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महामूर्खराज की कलम से

काफी समय से ब्लाग-जगत से दूर रहा। पर मन में हमेशा यह इच्छा रही कि वापसी करूं ,लेकिन शायद उसे लक्ष्य की कमी कहूं या विषय की सो...
महामूर्खराज की कलम से...
महामूर्खराज
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  June 20, 2015, 10:23 pm
मेरे पाठकों मैं हिन्दी ब्लॉगिंग से अवकाश ग्रहण कर रहा हूँ वैसे भी काफी समय से मेरा लेखन कार्य बंद ही रहा है। आखिर लीची और आम का मौसम चालू होने की वजह से अपने बगानों मे थोड़ा व्यस्त हो गया था। अब यह मौसम भी ख़त्म होने को है। व्यस्तता तो कम हो गयी है पर............भविष्य में मेरा लेख...
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महामूर्खराज
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  July 7, 2010, 11:15 pm
जी हाँ मैं सत्य कह रहा हूँ आखिर ऐसी क्या वजह हो सकती है की हम अपने भारतीय होने पर गर्वित महसूस करें। अब आप कई उदाहरण देंगे और मुझे मूर्ख साबित करेंगे वैसे मैं तो हूँ ही महामूर्खराज। पर जो कह रहा हूँ सत्य ही कह रहा हूँ। थोड़ी दलील मेरी भी सुन लीजिए।वैसे भी इस ब्रहमाण्ड का ज...
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महामूर्खराज
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  May 26, 2010, 12:30 pm
मेरा वर्तमान और पैतृक निवास जिसने मेरा बचपन सींचा  मेरा छोटा सा पुस्तक संग्रह और मेरा लैपटाप घर के पिछवाड़े मे बसी सब्जियों की बगिया मेरी कर्मभूमि मेरे खेत-खलियान मेरी प्यारी गायेंमेरे सबसे प्यारे दोस्तफूलों की बगिया...
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महामूर्खराज
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  May 19, 2010, 8:40 pm
हाँ मैं छद्मनामधारी जलजला हूँ जिसके नाम का मचा चिट्ठाजगत मे कोहराम है नरों मे श्रेष्ठ कौन की चर्चा से अभिभूत होरचा मैंने नारियों मे श्रेष्ठ कौन का एक नया जूमला परभूल गया था नारी सशक्तिकरण के जुग मेरच गया हूँ नारी विभक्तिकरणका नया एक समीकरण डर रहा था मैं की ना हो जाए मु...
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  May 18, 2010, 6:38 am
मित्र विवेकानन्द पाण्डेय जी,जीवन एक संघर्ष है ये सभी जानते हैं इसमे नया क्या है। ब्लोगजगत भी एक आभाषी दुनिया है सो ये भी संघर्ष रूपी प्राकृतिक गुणो से ओतप्रोत है। पर हम मानव इतने संवेदनशील होते है के अपनी संवेदनाओं मे बह कर आपने गंभीर लक्ष्यों को जल्दीबाजी मे त्यज देत...
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महामूर्खराज
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  May 12, 2010, 9:28 pm
देखिए कैसे कैसे जुगाड़फैविकोल के जोड़ वाली जुगाड़ू गड्डि  नेता जी की रैली मे चला जुगाड़लो जी छोटे नाबाब की जुगाड़ नैनोमाल ढोने का जुगाड़ू सटाइलबैलगाड़ी से जुगाड़  जुगाड़ हुड़ीबाबा   हुड़ीबाबा हुड़ीबाबा हुड़ीबाबा.............कलात्मक जुगाड़ साइकिल  सर्वर बैकअप जुगाड़ स्टाइल मे  ...
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  May 7, 2010, 8:22 pm
हाँ ए भारत के लोकतंत्रचल पड़ा है तू किस राह परजनता के सेवक ये सफेदपोशअब जनता से सलाम ठुकवाते है,काली कमाई का जश्न मनताउनके यहाँ रोज जिनमेबहती सोमरस की नदियाँ हैं और शबाब से मानती रंगरलियाँ हैं, कबाबों के स्वाद मे उलझती उनकी जिह्वा जनहित जनविकासका नित नए स्वांग रचती,पर ...
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महामूर्खराज
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  May 5, 2010, 7:16 pm
गर्मी अपने चरम पर जैसे पहुँचने लगी है। दोपहर के भोजन के भोजन के पश्चात इस गर्मी और थकावट से निजात पाने के लिए अभी लेटा ही था की मेरे नौकर लक्षमी ने आ कर कहा मालिक आज ऊपर वाले स्टोर की सफाई कर रहा था तो एक पुरानी  संदूची मिली है जो  कागजो और किताबों से भरी पड़ी है और उसमे द...
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महामूर्खराज
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  April 22, 2010, 8:38 pm
तुम लौट आयी,दूर हुआ हलाहल अंधेरा,रोशनी की  चकाचौंध देख, भाई ये दिल मेरा,  गार्डेन गार्डेन हुआ,विरह पीड़ा तो, थी दिल मे,पर तेरी भी,अपनी मजबूरी थी,प्रकृति के तूफ़ान ने, रोके थे तेरे कदम,पर आठवें दिन तेरा, आ जाना भी,किसी अष्टम अचरज, से ना है कम,संयोग भी क्या गज़ब है, तेरे आगमन का, ...
