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डंके की चोट पर

दिल्ली में हुयी बलात्कार की घटना के बाद सेना के दो जवानों का पाकिस्तान के सैनिको द्वारा सर  काटे जाने की घटना को लेकर पूरा देश मर्माहत है। लोग वही लिख रहे हैं जो लोंगो को सुन्ना अच्छा लगा रहा रहा। यदि किसी ने विरोध जाता या फिर अपने विचारों को रखा तो गालियाँ खाने को मिली।...
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Tag :bhadohi
  January 11, 2013, 3:23 pm
बहुत दिनों से खबर पढने को मिल रही थी 2012 में दुनिया समाप्त हो जाएगी। इस खबर पर न्यूज़ चैनलो पर बड़े ही जोर शोर से प्रचारित भी किया जा रहा था। लोग चिंतित थे की दिसम्बर में दुनिया समाप्त होगी। 2012 बीत गया और लोग खुशियाँ मनाने लगे, राहत की साँस लिए की चलो दुनिया बच गयी। हो सकता ह...
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Tag :bhadohi
  January 11, 2013, 2:56 pm
भदोही ब्लाक प्रमुख चुनाव ने उठाये सवालिया निशानराजनितिक वर्चस्व की जंग में क्या सचमुच लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। यह सवाल आज हर भदोही वासी के दिल में उठ रहा है किन्तु लोंगो के मन में भय है और कोई भी खुलकर बोलने से कतरा रहा है। चुनाव के दौरान जो हालात पैदा हुए क्या व...
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Tag :भदोही
  January 5, 2013, 10:13 pm
आज सुबह उठा तो फिजा में कुहरा छाया हुआ था। सोच रहा था की ऐसे मौसम में कहा जाये। घर से बाहर सड़क पर निकला तो कुछ मित्र मिले और उनके मुह से यह सुनते ही जैसे सदमा  लगा की दामिनी मर गयी। दिल के किसी कोने में दर्द का एहसास हुआ। महसूस हुआ की आँखों में कुछ नमी सी आ गयी है। दिल उदास ...
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Tag :बलात्कार
  December 29, 2012, 4:18 pm
जनपद निर्माण के पुर्व से ही भदोही की पत्रकारिता ने हमेशा अपनी लेखनी के माध्यम से विभिन्न मुद्दों को उठाकर विकास व सामाजिक बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। किन्तु पिछले कई वर्षो में जिस तरह पत्रकारिता का व्यवसायी कर्ण हुआ है और संस्कारविहीन लोग इस क्षेत्र में भ...
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Tag :mithilesh dwivwdi
  December 27, 2012, 3:07 pm
क्या यू  पी को है किसी बलात्कार का इंतजारदिल्ली में हुए बलात्कार की घटना के बाद हुए आन्दोलन को लेकर पूरे देश में एक उबाल सा आ गया। पीडिता के पक्ष में हुए धरना प्रदर्शन की जो शुरुआत दिल्ली में हुयी उसका असर पूरे देश में देखा गया। चाहे मीडिया में चेहरा दिखने की ललक हो या घ...
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Tag :
  December 24, 2012, 7:39 pm
होली के रंग में सराबोर रेहान, शमसुद्दीन, दानिश और अन्य मुहर्रम पर्व पर एक बार फिर दो दिलो में दरार पैदा करने का असफल प्रयास किया गया। किन्तु भदोही की गंगा जमुनी तहजीब और भाईचारे को कलंकित करने का जो मंसूबा लोग पाले बौठे थे उन्हें मुह की खानी पड़ी। भदोही की अवाम ने बता दि...
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Tag :
  December 19, 2012, 9:33 pm
एक खबर पढ़कर मन बहुत विचलित हुआ, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही एक लड़की अपने प्रेमी के साथ फिल्म देख कर घर जा रही थी और चाँद सिरफिरे लोंगो ने उसकी अस्मत को लूटा उअर चलती बस से फेंक दिया। मरणासन्न अवस्था में उसे अस्पताल में भरती कराया गया। शायद वह लड़की बच  भी जाय। पर क्या वह ...
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Tag :
  December 18, 2012, 9:49 pm
बड़े शहरो में रहने वाले लोग ग्रामीण क्षेत्र के पत्रकारों को उतनी अहमियत नहीं देते देखा जाय तो यही कहना श्रेयस्कर होगा की ग्रामीण अंचल के पत्रकारों को बड़े शहरों में देखने का नजरिया कुछ अलग होता है। पर देखा जाय तो ग्रामीण अंचल के पत्रकार एक अभाब ग्रस्त जीवन जीने के सा...
