| जागरण ब्यूरो, इलाहाबाद : क्या सही है और क्या गलत इसका फैसला तो अब हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ करेगी लेकिन कानून की अलग-अलग व्याख्या ने शिक्षक भर्ती को उलझा दिया है। इससे नियुक्ति की बाट जोह रहे अभ्यर्थियों को लंबाइंतजार करना पड़ सकता है।वस्तुत: प्रदेश में प्राथमिक शिक्षको... |
Tag :इलाहाबाद :Updated on: Tue
| आप सभी को 'महाशिवरात्रि' की हार्दिक शुभकामनाएँ ।। ... |
Tag :'महाशिवरात्रि' की हार्दिक शुभ·कामनाये...
| बता दे सिर्फइतना मेरे सथियाक्या मांगा था तुझसेएक मुहब्बत के सिवा?तुमसे मुझे तेरा प्यारन मिले पर नफरत तोजी भर के मिलीअब कैसे समझाऊँ तुझे?अपने इस कमबख्त दिल कोअपनी दास्तानें वफारब ही जानता है!!कैसे तेरे बगैर जीते है हमउफ़ ये कैसी सज़ा दे दी तुमने ?कि अब खामोश रहकर भी तेरी ... |
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January 14, 2013, 2:49 am |
| नए वर्ष के ऐ पंछी उड़ जा तू कोमल पंख पसार दे आ नूतन प्रेम संदेशाहर एक द्वार-द्वार जाति-पाति और वर्ग-धर्म के भाषा-क्षेत्र,मंदिर-मस्जिद के लौह सलाखें पिघला हर बार प्रेम स्नेह की प्रखर ज्योति सेनयी अरुणिमा की आभा से शहर-शहर और गाँव-गाँव कीरंग दे गलियाँ और चौबार पुरखों की गौर... |
Tag :Happy New Year - 2013
| चंद यादें ही तुम्हारी जिंदगी भर को बहुत है, और फिर उनकी शुमारी जिंदगी भर को बहुत है| तुम न शर्माओ की तुमने कम दिया है कम नहीं है, जिंदगी कितनी हमारी,ज़िंदगी भर को ही बहुत है|चंद कहता है कलंकित भाग दुनिया को दिखाकर, एक ही गलती हमारी ज़िंदगी भर को ही बहुत है| हम न आएंगे वहाँ पर र... |
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December 31, 2012, 4:13 am |
| नमस्तेऽस्तुमहामायेश्रीपीठेसुरपूजिते।शङ्खचक्रगदाहस्तेमहालक्ष्मिनमोऽस्तुते॥१॥नमस्तेगरुडारूढेकोलासुरभयंकरि।सर्वपापहरेदेविमहालक्ष्मिनमोऽस्तुते॥२॥सर्वज्ञेसर्ववरदेसर्वदुष्टभयंकरि।सर्वदुःखहरेदेविमहालक्ष्मिनमोऽस्तुते॥३॥सिद्धिबुद्धिप्रदेदेविभ... |
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November 13, 2012, 10:26 pm |
| शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर आप सभीलोगो को “दुर्गापूजा" व"दशहरा” की ढेर सारी बधाई व शुभ-कामना! मा शेरावाली आप सभीके घर परिवार के उपर सुख-शांति,खुशहाली और आरोग्यता बनायें रहें !... |
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October 21, 2012, 2:03 am |
| I was in bad mood,There was total gloom.Sun was shining in the sky however.There was no light in my mind ,There was darkness.All around pain and agony ruled my heart,Thoughts made me scary increased my worries,My gladness gone,Insecurity made me feel alone,Negativity crept in positivity gone.Whom to trust?Whom to believe?The question remained unanswered.Should I talk? Should I write?About what I felt? What I thought?I felt trapped like a fly in the spiders web,Longing to come out of my bad mood,Bring back my rosy smile taking life as it came. ... |
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September 16, 2012, 2:36 pm |
| एक बूढ़ी औरत !राजघाट पर बैठे बैठे रो रही थी न जाने किसका पाप था जो अपने आसुओं से धो रही थी मैंने पूछा माँ! तुम कौन हो?मेरी बात सुनकर वह बहुत देर तक रही मौन,लेकिन जैसे ही उसने अपना मुंह खोला,लगा दिल्ली का सिंहासन डोला वह बोली- अरे तुम जैसे नालायक़ों के कारण शर्मिंदा हूँ न जाने अ... |
Tag :हिंदी दिवस पर विशेष...
