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कुछ लम्हे दिल के...

 मधुमास यानी प्रेम का मासप्रेम शब्दों में सिमटी कोई कविता नहीं हैजिसे प्रकट करने के लिए कहा जाय प्रेम प्रकट किये जाने का मोहताज भी नहीं है  क्योंकि यह अप्रकट होकर भी संचारित हो जाता...प्रेम शर्तों में लिपटी कोई नियमावली भी नहीं हैजिसको मानने के लिए बाध्य किया जा...
कुछ लम्हे दिल के......
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  February 3, 2017, 5:57 pm
भोर का चाँद अधिक देर तक नहीं दिखता फिर भी उग आता है भोर मेंशायद वह जानता है कि इस पर उसका वश नहीं हैवश है तो केवल चलते रहने परवह जानता हैकि दिन में उसका अस्तित्व बेशक ना होपर रात पर तो उसी का एकाधिकार है......
कुछ लम्हे दिल के......
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  December 4, 2016, 12:44 pm
तुम सिर्फ़ अपने नाम तक सीमित नहीं होतुम सिर्फ़ अपने सम्मान तक सीमित नहीं होतुम सिर्फ़ अपने गान तक भी सीमित नहीं होतुम बिखरे पड़े होनदी, पहाड़, जंगल, खाड़ी, सागर, मैदान, रेगिस्तान में तुम समाए हुए होहर दिल, हर धड़कन, हर नब्ज़ मेंतुम समाए हुए हो हर आवाज़ में, हर इंकलाब मेंतुम शब्द नह...
कुछ लम्हे दिल के......
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  November 30, 2016, 10:55 pm
इंसान बड़ा सयाना हैवह सब जानता हैकि उसे क्या चाहिए, क्या नहींनहीं रखता कभीअपने पास, अपने आसपास ग़ैरज़रूरी, व्यर्थ की वस्तुएँउन्हें फेंक देता है उठाकरकचरे के डिब्बे में प्रतिदिन।इंसान बड़ा सयाना हैनहीं फेंकता कुछ वस्तुएँ कभीकिसी भी कचरे के डिब्बे मेंबेशक वे कितनी ह...
कुछ लम्हे दिल के......
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  September 25, 2016, 1:10 pm
ज़िन्दगी शुरू होती है हर सुबहकुछ इस तरहरोज़मर्रा के काम जल्दी-जल्दी निपटानातैयार हो काम के लिए निकलनाठीक स्कूटर निकालते वक़्तएक स्कूल की वैन का घर के सामने रुकनाड्राइवर का मुझे निकलते हुए देखनाबच्चों का खिड़की से झाँकनाफिर एक अंजाना सा रिश्ता बन जानाऔर प्रतिदिन की आदत...
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  September 16, 2016, 5:20 pm
तुम चाहे कितना ही चुप  रहो तुम्हारी आँखों के नुकीले कोर सदा मुस्कुराते हैं.......
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  August 14, 2016, 7:36 pm
दूरियाँ बतातेतसल्ली दिलातेरास्तों में गड़े मिल जाते हैंअनगिनत मील के पत्थर।दिशाएँ दिखाते, आस जगातेरास्ते पर तने मिल जाते हैंअसंख्य बोर्ड।लेकिन कुछ दूरियाँऐसी होती हैंजिनके लिएन कोई मील के पत्थर मिलेंगेन ही कोई दिशा दिखाने वाले बोर्ड।उनको स्वयं तय करना पड़ता हैभट...
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  June 5, 2016, 1:26 pm
चुभते हैं।कुछ शब्दचुभते हैं।रिश्तों के बीच हो जाती हैंजब छुटपुट झड़पेंअनजाने ही बन जाते हैंकुछ शब्दकिरकिरे नुकीले बाणजो चल जाते हैंअपनों परऔर फिरजीवन पर्यंतचुभते रहते हैं।कुछ शब्द चुभते रहते हैं।शब्द रच देते हैंएक अभेद चक्रव्यूहजिसमें फँसता जाता हैजितना भी न...
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  May 31, 2016, 10:12 pm
पथराई आसपथराई आँखशायद पानी मर गया........
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  May 26, 2016, 12:08 pm
जो करीब है वो दूर बहुत है जो दूर बहुत है वही करीब है......
कुछ लम्हे दिल के......
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  May 25, 2016, 4:22 pm
जो करीब हैवो दूर बहुत है, जो दूर बहुत हैवही करीब है......
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  May 25, 2016, 4:22 pm
धूप है तो क्या घटा इक रोज़ छा ही जायेगी चल पड़े हैं राह पर मंज़िल तो आ ही जायेगी आज पतझर, फूल, पत्ती, डालियों को रौंद ले जब बहार आएगी गुलशन को सजा ही जायेगी इस हवस पर आप खुश हैं एक दिन होगा यहीआपकी औकात पलभर में घटा ही जायेगीजाति, भाषा, धर्म, बोली की सियासत आग हैइस नगर ...
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  November 10, 2013, 5:46 pm
मेरे विद्यालय में रजत जयंती समारोह में बच्चों द्वारा प्रस्तुत नृत्य . इस नृत्य को मैंने तैयार करवाया था  . आपको कैसा लगा देख कर अवश्य बताइयेगा.......
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  January 27, 2012, 6:14 pm
नकली बाम / ऊँचे दामत्रस्त अवाम / मूक निजामभ्रष्टाचार / होता आमशहरी रोड / ट्रेफिक जामकुर्सी आज/ चारों धामख़ूनी हाँथ / मुख में रामउजड़े खेत/ हल नीलाम कन्या दान/ मुश्किल कामराहत  कोष/ माघी घामबनते माल/ मिटते ग्रामअफ़सर राज/ फ़ाइल झामआँगन धूप/ ढलती शामझूठ...