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Tag :
  December 15, 2012, 9:35 pm
डिंपल मिश्र ने बदल दिया भदोही मीडिया और फेसबुक का इतिहासवाराणसी के एक छोटे से गाँव में पैदा हुयी एक मासूम सी बच्ची बारह वर्ष की उम्र में मुंबई गयी, वह मुंबई के सायन उपनगर में अपने पिता माँ और दो भाइयो के साथ रहती थी, १९९२ में जब बाबरी ढांचा ढहाया गया तो मुंबई में दंगा भड़...
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Tag :
  December 6, 2012, 9:42 am
यह है मेरा दोस्त आशु यही शर्ट नहीं उसकी याद है।कभी कभी मन  जब अकेला होता है तो उसकी याद आती है जो दिल के बहुत करीब रहा हो। वैसे तो मेरे सभी दोस्त मेरे दिल के करीब रहे है। पर जब कुछ पुराने पन्नो को पलटता हूँ आशुतोष का चेहरा आँखों के समक्ष नाच उठता है। 1992 में जब अयोध्या मामले ...
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Tag :
  November 10, 2012, 12:52 am
क्या डिम्पल और अंचल को अपना हक़ मिलेगा।।।।।?हम सभी लोग जब भी घरेलु हिंसा की बात आती है, तो सभी एकजुट होने की बात करते है, सभी विरोध करने की बात कहते है, मित्रो अपनी बात को गंभीरता पूर्वक कहने और समझने का सबसे बेहतरीन जगह सिर्फ और सिर्फ ब्लॉग है, यही एक दुनिया नेट पर ऐसी है  ...
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Tag :
  September 7, 2012, 8:56 pm
आप सोच रहे होंगे की आखिर यह कैसा शीर्षक  है भला तेजपत्ता और पत्रकार का क्या मुकाबला, तेजपत्ता मसाला है और पत्रकार ... भाई यह भी तो अख़बार के लिए मसाले का ही काम करता है. चलिए आपको एक छोटी  सी कहानी बताता हूँ. करीब ढाई वर्ष पूर्व बसपा विधायक श्रीमती अर्चना सरोज की मौत के बाद भ...
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Tag :ब्रह्माण समाज
  February 11, 2012, 4:29 pm
प्रशासन ने भी कुर्सी नहीं दिया शायद वह भी .................कैसा अजीब लग रहा है जुमला न, मैं भी सुना तो अजीब लगा था, आज मेरा भी मूड किया चलो आज मुख्यालय चलते है, परचा दाखिला है, चलना चाहिए. आम तौर पर मैं जाता नहीं हूँ ऐसी जगह, क्योंकि  न्यूज़ चैनल वालो का जाना मजबूरी है उन्हें बिजुअल बना...
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Tag :रहनुमा
  January 27, 2012, 10:14 pm
{इस लेख के माध्यम से हम आचार संहिता पर अंगुली नहीं उठा रहे है, बल्कि जो हम देख और महसूस कर रहे है वही व्यक्त कर रहे है.}बचपन में जब हम गाव में रहते थे और चुनाव का दौर आता था तो हम खुश हो जाते थे. जब कोई प्रचार वाहन आता तो हम बच्चे बड़े खुश हो जाते. हमें झंडा और पोस्टर मिल जाता था, ...
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Tag :रखैल
  January 26, 2012, 8:36 pm
एक बार फिर उत्तरप्रदेश में चुनावी बयार बहने लगी है, चुनावी महाभारत में कूदने वाले रणबांकुरे महासमर पर विजय प्राप्त करने के लिए सभी नीतियों को अपना रहे है. उन्हें इस बात की चिंता नहीं है की किस तरह क्षेत्र, प्रदेश और देश का विकास होगा, उन्हें चिंता इस बात की है की चाहे जैस...
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Tag :भेदभाव
  January 23, 2012, 9:00 pm
आज कल व्यस्तता के चलते अधिक समय नहीं दे पाता, पर २० वर्ष के पत्रकारिता के जीवन में जितना मजा मुझे ब्लॉग जगत में आने के बाद मिला वह कभी नहीं मिला. वास्तव में बिना किसी से मिले भी लगता है जैसे है हम एक दुसरे को भलीभाती जानते है. जो प्यार और अपनापन यहाँ है कही नहीं है.   पिछले दि...
