Hamarivani.com

नगमे मेरे

-राजेश त्रिपाठीवह पनघट के गीत और बट की ठंडी छांवयादों में अब तक जीवित है प्यारा-सा वह गांव।                                     अलस्सुबह जब मां पीसा करती जांत।साथ-साथ दोहराती जाती परभाती की पांत।जागिए रघुनाथ कुंअर पंछी ...
नगमे मेरे...
Tag :
  November 3, 2016, 10:54 am
 वो तेरा मुसकराना सबेरे-सबेरेराजेश त्रिपाठीवो तेरा मुसकराना सबेरे-सबेरे।ज्यों बहारों का आना सबेरे-सबेरे।।      पागल हुई क्यों ये चंचल हवा।      आंचल तेरा क्यों उड़ाने लगी।।      बागों में कोयल लगी बोलने ।      मन मयूरी को ऐसा लुभ...
नगमे मेरे...
Tag :
  March 28, 2015, 11:33 pm
एक गजलहर शख्स तो बिकता नहीं है·    राजेश त्रिपाठीखुद को जो मान बैठे हैं खुदा ये जान लें।ये सिर इबादत के सिवा झुकता नहीं है।।वो और होंगे, कौड़ियों के मोल जो बिक गये।पर जहां में हर शख्स तो बिकता नहीं है।।दर्दे जिंदगी का बयां कोई महरूम करेगा।यह खाये-अघाये चेहरों पे दि...
नगमे मेरे...
Tag :
  September 20, 2014, 11:47 am
एक गज़लउनकी जुबां पे ताले पड़े हैं राजेश त्रिपाठीसदियां गुजर गयीं पर, तकदीर नहीं बदली।मुफलिस अब तलक जहान में, पीछे खड़े हैं।।औरों का हक मार कर, जो बन बैठे हैं अमीर।उन्हें खबर नहीं कैसे-कैसे लोग तकदीरों से लड़े हैं।।पांव में अब तलक जितने भी छाले पड़े हैं।वे न जाने कित...
नगमे मेरे...
Tag :
  September 20, 2014, 11:44 am
प्यार की बातें करेंराजेश त्रिपाठी सिर्फ लफ्फाजी हुई है अब तलक।आइए अब काम की बातें करें।।कदम तो उठ गये जानिबे मंजिल मगर।पेशेनजर है जो उस तूफान की बातें करें।।कोठियों में तो रोशनी चौबीस घंटे है।अब जरा झोंपड़ी की शाम की बातें करें।।रेप, मर्डर, लूट का अब बोलबाला है जहा...
नगमे मेरे...
Tag :
  July 23, 2014, 5:59 pm
नजारों में वो बात न थीवो लमहे जब तू मेरे पास न थी।ज्यों जिंदगी मेरे पास न थी।।यों बहारें थीं समां सुहाना था।तेरे बगैर नजारों में वो बात न थी।ख्वाबों की महफिल उदास थी।नगमें सभी थे ज्यों खोये हुए।।हम तेरी याद में जागा किये।अश्कों से दामन भिगोये हुए।।तुम गयी  याद तो सा...
नगमे मेरे...
Tag :
  June 13, 2014, 10:59 am
निजामे हिंद को मोदी जो मिल गयाइक शख्श फर्श से यों अर्श तक है तन गया।सूरमा थे जितने अर्श के बौना वो कर गया।।कीचड़ जहां दुश्मनों की तरफ से उछाले गये।वो सभी उसके लिए बन कमल हैं खिल गये।।हिंद को अब शासक नहीं सेवक है मिल गया।ताब जिसकी देख  हर दुश्मन है हिल गया।।मुद्दत के बा...
नगमे मेरे...
Tag :
  June 9, 2014, 6:09 pm
युग नया जो आया संदेश दे रहा हैयुग नया जो आया संदेश दे रहा है।दुख के दिन बीते, देश बढ़ रहा है।।अच्छे दिन तो जैसे आ ही गये हैं।मोदी युग-नायक से छा ही गये हैं।।      सपनों को अब मिल गयी हैं राहें।      खुल गयीं हैं विकास की भी बाहें।।      हर दिशा में अब नव ...
नगमे मेरे...
Tag :
  June 9, 2014, 6:08 pm
दाने-दाने को मोहताज हैं, जहां बहुत इनसान।पीड़ा का पर्याय जिंदगी, हर इक है हलकान।।भेदभाव की दीवारों ने, बुना जहर का जाल।भाईचारा नहीं रहा अब, द्वैष से सब बेहाल।।    नेता हों या शासक जिसके बेच रहे ईमान।    जिस देश में ऐसा हो, उसे कैसे कहें महान।।जहां आज तलक आधी आबाद...
नगमे मेरे...
Tag :
  May 5, 2014, 10:25 am
     आओ करें हिसाब, क्या पाया क्या खोया हमने।    कैसे-कैसे जुल्म सहे, किस-किस पर रोया हमने।।संबंधों के गणित के कैसे-कैसे बदले समीकरण हैं।किस-किस ने ठगा और कहां हमारी मात हुई है।।कहां-कहां विश्वास है टूटा, किस लमहे घात हुई है।मानवता कब-कब रोयी, आंखों से बरसात हुई ...
नगमे मेरे...
Tag :
  April 30, 2014, 6:37 pm
आदमी!क्या था क्या हो गया कहिए भला ये आदमी।सीधा-सादा था, बन गया क्यों बला आदमी।।अब भला खुलूस है कहां, जहरभरा है आदमी।आदमी के काम आता , है कहां वो आदमी।।था देवता-सा, है अब हैवान-सा क्यों आदमी।बनते-बनते क्या बना,इतना बिगड़ा आदमी।।मोहब्बत,  वो दया, कहां भूल गया आदमी।नेक बंदा...
नगमे मेरे...
Tag :
  April 19, 2014, 9:49 am
           राजेश त्रिपाठीवो तेरा मुसकराना सबेरे-सबेरे।ज्यों बहारों का आना सबेरे-सबेरे।।      पागल हुई क्यों ये चंचल हवा।      आंचल तेरा क्यों उड़ाने लगी।।      बागों में कोयल लगी बोलने ।      मन मयूरी को ऐसा लुभाने लगी।।कामनाओ...
नगमे मेरे...
Tag :
  February 12, 2014, 8:26 pm
   ·         राजेश त्रिपाठीमात-पिता का गौरव बन चंदा सा चमके।जिसके यश का सौरभ सारे जग में महके।।घर की सुंदर अल्पना, देवों का वरदान।बेटी तो है घर में खुशियों की पहचान।।     घर-घर में दीप खुशी के जलाती हैं बेटियां।     धनवान हैं वे जिनके घर आती हैं ...
नगमे मेरे...
Tag :
  February 11, 2014, 9:30 am
राजेश त्रिपाठीपीड़ा का पर्याय जिंदगी, जब आहत हैं भावनाएं।रंजो-गम का आलम है, क्या गीत खुशी के गायें।।      सपने सारे टूट रहे हैं, जब देश लुटेरे लूट रहे हैं।      वे कहते प्रगति हो रही, हम तो पीछे छूट रहे हैं।।      राजनीति के दांवपेंच से, आम आदमी है बेहा...
नगमे मेरे...
Tag :
  January 15, 2014, 9:19 pm
           राजेश त्रिपाठी हर तरफ मायूसी है तारी, ये हाहाकार क्यों है।क्या हुआ आदमी आदमी से बेजार क्यों है।।हर दिल में फरेब है, बदला व्यवहार क्यों हैं।प्यार भी आज का बन गया व्यापार क्यों है।।कोई खा-खा के मर रहा कोई फांके कर रहा। क्या यही गांधी के सपनों का...
नगमे मेरे...
Tag :
  September 17, 2013, 11:44 am
राजेश त्रिपाठीजाने कैसा ये दौरे सियासत है।हर शख्स दर्द की इबारत है।।हर सिम्त घात में हैं राहजन।या खुदा ये कैसी आफत है।।अब कौन करे भला जिक्रे महबूब।मुश्किलों की ही जब इनायत है।किस तरह बचाये कोई खुद को।राह में जब बिछी अलामत है।।महफूज रखे है तो मां की दुआ।वरना लम्हा-लम...
नगमे मेरे...
Tag :
  September 4, 2013, 7:48 pm
क्या कहें, कैसे कहें अब सहा जाता नहीं।जुल्म का यह दौर क्यों भला जाता नहीं।।अंधेरों की है हुकूमत मानो उजाले खो गये।फरियाद किससे करें, हुक्मरां तो सो गये।।हमने सोचा था नहीं ऐसा भी दिन आयेगा।आदमी जब खुद आदमी से भी डर जायेगा।।कोई मस्त है तो कोई जिंदगी से त्रस्त है।न्याय क...
नगमे मेरे...
Tag :
  August 23, 2013, 11:19 am

