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कुछ अलग सा

सम्पाती और जटायू का यह सूर्य प्रवास कोई भावावेश में, अहम के अतिरेक में या अति उत्साह में उठा लिया गया कदम नहीं था। लाखों-लाख मील की यात्रा का आगाज, बहुत सोच-समझ कर राह में आने वाली सारी अड़चनों, परेशानियों, आकस्मिक मुसीबतों को जानते-बूझते, खान-पान-आराम, सुरक्ष...
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Gagan Sharma, Kuchh Alag sa
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  August 14, 2018, 5:15 pm
हमारा शरीर एक अजूबा है। चाहे सहनशक्ति हो, तेजी हो या फिर बल-प्रयोग इससे इंसान ने अनेक हैरतंगेज कारनामो को अंजाम दिया है। कइयों ने तो ऐसे-ऐसे करतब किए, दिखाएं हैं जिन्हें देख आम आदमी दांतो तले उंगलियां दबाने को मजबूर हो जाता है। पर विश्वास कीजिए, आकाश से ले कर सागर की ...
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Gagan Sharma, Kuchh Alag sa
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  August 9, 2018, 10:26 am
पहले तो इस खेल को खेलने की सुविधा कहीं-कहीं ही होती थी पर आजकल यह आम होता जा रहा है। मुझे गुड़गांव के आम्बिएंस मॉल में तीन-चार बार इसे खेलने का मौका मिला है। दिखने में जितना आसान लगता है उतना आसान यह है नहीं ! पहले तो यूँ ही बॉल को पकड़ कर दे मारते थे पिन पर ! पर धीरे-धी...
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  August 6, 2018, 12:03 pm
आज का बाजार इतना चतुर, कुटिल और चंट हो गया है कि वह सदा यह कोशिश करता है कि जो आपको लेना है वह तो आप लें ही ! जो नहीं लेना है या जिसकी जरुरत नहीं है वह भी आप लें ! इसीलिए किसी भी तरह का मेन्यू बनाने में इंसान की भावनाओं जैसे उसका मनोविज्ञान, अपनी मार्जिन का लेखा-जोखा,&nb...
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  August 2, 2018, 11:12 am
अपने शुरूआती दौर में ही अमिताभ ने  फिल्म ''रेशमा और शेरा"में गूंगे-बहरे का किरदार निभाया। उसके बाद उनकी अनेक ऐसी फिल्में आईं  जिसका मुख्य किरदार किसी न किसी असाध्य बीमारी से पीडि़त था। जैसे फिल्म मजबूर में ब्रेन-ट्यूमर, ब्लैक में अल्जीमर्स, पा में प्रोज...
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  July 31, 2018, 3:00 pm
अभी पिछले दिनों फिर एक बार 65 के युद्ध के बाद भारत सरकार को हैदराबाद के निजाम द्वारा स्वर्ण दिए जाने की बात चर्चा में रही थी। बात ठीक थी, समय पर देश को आर्थिक सहारा भी मिला था पर सारे घटनाक्रम पर एक सवाल भी अपना सर उठाता है कि अचानक भारत विरोधी, पाक परस्त, अत्यंत कजूं...
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  July 29, 2018, 12:07 pm
आज अखबार में पुरस्कार मिलने की बात आने पर लोगों को #सोनम_वांगचुक और उनके कार्यों को जानने की उत्सुकता होगी बहुत से लोग पहली बार उनको जानेंगें; पर उनसे प्रभावित हो 2009 में एक फिल्म "थ्री इडियट्स"भी बनी थी। जिसमें आमिर खान ने इनके जीवन से प्रभावित हो  'फुनशुक वांग...
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  July 27, 2018, 6:17 pm
महाकाव्य रामायण में  कुछ अहम पात्र ऐसे भी हैं जिनका कथा में योगदान तो बहुत महत्वपूर्ण है पर उनके बारे में  विस्तृत जानकारी नहीं मिलती।  ऐसा ही एक पात्र है, सम्पाती ! जिसने सीताजी के लंका में रावण की कैद में होने के बारे में सही दिशा निर्देश दे, श्री राम जी की सहायता...
