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विचार

बलात्कार, दामिनी, बदनसीब...न जाने कितने शब्दों की संज्ञा दे रहे हैं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वाले। बड़े-बड़े विद्वानों को स्टूडियो में बैठाकर लंबी-लंबी बहस। कोई उस बहादुर लड़की को चिरैया की उपाधि दे रहा है तो कोई देश को शर्म से सर झुकने की बात चिल्ला-चिल्लाकर कह रहा है। निचो...
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Tag :news
  December 30, 2012, 5:28 pm
भारत आजाद कराने के लिए गांधी जी ने जितनी जद्दोजहद यानी आंदोलन और समर्पण किया, एक भारत देश का सपना देखा लेकिन हे गांधी(हे भगवान स्टाइल) तेरे देश के नेताओं और बुद्धिजीवी वर्ग को ये क्या हो गया? जनता के वोट के लालच में इस कदर अंधे हो गए कि दो पल में वह अपना ऊपर से नियंत्रण खो द...
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Tag :Delhi Gang Rape
  December 28, 2012, 7:49 pm
अंग्रेजों ने हमारे मुल्क को सबकुछ दिया। सोने की चिडिय़ा को कंगालों की फौज में तब्दील करने में भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। इन सबके बीच सबसे अहम बात है, कि अंग्रेजों ने एक ऐसा दर्द हमेशा के लिए दे दिया, जिसकी दवा कोई नहीं। शायराना अंदाज में कहते हैं न कि दर्द भी ऐसा दिया, जिस...
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Tag :
  December 27, 2012, 7:26 pm
औरत, तेरी यही कहानी...आज फिर वो शब्द याद आ गए। मामला जब औरत की आजादी का आता है तो कई तरह की प्रतिक्रियाएं आम हैं। कोई इसे धार्मिक तौर पर देखता है तो कोई सामाजिक तौर पर। कोई बड़ी महिला हस्तियों का वास्ता देकर इस सच्चाई से मुंह चुरा लेता है तो कोई इस पर शून्य भाव दिखाकर उदासी...
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Tag :
  December 23, 2012, 7:43 pm
रेप, गैंगरेप, कुकर्म और न जाने कितने घृणित करने वाले शब्द इस साल के आखिरी महीने के अखबारों और न्यूज चैनलों में इतिहास के साथ सिमट गए। एक मासूम के साथ हुई इस अनहोनी, अनहोनी नहीं बर्बरता को सुनकर, पढ़कर और इससे उपजे आंदोलन को देखकर हर उदासीन किस्म के इंसान की भी भावनाएं जाग...
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  December 23, 2012, 7:41 pm
निर्मल बाबा, इन दिनों सबके दिलो दिमाग में पर छाए हुए हैं। कल तक उनके प्रशंसक उनका गुणगान करने वाले आज उनके आलोचकों की फेहरिस्त में आ गए हैं। कई जगहों पर निर्मल बाबा के खिलाफ मुकदमेबाजी का दौर भी चल पड़ा है। सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर भी बाबा अब गुस्सैल यूजर्स के निशा...
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  April 14, 2012, 11:17 am
घर की बालकनीमें दो पल सुकून के तलाशते हुए अचानक ही एक अखबारी कागज की घर की बनाई हुई पतंग परनजर चली गई. पतंग जिस तरह हवा में गोते खा रही थी, उसे देखकर बरबस ही पुराने दिनोंकी यादें ताजा हो गई. ऐसी यादें जो कभी जब हवा की रफ्तार से उठती हैं तो हवा के हल्केपनके बजाए मन मस्तिष्क प...
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  March 24, 2012, 5:51 pm
भारतीय संस्कृति में सेक्सुअल एजूकेशन का जिक्र ही एक बड़ी बात कही जाती है। ऐसे में यह बच्चों को दिलाने का मामला तो जैसे भारतीय समाज में अपराध ही बन जाता है। लंबे समय से सेक्सुअल एजूकेशन को सेलेबस का हिस्सा बनाने की मांग उठती आ रही है। कभी इसमें समाज के कुछ ठेकेदार रोड़ा ...
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Tag :सेक्स शिक्षा
  November 15, 2011, 9:09 am
वेलेंटाइन डे का दिन हम जैसे शादीशुदा प्रोफेशनल पुरुषों के लिए पत्नी को विश करने के बाद अपने अखबार में बेहतर से बेहतर कवरेज देने के लिए माना जाता है। हम भी इस दिन नए से नए एंगल की खबरें लाकर अपने रीडर्स को रिझाने की कोशिशें करते हैं। लेकिन इस बार के वेलेंटाइन डे ने जो खबर ...
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Tag :social
  February 15, 2011, 9:21 am
वेलेंटाइन वीक शुरू होने के साथ ही सड़कछाप बाबाओं की भी मौज हो जाती है। महीनों तक ग्राहक का इंतजार करने वाले कथित ज्योतिषियों की तो जैसे प्यार के इस मौसम में बांछे खिल जाती हैं। हर प्रेमी अपनी प्रेमिका को प्याज का इजहार करने के साथ ही अपने प्यार की उम्र जो देखना चाहता है...