क्या जमाना आ गया                  -राजेश त्रिपाठीआदमी से आदमी घबरा रहा, क्या जमाना आ गया।गांव हों या शहर, कोहराम है, क्या जमाना आ गया ।।हर तरफ जुल्मो-सितम की मारी आधी आबादी है।आप ही कहिए भला क्या यही हासिले आजादी है।।कुफ्र है, कहर है, कराह है औ चार सूं जुल्मशाही ह...
नगमे मेरे...
Tag :
  January 12, 2013, 2:22 pm
कविता राजेश त्रिपाठीहमने अपने गिर्दखड़े कर रखे हैंजाने कितने कैदखानेहम बंदी हैं अपने विचारों केआचारों केन जाने कितने-कितनेसामाजिक विकारों के।हमने खींच रखे हैंकुछ तयशुदा दायरेअपने गिर्द,उनमें भटकते हमभूल बैठे हैं किइनके पार है अपार संसार।उसकी नयनाभिराम सृष्टि,...
नगमे मेरे...
Tag :
  September 15, 2010, 9:49 pm
कविताराजेश त्रिपाठीएक अंकुरचीर करपाषाण का दिलबढ़ रहा आकाश छूने।जमाने के थपेड़ों सेनिडर और बेखौफ।उसके अस्त्र हैंदृढ़ विश्वास,अटूट लगनऔर बड़ा होने कीउत्कट चाह।इसीलिए वह बना पायापत्थर में भी राह।उसका सपना हैएक वृक्ष बनना,आसमान को चीरऊंचे और ऊंचे तनना।बनना धूप में...
नगमे मेरे...
Tag :
  July 27, 2010, 11:38 am
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3693) कुल पोस्ट (169667)