Hamarivani.com

RAJEY.blogspot.in

जब से एंड्राइड स्मार्टफोन लिया है, लिखने की आदत छूट सी गई. केवल फेसबुक. फेसबुक क्षणिक सुख है माया है. सारे महत्वपूर्ण सुख क्षणिक होते हैं. क्या आपने लंबे चलने वाले सुख देखे हैं? सुख भी यदि लंबे चलें तो बोरियत और दु:ख में तब्दील हो जाते हैं. दुख या तो भूतकाल होता है या भविष्य...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :
  October 31, 2016, 5:47 pm
इतना तो तय है कि अगर आदमी को काम हो, उसे फालतू चीजों के लिए फुर्सत ही ना हो तो आदमी फेसबुक लाॅगइन नहीं करेगा. एक आदमी जो रोटी-कपड़ा-मकान-दुकान के चक्कर में है वह भी फेसबुक पर नहीं होता. नियमित रूप से खाने-पीने के प्रति लापरवाह, खाते-पीते ऐसे लोग जिनके पास बिजली, कम्प्यूटर और ...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :लघु—लेख
  January 24, 2016, 8:43 pm
वैसी ही नहीं, जैसी कोई चाहेआग कई तरह की होती हैवैसी भी... जैसी कोई ना चाहेसब चाहते हैंदीपक सोने का होबाती, अभी—अभी उतरे कपास के फाहे की होश्यामा गाय से पाया- पिघला कुनकुना घी होऔर किसी तीर्थ की पवित्र अग्नि सेसुगंधित दिया रोशन हुआ होपर सबके इतने सारे इंतजाम नहीं हो पातेइ...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :यूं ही
  January 10, 2016, 12:28 am
दिनों महीनों सालों तक बस वही दिन. बस वही रात दिनों महीनों सालों तक रोटी.रोजी.बोटी की बात दिनों महीनों सालों तक तू, मैं, तू—तू मैं—मैं दिनों महीनों सालों तक ओह!, अच्छा, हैं...? दिनों महीनों सालों तक गंवाई यूं ही सांसें दिनों महीनों सालों तक महसूसी दिल में फांसें दिनों महीन...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :कवि‍ता Kavita
  January 8, 2016, 10:20 am
हालांकि आज भी सुबह सुबह जागना अनायास नहीं होता. आज भी नाक बंद सी लगी, छींकें आईं और आंखें भींचकर सोते रहने की वजह ना दिखी तो उठ गये। सुबह सैर पर निकले अधिकतर मनुष्य अपनी ही तरह बकवादी, बड़बड़ाते और सपने में चलते से नज़र आते हैं। क्यों.... क्या जब आप सैर पर जाते हैं तो निर्विच...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :
  September 30, 2015, 11:12 am
वादे और कसमें आकाश में चमकते उन​ सितारों जैसे होते हैं. वो उतने ही ज्यादा चमकते हैं जितनी गहरी काली रात होती है.God's promises are like the stars; the darker the night the brighter they shine. ~David Nicholas दुनियां में सभी जगह राजनीतिज्ञ एक से होते हैं. वह वहां भी पुल बनाने का वादा करते हैं जहां कोई नदी ही नहीं होती.Politicians are the same all ove...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :
  June 18, 2015, 3:07 pm
माँ का पिण्ड दान दोस्त कुटुम्बी देते हैं , बारी बारी कान्धा तुझको, और मैं कच्ची हांडी सा, तेरा बच्चा, चलता हूँ आगे, एक पकी हाँडी, हाथ में ले कर । इस मिट्टी के बर्तन में, लिये जाता हूँ माँ, थोडा इतिहास, एक युग, एक जीवन, चुट्की भर जवानी, एक अंजुली बचपन, अट्कन बट्कन, दही चट्कन...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :
  March 11, 2015, 7:37 pm
मेरे सुकून में भी, बस वही अज़ाब थाइक झपकी लगी, कि वही ख्वाब था ________________________________________ अज़ाब = पीड़ा, सन्ताप, दंड अज़ीज़ = प्रिय, माननीय, आदरणीय,  गुणवान अज़ीम = महान, विशाल, उच्च मर्यादा वाला अटक =विघ्न ...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :शेर
  July 21, 2014, 6:27 pm
