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भावनायें...

नागेश जैसे हीरे को तो एक दिन खोना ही थाजिसके नाम में ही प्रभु हों उसे तो एक दिन अमर होना ही था-------संग मधु के जिसने थी टूल्स टीम सजाई उसे हमारी ह्रदय से है लाखों लाख बधाई...
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  February 1, 2018, 9:24 am
हमारी ह्रदय से विनय है विनय की तुम मत जाओतुम नहीं रहोगे फिर भी टीम सफ़लताओं के हर शिखर को छुऎगीपर विनय तुम्हारी कमी तो फ़िर भी खलेगीशायद ही कोई हो जिससे तुम्हारी जमी न होईश्वर करे हम सभी के बीच विनय की कभी कमी न हो...
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  January 25, 2018, 1:49 pm
हमारी ह्रदय से विनय है विनय की तुम मत जाओतुम नहीं रहोगे फिर भी टीम सफ़लताओं के हर शिखर को छुऎगीपर विनय तुम्हारी कमी तो फ़िर भी खलेगीशायद ही कोई हो जिससे तुम्हारी जमी न होईश्वर करे हम सभी के बीच विनय की कभी कमी न हो...
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  January 25, 2018, 1:49 pm
जवान बेटा अपने पिता से बोलापिताजी अब मैं सयाना हो गया हूँऔर व्यापार को नये समय के अनुसार आपसे बेहतर ढंग से चला सकता हूँपिता बोला बेटा व्यापार को चलाने के लिये सिर्फ़ नई सोच और तरीके ही काफ़ी नहींदूसरों के प्रति कृतज्ञता का भाव और अपने काम के प्रति निष्ठा और प्यार भी जर...
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  August 5, 2016, 5:14 pm
मुझे याद है जब इस सफ़र पर चलना किया हमने शुरूहम ही थे चेले यहाँ और हम ही थे अपने गुरुहराकर हर ताप को कुंदन से हम हरदम खिलेखुशियाँ मिलीं शोहरत मिली और कई नये मकसद मिलेआज फ़िर से आई है वैसी परीक्षा की घड़ीअब मैं अंधेरों से क्यों डरूं मेरी राह है रोशन बड़ी...
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  December 20, 2015, 11:07 am
अमृतकुंड के पास पहुँच कर भी चूके लालूपुत्र मोह में फ़सकर आज फ़िर समोसे तक ही रह गये लालूखुशी हुई जब बिहार में अहंकार हारा और नीतीश परचम के दंड बने लालूआशा है अब इस जीत के बन न जायें दंड लालू ...
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  December 20, 2015, 11:05 am
जीवन में कई बार हार के बाद जीत मिलती हैलेकिन आज हर तरफ़ तैयारी जीत की लगती हैहार में नेत्रत्व की सबसे अधिक जरूरत होती हैलेकिन वह भी आज हार को निरुत्साहित और अकेला छोड़जीत को गले लगा रहा हैबोर्नवीटा भी तैयारी जीत की करा रहा हैहार में संभालकर स्फूर्ति देने वाला टॉनिकब...
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  August 3, 2015, 8:09 pm
कभी-कभी सोचता हूँ EMC तुम ना होती तो क्या होता....तुमसे मिलकर ही मैंने सीखा रोटी कमाने का कौशलकैसे अनुज बनकर भी बड़े काम किये जा सकते हैंऔर कीर्ति को पाया जा सकता हैयहाँ ही मन जान सकावैभव के साथ धीरज का होना कितना जरूरी हैअपने काम को निष्ठा और ईमानदारी से करते हुये अमर हुआ जा ...
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  July 21, 2015, 9:18 pm

EMC

कभी-कभी सोचता हूँ EMCतुम ना होती तो क्या होता....तुमसे मिलकर ही मैंने सीखा रोटी कमाने का कौशलकैसे अनुजबनकर भी बड़े काम किये जा सकते हैं और कीर्तिको पाया जा सकता हैयहाँ ही मन जान सकासिर्फ़ नाम से ही नहीं काम से भी अमरहुआ जा सकता हैवैभवके साथ धीरजका होना कितना जरूरी हैहँसी-विन...