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  July 26, 2018, 5:28 pm
राजकुमारी की लैंग्चा खाने की इच्छा उसके मायके कृष्णनगर पहुंचाई गयी ! अब लैंग्चा क्या होता है यह किसी को भी पता नहीं था। वहाँ किसी भी हलवाई को इस तरह की किसी मिठाई के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। दरअसल राजकुमारी भी इस मिठाई का नाम भूल चुकी थी उसे सिर्फ यह याद था कि उ...
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  July 22, 2018, 10:34 am
मातृभूमि ! ज्यादातर या सरल भाषा में कहा जाए तो जो इंसान जहां जन्म लेता है, वही उसकी मातृभूमि कहलाती है। पर आज दुनिया सिमट सी गयी है। रोजी-रोटी, काम-धंधे या बेहतर भविष्य की चाहत में लोग विदेश आने-जाने लगे हैं। तो ऐसे लोगों की संतान का जन्म यदि दूसरे देश में होता ...
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  July 20, 2018, 4:40 pm
मातृभूमि ! ज्यादातर या सरल भाषा में कहा जाए तो जो इंसान जहां जन्म लेता है, वही उसकी मातृभूमि कहलाती है। पर आज दुनिया सिमट सी गयी है। रोजी-रोटी, काम-धंधे या बेहतर भविष्य की चाहत में लोग विदेश आने-जाने लगे हैं। तो ऐसे लोगों की संतान का जन्म यदि दूसरे देश में होता ...
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  July 20, 2018, 4:40 pm
मुद्दा क्या है, जमीन छूना या दूरी पार करना ! अब मान लीजिए एक बल्लेबाज रन लेते समय दूसरे छोर पर पहुँच, किसी क्षेत्ररक्षक द्वारा फेंकी गयी बॉल से अपने को बचाने के लिए छलांग भरते हुए, बिना जमीन को छुए, विकेटों के भी पार चला जाता है और बॉल विकेट में लगती है तो वर्तमान नि...
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  July 9, 2018, 1:58 pm
समय चक्र के घूमने के साथ ही अब फिर "घी"के दिन बहुरने लगे हैं। जी हाँ वही देसी घी जिसके पीछे, कुछ वर्षों पहले आहार, विहार, सेहत, स्वास्थ्य संबंधी विशेषज्ञ-डॉक्टर और ना जाने कौन कौन, पड़े हुए थे; इसकी बुराइयां और हानियाँ बताते हुए ! वैसे ही लोग उसी घी को आज फिर शरीर के लिए ...
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  July 6, 2018, 4:32 pm
अक्सर लोगों को कहते पाया जाता है कि उम्र तो सिर्फ एक नंबर है, उसके बढ़ने से क्या होता है; दिल तो  जवान है ! बात कुछ हद तक ठीक हो सकती है, पर सच्चाई यह है कि दिल भले ही कितना भी जोश, उमंग, उत्साह से भरा रहे पर शरीर की मशीनरी एक उम्र के बाद धीमी पड़नी शुरु हो जाती है। द...
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  July 3, 2018, 12:52 pm
पावस ऋतु आ ही गयी। इसके स्वागत के साथ-साथ ज़रा सी सावधानी भी बरत ली जाए तो यह खुशगवार मौसम और भी सुहावना हो जाएगा। तो सोचना क्या; आनंद लीजिए इस अनमोल-नायाब-जीवनदायक उपहार का, जिसे प्रकृति खुले दिल से लुटा रही है। पर अपनी तरफ से भी भरसक कोशिश और उपाय जरूर करें, गगन से झर...
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  June 28, 2018, 1:25 pm
फिल्म की सबसे कमजोर कड़ी है इसका डायरेक्शन, जिसे पता नहीं किसने, क्यों और क्या देख कर अब्बास-मस्तान जैसे सक्षम निर्देशकों को हटा कर, रमेश गोपी नायर यानी  #रेमो_डिसूजा को सौंप दिया। जिन्हें शुरू से लेकर अंत तक यही समझ में नहीं आया कि कहानी, उसके पात्रों और खासकर सल...
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  June 16, 2018, 7:34 pm
जिस तरह चाय की अलग-अलग कीमतें निर्धारित की जाती हैं उसकी विशेषता व गुणवत्ता को लेकर, वैसे ही केसर का मुल्यांकन भी होता है। अलग-अलग जगहों पर उपजने वाले केसर की कीमतों में भी फर्क होता है। फिर उसके संस्करण के दौरान बहुत कुछ बाहर आता रहता है जैसे बची हुई फूल की ...
