Hamarivani.com

मेरी ऑनलाइन कलम

इक पल में ये सब क्या हो गया|वो आज मुझसे खफा हो गया|मौका तो देते अखिरी मुलाकात कापता तो चलता कौन वेवफ़ा हो गया........
मेरी ऑनलाइन कलम...
Tag :
  January 10, 2016, 1:33 am
नाव सफ़र पे चल पड़ी इक किनारे के लिएपक्षी भी उड चले अपनी मंजिल के लिए हम देख कर  ऐसे नज़ारे अनगिनत से भूल के सारी थकावट हम सफर को हो लिए....
मेरी ऑनलाइन कलम...
Tag :
  January 10, 2016, 1:32 am
 झोंका हवा का पहचाना सा लगान जाने क्यों ये अपना सा लगासुना बहुत खुश हैं वो आजकलये बताने वाला फरिस्ता सा लगाबहुत दिन बीते चाँद देखे हुयेआज देखा तो वो उजड़ा सा लगागुजरते थे जिन गलियों से हमशहर वो आज तन्हा सा लगा ।...
मेरी ऑनलाइन कलम...
Tag :
  January 10, 2016, 1:31 am
२९ दिसम्बर  २०११  को एक न्यूज़ चैनल के कार्यक्रम में चर्चा के दौरान एक व्यक्ति ने बताया कि जापान के लोग घर में पैसा एक तिजोरी में रखते हैं | सुनामी के दौरान बाकी सामान के साथ तिजोरी भी पानी के साथ  बह गयी | तबाही थमने के  बाद जो भी तिजोरी मिलती लोग उसको पुलिस स्टेशन में जमा ...
मेरी ऑनलाइन कलम...
Tag :
  December 30, 2011, 4:36 pm
२९ दिसम्बर  २०११  को एक न्यूज़ चैनल के कार्यक्रम में चर्चा के दौरान एक व्यक्ति ने बताया कि जापान के लोग घर में पैसा एक तिजोरी में रखते हैं | सुनामी के दौरान बाकी सामान के साथ तिजोरी भी पानी के साथ  बह गयी | तबाही थमने के  बाद जो भी तिजोरी मिलती लोग उसको पुलिस स्टेशन में जमा ...
मेरी ऑनलाइन कलम...
Tag :social view
  December 30, 2011, 3:20 am

Hi

mahendra singh...
मेरी ऑनलाइन कलम...
Tag :mahendra
  December 24, 2011, 12:55 am
                                              दिल   में  अब  कोई  रंजो-गम नही रहता                                              उनको आदत किसी और बाहों की हो गयी.  ....महेंद्र सिंह...
मेरी ऑनलाइन कलम...
Tag :
  December 22, 2011, 10:06 pm
वो खुल के ना मिले मुझसे , कहीं मोहब्बत ना  हो  जाएकरिश्मा-ए-खुदा देखो यारो, उन्हें इश्क हो गया है मुझसे.........महेंद्र सिंह ***********************************************************************************wo khul ke na mile mujhse,   kahin  mohabat  na  ho  jayekarishma-a-khuda dekho yaro, unhein isk ho gya hai mujhse......Mahendra Singh...
मेरी ऑनलाइन कलम...
Tag :
  December 20, 2011, 10:11 pm
वो  मेरे ख़्वाबो  में  आयेंगे  ज़रूररात  सोने  की कोशिश करता रहाजाने  रात  से  कब सुबह हो गयीउनकी यादों ने रात सोने ना दिया.....महेंद्र सिंह     wo mere khwavon main ayein ge jaroorrat sone ki koshish karta rha jane raat se kab subah ho gayiunki yadon ne raat sone na diya..mahendra singh ...
मेरी ऑनलाइन कलम...
Tag :
  December 15, 2011, 6:29 pm
इस   जहाँ मैं  सब  अपने  को  जौहरी समझते हैं हीरे  देखे  नही  पर  खुद को कारोबारी  समझते हैंपरखा  उसने  अपनी  कसौटी पे पर में मजबूर था खो दिया मुझे उन्होने जो खुद को जौहरी समझते  हैं .....महेंद्र सिंहis jahan main sab apne ko jouhri samajhte hainhire dekhe nahi per khud ko karobari samajhte hainperkha unhone apni kasauti pe per main majbur thakho diya mujhe unhone jo khud ko jauhri samajhte...
मेरी ऑनलाइन कलम...
Tag :
  December 13, 2011, 3:45 pm
मोहब्बत को कभी , जफ़ा समझा वफ़ा समझा.वो मिले हैं जब से, तो दुआ समझा खुदा समझा महेंद्र सिंह...
मेरी ऑनलाइन कलम...
Tag :
  December 12, 2011, 12:17 am
वाह ये सब कैसे हैं लोगआगे निकलने पे पीछे खीचते है लोगपीछे रह जाओ तो चिड़ाते है लोगगर साथ में चलो तो जलते है लोग.गिर जो पडो तो उठाते है लोगचलते हुऐ को गिरते है लोगहतासा में उत्साह देते हैं लोगउत्साहतों को हतोत्साहित करते हैं लोग.अनजान लोगों से दिल लगाते है लोगदिल लगाके फ...
मेरी ऑनलाइन कलम...
Tag :
  December 12, 2011, 12:16 am
वाह क्या बात हैसरकार बहुत ही स्मार्ट हैसमस्याओं से निपटने केकई तरीके इसके पास हैंसाइन करना सिख लो निरक्ष्रर् से साक्षर् आप हैं|कहते भारत में 70% लोग ग़रीब हैंतॅग आकर सरकार ने ग़रीबी से लड़ने कानया फ़ॉर्मूला निकाला32 रुपये खर्च करने वाले कोअमीरी का दर्जा दिलाया.लोग भू...
मेरी ऑनलाइन कलम...
Tag :
  December 12, 2011, 12:05 am
 इस हसी  दुनिया में गम  तो  बहुत  है अपना  नही  पर  दोस्त  तो  बहुत हैं हम  तो  जी  लेंगे  किसी और के  साथयकी तो दिलाओ मुझसे नफ़रत बहुत है  महेंद्र सिंह...
मेरी ऑनलाइन कलम...
Tag :
  December 11, 2011, 9:45 pm
बसंत  के  मौसम में सूखे पत्ते  की तरह पड़ा  हूँ मेंतेज  हवा   के  झोके  भी मुझ से बेरूख़ी कर रहे  हैं सब को  साथ लेके चले गयेमुझे तुम्हारी याद में छोड़  गये तुम रोज गुजरती हो पास सेआँचल&nb...
मेरी ऑनलाइन कलम...
Tag :
  December 4, 2011, 1:27 pm
                                       सुनसान    काली    रात   मैं   वो   मेरे  साथ थी                                       सिर्फ  तारों    से    तरफदारी     की     बात  थी                                     ...
मेरी ऑनलाइन कलम...
Tag :
  December 3, 2011, 10:46 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3652) कुल पोस्ट (163583)