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Yaadein

जिन दरख्तोँ की छाँव मेँ  खेलते थे गाँव मेँ  काँटे लगे जो पाँव मेँ  सहलाये जख्म  उसी की पनाह मेँ  उन्हीँ दरख्तोँ को अपने हाथ से  गिराना पड गया  अपने को अपने आप से  हराना पड गया  नये जमाने की दौड मेँ  तरक्की की इस होड मेँ  जीवन की जोड तोड मेँ  यही था मुनासिब  मन को इस...
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Tag :Hindi Kavita
  April 25, 2014, 9:30 am
मेरा घर फिर  मुझे पुकार रहा है आज मेरी राह को  निहार रहा है मेरा उस घर मेँ क्या  किरदार रहा है? बचपन मेरा उस मिट्टी  मेँ उधार रहा है मेरा घर फिर मुझे  पुकार रहा है वो जमीँ अब जिसमेँ  आम का दरख्त न रहा अपनोँ के लिए अपनोँ के  पास वक्त न रहा अपनोँ के बीच आज  कोई रब्त न ...
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Tag :ghazal
  April 21, 2014, 1:54 am
मै तो चलता गया जगत मे, पीछे था कुछ छूट गया।  कोई प्रेमी ऐसा आया , मुझसे मुझको लूट गया।। कंचन वर्णो मे लिपटी थी, शर्मा के खुद मे सिमटी थी,  देख रहा था उसी का सपना , जगा कि वो सब टूट गया।। पहले तो अनजान थि मुझसे, नही हुई पहचान थि उससे। पर जब से देखा मैने उसको, पानी का न घूँ...
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Tag :ghazal
  April 18, 2014, 1:51 am
"अभी कुछ बात बाकी है ।" अभी कुछ बात बाकी है, कुछ मुलाकात बाकी है। जो तेरे संग बितानी है, अभी कुछ रात बाकी है।। मै तेरा हूँ,तू मेरी है, अभी कुछ कह नही सकता । मगर तुम बात ये मानो, कि तेरे बिन रह नही सकता ।। जो तुझको बताने हैं, कई जज्बात बाकी है। अभी कुछ---------------। मुझे भी खौ...
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Tag :ghazal
  April 15, 2014, 1:47 am
तेरी जुल्फ के  बादल को  अब जरा  लहर जाने दे तेरे होठों की  शबनम को  अब जरा बिखर  जाने दे डूबना चाहता हूँ  मैं अब इन  झील सी आँखों  की गहराई में तू मुझे जिस्म से  रूह में उतर जाने दे दिनेश गुप्ता 'दिन' https://www.facebook.com/dineshguptadin ...
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Tag :Hindi Kavita
  April 11, 2014, 1:44 am
आपकी आमद से दिल  में चराग जलने लगे, मुरझाये चमन में भी  गुलाब खिलने लगे,  सालों के मानिंद गुजर  रही थी हर घड़ी ,  अब तो वक़्त के भी  पर निकलने लगे, Chitra Kumar Gupta Aapki Aamad Se Dil Mein Charag Jalne Lage तीरगी फैली हुयी थी  स्याह रात की, बनके सूरज तुम  फलक पर आने लगे, होने लगा है हर तरफ  मंजर सहर का , ...
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Tag :Hindi Kavita
  April 8, 2014, 11:00 am
अपने ही इस अहं मेँ  यूँ चूर हो गये । अपनोँ से अपने आप  ही हम दूर गये ॥ जिन दरख्तोँ के साये मेँ  बीता था ये बचपन । उन दरख्तोँ को काटने  को हम मजबूर गये ॥ जिन्दगी तुझे अपने अन्दाज  मैँ जीने चले थे हम । खुद जिन्दगी के  फैसले मन्जूर गये ॥ बन्दगी मेँ तेरी ए खुदा  इतने हु...
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Tag :ghazal
  April 3, 2014, 1:32 am
समन्दर दिखेगा नहीं ....................... तुम नदी कहकहों की तुम्हें आँख में आँसुओं का समन्दर दिखेगा नहीं। सब्र का बाँध यूँ तो है मज़बूत पर टूट जायेगा फिर कुछ बचेगा नहीं॥ Dr Vishnu Saxena तुम तो कादम्बिनी जैसी फूली फली और् शहरों के अधरों  की सरिता रहीं, मैं धर्मयुग सा हर रोज़ छोटा हु...
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Tag :ghazal
  March 29, 2014, 9:30 am
wo jab toote aitbar  kisi par, to ruswai na ho, ho jae jab aitbar kisi  par to judai na ho, jab ho rahi ho mukammal  rishton ki duniya to dua hai meri  rishton se badhkar  duhai na ho. Wo ik sham jo  tthahar jae, to tanhai na ho, tthahri koi  sham guzar jae, to jamhai na ho, gar kaid kar le koi  khoobsurat ehsaas, to dua hai meri, aisi kaid ki koi  rihai na ho ...