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  June 14, 2018, 3:45 pm
देखने में "लिक्विड सोप"अच्छा, साफ़-सुथरा, रख-रखाव की सुविधा और आधुनिकता का प्रतीक भले ही हो पर पुराना साबुन का "बार या बट्टी"उससे बेहतर है। खपत को ही लें, साबुन की बट्टी से हाथ धोते हुए मात्र 0.35 ग्राम साबुन की जरुरत पड़ती है, वहीँ लिक्विड सोप की खपत एक बार ...
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  June 8, 2018, 4:53 pm
बहस में भाग लेने वाले "उस्ताद लोगों"के पास कोई ठोस उपाय नहीं होते; वह वहाँ बैठे ही होते है अपनी विद्वता के प्रदर्शन, दूसरों को उपदेश या उनकी आलोचना करने के लिए ! उनसे कोई पूछने वाला नहीं होता कि जनाब आपने इस मुसीबत से पार पाने के लिए निजी तौर पर क्या किया है ? क्...
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  June 4, 2018, 5:39 pm
इस नाम के पड़ने की वजह का कारण खोजने पर पता चला कि किसी समय यहां मछली पकड़ने में उपयोग होने वाली "डिंगा"यानी नौकाओं की मरम्मत की जाती थी। जिसके लिए उन्हें उल्टा कर उनके पेंदे के बाहरी हिस्से में कोलतार लगा सूखने के लिए छोड़ दिया जाता था। फिर उनको दुरुस्त कर काम लायक ...
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  May 30, 2018, 3:55 pm
आज देश में दो ही ऐसी राजनितिक पार्टियां हैं जिनका कुछ न कुछ आधार पूरे देश में है। इनमें भी पहले नंबर पर कांग्रेस है, जिसके समर्पित कार्यकर्त्ता देश के कोने-कोने में आस्था की अलख जगाए बैठे हैं। पर उसके अदूरदर्शी नेता इसका फायदा न उठा सिर्फ मोदी के पीछे पड़े हुए है...
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  May 25, 2018, 11:37 am
देखने वाला तंग हो जाता है, हर पांच मिनट के बाद "बेल्ले"हीरो को झेल, जो दिन भर कुत्ते-बिल्ली की तस्वीर खींचता बैठा है और उसे बिना कैमरे के पता ही नहीं चलता कि उसका कुत्ता बिन नहाए है। एक और महाशय ने पूरे देश की जुबान को रंगने का ठेका ले सबके दिमाग की ऐसी की तैसी कर धर...
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  May 23, 2018, 3:05 pm
दोनों IPL में एक समानता जरूर है, दोनों के "खिलाड़ी"बिकने के लिए सदा तैयार रहते हैं। जो ज्यादा बोली लगाता है इनकी स्वामिभक्ति उसी की हो जाती है, अगला मौका आने तक ! पर जहां 'प्रीमियम लीग'अपनी कुछ खामियों के बावजूद प्रशंसनीय खेल व मैत्री भावना के साथ क्रिके...
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  May 22, 2018, 2:18 pm
एक दिन पहले ही आलिया की फिल्म "राजी"भी वहीँ लगी हुई थी, पुरानी लत के कीड़े ने जोर मारा ! प्रस्ताव पेश किया तो मना किसने करना था, सारे एक से बढ़ कर एक शौकीन; पर शर्त एक ही थी कि पहले पेट-पूजा का प्रसाद ग्रहण कर ही दोबारा हॉल में प्रवेश किया जाएगा। बात तर्क-सम्मत थी, सो सर्व-सम्...
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  May 14, 2018, 2:48 pm
अपराजितो फिल्म का एक सीन, जिसमें अपु अपनी माँ से कहता है कि उसे सुबह की ट्रेन पकड़नी है सो जल्दी उठा देना। सीधी व साधारण सी बात है कि अगले दृश्य में माँ, सुबह हो गयी है, अपु उठो कह कर जगा देती। पर उस गरीबी के मारे परिवार में घडी कहाँ थी ! सुबह कब और कितने बजे ट्रेन ...
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  May 3, 2018, 1:54 pm
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