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  July 17, 2015, 12:56 pm
समझ नहीं आ रहा कहाँ से शुरू करूँ कौशलक्योंकि सारे ही बड़ॆ कमाल के हैं तुम्हारे कौशलसिर्फ़ जबाब ही नहीं कठिन सवालों को बड़ी आसानी से खा जाने का कौशलहर परिस्तिथि में रिसोर्स जुगाड़ने का कौशलटीम से जुड़ाव का कौशलकौशल से कहाँ किसी को खतरा लगता हैकौशल तो सभी को अपना लगता हैहमें...
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  April 24, 2015, 6:37 pm
सरकार किसी की भी हो ईमानदार आई.ए.एस आफ़िसर अशोक खेमका का ट्रांस्फ़र जारीचैनल चेंज...गाना चल रहा है..♪♪♫♫..ईमानदारी की बिमारी छोड़ के आजा...छोड़ के आजाचैनल चेंज...साइना नहवाल दुनियाँ की नंबर १ बैडमिंटन खिलाडी बनीचैनल चेंज...गाना चल रहा है..♪♪♫♫..सारी नाइट बेशर्मि की हाइट-हाइट...एक त...
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  April 4, 2015, 12:00 pm
अब कोई मौसम खास नहीं, डांडिया है पर रास नहींहर मौका पीने का मौका, खोलो बोतल जामखाईये श्रीमान हर मौसम आम...धार्मिक होना अब और हुआ आसाँबस कहो तुम गर्व से जय-जय श्री रामखाईये श्रीमान हर मौसम आम...लगंड़ा, केसर, मल्लिका सब एकरस हो गयेबोतल से पीजिये सारी किश्मे आमखाईये श्रीमान हर ...
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  January 10, 2015, 11:14 pm
आजकल  मक्कार लोग बड़े परेशान हैंकमबख़्त सीधे लोग नहीं मिलतेधोखा देने की तलब हैपर धोखा खाने वाले नहीं मिलतेहर तरफ होशियारों की जमात सेहम प्राकृतिक संतुलन खो रहे हैंजहाँ इरादे छोटी-मोटी लूट केवहाँ  मर्डर हो रहे हैंमक्कारों का दर्द समझते हुए हम उनके साथ डटे है...
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  October 4, 2014, 10:53 am
राम मेरा भाई तेरे राम सेइतना यार झगड़ता क्यों हैमेरे राम मुझे तारेंगेंतारें तुझे तेरे रघुवीरसहज-सरल सी बात है लेकिनतू फ़िर भी नहीं समझता क्यूँ हैराम मेरा भाई तेरे राम से....राग-द्वेष अपने अंतर् मेंकहाँ राम को भाते हैंमन को करते दुखीदेह को रोग नया दे जाते हैंइन्हें हराक...
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  December 17, 2009, 7:14 pm
कैसे राम ने जीता रावणकैसे राम बने जगदीशशीश एक क्यूँ जीत ना पायादस सिर लेकर भी दसशीशनिश्छल मन और निर्मल ह्रदयजहाँ राम की ढाल बनेमलिन ह्रदय और कपट वहीं परदशानन का काल बनेबुद्धी-कौशल और राजनीति काजहाँ रावण ने अभिमान कियाभेज अनुज को उसे सीखनेराम ने उसका मान कियाहर बुराई...
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  January 28, 2009, 7:29 pm
पाया नहीं यह ज्ञान सेसमझा नहीं विज्ञान सेयह नहीं कोई कलाजिसको तराशा ध्यान सेसंस्कारों से मिली जोयह तो बस एक भावना हैजिसने दिया विश्वास मुझकोइंसान आता है जगत मेंहाथ में क्षमता लियेकोई शिखर ऎसा नहींजिसे वो पा सकता नहीं----------आदमी कुछ भी नहींउसका पता है वह घड़ीजिसमें है ब...
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  January 9, 2009, 1:52 am
प्रश्न कुछ ऎसे हैं जिनसेरोज होता रूबरू मैंकौन हूँ क्या चाहता हूँजानने की पीर हूँ मैंइंतहानों को दिये अबसाल बीते हैं बहुतअब भी मगर ये स्वप्न मेंआकर डराते हैं बहुतज्ञान जो निर्भय बनायेपाने को गंभीर हूँ मैंकौन हूँ...राह जैसे सूर्य कीदेती है सबको उष्माचन्द्र जैसे दे रहा...