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Tag :dard
  March 24, 2014, 1:38 am
जाम पीते हैं बहुत, होश रहता नहीं ये मुनासिफ नहीं हैं,  शहर के लिए। इश्क करके इन्हें ,  छोड़ दो इस कदर य तड़पते रहें ,  उम्र भर के लिए । जख्म देना है तो , तड़पाते रहो ये काबिल नहीं हैं , जहर के लिए। Adarsh Tiwari 'Harf'Jaam Peete Hain Bahut ये यारों भरोसे के  लायक नहीं हैं छोड़ दो साथ इनका , हर ड...
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Tag :ghazal
  March 20, 2014, 10:30 am
जिंदगी में जीत का  एहसास तो करो असफल ही सही एक  नया प्रयास तो करो प्रयासहीन जीवन में बस  उतना ही पाते हैं कर्म करने वाले  जितना छोड़ जाते हैं बुलंदियों को पाना  इतना भी नहीं कठिन आँख मूँद कर तनिक  कयास तो करो असफल ही सही एक  नया प्रयास तो करो जीवन ये सदा नहीं  फूलो...
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Tag :ghazal
  March 18, 2014, 11:00 am
आओ फिर से दिया जलाएँ भरी दुपहरी में अंधियारा   सूरज परछाई से हारा  अंतरतम का नेह निचोड़ें   बुझी हुई बाती सुलगाएँ।  आओ फिर से दिया जलाएँ  Atal Bihari Vajpayee Poetry  हम पड़ाव को समझे मंज़िल  लक्ष्य हुआ आंखों से ओझल   वतर्मान के मोहजाल में  आने वाला कल न भुलाएँ।   आओ फिर से दिय...
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Tag :ghazal
  March 17, 2014, 2:25 am
चल दिये अभी से  मैदान छोङकर, अभी तो खेल की  महज इब्तिदा है, क्यूँ चेहरा है जर्द,  क्योँ सीने मेँ है दर्द, अभी तो फ़कत एक  मोहरा पिटा है, Chitra Kumar Gupta Mujhko Manjoor Tera Har Faisla Hai कोशिश खुदा की है  वो नवाजिश, परिन्दा भी तिनके से  बना लेता घोँसला है, एक छोटी सी नाकामी  और ये परेशानी, अभी तो ...
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Tag :Hindi Kavita
  March 14, 2014, 10:30 am
प्रणय निवेदन कविता के इस नव प्रभात मेँ , तुम ही मेरा वन्दन हो । माँ सरस्वति को करुँ समर्पित , तुम ही तो वह चन्दन हो। जीवन की इस नव बगिया मेँ , तुम्हीँ भ्रमर का गुंजन हो। Deepak Pandey : Pranay Nivedan तुम ही मेरी प्रथम प्रेरणा तुम ही अन्तिम स्पन्दन हो । इस उपवन की नवीन लता का तुम...
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Tag :hindi
  March 13, 2014, 1:03 am
चाँदनी रात में रँग ले हाथ में ज़िन्दगी को नया मोड़ दें, तुम हमारी क़सम तोड़ दो  हम तुम्हारी क़सम तोड़ दें । प्यार की होड़ में  दौड़ कर देखिये, झूठे बन्धन सभी  तोड़ कर देखिये, श्याम रंग में जो  मीरा ने चूनर रंगी वो ही चूनर ज़रा  ओढ़ कर देखिये, तुम अगर साथ दो हाथ में ...
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Tag :hindi
  March 8, 2014, 9:00 am
याद तुम्हारी करके जब भी  मेरे नयन सजल हो बैठे। मन हो गया भगीरथ जैसा  आँसू गंगा जल हो बैठे॥ प्यास दबाये बैठी कब से सूख रहा था जिसका कण कण, चाह बरसने की थी मन में पर न धरा ने दिया निमंत्रण इस पर्वत से उस पर्वत हम  आवारा बदल हो बैठे॥ एक कली के पास गया तो बोली मुझसे मुझे ...
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Tag :dr vishnu saxena
  February 15, 2014, 8:30 am
दिल में मत आग लगा- दिल में मत आग लगा मेरा दामन सफेद है,   न इसमें दाग लगा । बस्ती बस्ती मैं घूमा हूँ,  अपनी मस्ती में झूमा हूँ जाने कितने तूफां आये पर इस लौ को बुझा न पाये सो रहे हैं मेरे अरमाँ न  इनमें राग जगा-  दिल में मत आग लगा- दिल में मत आग लगा Dr Vishnua Saxena फूल से कोमल तन...