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महामूर्खराज
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  April 20, 2010, 9:59 pm
इस ब्लोगजगत का इंद्रजाल वास्तव मे जबरजस्त है हर किसी को अपने मोहपाश मे बांध लेता है शुरुआत मे राजनीतिज्ञ लोग इससे डरते थे पर अब देखिए वे ही इसके साथ जुड़ने लगे हैं, फेहरिस्त मे नए शामिल होने वाले और मेरे प्रिय व आदर्श  और कोई नहीं वरन बिहार के मुख्यमंत्री श्री नितीश कुम...
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महामूर्खराज
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  April 20, 2010, 3:29 pm
थी तो वो गर्मी की सुबह पर गर्माहट के नितांत अभाव के साथ। अचरज तो था इतना शीतल नमीयुक्त हवाओं का यह सुखद वातावरण आखिर पुरबइया हवा ने अधीरता और छटपटाहट के निर्वात को भर जो दिया था। 5-6 दिन पहले यह वातावरण गर्माहट से ओतप्रोत तो था और पछिया की शुष्कता ने इसे और भी असहनीय बना रख...
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महामूर्खराज
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  April 19, 2010, 2:04 pm
 पिछले 4 दिनों मे जो हुआ शायद मेरे जीवन के सबसे कठिनतम पलों मे था। अपनी आँखों से टुकुर टुकुर सपनों के उन हवाई महलों को ध्वस्त होते देखता रहा। कई बार पहले भी ऐसा हो चुका है पर फर्क सिर्फ इतना है इस बार जाग रहा था और पहले नींद  मे रहता था। 14 अप्रैल रात के करीब 10 बजे अचानक से ...
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महामूर्खराज
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  April 17, 2010, 7:38 pm
वाह कैसा अदभुत है ब्लोगजगततेरा यह इंद्रजाल,लड्डू बोलता इंजीनियर के दिल सेजहाँ और डॉ॰ जमाल  पढ़तेवेदकुरान,करते  हैं गिरि जी काम की बकवास,  अजीनाइस नाइस की टिप्पणियों के साथ सुमन जी निकालते अपनीभड़ास,पर सतीश सक्सेना जी कहते लाइटली ले यार और सुनमेरे गीत,प्रतुल ज...
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महामूर्खराज
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  April 10, 2010, 1:36 pm
वैसे आज सोच रहा था की मैं आज अपने पाठकों का दिल से आदर करूँ । जो अग्रज हैं उन्हें इस महामूर्खराज का सादर चरणस्पर्श। जो बराबर वाले है उन्हें नमस्कार और छोटों को स्नेह। अब आप बोलेंगे भई महामूर्खराज भला ये क्या बात हुई शीर्षक शेर के समान गर्जना और पोस्ट भीगी बिल्ली सी म्या...
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महामूर्खराज
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  April 8, 2010, 1:37 pm
दर्शनशास्त्र क्या है मात्र सिद्धांतों का एक पुलिंदा या और कुछ ?वास्तव मे यह प्रश्न अपने आप मे बहुत ही गंभीर और सारगर्भित है । यह तो पता नहीं मैं इस प्रश्न का कितना उचित और सरगर्भित उत्तर दे पाऊँगा । मैंने अपने जीवन मे इस शास्त्र को अपने लघु अध्यन और लघु अनुभव से जितना सम...
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महामूर्खराज
Tag :mahamurkhraj
  April 8, 2010, 9:30 am
अभी कुछ ही दिन पहले इस फिल्म को देखने का अवसर मिला मेरे पाठको ये मत कहिएगा की क्या पुरानी बासी खबर ले आए क्योकि भैया मेरे गाँव मे रहता हूँ जहाँ सिनेमाघर का ही अभाव है नई और ताजा फिल्मे कैसे देखूँ। धन्य है वो पाइरेसी करने वाले जिनकी वजह से हम ग्रामीण थोड़ा बहुत मनोरंजन कर प...
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महामूर्खराज
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  April 6, 2010, 9:05 pm
आओ आओ भाई लोगो बाबा महामूर्खराज के चिठ्ठा सत्संग सभा मे आप लोगों का हार्दिक स्वागत है । आज बाबा मूर्खराज ओह क्षमा कीजिएगा बाबा महामूर्खराज आप लोगो को मूर्खतापूर्ण पर रहस्यों से भीगे हुए प्रवचन देंगे आप लोगो से नम्र निवेदन है की कृपया शांति बनाए रखेगें धन्यवाद । महाम...
महामूर्खराज की कलम से...
महामूर्खराज
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  April 5, 2010, 12:58 am
 तो शुरुआत क्षमा याचना के साथ करता हूँ । आप कहेंगे की भई यह तो आपका पहला पोस्ट है तो आप माफी क्यों माँग रहे है । कारण यह है की उद्देश्य तो इस छिट्ठे की शुरुआत मूर्ख दिवस के शुभ अवसर पर करना चाहता था पर कुछ  वयस्ताओं की वजह से ऐसा नहीं कर पाया । वैसे भी शुरुआत कठिन होती है ...
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महामूर्खराज
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  April 2, 2010, 12:24 pm
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