मन से ,कष्ट मिटेंगे नश्वर तन से ,हर विप... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   3:31am 10 Sep 2021 #
Blogger: Deepak Kumar Bhanre
चार #कांधे भी न मिले ,#अर्थी को उठाने में ।जिन्होंने त्यागा है #प्राण ,#कोरोना के लड़ जाने में ।चुपचाप गये निकल ,अन्तिम संस्कार करवाने में ,अपने भी न पा सके मौका ,उनका चेहरा देख पाने में ।सबको लग रहा था डर, उनके पास जाने में ,लोग मिलने न पहुंच सके,उनके तीमार खाने में ।दो शब्... Read more
clicks 302 View   Vote 0 Like   4:10am 4 Sep 2021 #
Blogger: Deepak Kumar Bhanre
बेड़ियों में जकड़ती अफगानी नारी ,तमाशबीन बनी है ये दुनिया सारी ।बंदिशें पर बंदिशें लगनी है जारी ,पिंजरा बनता जा रहा बड़ा और भारी ।धरी रह गई तरक्की और समझदारी ,झट से बदल गई उनकी दुनिया सारी । उनकी ही आज़ादी के बने है शिकारी ,उनके लिये ही सब बंदिशें है जारी ।डरी सहमी सी है... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   5:30pm 1 Sep 2021 #
Blogger: Deepak Kumar Bhanre
यूँ   देखकर हमको क्यूँ किनारा कर लिया ,मन को बेघर कर क्यूँ बंजारा कर दिया ,पलकों से नींदों को नौ दो ग्यारह कर दिया ,होठों की हंसी पर भी एक ताला जड़ दिया ।  सुबह सबेरे  मॉर्निंग वॉक में वो आपकी एक झलक ,ठंडी हवायें और उस पर आपकी साँसों की महक ,हमारे तुम्हारे कदमों के साथ च... Read more
clicks 47 View   Vote 0 Like   4:58am 28 Aug 2021 #
Blogger: Deepak Kumar Bhanre
 थोड़ा लिया पर सब कुछ दिया ,ऐसा है भारत Great .   धरा मिली ,आसमान मिला ,और  रहने को मिला Space .   धन मिला ,सामान  मिला , और मिला सुविधाओं का Stack  . शिक्षा मिली ,सूचना मिली,  और मिला Knowledge   स्वास्थ्य मिला ,सुरक्षा मिली और मिला जीवन Safe .   तकनीक मिली ,विज्ञान मिला ,और जी... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   7:01pm 14 Aug 2021 #
Blogger: Deepak Kumar Bhanre
 कर खुद को कौशलमंद इतना ,तकनीकी ज्ञान का पहनकर चस्मा ,प्रशिक्षण लें कौशल बढ़ाने के लिए ,हाथों को मिले नये हुनर की क्षमता ।कर खुद को कौशलमंद इतना ,सीख कर मेहनत की आग में तपना,बन जा शागिर्द हुनर बढ़ाने के लिए ,कौशल को मिलेगी परिपक्वता ।बना खुद को असरमंद इतना ,हर काम को पड़े ... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   2:43pm 3 Aug 2021 #
Blogger: Deepak Kumar Bhanre
मौसम हो रहा है #कातिल , और दिल है उफान पर, सेल्फी जरा लेना ,होश अपने संभाल कर ।फिसलन भरी है राहें ,अरमां भी है आसमान पर ,उतरना जरा कहीं भी ,कदम अपने #संभालकर ।लगने लगे जब आलम ,सुहाना दिलों जान पर,#तस्वीरोंकी जगे तमन्ना ,हंसी यादों के नाम पर ।हो जाये कैद यादें ,तस्वीरों के सामान ... Read more
clicks 62 View   Vote 0 Like   1:49pm 22 Jul 2021 #
Blogger: Deepak Kumar Bhanre