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  February 11, 2011, 9:02 am
एक समाचार पत्र, जिसके तैयार होने में पैसा और मेहनत दोनों लगते हैं। समाचार पत्र का हम मीडिया जगत के लोगों के लिए जो ओहदा है, आम पाठक की नजर में वह इससे बिल्कुल अलग है। यह तब देखने को मिला, जब मैं सड़क किनारे खड़ा हुआ अपने एक मित्र के आने की प्रतीक्षा कर रहा था। मैं प्रतीक्षा...
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  February 6, 2011, 8:52 pm
मुस्लिम समाज का दुनिया में एक बड़ा संस्थान दारुल उलूम देवबंद आजकल विवादों के घेरे में है। यहां से जारी होने वाले फतवों को दुनियाभर के मुस्लिम मानते हैं। मुस्लिम समाज में इस संस्थान को जो ओहदा यानी इमेज है, वह देशभर में चुनिंदा संस्थानों की ही है। पुराने वाइस चांसलर के...
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  February 6, 2011, 8:28 pm
एक देश, 28 राज्य, 1618 भाषाएं, 6400 जातियां, 6 धर्म, 6 एथनिक ग्रुप और 29 मेजर फेस्टिवल्स। यह है उस हिंदुस्तान की पहचान, जिसमें दीवाली में अली और रमजान में राम बसते हैं। 62वें गणतंत्र दिवस पर हम हमारी एकता को दिल से सम्मान और सलाम करते हैं। इन 62 सालों में न जाने कितनी बार हमें तोडऩे के प...
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  January 28, 2011, 9:38 am
तुम मेरे साथ हो रोशन है आंगन मेरे दिल कातुम न होती तो रोशनी कहां से लाताकह देते एक बार भी मुझेचांद-तारे मैं तोड़ लाताहवाओं का रुख मैं मोड़ लातातुम मेरे साथ हो रोशन है आंगन मेरे दिल का।।मोहब्बत का दर्द समझ जाता मैंगर प्यार की भाषा में कह पाताशब्दों को जोडऩा न सीख पाता मै...
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  January 19, 2011, 7:09 pm
100 का नोट बहुत ज्यादा लगता है, जब किसी गरीब को देना हो लेकिन होटल में तो बहुत कम लगता है…तीन मिनट भगवान को याद करना मुश्किल है लेकिन तीन घंटे की फिल्म देखना आसान है…पूरे दिन मेहनत के बाद दोस्तों के पास मस्ती करने से नहीं थकते लेकिन जब मां-बाप के पैर दबाने हों तो लोग तंग आ जा...
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  January 16, 2011, 7:55 pm
हिंदू आतंकवाद, नाम जुबान पर आया तो जैसे बवाल होना शुरू। राहुल गांधी ने इसका नाम लिया तो विपक्षियों ने जैसे जान की आफत बना दी। अब यूपी के एक नेता आजम खां ने इसका नाम लिया तो सियासी भूचाल फिर अपने चरम पर आ गया। भगवा या हिंदू आतंकवाद को लेकर बवालों का यह सिलसिला थमने का नाम न...
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  December 24, 2010, 8:16 pm
प्याज, वह नाम जो हर आम आदमी की जुबान पर आते ही कड़वा स्वाद खुद पैदा कर देता है। हालांकि कल तक यह प्याज हम सबका चहेता था। हम रेस्टोरेंट में भोजन करने जाते थे तो खाने के थाली के साथ फ्री में खूब सजावट के साथ हमारे सामने पेश किया जाता था। आज हम खाना खाने जाते हैं तो प्याज खाने ...
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  December 23, 2010, 7:02 pm
साल शुरू होते हुए महंगाई डायन का प्रकोप ऐसा शुरू हुआ कि साल बीतने के साथ ही आल इज नोट वेल में तब्दील होता दिखाई दे रहा है। साल के शुरू में आमिर खान की फिल्म थ्री इडियट के डायलॉग आल इज वेल ने आम जनता को एक राहत दी थी, कि जब भी कभी कोई आपत्ति आए तो आप इस वाक्य को ‘अहं ब्रह्मास्...
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  December 21, 2010, 4:46 pm
सोमवार की सुबह हर अखबार में एक छोटी मगर दर्दनाक खबर छपी थी- पिता की डांट से क्षुब्ध होकर बेटे ने खुद को गोली मारी। यह दर्दनाक खबर अगले दिन उस बेटे की मौत के साथ ही और भी दुखदायी हो गई। बाप अपने इकलौते बेटे की चिता को आग लगाने से पहले गम की आग में खुद जल रहा था कि मंगलवार के अ...
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  December 7, 2010, 11:54 am
आमतौर पर हर दिन कहीं न कहीं से सुनने को मिल जाता है कि फलां आदमी या सेलेब्रिटी के खिलाफ फतवा जारी हो गया है। फतवे को लेकर हमारी जनता में इस कदर कंफ्यूजन की स्थिति पैदा हो गई है कि हम इसे फरमान समझ बैठते हैं। अगर इस बात की तह तक जाएं तो पता चलता है फतवा महज एक कानूनी सलाह है, ...
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  December 5, 2010, 8:08 pm
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