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September 14, 2012, 4:58 am |
| सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा .................आज एक बार फिर हम सभी स्वतंत्रता दिवस की 66वीं वर्षगाठ मनाने को आतुर है।कालचक्र चलता रहता है। वर्ष,मास,दिन औरपल पल घटनाए बदलती रहती हैं और छोड़ जाती है एक अनुत्तरित सा प्रश्न की क्या हम वास्तव में स्वतंत्र हैं? हमारी अ... |
Tag :स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभ·कामनाये
| हे आनंद उमंग भयोजय हो नन्द लाल कीनन्द के आनंद भयोजय कनैया लाल कीहे ब्रज में आनंद भयोजय यशोदा लाल कीनन्द के आनंद भयोजय कन्हैया लाल कीहे आनंद उमंग भयोजय हो नन्द लाल कीगोकुल के आनंद भयोजय कन्हैया लाल कीजय यशोदा लाल कीजय हो नन्द लाल कीहाथी, घोड़ा, पालकी... |
Tag :By: Anil Kumar Singh
| अनेंक मनोंवैज्ञानिको ने कहा है की व्यक्तित्व मन और शरीर का संगठनात्मक योग है अर्थात हमारा सुन्दर तन ही केवल मायने नहीं रखता इसके साथ साथ सुन्दर मन का भी होना जरूरी है क्योकि हमारा चेहरा हमारे मन का प्रतिबिम्ब है।हमारे बाहरी भावों की अभिव्यक्ति का उद्गम स्थल हमारा म... |
| आज के दौर में मैं इतना आगे निकल आयाजिसका मुझे डर था वही सामने पाया! हर पल हर घडी उसी की याद सताती हैबहुत समझाया दिल अपने आप को !पर दिल और दिमाग ने साथ ही नहीं दियादेता भी कैसे ?दिल दिल के हाथों मजबूर था!और दिमाग उसकी यादों में उसकी यादों में थाआखिर बात क्या थी जो उसने दूरी क... |
| फिल्मअभिनेताआमिरखानकेटेलीविजनकार्यक्रम 'सत्यमेवजयते' कोलोगोंसेजबरदस्तप्रतिक्रियामिली।इसकीआधिकारिकवेबसाइटपरइतनेलोगोंनेक्लिककियाकियहअवरुद्धहोगई।लोगोंकीशानदारप्रतिक्रियाकोदेखतेहुएइसकीआधिकारिकसाइटसत्यमेव जयतेडॉटइनपरलिखागयाकिसत्यमेवजयतेकेप्र... |
| कह दे प्यार दोस्त से बेवफा न समझे! नज़रों से दूर सही पर दिल से दूर न समझे! यादेँ अभी भी उसकी मेरे दिल में है महफूज़ व़ो किसी और पर मुझे फ़िदा न समझे!! उसकी बेरुखी ने कुछ इस तरह किया है सितम उब गया हूं ज़िन्दगी से वो मुझे जिंदा न समझे! मैं तो बस एक अदना सा इन्सा... |
| I am ITC smart but iam selfish,impatientand a little insecure.I am out of control and make mistakes andat times hard to handlebut if you can not handle me at my wrost,then you sure as helldon't deserve me at my best!... |
| भोजपुरी के'तुलसीदास'के रूप में विख्यात साहित्यकार राम जियावन दास बावलाजी के उनका पैत्रिक आवास पर दोपहर में देहांत हो गईल।उ 90वर्ष के रहलें आ काफी दिन से बीमार चलत रहले।ओइसे त बवला जी कवनो परीचय के मोहताज ना रहले फिर भी इ कमे लोग जानेलेन कि उनका इ उपाधि ... |