 सुबह का पता न शाम का ,खाने की सुध न आराम का ,लगातार सर झुकाये बैठे हो ,#स्क्रीन पर नजर गड़ाये बैठे हो ,कभी दर्द की शिकायत ,तो उससे निजात की कवायद ,एक अलग ही दुनिया बनाये बैठो हो ,साथ अपनों का गवाये बैठो हो ,ध्यान जरा अपना हटाकर ,सर को अपने  ऊपर उठाकर ,उंगलियों का अपनी विराम द... Read more
clicks 101 View   Vote 0 Like   2:34pm 14 Jul 2021 #
Blogger: Deepak Kumar Bhanre
आसमान में आये बादल , काले काले श्यामल श्यामल ।गरज रहे मस्ती में बादल ,चमक रही बिजली भी कड़कड़ ।गर्जना से जब होता कंपन ,बढ़ा जाती है दिल की धड़कन ।एक साथ जब बरसी बूंदे , चारों दिशा टिप टिप से गूंजे ।कोई लगा हाथों से छूने , कोई भरता अंजुली में  बूंदे ,छपाक कर गड्डे में क... Read more
clicks 119 View   Vote 0 Like   5:03am 12 Jun 2021 #
Blogger: Deepak Kumar Bhanre
 है कहते  ये तो #ईश्वर की है #मर्जी ।हैं बात बड़ी ये बेदर्दी  ,जीवन अब तक साथ बिताये ,सुख दुख में रहे एक दूजे के साये ,सुखद भविष्य के कितने स्वप्न सजाये,पर एक पल में दुनिया उजड़ दी । सांसों के वो खेल अजब थे ,हम सब भी बहुत सजग थे ,न दवा काम आई न दुआ ,एक पल में सांसे उखड़ दी ।उ... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   4:33pm 3 Jun 2021 #
Blogger: Deepak Kumar Bhanre
#महामारीके इस दौर ने किसी न किसी अपनों को घेरा है, जिनके इलाज और दवाओं के लिये कोना कोना टटोला है । पर विपरीत परिस्थितियां और बिगड़ी व्यवस्थाओं ने झँझोड़ा है,स्वार्थी और निर्दयी इन्सानों ने भी कुकृत्यों की सारी हदें तोड़ा है । इन झंझावतों से लड़कर कुछ अपनों को मिला नया सबे... Read more
clicks 98 View   Vote 0 Like   12:57pm 20 May 2021 #कुचक्र
Blogger: Deepak Kumar Bhanre
 ऐ इंसानी गिद्ध ! खुद के दलदल से क्या तुम भी बच पाओगे ,उसी दलदल में कल खुद को या किसी अपने को भी पाओगे।  साँसों का सौदा ,व्यापार जहर का ,मनमानी लूटमारजिंदा को तो नौच खा रहे  ,  न  बकशा अंतिम संस्कार ।ऐसे नौचे हुये रुपयों  के चीथड़ों को क्या घर ले जाओगे ,बच्चों और परिवा... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   1:03pm 11 May 2021 #vulture
Blogger: Deepak Kumar Bhanre
साडी बात बात बाकी की बकवास ,बची रहे अपनी, बाकी की खल्लास, हमेशा अपनी ढपली अपनी राग ,ऐसे ही जिंदगी धकेली है  ,बस बुरा न माने होली है ।कभी दिखाते रहे पीठ  ,कभी बन जाते ढीठ  ,तलवे भले ही चाटने पड़े, पर पाये अच्छी सीट  ,चाहे होती रही जग ठिठोली है ,बस बुरा न माने होली है । ... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   7:09am 29 Mar 2021 #
Blogger: Deepak Kumar Bhanre
 पेड़ के पत्ते साख से , जब जाते है टूट ,साथ अपने लोगों का  ,तब जाता है  छूट ।उड़ते  आवारा से इधर उधर , शहरों की गलियों में जाए बिखर, कभी कुचले जाते है पैरों तले आकर, तो कभी धूप में पड़ जाते है सूख,कभी निवाला बन मिटाते है भूख । साथ जब मेघ से , बूंदों का जाता है छूट ,न कु... Read more
clicks 112 View   Vote 0 Like   3:46pm 12 Mar 2021 #
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