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Tag :ब्लॉग परिवार
  January 22, 2012, 10:51 pm
मित्रो, आप सोच रहे होंगे की मैं परदेश की कोई घटना बयान करने जा रहा हु, या फिर कोई कविता लिखने जा रहा हु. जी नहीं, ऐसा कुछ भी नहीं है. अच्छा आप लोग बताये क्या कभी आप अपने घर में रहते हुए परदेशी होने का दर्द सहा है, नहीं न , चलिए यह रही आपकी बात. पर मैंने सहा है.. आप जानते है इधर काफी ...
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Tag :परदेश का दर्द
  October 22, 2011, 6:38 pm
मित्रों जिस देश की आधे से ज्यादा आबादी दो वक्त का खाना भी मुश्किल से जुटा पा रही हो, उस देश में कसाब जैसे आतंकवादि पर प्रति दिन 8,50,000 रु खर्च करना. और इस देश के गृह मंत्री द्वारा उसकी सजा की फ़ाइल को इस लिए राष्ट्रपति के पास न भेजना. की उसके एक वर्ग विशेष के वोटर नाराज हो जायें...
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Tag :kasab
  July 16, 2011, 6:48 pm
मित्रो बहुत पहले मैंने एक ग़ज़ल पढ़ी थी जिसे मैं आज भी गुनगुनाता हूँ .... कुछ दिनों आपसे दूर रहने के बाद वापस आया तो सोचा कुछ बाते हो जाय...  आपके लिए सबसे पहले " मुनव्वर राना" साहब की एक ग़ज़ल... नुमायिस के लिए गुलकारियां दोनों तरफ से हैं.लड़ाई की मगर तैयारियां दोनों तरफ से ...
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Tag :harish singh
  July 2, 2011, 12:11 pm
बहुत पहले मैं टीवी पर बाबा रामदेव जी का योग शिविर देख रहा था, बाबा के इस शिविर का सञ्चालन विदेश में हो रहा था. उस दौरान जब योग शिविर की समाप्ति हुयी तो वहा पर गाना बजने लगा " मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरा मोती, मेरे देश की धरती" " यह देश है वीर जवानों का" इस देश भ...
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Tag :शांतिपूर्वक
  June 13, 2011, 12:06 am
अमरीका ने ११ सितम्बर २००१ को न्यूयार्क में हुए फिदायीन हवाई हमलों के बाद जिसे अपना सबसे बड़ा शत्रु माना उस विश्व आतंकवादी सरगना ओसामा बिन लादेन को अंतत: इस दुनिया से विदा दे दी. आतंकवाद के विरुद्ध अमरीका की अपनी रणनीति में कथित प्रमुख सहायक देश पाकिस्तान के ही एक नगर ...
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Tag :
  May 18, 2011, 1:46 am
जौनपुर ब्लोगर असोसिएसन के सभी भाइयों को मेरा प्रणाम,    प्रिय साथियोंजब भी किसी परिवार में पहले दिन आगमन होता है तो परिवार के सभी सदस्यों को परिचय देना व लेना आवश्यक होता है. यह सामुदायिक ब्लॉग मुझे कई मायनो में अच्छा लगा, मैं मासूम जी का शुक्रगुजार हूँ की उन्होंने हमे...
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Tag :blogspot.com
  May 13, 2011, 1:05 am
दोस्तों शिखा जी की पोस्ट पर टिपण्णी कर रहा था, कुछ अधिक हो गया तो आपसे भी गूफ्तगू कर लूं.ब्लोगर सम्मान परम्परा का ढकोसला बंद कीजिये !'  शिखा जी की पोस्ट आज पहली बार किसी की प्रशंसा खुले दिल से करने की हो रही है. शिखा जी एक कहावत बहुत पहले सुनी थी. "आन्हर बांटे रेवड़ी, घूमी घ...
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Tag :न काहू से दोस्ती न कहू से बैर harish singh
  May 9, 2011, 12:43 am
मित्रो, पिछले काफी दिनों से धर्म को लेकर चर्चाएँ छिड़ी हैं, कुछ लोग इसे विवादित विषय मानकर ऐसी चर्चाओ में भाग नहीं लेना चाहते. बल्कि खुद भाग जाते हैं. जबकि मौजूदा दौर में इस बात पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए. हल्ला बोल ने एक ऐसा मंच हमें दिया है. जिस पर हम लोग अपनी बात खुलक...
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Tag :इस्लाम
  April 27, 2011, 2:26 pm
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