| कसक ये दिल में दबी की दबी रह गई जिँन्दगीमेँ तुम्हारी कमी रह गई ।एक हम एक तुम एक दीवार थे जैसे जिँन्दगी आधी-अधूरी बची रह गई। रात की भीगी छतोँ की तरहमेरी पलकोँ मेँ थोडी सी नमी रह गईमैनेँ रोका बहुत वो चली गई, औरतन्हाई दूर तक फैलती चली गई । ... |
| आत्मविश्वास व्यक्तित्व का वह पहलू जो व्यक्ति को अनिश्चय औरअनिर्णय की स्थिति से निकलकर उसे सम्पूर्णता की ओर ले जाता है । सच तो यह है कि जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिएआत्मविश्वास का होना बेहद जरूरी है । ... |
| आ खिले अधरों को एक प्यारा सा उपहार दे दूँ ! इन शर्मीली आँखों कोइक सुनहला संसार दे दूँ! इन सुर्ख हो चले कपोलो परप्यार की बौछार दे दूँ ! हृदय के स्पंदन को एक अचूक उपचार दे दूँ !इन तड़पती आहों कोतृप्ति का पैगाम दे दूँ !अंगड़ाई लेती काया कोबाँहों में विश्राम दे दूँ !गर्म सा... |
| I honestly tried to ignore youI honestly tried to let you go I honestly tried to forget you I honestly tried not to care for youI honestly tried not to think of you I honestly tried not to long for youBut i honestly can't because...!I honestly love you so much andI honestly want you,you & youAlways with me even if sometimesI get hurt and cry my love for youkeeps going strong..............!!!... |
| याद आते है वो स्कूल के दिन,न जाते थे जब स्कूल दोस्तों के बिन,कैसी थी वो दोस्ती कैसा था वो प्यार,जुदाई से डरते थे जब आता था शनिवारचलते-चलते पत्थरो पर मारते थे ठोकर,कभी हँसकर चलते तो कभी चलते थे रोकर कंधे पर बैग लिए हाथ में बोतल का पानी,था बचपना पर दोस्ती की ... |
| बहुत दिन गुना और बाद मेंहमने उनको चुना ये सोचकर कि वे समाज सेवा में अपना जीवन अर्पण करेंगे हमारा 'मार्गदर्शन' करेंगे परन्तु हाय चुनकर आते हीउन्होंने अपने आप को 'राजनीति' से जोड़ लिया मार्गदर्शन तो दूर रहा'मार्ग' में 'दर्शन' देनाभी छोड़ दिया...........! ... |
| मुझे अब नींद की तलाश नहींरातों में जागनाअच्छा लगता है! मुझे नहीं मालूम किवो मेरी किस्मत मेंहै या नहीं मगर खुदा से उसे मांगना अच्छा लगता है! न जाने मुझे हकहै या नहीं पर इस एहसास कोजीना अच्छा लगता है! उससे प्यार करनागलत है या सही पर उसके लिए जीना अच्छा लगता ... |
| ‘खेलबनखेलायीबखेलवेबिगारब' यहकहावतहमबचपनसेसुनतेआरहेहैलेकिनआजयह UPTET२०११केसन्दर्भमेंएकदमसटीकबैठतीहै। शिक्षा केसन्दर्भमें तमाम दावों,प्रतिदावों,वादों,सकल्पों एवं शिक्षाके अधिकार जैसे कानून बननेके बादकिसी तरह से कई सालों के विराम केबाद,प्राथमिक एवंएवं... |
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