17-17 था मैं इतना पराया भी नहीं कि तूने आजमाया ही नहीं जो दौलतें हैं तो संग सब ही नहीं तो धूप में साया नहीं 18-18 उम्र और तजुर्बे बोलते हैं यूं मैं कुछ सीखा सिखाया नहीं तू मिला तो गीत, खोया तो गम इस दिल ने, और कुछ गाया नहीं ...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :
  July 16, 2014, 7:36 pm
 आह को लफ्जों में तराशा जो कहा ये उसने..ये तमाशा क्यों? कभी कभार कोई इशारा दिया, दिल के बच्चे को, ये बताशा क्यों? प्यार की क्वालिटी देखिये साहिब खुदा मिलता है, तोला माशा क्यों? इक बार मिले, बिछड़ने के लिए पर दे गये, इतनी निराशा क्यों?...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :गजल
  June 4, 2014, 7:47 pm
उसका हर सितम बेमिसाल ऐसा, मेरी हर आह पर सवाल कैसा? अधजगी रातों के गवाह, तारों.. चांद के चेहरे पर जाल कैसा? उसका होना, कि ज्यों खामोशी हो ना हो आवाज, तो मलाल कैसा? यादों और ख्वाबों का तमाशा है मिलना कैसा? उसका विसाल कैसा?...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :Sher
  April 30, 2014, 3:24 pm
मुझे चढ़ती दोपहर मेंयही कोई 27 बजेभूख लगी थी।मैंने खाना खा लिया था।और तुमअब शाम को आई हो40 बजे।मेरी भूख मिट गर्इ् है।तुम्हें तो भयंकर भूख लगी हैजाओआज तुम अकेले ही खा लो।खाना खाते समयकिसी का देखना,किसी से बात करनाअच्छा नहीं है।तुम निपट लो,फिर दालान में मिलनाहम फिर बातें ...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :
  April 30, 2014, 2:05 pm
कभी तुझ पे भी, कुछ ऐसा मेरे बिन गुजरे तुझे सोचते हुए, जैसे मेरा दिन गुजरे तेरी तस्वीर से, अब ये सवाल रहता है इक रास्ता, करता है क्या, जब मंजिल गुजरे ? उदासी, बदहवासी, दिल में दर्द का रहना तू बता इनके सिवा, और क्या मुमकिन गुजरे? ...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :गजल
  April 28, 2014, 2:13 pm
वो भी घर से यही सोचकर निकला होगा कि सांझ तक 200-400 रूपये मिल जाएंगे। वो भी ये सोचकर ही घर से निकला होगा कि किसी बच्चे की कोई ख्वाहिश पूरी हो जाएगी, बीवी की कोई जरूरत या दाल-रोटी का डर कुछ टल जाएगा। पता नहीं, यह वही मोटा रस्सा था जिससे वह कई दिनों से जिंदगी और मौत का जुआ खेल रहा था...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :मौत
  April 17, 2014, 2:24 pm
प्रेम, झरने की तरह कभी ऊंचाईयों से नीचे गिरता है तो कभी समन्दर की जर्बदस्त ऊंची लहरों की तरह किनारों से भिड़-भिड़ जाता है। वह छिछली पारदर्शी गहराई में गुनगुनाती कलकल धारा की तरह बहता है तो कभी शांत और गंभीर होकर किसी झील या तरणताल में भी ठहरा रहता है। वह धरती के नीचे चुप...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :अनुवाद
  April 11, 2014, 12:44 pm
तुमसे जो बात हो गर्इ् साहिब हसीन हयात हो गई साहिबशब के खामोश लब जब हिले हैंदिन नये, रातें हैं नई साहिबचंद लफ्जों का लेन देन महजबस में जज़्बात ही नहीं साहिबखयालों ने नई परवाज ली हैछोड़ दी तंग दिल जमीं साहिबयूं हकीकत के हम मुरीद बहुतख्वाब में, बस तुम्हीं—तुम्हीं साहिबr...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :
  April 7, 2014, 1:43 pm
जिधर रोका वहीं जाने की आदतदिल की धोखा खाने की आदतउम्र ने कहा दानां बनो नाहमें नादान कहाने की आदतबिना वजह रूठ जाते हैं वोजाने है मेरी मनाने की आदतअजनबी ले लेतें है मुझसे वादा,शक्ल पर चिपकी, निभाने की आदतसबको पता,  कब.. होंगे कहांजिंदा घर, मुर्दा श्मशान जाने की आदततुम तो ...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :गजलनुमा