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Tag :dr vishnu saxena
  February 1, 2014, 10:00 am
जब कभी भी हो  तुम्हारा मन चले आना, द्वार के सतिये तुम्हारी  हैं प्रतीक्षा में॥ हाथ से कांधों को  हमने थाम कर साथ चलने के  किये वादे कभी, Dr Vishnua Saxena मन्दिरों दरगाह  पीपल सब जगह जाके हमने बाँधे  थे धागे कभी, प्रेम के हर एक मानक  पर खरे थे हम, बैठ ना पाये न जाने  क्यों पर...
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Tag :dr vishnu saxena
  January 25, 2014, 9:30 am
मैं वहीं पर खड़ा  तुमको मिल जाऊँगा जिस जगह जाओगे  तुम मुझे छोड़ कर अश्क पी लूँगा और  ग़म उठा लूँगा मैं सारी यादों को सो  जाऊंगा ओढ़ कर, Dr Vishnu Saxena जब भी बारिश की  बूंदें भिगोयें तुम्हें सोच लेना की मैं  रो रहा हूँ कहीं, जब भी हो जाओ  बेचैन ये मानना खोल कर आँख में  सो रहा ह...
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Tag :ghazal
  January 18, 2014, 9:00 am
कर ले, कर ले कंजूसी तू मुझको देने में हाला, दे ले, दे ले तू मुझको बस यह टूटा फूटा प्याला, मैं तो सब्र इसी पर करता, तू पीछे पछताएगी, जब न रहूँगा मैं, तब मेरी याद करेगी मधुशाला।।७१। Madhushala - Harivansh Rai Bachchan ध्यान मान का, अपमानों का  छोड़ दिया जब पी हाला, गौरव भूला, आया कर में जब से म...
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Tag :classic
  January 14, 2014, 12:38 am
रेत पर नाम लिखने  से क्या फायदा,  एक आई लहर  कुछ बचेगा नहीं। तुमने पत्थर सा दिल  हमको कह तो दिया  पत्थरों पर लिखोगे  मिटेगा नहीं। मैं तो पतझर था फिर  क्यूँ निमंत्रण दिया  ऋतु बसंती को तन  पर लपेटे हुये,  आस मन में लिये  प्यास तन में लिये कब शरद आयी  पल्लू समेटे हुय...
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Tag :dr vishnu saxena
  January 12, 2014, 3:20 pm
कहाँ सवाब, कहाँ क्या  अज़ाब होता हे मुह़ब्बतों म़ैं कब इतना  हिसाब होता हे बिछड़ के मुझ से तुम अपनी  कशिश न खो देना उदास रहने से चेहरा  ख़राब होता हे उसे पता ही नहीं हे कि  प्यार की बाज़ी जो हार जाए वही  कामयाब होता हे Waseem Barelvi Kahan Sawaab Kahan  Kya Azaab Hota Hai, Mohabbaton Main Kab  Itna Hisaab Hota Hai, Bichad K...
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Tag :kavita
  January 11, 2014, 1:16 am
रात यूँ दिल में तेरी  खोई हुई याद आयी जैसे वीराने में चुपके से  बहार आ जाये जैसे सेहराओं मेंन हौले से  चले बाद-ए-नसीम जैसे बीमार को बेवजह  करार आ जाए  Faiz Ahmed Faiz Poems Original Urdu Raat yunh dil mein teri  khoee hui yaad aayee Jaise veeraaney mein chupkey sey  bahaar aa jaye Jaisey sehra on mein howley se  chaley baadey naseem Jaisey beemaar ko bey wajhey  ...
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Tag :faiz ahmed faiz
  January 9, 2014, 10:48 pm
Wo Gazal vaaloN kaa  usluub samajhate honge chaand kahate hain kise,  Khuub samajhate honge itanii milatii hai merii  GazaloN say suurat terii log tujhako meraa mahabuub  samajhate honge maeN samajhataa thaa muhabbat  kii  zabaaN Khushbuu hai phuul say log isay  Khuub samajhate honge bhuul kar apanaa zamaanaa  ye zamaane vaale aaj ke pyaar ko  maayuub samajhate ...
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Tag :ghazal
  January 4, 2014, 3:40 pm
Agar talaash karuuN,  koii mil hi jaayega magar tumhaari taraah  kaun itna chaahega tumhe zaroor koii  chaahatoN say dekhega magar wo aankheN hamaari  kahaaN say laayega na jaane kab tere dil  par nayii sii dastak ho makaan khaali hua hai  to koii aayega maeN apni raah may deewaar  ban kay baitha huuN agar wo aaya to kis  raasate say aayega tumhaare saath ye ...
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Tag :ghazal
  January 4, 2014, 3:34 pm
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