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  October 9, 2011, 12:49 pm
कभी कूटी , कभी वो रौंदी जाती है उसी माटी की मूरत पूजी जाती है गुले गुलज़ार हो जाती है हर डाली  गुलाबों की कलम जब काटी जाती है सुदामा स्नेह की गठरी तो भारी कर वज़न से पोटली अब आंकी जाती है शहीदों पर किसी दिन फूल पड़ते हैं मगर फिर ख़ाक उन पर डाली जाती है पुर...
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  October 2, 2011, 1:31 pm

पहचान लेगा कोई जौहरी तुझको भी अपनी चमक को न तू धुंधली पड़ने दे ...
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  September 24, 2011, 4:51 pm
कर्म को देव बना कर देखो सत्य के मार्ग पे जा कर देखो साथ में होंगे करोड़ों इक दिन पाँव तो पहले बढ़ा कर देखो सारे इंसान हैं इस दुनिया में सरहदें अपनी मिटा कर देखो क्या है नफरत, ये अदावत क्या है प्रेम का राग तो गा कर देखो मंजिलें साफ़ नज़र आएंगी ज्ञान के दीप ज...
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  November 28, 2010, 2:00 pm
कौन यहाँ अब पूछे फ़न को,आज कहाँ यह दिखता हैनाम बिके हैं महफ़िल-महफ़िल, फ़न  से किस का रिश्ता हैजोंक बनें हैं आज चिकित्सक ,खून सभी का चूसे हैंउनके दवाखानों में भी नित, मौत का तांडव होता हैखेल, खिलाड़ी, अभिनेता को, लोग बिठाते सर-माथेवीर जवानों की कुर्बानी, मोल बहुत ही सस्ता...
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  August 25, 2010, 8:45 pm
घुटन है, पीर है, कुंठा है, यातनाएं हैं मुहब्बतें हैं कहाँ, अब तो वासनाएं हैं जमाना जब भी कोई धुन बजाने लगता है थिरकने लगतीं उसी ताल पर फिजाएं हैंनजर लगाने की खातिर हैं नेकियाँ आईं उतारने को नजर आ गईं बलाएं हैंपराग बाँट रही हैं, परोपकारी हैं कली कली के दिलों में बसी वफाएं ...
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  August 3, 2010, 6:30 pm
दोस्तोंकीआस्तीनोंमेंछुपेहैंनागअबरहनुमा, रहज़न बने हैं, इनसे बच कर भाग अबगांव, बस्ती, शहर, क़स्बा, देश का हर भाग अबजल चुका है, क्या बुझेगी नफरतों की आग अबभूख, बेकारी, गरीबी और बे तालीम लोगकब तलक ये दुःख सहें हम, क्यों न जाएँ जाग अबजो पड़ोसी गा रहा है, आप भी वो गाइएतीर जैसा च...
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  July 20, 2010, 6:13 pm
सूखेखेत, सरोवर,झरने,बस आँखों में दिखता पानीहाहाकार मचा है जग में,छाए मेघ न बरसा पानी।भ्रष्टाचार के दलदल में अब,अपना देश धंसा है पूराकौन उबारे, सबके तन में ठंडा खून रगों का पानी।अब रक्षक को भक्षक कहिए,कलियां रौंद रहे है मालीलोग तमाशा देख रहे हैं,किसकी आंख से छलका पानी।ख...
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  June 7, 2010, 3:31 pm
जवां दिलों में कहीं हौसला नहीं है क्योंमेरे वतन में कोई रहनुमा नहीं है क्योंचमन को सींच रहा है लहू से जो मालीउसे चमन में कहीं आसरा नहीं है क्योंहजारों बोझ तले क्यों सिसकता है बचपनवो खुल के हंसता, कभी खेलता नहीं है क्योंहमेशा उसने भरे हैं अमीर के खलिहानमगर गरीब को दाना ...
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  May 26, 2010, 10:40 pm
रहने दो आशियाँ मेरा भीमेरी भी ईश ने रचना कीवाहन बना भवानी माँ का हूँ बाघ शान भारत माँ की क्यूँ मारता मुझे है मानवक्यूँ मैं बना सभी का दोषीगिनती हजार की है केवलसंख्या बहुत बची कम मेरीअस्तित्व गर मिटाया मेराहो जाएगी समाप्त सृष्टीहैं ये हरे वसन धरती केमत काट तन सघ...
कुछ लम्हे दिल के......
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  May 17, 2010, 2:25 pm
आप सभी को मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ !!यह ग़ज़ल मैं अपनी माँ के चरणों में समर्पित कर रही हूँ , वो अब इस दुनिया में नहीं हैं , फिर भी हमेशा मेरे साथ हैं "माँ"सारे जहाँ भर का सुकूं मिलता तेरे आंचल में माँ जब गम सताएं सैकड़ों, लिपटा तेरे आंचल में माँ दौड़ीमेरीसुनआहमाँघायलह...
कुछ लम्हे दिल के......
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  May 9, 2010, 8:18 am
मिलतेहैंयहाँदुश्मन, हमसाज़नहींमिलतेजोदोस्तहैंउनकेभीअंदाज़नहींमिलतेयेज़ुल्मो-सितमकैसेमिटपाएँगेदुनियासेबुजदिलहैंसभीचेहरेजांबाज़नहींमिलतेजख्मीहैबदनअपनायेरूहभीजख्मीहैहालअपनाबतानेकोअल्फाज़नहींमिलतेकोईभीकिसीसेअबकुछभीनहींकहताहैइंसानोंकीबस्तीमे...
कुछ लम्हे दिल के......
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  February 15, 2010, 5:16 pm
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