  March 31, 2014, 1:27 pm
साहिब आप ठगाईये, और ना ठगिये कोयआप ठगैं सुख उपजै, और ठगे दुःख होयवाणी जयराम के मधुर स्वरों में कबीर के सच का बहना एक आनन्ददायक भजन बन जाता है। कबीर ने दोहों में परमात्मा को साहिब कहा है। ‘साहिब’ चीनी नेपाली कांचा की आवाज में ‘ओ शाब’ या शाप बन गये हैं। तो कबीर का साहिब से...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :
  March 31, 2014, 1:15 pm
प्रेम का गड्ढाखींचता लपक—लपकपुकारता अपनी तरफऔर फतवे देता—'जीने का मैं ही.. असली अड्डा'प्रेम का गड्ढापत्थर पर हैपानी ने खोदा हैपत्थर पर खुदा हैपानी ही तो खुदा हैप्रेम के गड्ढे केदबे हुए ऊपरी उभारऔर निचले कोने की झीलबहने को बैठी उधारप्रेम का गड्ढा गहरा हैकिनारों पर कु...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :poem in hindi
  March 28, 2014, 12:55 am
जब अचानक ​टूटकर बारिश हो जाती हैतब कैसा महसूस होना चाहिएकि घर परघुप्प अंधेरा हो जाएगावो भीग जाएगीबत्ती गुल हो जाएगीबच्चे डर जाएंगेकि फसल बिछ जाएंगीगांव के दिल मेंबरछियां खिंच जाएंगीकिसान मर जाएंगेकि बस...शहर ठहर जाएगाखुद को इतनी फुर्सत सेबेचैन पाएगाऔर शाम को जिंदा...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :कवि‍ता Kavita
  February 26, 2014, 6:18 pm
पापा,मुझे भी दिला दोरंग बिरंगी पतंगतय करने दो जीवन के ऊंचे लक्ष्यभरने दो उमंगों के रंगपापा,मुझे भी लादो लंबी डोरहाथ मेरे हो.. जीवन का ओर-छोरपापा,मुझे भी दिला दोमांजा धारदारकला-विज्ञान की कुशलता-निपुणता...कि मेरे पास भी जवाब होजब हों दुनियाँ के वारपापा,मुझे भी दिला दोलम...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :Patang
  January 7, 2014, 1:55 pm
अज़ब सी कैद है..अंदर हूं तो भी डर लगता हैऔर बाहर जाने के ख्याल से भीकि भला होता नहींऔर सकुचा हूंकिसी बुरे के मलाल से भीअज़ब सी कैद है..चुकानी हैं अभीपालने—झूलने--कच्ची उम्र की यादों कीकिश्तेंकि.. और संजो लियेनर्म रूई.. फाहे से रिश्तेबुलाए हैं निर्दोष फरिश्तेअज़ब सी कैद ह...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :poem in hindi
  November 25, 2013, 6:52 pm
बस यही दुख था...कि मैं जब भी... जहाँ थावहाँ मुझे कुछ घंटे या...महीने भर ही सुख थामैं वहां सालों रुका रहामुझे वहां सालों रूकना पड़ाऔर आज मैंबीता हुआबड़ा ही गया...और बीता हुआमहसूसता हूं...कि मैं ठहरा ही ठहराचला ही नहीं..भटका ही नहीं..ना मेरे खयाल में कोई मंजिल आईना मुझे कोई राह सु...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :poem in hindi
  October 24, 2013, 12:40 am
खाक में गुजरा हुआ कल, नहीं ढूंढा करतेवो जो पलकों से गिरा पल नहीं ढूंढा करतेपहले कुछ रंग लबों को भी दिये जाते हैंयूं ही आंखों में तो काजल नहीं ढूंढा करतेबेखुदी चाल में शामिल भी तू कर ले पहलेयूं थके पैरों में पायल नहीं ढंूढा करतेजिस ने करना हो सवाल आप चला आता हैलोग जा जा के...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :
  October 2, 2013, 11:38 pm
सबसे ज्यादा दु:ख निरन्तर मानवता में हो रहे ह्रास को वहाँ देखकर होता है... जहाँ लोग उन नौकरियों से जकड़े बैठे हैं जो उन्हें पसंद नहीं हैं लेकिन क्योंकि उनमें भय है कि कहीं इनसे भी घटिया नौकरी ना करनी पड़े. लोग दिमाग से खाली हो गये हैं. वो कांपते हुए जिस्म भर हैं जिनमें डरा ह...
RAJEY.blogspot.in...
Tag :आजकल के लि‍ये जरूरी
  September 11, 2013, 4:13 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3667) कुल पोस्ट (165989)