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  September 26, 2008, 7:17 am
भरा पेट खाली पेट पर आसन जमायेपास रखी रोटी को पाने कीअसफ़ल कोशिश कर रहेखाली पेट से कहता हैरोटी तक पहुँचने काआसान रास्ता न चुनो मित्रभूख पर विजय हीहमारेस्वर्णिम भविष्य...भविष्य शब्द पर अचानक भरा पेट रुकाफ़ुर्ति से रोटी उठाई और बोलाहाँ तो मैं क्या कह रहा था...
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  September 23, 2008, 9:14 pm
कितनी लगन से उसने जी होगी जिंदगीयूँ ही नहीं हँसते हुये यहाँ दम निकलता हैइबादतें, वो बड़ी बेमिसाल होतीं हैंइंसान जब भगवान से आगे निकलता हैजिंदगी में हार को तुम मात न समझोइंसान ही तो यारों गिरकर संभलता हैपहली नज़र के प्यार से हमको परहेज हैकभी-कभी ही साथ यह लंबा निकलता है...
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  May 25, 2008, 9:53 pm
कर्तव्य से बड़कर जहाँ पद हैयह मान नहीं मान का मद हैजहाँ खुलती नहीं वक्त से गाँठेंघर नहीं वो तो बस छत हैकौन फ़िर लगाये वहाँ मरहमदृड़ जो सबके यहाँ मत हैंदिल दुखाये जो अगर वाणीमान लो झूठ जो अगर सच हैकद पर उसके तुम मत जानाफ़ल नहीं छाया भी रुकसत हैकैसे रहें वहाँ पर खुशियाँदर्द ए...
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  May 6, 2008, 6:49 am
जीवन कठिन डगर हैजो साँसें नहीं हैं गहरीकैसे प्रभु मिलेगेंमन जो रहेगा लहरी~~~~~~~~~~मैनें धर्म को अधर्म के साथचुपचाप खड़े देखा हैमैं अधर्म की अट्टाहस से नहींधर्म की खामोशी से हैरान हूँ~~~~~~~~~~जहाँ छोड़ रख्खा हो उजालासबने भरोसे सूर्य केवहाँ जलता हुआ एक दीप भीकिसी सूरज से कम नहीं...
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  April 12, 2008, 7:00 pm
तेरी इस दुनियाँ में प्रभु जीरंग-बिरंगे मौसम इतनेक्यों फ़िर सूखे-फ़ीके लोगथोड़ा खुद हँसने की खातिरकितना रोज रुलाते लोगबोतल पर बोतल खुलती यहाँरहते फ़िर भी प्यासे लोगपर ऎसे ही घोर तिमिर मेंमेधा जैसे भी हैं लोगसत्य, न्याय और धर्म की खातिरलड़ते राह दिखाते लोगएक राम थे जिनने ह...
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  April 6, 2008, 11:20 pm
मैनें देखा है रौशनी कोहाथों में अंधकार लियेअंधकार से लड़ते हुयेनिरंतर चल रहेइस संघर्ष मेंरौशनी को थकते हुएअंत में नहीं रही रौशनीहमारे बीचअंधकार आज भीवैसा ही खड़ा है~~~~~~~~~~~~~~~~~मैनें देखा है रौशनी कोहाथों में रौशनी लियेअंधकार से लड़ते हुयेनिरंतर चल रहेइस संघर्ष मेंअंधकार...
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  April 5, 2008, 5:30 pm
आँसू यह अब झरता नहींकिसी को चुप करता नहींबस गाँठों पर गाँठेंयहाँ कसता है आदमीएक पल में प्राण गयेतो मुर्दा है आदमीकहता है तो रूकता नहींखुद की भी यह सुनता नहींबस छोड़कर यहाँ खुदकोसब जानता है आदमीएक पल में प्राण गयेतो मुर्दा है आदमीदेह तर्पण में लगाक्यूँ मन को यह गुनता न...
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  February 24, 2008, 4:06 am
अभिव्यक्ति से बढ़कर रखी थीअव्यक्त से आशाइंसानियत को मानकरसही धर्म की परिभाषाउसने पहलेजितना सहा जा सकता थाउतना सहाफ़िरजितना कहा जा सकता थाउतना कहापर धीरे-धीरे उसने जानागर अकेले चल पड़ातो भी मंजिलें मिल जायेंगीपर अकेले व्यक्त इनकोक्या मैं भला कर पाऊँगायह सही यहाँ मैं...
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  February 10, 2008, 8:33 pm
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  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
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